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केन-बेतवा और रुंझ-मझगाये परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में लागू नई पुनर्वास नीति के तहत अब पात्र परिवारों को 12.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय पर कैबिनेट ने अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से विस्थापन का सामना कर रहे प्रभावित परिवारों को बड़ी वित्तीय सहायता मिलेगी।
Rafi siddiqui
केन-बेतवा और रुंझ-मझगाये परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में लागू नई पुनर्वास नीति के तहत अब पात्र परिवारों को 12.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय पर कैबिनेट ने अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से विस्थापन का सामना कर रहे प्रभावित परिवारों को बड़ी वित्तीय सहायता मिलेगी।
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- पन्ना में 15 से 29 जुलाई 2026 तक श्री जुगल किशोर सरकार धाम में एक भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पन्ना को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित करना है। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने एक प्रेसवार्ता के दौरान इस महोत्सव की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक महोत्सव में श्रीमद्भागवत कथा, भक्तमाल कथा, रासलीला, भक्ति संध्या और गुरु पूर्णिमा महोत्सव सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने से 35 वर्षीय एक युवक की जान चली गई। मृतक युवक वहां जामुन खाने के लिए गया था। इस दुखद घटना के दौरान युवक के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जो बाल-बाल बच गया और सुरक्षित है। अभिषेक मिश्रा द्वारा दी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, बिजली गिरने से युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई।1
- सतना जिले के नागौद नगर स्थित वार्ड क्रमांक 4 की बजरंग कॉलोनी में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। कॉलोनी के निवासियों के अनुसार, यहां महीनों से नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिसके चलते सड़कों पर कचरे का ढेर लगा है और नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी घरों के सामने जमा रहता है। इस बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्र में मच्छर और बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में यहां के हालात और भी अधिक खराब हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि उपज के भंडारण को बेहतर बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में इन सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाना है। कोल्ड स्टोरेज की इन नई सुविधाओं से फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव हो सकेगा। इस कवायद से न केवल फसलों का नुकसान कम होगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर विपणन के अवसर भी प्राप्त होंगे।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत से निलंबित संविदा उपयंत्री सतीश समेले ने पहली बार मीडिया के सामने आकर राज्य के प्रशासनिक तंत्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। समेले ने दावा किया कि जनपद स्तर से लेकर भोपाल तक एक सुनियोजित कमीशन का सिस्टम सक्रिय है और उन्हें भी अधिकारियों के लिए जबरन वसूली करने को मजबूर किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के भुगतान और उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने जैसी प्रक्रियाओं के लिए सरपंच, सचिव, जीआरएस, उपयंत्री और सहायक यंत्री के स्तर पर कमीशन पहले से तय होते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने जिला, संभाग और भोपाल से आने वाले निरीक्षण अधिकारियों तक 'सूटकेस' भेजने का भी दावा किया है। समेले ने खुद पर हुई निलंबन की कार्रवाई को पूरे सिस्टम को बचाने की एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनका कहना है कि विभाग छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर असल भ्रष्टाचार को छिपा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास इन दावों को पुष्ट करने के लिए ऑडियो, वीडियो और अन्य ठोस दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वे हाईकोर्ट में पेश करेंगे। गौरतलब है कि सतीश समेले मझगवां जनपद पंचायत की हिरौंदी ग्राम पंचायत में आरईएस विभाग में तैनात थे। उनके खिलाफ सरपंचों, सचिवों और ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान बंदूक लेकर चलने जैसी कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों के आधार पर जिला पंचायत सीईओ ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें पहले कार्यालय से अटैच किया गया और बाद में निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई।1
- छतरपुर जिले की छिरावल पंचायत के जामनान पुरवा की सड़क जर्जर स्थिति में है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस बदहाल मार्ग की मरम्मत और उचित समाधान की मांग की है।1
- सतना के एक सस्पेंडेड सब इंजीनियर ने मीडिया के सामने आकर पूरे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ ही पूरा विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है, जहाँ ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक को कमीशन चाहिए। सब इंजीनियर सतीश ने यह भी दावा किया कि इस भ्रष्ट तंत्र में ऊपर तक पैसे पहुँचाए जाते हैं और भोपाल वालों को सूटकेस भेजे जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास इन आरोपों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे हाई कोर्ट में पेश करने वाले हैं। मध्य प्रदेश सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल हैं।1
- सतना में स्मार्ट सिटी के तहत किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन रोड स्थित बिहारी चौक पर घटिया रेस्टोरेशन के चलते अचानक सड़क धंस गई, जिससे एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के सुध न लेने पर स्थानीय व्यवसाई छोटू सोनी ने जनहित में स्वयं के खर्च से गड्ढे में मलबा डलवाकर उसे भरवाया, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो। सड़क के इन विशाल गड्ढों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। 10 जुलाई की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में इन गड्ढों को 'क्रेटर' बताया जा रहा है, और लोगों को डर है कि हल्की बारिश में ये मिनी तालाब बन जाएंगे। स्थानीय जनता का आरोप है कि निगम के इंजीनियरों और सीवर लाइन ठेकेदारों की मिलीभगत से गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य हो रहे हैं, जिसके कारण पूरा शहर गड्ढों में तब्दील हो चुका है। निवासियों ने जिला प्रशासन से कागजी खानापूर्ति छोड़कर जमीनी हकीकत का भौतिक सत्यापन करने की मांग की है।1
- पन्ना जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुण्ड में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ बिहार के समस्तीपुर निवासी 28 वर्षीय नर्सिंग छात्र कुणाल ठाकुर की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के लगभग 36 घंटे बाद, बचाव दल ने एक चुनौतीपूर्ण अभियान चलाकर उनका शव बरामद किया, जिसके बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1