एंटी ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, रतलाम की बेटी इंसिया तैयब अली रावटी वाला कुवैत में अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों से पहचान बनाकर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि कुवैत के एक रेडियो चैनल पर उनका विशेष इंटरव्यू प्रसारित हुआ, जिसे पूरे खाड़ी क्षेत्र में खूब सराहा गया है, जिससे देश और समाज का मान बढ़ा है। बोहरा समाज से जुड़ी इंसिया ने क्लीनिकल साइकोलॉजी का अध्ययन किया है और वह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को परामर्श देकर उनके जीवन को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के बीच अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर, वे अवसाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को लगातार प्रेरित कर सकारात्मक जीवन की ओर ले जाने का प्रयास करती हैं। इस रेडियो इंटरव्यू के दौरान इंसिया ने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति, आत्मविश्वास से भरपूर बॉडी लैंग्वेज और सरल अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने यह संदेश भी दिया कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें अवसर मिलने पर वे देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। रतलाम की इस बेटी की सफलता को बोहरा समाज की युवा पीढ़ी और बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है। समाज के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इंसिया की यह उपलब्धि नई पीढ़ी को शिक्षा, आत्मविश्वास और समाजसेवा के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
एंटी ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, रतलाम की बेटी इंसिया तैयब अली रावटी वाला कुवैत में अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों से पहचान बनाकर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि कुवैत के एक रेडियो चैनल पर उनका विशेष इंटरव्यू प्रसारित हुआ, जिसे पूरे खाड़ी क्षेत्र में खूब सराहा गया है, जिससे देश और समाज का मान बढ़ा है। बोहरा समाज से जुड़ी इंसिया ने क्लीनिकल साइकोलॉजी का अध्ययन किया है और वह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को परामर्श देकर उनके जीवन को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के बीच अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर, वे अवसाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को लगातार प्रेरित कर सकारात्मक जीवन की ओर ले जाने का प्रयास करती हैं। इस रेडियो इंटरव्यू के दौरान इंसिया ने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति, आत्मविश्वास से भरपूर बॉडी लैंग्वेज और सरल अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने यह संदेश भी दिया कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें अवसर मिलने पर वे देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। रतलाम की इस बेटी की सफलता को बोहरा समाज की युवा पीढ़ी और बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है। समाज के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इंसिया की यह उपलब्धि नई पीढ़ी को शिक्षा, आत्मविश्वास और समाजसेवा के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
- एंटी ऑल इंडिया न्यूज नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, रतलाम की बेटी इंसिया तैयब अली रावटी वाला कुवैत में अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों से पहचान बनाकर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि कुवैत के एक रेडियो चैनल पर उनका विशेष इंटरव्यू प्रसारित हुआ, जिसे पूरे खाड़ी क्षेत्र में खूब सराहा गया है, जिससे देश और समाज का मान बढ़ा है। बोहरा समाज से जुड़ी इंसिया ने क्लीनिकल साइकोलॉजी का अध्ययन किया है और वह मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोगों को परामर्श देकर उनके जीवन को बेहतर बनाने का काम कर रही हैं। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के बीच अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर, वे अवसाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को लगातार प्रेरित कर सकारात्मक जीवन की ओर ले जाने का प्रयास करती हैं। इस रेडियो इंटरव्यू के दौरान इंसिया ने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति, आत्मविश्वास से भरपूर बॉडी लैंग्वेज और सरल अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। इंटरव्यू के माध्यम से उन्होंने यह संदेश भी दिया कि बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और उन्हें अवसर मिलने पर वे देश और समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। रतलाम की इस बेटी की सफलता को बोहरा समाज की युवा पीढ़ी और बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है। समाज के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इंसिया की यह उपलब्धि नई पीढ़ी को शिक्षा, आत्मविश्वास और समाजसेवा के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।1
- माननीय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कुंवर दिव्यादित शाह के जन्मदिन को लेकर खारमंडल क्षेत्र में जगह-जगह व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जहाँ गांव-गांव में खुशियों का माहौल बना हुआ है। प्रेम से लोग उन्हें 'छोटे बॉस' या 'बाबा सा' कहकर संबोधित करते हैं, जिससे उनकी गरिमा बनी रहती है। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर हर जगह बैनर और फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर खारमंडल के सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने घरों पर दो-दो पौधे लगाएं, ताकि यह बच्चों और परिवार को याद रहे कि ये पौधे 'बाबा साहब' के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लगाए गए हैं। खारमंडल के देवली खुर्द, देवली कला, चिकतलाई सरमेश्वर, गधड़िया, तालियाधर जामुनिया कला, जामनिया खुर्द, मानपुरा और दूधकुंडिया जैसे सभी गांवों में हर्षोल्लास देखा जा रहा है। श्रीमान पिंटू भैया ने बताया कि वे जब गांवों का दौरा कर रहे हैं, तो उन्हें हर तरफ लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा, मानो वे बेहद हर्षोल्लास में हों। यह उत्साह श्री कुंवर दिव्यादित शाह द्वारा करवाए गए अनगिनत कार्यों का परिणाम है। देवली खुर्द के श्री आत्माराम यादव के अनुसार, इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य नहर के पानी की व्यवस्था है, जिसे लोग 100 में से 100 अंक देते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि वे इस काम को कभी भूल नहीं सकते, क्योंकि जिन खेतों में पानी के लिए तरसते थे, वहाँ अब पानी पहुँच गया है, जिससे किसानों की खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। 'छोटे बॉस' के बैनर हर जगह उनकी बढ़ती आस्था और जनसंपर्क को दर्शा रहे हैं। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी गांवों की ओर से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दी गई है।1
- ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। Quora +1 प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरा ट्रक सुंदरदेव और आडाखेड़ा जंगल के बीच अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। ट्रक क्रमांक MP09 KD 2295 खकनार क्षेत्र के एक गांव से खालवा के पास चुनाखाल गांव की ओर जा रहा था, जिसमें लगभग 100 से 150 लोग सवार थे। इस हादसे में 30 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें से 6 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है। हादसे की जानकारी मिलते ही खालवा पुलिस, तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं। डायल-112 की आधा दर्जन गाड़ियां और 6 एंबुलेंस तुरंत तैनात की गईं। तहसीलदार विनोद कुमार यादव ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायलों को ट्रक से बाहर निकालकर खालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन द्वारा घायलों की एक प्रारंभिक सूची भी जारी की गई है, जिसमें नटेख (50 वर्ष), निर्मियाबाई पति रविजन (55 वर्ष), विवाहनी पिता पिपु (10 वर्ष), अक्षरा पिता कसलराम (10 वर्ष), नंदु पिता प्याराम (15 वर्ष), पामेद पिता सुका (18 वर्ष), झुगन पिता छेल्या (60 वर्ष), राकेश पिता संजू (20 वर्ष), पिंकोबाई पति अमर (52 वर्ष) और पियुष पिता बंधुकर (28 वर्ष) जैसे नाम शामिल हैं। खालवा पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और ट्रक पलटने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरलोडिंग और तेज मोड़ पर असंतुलन को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पुनासा के मूंदी नगर स्थित शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी विद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, मांधाता विधायक नारायण पटेल और नगर परिषद अध्यक्ष ज्योतिबाला चंद्रमोहन राठौर ने विद्यालय परिसर में स्थापित नवीन नलकूप का लोकार्पण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 50 पौधों का रोपण भी किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने पेड़-पौधे लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ ली। विद्यालय की छात्राओं ने नलकूप स्थापित करने के लिए विधायक और नगर परिषद का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही, छात्राओं ने कन्या शाला मूंदी में विज्ञान संकाय प्रारंभ किए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा जल स्रोतों का संरक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।1
- जनपद पंचायत महेश्वर कार्यालय में संविदा उपयंत्री मनोज सावले को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त पुलिस इंदौर की एक टीम ने मनोज सावले को ₹4 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई फरियादी सचिव की शिकायत पर की गई, जिससे उपयंत्री 'कूप जाली निर्माण कार्य' के मूल्यांकन के बाद कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे।1
- बुरहानपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है और एक अवैध हथियार फैक्ट्री को जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतरसिंह कनेश और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नेपानगर श्री निर्भयसिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना खकनार व नेपानगर की संयुक्त टीम द्वारा की गई। दिनांक 02.06.2026 को थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल ने बंटी उर्फ ब्रजेश पिता किशोरीलाल दावरे (46), निवासी ई-टाइप नेपानगर को उसकी स्वीफ्ट कार MP43C4256 से एक देशी पिस्टल और एक धारदार चाकू के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध आयुध अधिनियम की धारा 25(1-B)(A) और 25(1-B)(B) के तहत मामला दर्ज कर कुल ₹2,40,500 का मशरूका जब्त किया गया था। गिरफ्तार आरोपी बंटी से पूछताछ के आधार पर उसके कब्जे से एक और अवैध पिस्टल तथा चार देशी पिस्टल के राउंड जब्त किए गए। बंटी ने बताया कि ये हथियार उसे अजीतसिंग उर्फ डेडिया पिता छतरसिंग सिकलीगर, निवासी धुलकोट थाना भगवानपुरा ने दिए थे। इस जानकारी पर थाना प्रभारी खकनार निरीक्षक अभिषेक जाधव और थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम पाचोरी के जंगल क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस को देखकर अवैध हथियार बना रहे आरोपी अजीतसिंग और ठाकुर पिता बराडसिंग मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से एक अर्धनिर्मित देशी पिस्टल, दो मैगजीन, एक बैरल, दो ग्राइंडर मशीन, एक ड्रिल मशीन, दो ब्लोअर, हथौड़ा, छेनी, रेती, प्लास, कटिंग ब्लेड और हथियार बनाने के अन्य उपकरण भारी मात्रा में जब्त किए गए। फरार आरोपियों द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों का निर्माण और तस्करी की जा रही थी, जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने संदेश जारी करते हुए कहा कि जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुछ अवैध हथियार तस्कर पुलिस की कार्रवाई के दौरान लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जिससे भीड़ पुलिस कार्रवाई में बाधा डाले। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाए जाएंगे। इस कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक जाधव (थाना खकनार), निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल (थाना नेपानगर), उनि कलीराम मौर्य, प्र.आर.346 गजेंद्र रावत, प्र.आर. 272 सतीश सूर्यवंशी, आर.311 सुनील धुर्वे, और आर.289 नीरज दांगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- ANT ALL india News Netwark की रिपोर्ट के अनुसार, 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर एक नई सनसनी के रूप में उभरी है। अभिजीत दीपके द्वारा चलाए जा रहे एक अभियान के कारण यह पार्टी विशेष रूप से युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गई है, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी ध्यान आकर्षित किया है।1