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नोएडा के थाना बादलपुर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 पिस्टल, 32 जिंदा कारतूस (.32 बोर), 4 तमंचे (.315 बोर), 19 खोखा कारतूस (.32 बोर) और 108 खोखा कारतूस (.315 बोर) बरामद किए हैं। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त की गई एक टोयोटा ग्लैंजा कार भी बरामद की गई है।
Faiz news
नोएडा के थाना बादलपुर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 पिस्टल, 32 जिंदा कारतूस (.32 बोर), 4 तमंचे (.315 बोर), 19 खोखा कारतूस (.32 बोर) और 108 खोखा कारतूस (.315 बोर) बरामद किए हैं। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त की गई एक टोयोटा ग्लैंजा कार भी बरामद की गई है।
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- फ्रांस के एवियन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद हुई द्विपक्षीय बैठक में किसी नए सहयोग संबंधी फैसले की घोषणा नहीं की गई। हालांकि, इस मुलाकात में पिछले एक वर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच रूस से तेल खरीद, भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर उपजे तनाव पर खुलकर बातचीत हुई। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए आगे आएगा। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और इस युद्ध के कारण उन्हें हो रही समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत सहित अन्य देशों को होने वाली समस्याओं पर भी अपनी चिंता जताई। ट्रंप ने इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की कई बार प्रशंसा करते हुए कहा, "वह बेहद सख्त वार्ताकार हैं। मैं आपको एक बात बताता हूं। वह देखने में बहुत सुंदर और अच्छे लगते हैं, बिल्कुल फरिश्ते जैसे। लेकिन असल में वह बेहद कठोर हैं। वह एक किलर हैं, जितने सख्त इंसान हो सकते हैं उनमें से एक। लेकिन उनकी शक्ल इतनी भली है कि वह आपको अचानक चौंका देते हैं। वह भारतीयों को बहुत प्यार करते हैं, लेकिन अमेरिका को भी करते हैं।"1
- राम भैया भगतजी गाजियाबाद दरबार माता काली बाबा बुलाकी whatsapp 85272336461
- आज मॉडल टाउन इलाके में निगम पार्षद और विधायक के आगमन से पहले मोहल्ले में ज़बरदस्त सफाई अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि अगर ऐसी सफाई रोज़ हो तो कितना अच्छा होगा। हालांकि, मोहल्ले में एक बड़ी समस्या बारिश के पानी के निकास की है। बारिश का पानी रुकने से यहाँ बहुत गंदगी हो जाती है, जिससे मच्छरों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सफाई कर्मचारियों ने आज नेताओं के आने की खुशी में विशेष सफाई की।1
- शाहदरा जिले के पीएस एमएस पार्क की क्रैक टीम ने रात में शिकायतकर्ता के घर में चोरी करने वाले एक सक्रिय चोर को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप भी बरामद किया है।1
- दिल्ली के पश्चिमी क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें एक युवक युवती के सामने अश्लील हरकतें करता दिख रहा है। यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। वायरल वीडियो में दिख रही युवती ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक द्वारा अश्लील हरकत किए जाने का यह मामला पश्चिमी दिल्ली से जुड़ा है।1
- पुरी शहर और सदर के निवासियों के लिए श्रीमंदिर में पूर्ववत प्रवेश और दर्शन के अधिकार के लिए चल रही जागरूकता पदयात्रा आज 77वें दिन में प्रवेश कर गई है। यह आंदोलन अब केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि भक्त हृदय की अनकही पीड़ा, आत्मा की पुकार और श्रीजगन्नाथ के प्रति अटूट प्रेम का एक सजीव प्रतीक बन गया है। यह पदयात्रा 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के अवसर पर बलगंडी चौक स्थित भक्त सालबेग पीठ से शुरू हुई थी और प्रतिदिन सिंहद्वार के पास पहुंचकर यह एक मौन प्रश्न उठा रही है: "जो पूरे विश्व के नाथ हैं, उन जगन्नाथ के दर्शन में भला भक्तों के बीच भेदभाव कैसे हो सकता है?" इस यात्रा में हर कदम पर भक्ति का अर्पण है, और हर ध्वनि में आत्मा की व्याकुल पुकार है। "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंजते रास्ते में कई भक्तों के आँसू, कई परिवारों की पीड़ा और अपने प्रभु तक आसानी से पहुँचने की आकांक्षाएँ घुल-मिल जाती हैं। यह पदयात्रा आज पुरीवासियों के हृदय की धड़कन, आस्था की अभिव्यक्ति और अधिकारों के लिए एक आध्यात्मिक संघर्ष बन गई है। श्रीजगन्नाथ की संस्कृति समानता, सह-अस्तित्व और सार्वभौमिकता की संस्कृति है। जैसे उनके महाप्रसाद में ऊँच-नीच का कोई भेदभाव नहीं होता, वैसे ही उनके दर्शन में भी कोई विशेष अधिकार नहीं होना चाहिए। भगवान के द्वार पर वीआईपी और सामान्य भक्तों के बीच भेद उत्पन्न करना जगन्नाथ संस्कृति के मूल आदर्शों के विपरीत है। इसलिए, यह पदयात्रा केवल प्रवेश के अधिकार की मांग नहीं है, बल्कि "जगन्नाथ संस्कृति की समानता और मानवीय मूल्यों की सुरक्षा के लिए एक आध्यात्मिक विरोध" है। पुरुष, महिला, युवा और वृद्ध सभी की स्वतःस्फूर्त भागीदारी ने इस पदयात्रा को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। हर चेहरे पर भक्ति की चमक है, और हर हृदय में एक मौन प्रार्थना है— "प्रभु, हमें हमारा अधिकार लौटा दो; अपने द्वार पर सभी को समान स्थान दो।" 78 दिन बाद भी इस पदयात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ है। हर दिन के साथ यह और अधिक गहरा, अधिक शक्तिशाली और अधिक आध्यात्मिक होता जा रहा है। यह एक ऐसी यात्रा है जहाँ आँसू प्रार्थना हैं, पीड़ा शक्ति है, और भक्ति अहिंसक विरोध का माध्यम है। आज की पदयात्रा में हरिशंकर मिश्रा, चक्रधर महापात्र, सुकांत पांडा, शिवसुंदर मिश्रा, मनोरंजन रणसिंह, ममता स्वाईं, सरस्वती पात्रा, प्रणति राय, संध्या रानी मिश्रा, छबि रानी महारणा, बनिता दिक्षित, वर्षा दास, अरुणा पटनायक, राजा मोहंती, जादबानंद राय, प्रफुल्ल कुमार साहू, जगन्नाथ मोहंती, किशोर चंद्र दास, नृसिंह नाथ नायक, प्रकाश चंद्र नायक, लिंगराज साहू, संतोष सेनापति, शिशिरकांत शतपथी, जगन्नाथ मोहंती, अभिमन्यु रायगुरु, प्रदीप्त कुमार मोहंती, सारंगधर षडंगी, लाला अनंत कुमार सिंह सहित कई अन्य लोग शामिल हुए और अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पदयात्रा के संयोजक श्री स्वाधीन कुमार पांडा ने कहा कि यह यात्रा तब तक जारी रहेगी जब तक पुरी शहर और सदर के निवासियों के पूर्ववत दर्शन के अधिकार को बहाल नहीं कर दिया जाता। यह किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ संघर्ष नहीं है; यह न्याय, समानता और आस्था के सम्मान के लिए एक शांत, अहिंसक और आध्यात्मिक अभियान है।1
- सड़क पर दौड़ता एक सामान्य ऑटो उस समय चर्चा का विषय बन गया जब ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका और उसमें से एक के बाद एक कुल 19 सवारियां बाहर निकलीं। यह नजारा देखकर पुलिसकर्मी और राहगीर सभी हैरान रह गए। पुलिस को भी इतनी संख्या में लोगों के होने का अंदाजा नहीं था, लेकिन जब यात्रियों को उतरने के लिए कहा गया तो गिनती बढ़ती ही चली गई। पुलिस अपने नियमित अभियान के तहत वाहनों की जांच कर रही थी, तभी उन्हें दूर से ही क्षमता से अधिक भरी हुई एक ऑटो दिखाई दी। टीएसआई आफाक खान को सूचना मिलते ही उन्होंने ऑटो को रुकवाया। पहले उन्हें लगा कि 10-12 लोग होंगे, लेकिन जब यात्री उतरने लगे तो पहले आगे की सीट से, फिर पीछे से और उसके बाद बच्चों सहित लोग निकलते रहे। गिनती 10 तक पहुंचने पर राहगीरों ने देखना शुरू कर दिया और 15 होने पर लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आखिरकार, जब 19वीं सवारी बाहर निकली, तो सभी अचंभित रह गए कि इतने लोग एक छोटे से ऑटो में कैसे फिट हुए थे। बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को मिलाकर यह संख्या किसी मिनी बस की क्षमता के बराबर लग रही थी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऑटो पूरी तरह भरा हुआ था, कुछ यात्री सीटों पर, कुछ किनारों पर और कुछ बच्चे गोद में बैठे थे। चालक सामान्य ढंग से वाहन चला रहा था। पुलिस ने जब चालक से इतनी सवारियां बैठाने का कारण पूछा, तो उसने जवाब दिया कि केवल 15 सवारियां थीं, बाकी बच्चे थे और लोगों को दूसरा साधन नहीं मिल रहा था। हालांकि, पुलिस इस दलील से संतुष्ट नहीं हुई और अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर नियम सभी के लिए समान होते हैं और दुर्घटना का खतरा भी सभी को बराबर होता है। पुलिस ने ऑटो को तुरंत सीज कर दिया और सभी यात्रियों को दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजा गया। टीएसआई आफाक खान ने स्पष्ट किया कि ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह अभियान जारी रहेगा।2
- नोएडा के थाना बादलपुर पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2 पिस्टल, 32 जिंदा कारतूस (.32 बोर), 4 तमंचे (.315 बोर), 19 खोखा कारतूस (.32 बोर) और 108 खोखा कारतूस (.315 बोर) बरामद किए हैं। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त की गई एक टोयोटा ग्लैंजा कार भी बरामद की गई है।1
- 17 जून की रात करीब 10 बजे दिल्ली के खजूरी चौक पर वाहनों की लंबी कतारों के कारण भीषण जाम लग गया। इस जाम की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, खजूरी चौक पर अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है, जिससे इस क्षेत्र में आवागमन लगातार प्रभावित होता है।1