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पन्ना जिले का मड़वा घाट मार्ग स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सड़क हजारों लोगों की सुविधा का प्रमुख माध्यम है, जो यात्रियों का करीब 50 से 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कम करती है। इस मार्ग के उपयोग से समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होती है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रदेश वार्ता का आभार व्यक्त किया गया है। अब जनभावनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों को प्रशासन से सकारात्मक कदम उठाए जाने की पूरी उम्मीद है।
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पन्ना जिले का मड़वा घाट मार्ग स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सड़क हजारों लोगों की सुविधा का प्रमुख माध्यम है, जो यात्रियों का करीब 50 से 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कम करती है। इस मार्ग के उपयोग से समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होती है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रदेश वार्ता का आभार व्यक्त किया गया है। अब जनभावनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों को प्रशासन से सकारात्मक कदम उठाए जाने की पूरी उम्मीद है।
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- पन्ना जिले का मड़वा घाट मार्ग स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह सड़क हजारों लोगों की सुविधा का प्रमुख माध्यम है, जो यात्रियों का करीब 50 से 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कम करती है। इस मार्ग के उपयोग से समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होती है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रदेश वार्ता का आभार व्यक्त किया गया है। अब जनभावनाओं को देखते हुए स्थानीय लोगों को प्रशासन से सकारात्मक कदम उठाए जाने की पूरी उम्मीद है।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ अंतर्गत बनहारी कलां में जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके की नालियां पिछले दो वर्षों से पूरी तरह जाम पड़ी हैं और इनकी सफाई का कोई काम नहीं हुआ है। इस अव्यवस्था के कारण नालियों का गंदा पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। जाम नालियों में जमा गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।1
- केन-बेतवा और रुंझ-मझगाये परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में लागू नई पुनर्वास नीति के तहत अब पात्र परिवारों को 12.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय पर कैबिनेट ने अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से विस्थापन का सामना कर रहे प्रभावित परिवारों को बड़ी वित्तीय सहायता मिलेगी।1
- पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ जामुन खाने गए एक 35 वर्षीय युवक की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में युवक के साथ गया उसका साथी सुरक्षित बच गया। यह रिपोर्ट अभिषेक मिश्रा द्वारा पन्ना से दी गई है।1
- पन्ना को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन नगरी बनाने का संकल्प, 15 जुलाई से शुरू होगा भव्य धार्मिक महोत्सव ---बृजेंद्र प्रताप सिंह -------------------------------------- श्री जुगल किशोर सरकार धाम की महिमा कथा के माध्यम से पहुंचेगी देश-विदेश तक ------------------------------------- पन्ना भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया की इस महाआयोजन का उद्देश्य केवल श्रीमद्भागवत कथा, श्रीभक्तमाल कथा और गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन करना नहीं, बल्कि पन्ना को सनातन आस्था के एक प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। आज पन्ना की पहचान हीरों की नगरी और पन्ना टाइगर रिजर्व के कारण है, जबकि बहुत कम लोग जानते हैं कि श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार धाम भगवान श्रीकृष्ण की स्वयं प्रकट हुई सप्त निधियों में से एक दिव्य धाम है। इस दिव्य परंपरा का व्यापक प्रचार-प्रसार अभी तक नहीं हो पाया, इसलिए देश के पूज्य संतों, आचार्यों और कथावाचकों के माध्यम से इसकी महिमा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री जुगल किशोर सरकार मंदिर में ही संत समाज की सामूहिक इच्छा और आस्था के अनुरूप किया जा रहा है। प्रारंभ में बड़े मैदान में आयोजन का विचार रखा गया था, किंतु संतों ने स्पष्ट कहा कि जब स्वयं भगवान श्री जुगल किशोर सरकार इस धाम में विराजमान हैं, तो कथा भी उनके श्रीचरणों में ही होनी चाहिए। उनका विश्वास था कि यह भगवान का कार्य है और उनकी कृपा से सभी व्यवस्थाएँ स्वतः पूर्ण होंगी। उन्होंने कहा कि आज वृंदावन के श्री राधारमण जी, श्री बाँके बिहारी जी तथा जयपुर के श्री गोविंद देव जी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं क्योंकि उनकी महिमा सदियों से संतों और धर्माचार्यों के माध्यम से विश्वभर में पहुँची है। पन्ना के श्री जुगल किशोर सरकार धाम के साथ ऐसा व्यापक प्रचार अभी तक नहीं हो सका। हमारा उद्देश्य इसी कमी को दूर करना है, ताकि श्रद्धालु इस दिव्य धाम के वास्तविक महत्व से परिचित हों। श्री सिंह ने कहा कि हमें विश्वास है कि जब देशभर के संत-महात्मा और कथावाचक श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा का वर्णन करेंगे, तब लाखों श्रद्धालु पन्ना आने का संकल्प करेंगे। इससे धार्मिक चेतना का विस्तार होगा, धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यापार और सेवा के नए अवसर विकसित होंगे। हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन आस्था, भक्ति और धार्मिक पर्यटन के एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे। श्री सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सनातन वैष्णव परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण की "सप्तनिधि" का अत्यंत विशेष महत्व है। मान्यता है कि कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों पर कृपा करने के लिए सात दिव्य स्वरूपों में स्वयं प्रकट होकर ब्रजभूमि को धन्य किया। इनमें श्री गोविंद देव जी, श्री मदनमोहन जी, श्री राधा गोपीनाथ जी, श्री राधारमण जी, श्री राधावल्लभ जी, श्री बाँके बिहारी जी तथा श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार प्रमुख हैं। समय-समय पर भगवान ने अपने परम भक्तों और रसिक संतों को दिव्य प्रेरणा देकर इन विग्रहों का प्राकट्य कराया। इन्हीं सप्तनिधियों में श्री हरिराम व्यास जी महाराज की प्रेरणा से प्रकट हुए श्री जुगल किशोर सरकार आज पन्ना की पुण्यभूमि में विराजमान हैं, जो इस धाम का परम सौभाग्य है। वैष्णव आचार्यों का मत है कि इन दिव्य विग्रहों के दर्शन से भक्ति दृढ़ होती है और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 15 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित यह महोत्सव केवल श्रीमद्भागवत कथा नहीं, बल्कि संत परंपरा, वैष्णव संस्कृति, भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का विराट संगम है। 15 जुलाई को भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। 16 से 22 जुलाई तक परम पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा होगी। 23 से 27 जुलाई तक श्री श्री 108 महंत स्वामी किशोरदास जी महाराज द्वारा श्रीभक्तमाल कथा तथा प्रतिदिन रासाचार्य पं. श्री कुंजविहारी शर्मा (भैयाजी) द्वारा भव्य रासलीला प्रस्तुत की जाएगी। भक्ति संगीत में साध्वी पूर्णिमा दीदी, बाबाजी चित्रविचित्र जी महाराज, अमित धुवे, यश गोपाल श्रीवास्तव तथा गुरु पूर्णिमा पर संजो बघेल अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। महोत्सव में श्री राम प्रवेश दास जी महाराज, स्वामी सुतीक्ष्ण दास देवाचार्य जी महाराज, वल्लभाचार्य जी महाराज, श्री सनत कुमार दास जी महाराज, रावतपुरा सरकार, श्री अनुग्रह दास जी महाराज, मुखिया श्री अलबेली शरण जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य प्राप्त होगा। साथ ही पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एवं पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज का आगमन भी प्रस्तावित है। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, गुरुपूजन और महाभंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा। श्री सिंह ने कहा कि पन्ना को धार्मिक पर्यटन की नई पहचान दिलाने का आधार इसकी आध्यात्मिक विरासत है। यहाँ श्री जुगल किशोर सरकार धाम के साथ प्राणनाथ जी मंदिर, बलदेव जी मंदिर और भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े पावन स्थल हैं, वहीं दूसरी ओर पन्ना टाइगर रिजर्व, राणेह जलप्रपात, पाण्डव फॉल्स, बृहस्पति कुंड और हीरों की नगरी जैसी प्राकृतिक धरोहरें भी हैं। जब संत समाज, कथावाचक, मीडिया और डिजिटल माध्यमों से श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा देश-विदेश तक पहुँचेगी, तब लाखों श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ होटल, धर्मशाला, परिवहन, प्रसाद, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। हमारा संकल्प है कि आने वाले समय में पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन आस्था, भक्ति और धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित हो। पूर्व मंत्री विधायक पन्ना ने कहा कि यह महोत्सव किसी भी प्रकार से राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। इसका लक्ष्य पूर्णतः धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक है। भगवान के दरबार में न सत्ता पक्ष होता है, न विपक्ष—वहाँ केवल भक्त और भगवान का संबंध होता है। इसलिए इस आयोजन में सभी राजनीतिक दलों, सभी समाजों और प्रत्येक सनातन श्रद्धालु का समान भाव से स्वागत है। अभी किसी भी चुनाव में लंबा समय शेष है, इसलिए इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा देश-विदेश तक पहुँचे, पन्ना की आध्यात्मिक पहचान स्थापित हो और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय व्यापार, रोजगार, होटल, परिवहन तथा छोटे व्यवसायों को नई गति मिले। यह आयोजन पन्ना के भविष्य के विकास का एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभियान है। भक्तिमाल कथा का आयोजन पन्ना में एक नया अनुभव एवं समाज में परिवर्तन की दिशा में एक अनोखा कदम साबित होगा ------------------------------------- श्री सिंह ने कहा कि भक्तमाल कथा सनातन धर्म की अमर भक्ति परंपरा का जीवंत इतिहास है। इसमें उन महान संतों और भक्तों के जीवन का वर्णन है, जिन्होंने निष्काम प्रेम, तप, त्याग और समर्पण से भगवान को प्रसन्न किया। यह कथा केवल भगवान और भक्त के दिव्य संबंध का परिचय नहीं कराती, बल्कि समाज को सेवा, विनम्रता, करुणा और सदाचार का संदेश भी देती है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें केवल ब्रज के संतों का ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड और पन्ना की गौरवशाली संत परंपरा का भी वर्णन होगा। विशेष रूप से पन्ना के पूज्य संत श्री हिम्मत दास जी महाराज सहित अनेक संतों के तप, त्याग और लोककल्याणकारी जीवन से नई पीढ़ी को परिचित कराया जाएगा। आज का युवा अपने आध्यात्मिक आदर्शों से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में भक्तमाल कथा उसे अपनी संस्कृति, संत परंपरा और सनातन मूल्यों से पुनः जोड़ने का माध्यम बनेगी। पन्ना के मंदिरों के विकास को लेकर हमारा विजन किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं, बल्कि सम्पूर्ण पन्ना को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित करने का है। इसी उद्देश्य से "श्री जुगल किशोर लोक" की परिकल्पना की गई, जिसका प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। साथ ही श्री बलदेव जी मंदिर, श्री राम-जानकी मंदिर, श्री प्राणनाथ मंदिर,श्री जगन्नाथ मंदिर,श्री गोविन्द मंदिर,श्री सारंग धाम सहित राम पथ गमन मार्ग तथा अन्य प्रमुख देवालयों को एक धार्मिक परिपथ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को दिव्य दर्शन के साथ आधुनिक सुविधाएँ—धर्मशाला, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना केंद्र और सुगम दर्शन—भी उपलब्ध हों। पन्ना की आध्यात्मिक विरासत को यदि संत समाज, शासन और जनसहभागिता के सहयोग से व्यवस्थित रूप से विकसित किया गया, तो आने वाले समय में पन्ना मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपना विशिष्ट स्थान बनाएगा। हमारा संकल्प है कि पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन धर्म, भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की नई राजधानी के रूप में विश्वभर में प्रतिष्ठित हो।4
- सतना जिले की ग्राम पंचायत माधौगढ़ में KEC कंपनी (जल निगम मर्यादित) द्वारा किए जा रहे पाइपलाइन कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा बेहद घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण भविष्य में ग्रामीणों के सामने बड़े जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों के टूटने की आशंका ने भी स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।1
- सतना में स्मार्ट सिटी के तहत किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन रोड स्थित बिहारी चौक पर घटिया रेस्टोरेशन के चलते अचानक सड़क धंस गई, जिससे एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के सुध न लेने पर स्थानीय व्यवसाई छोटू सोनी ने जनहित में स्वयं के खर्च से गड्ढे में मलबा डलवाकर उसे भरवाया, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो। सड़क के इन विशाल गड्ढों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। 10 जुलाई की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में इन गड्ढों को 'क्रेटर' बताया जा रहा है, और लोगों को डर है कि हल्की बारिश में ये मिनी तालाब बन जाएंगे। स्थानीय जनता का आरोप है कि निगम के इंजीनियरों और सीवर लाइन ठेकेदारों की मिलीभगत से गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य हो रहे हैं, जिसके कारण पूरा शहर गड्ढों में तब्दील हो चुका है। निवासियों ने जिला प्रशासन से कागजी खानापूर्ति छोड़कर जमीनी हकीकत का भौतिक सत्यापन करने की मांग की है।1
- पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने से 35 वर्षीय एक युवक की जान चली गई। मृतक युवक वहां जामुन खाने के लिए गया था। इस दुखद घटना के दौरान युवक के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जो बाल-बाल बच गया और सुरक्षित है। अभिषेक मिश्रा द्वारा दी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, बिजली गिरने से युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई।1