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देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि उपज के भंडारण को बेहतर बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में इन सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाना है। कोल्ड स्टोरेज की इन नई सुविधाओं से फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव हो सकेगा। इस कवायद से न केवल फसलों का नुकसान कम होगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर विपणन के अवसर भी प्राप्त होंगे।

7 hrs ago
user_Dilip Kumar Bharti
Dilip Kumar Bharti
Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि उपज के भंडारण को बेहतर बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में इन सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाना है। कोल्ड स्टोरेज की इन नई सुविधाओं से फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव हो सकेगा। इस कवायद से न केवल फसलों का नुकसान कम होगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर विपणन के अवसर भी प्राप्त होंगे।

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  • देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि उपज के भंडारण को बेहतर बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में इन सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाना है। कोल्ड स्टोरेज की इन नई सुविधाओं से फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव हो सकेगा। इस कवायद से न केवल फसलों का नुकसान कम होगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर विपणन के अवसर भी प्राप्त होंगे।
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    देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि उपज के भंडारण को बेहतर बनाने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांवों में इन सुविधाओं की उपलब्धता को बढ़ाना है।

कोल्ड स्टोरेज की इन नई सुविधाओं से फल, सब्जियां और अन्य जल्दी खराब होने वाली फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव हो सकेगा। इस कवायद से न केवल फसलों का नुकसान कम होगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर विपणन के अवसर भी प्राप्त होंगे।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • योगी आदित्यनाथ की रैली में सही व्यवस्था का अभाव रहा। कार्यक्रम स्थल पर कोई उचित प्रबंध मौजूद नहीं थे।
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    योगी आदित्यनाथ की रैली में सही व्यवस्था का अभाव रहा। कार्यक्रम स्थल पर कोई उचित प्रबंध मौजूद नहीं थे।
    user_Gopal Vishwakarma
    Gopal Vishwakarma
    अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा संपन्न हुआ, जहां उन्होंने जनपद को 710 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इस दौरान उन्होंने कुल 229 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, जिससे बांदा की अलग-अलग विधानसभाओं को विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। अपने दौरे के क्रम में योगी आदित्यनाथ ने महारानी अवन्तीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया और पुलिस लाइन में नवनिर्मित पुलिस आवासीय भवन का लोकार्पण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने पंडित जेएन पीजी कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर आगामी चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और डीएम तथा एसपी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के बांदा में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा संपन्न हुआ, जहां उन्होंने जनपद को 710 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इस दौरान उन्होंने कुल 229 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, जिससे बांदा की अलग-अलग विधानसभाओं को विकास कार्यों का लाभ मिलेगा।

अपने दौरे के क्रम में योगी आदित्यनाथ ने महारानी अवन्तीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया और पुलिस लाइन में नवनिर्मित पुलिस आवासीय भवन का लोकार्पण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने पंडित जेएन पीजी कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर आगामी चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और डीएम तथा एसपी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सतना के एक सस्पेंडेड सब इंजीनियर ने मीडिया के सामने आकर पूरे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ ही पूरा विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है, जहाँ ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक को कमीशन चाहिए। सब इंजीनियर सतीश ने यह भी दावा किया कि इस भ्रष्ट तंत्र में ऊपर तक पैसे पहुँचाए जाते हैं और भोपाल वालों को सूटकेस भेजे जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास इन आरोपों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे हाई कोर्ट में पेश करने वाले हैं। मध्य प्रदेश सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल हैं।
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    सतना के एक सस्पेंडेड सब इंजीनियर ने मीडिया के सामने आकर पूरे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ ही पूरा विभाग भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है, जहाँ ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक को कमीशन चाहिए।

सब इंजीनियर सतीश ने यह भी दावा किया कि इस भ्रष्ट तंत्र में ऊपर तक पैसे पहुँचाए जाते हैं और भोपाल वालों को सूटकेस भेजे जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास इन आरोपों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे हाई कोर्ट में पेश करने वाले हैं। मध्य प्रदेश सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल हैं।
    user_Sitaram rai
    Sitaram rai
    Video Creator सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सतना में स्मार्ट सिटी के तहत किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन रोड स्थित बिहारी चौक पर घटिया रेस्टोरेशन के चलते अचानक सड़क धंस गई, जिससे एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के सुध न लेने पर स्थानीय व्यवसाई छोटू सोनी ने जनहित में स्वयं के खर्च से गड्ढे में मलबा डलवाकर उसे भरवाया, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो। सड़क के इन विशाल गड्ढों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। 10 जुलाई की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में इन गड्ढों को 'क्रेटर' बताया जा रहा है, और लोगों को डर है कि हल्की बारिश में ये मिनी तालाब बन जाएंगे। स्थानीय जनता का आरोप है कि निगम के इंजीनियरों और सीवर लाइन ठेकेदारों की मिलीभगत से गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य हो रहे हैं, जिसके कारण पूरा शहर गड्ढों में तब्दील हो चुका है। निवासियों ने जिला प्रशासन से कागजी खानापूर्ति छोड़कर जमीनी हकीकत का भौतिक सत्यापन करने की मांग की है।
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    सतना में स्मार्ट सिटी के तहत किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन रोड स्थित बिहारी चौक पर घटिया रेस्टोरेशन के चलते अचानक सड़क धंस गई, जिससे एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के सुध न लेने पर स्थानीय व्यवसाई छोटू सोनी ने जनहित में स्वयं के खर्च से गड्ढे में मलबा डलवाकर उसे भरवाया, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो।

सड़क के इन विशाल गड्ढों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। 10 जुलाई की सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में इन गड्ढों को 'क्रेटर' बताया जा रहा है, और लोगों को डर है कि हल्की बारिश में ये मिनी तालाब बन जाएंगे। स्थानीय जनता का आरोप है कि निगम के इंजीनियरों और सीवर लाइन ठेकेदारों की मिलीभगत से गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य हो रहे हैं, जिसके कारण पूरा शहर गड्ढों में तब्दील हो चुका है। निवासियों ने जिला प्रशासन से कागजी खानापूर्ति छोड़कर जमीनी हकीकत का भौतिक सत्यापन करने की मांग की है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नगर पालिका परिषद बांदा की घोर लापरवाही के कारण तीन दिनों की लगातार बारिश से शहर के अधिकतर मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर चारों तरफ गंदगी फैली है, जिसके चलते आम जनता अपने घरों में कैद रहने को मजबूर है और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सबसे भयावह स्थिति लोहिया पुल से अतर्रा चुंगी के बीच बनी हुई है, जहाँ सफाई न होने के कारण नाला पूरी तरह चोक है। विराट पैलेस से अतर्रा चुंगी के बीच नाला सफाई का कार्य नहीं किया गया और सेढू तलैया से विराट पैलेस तक का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है, जहाँ ठेकेदार द्वारा मिट्टी का बांध बना देने से पानी की निकासी ठप हो गई है। छोटी काली देवी मंदिर के पास 30-40 साल पुरानी पुलिया चोक होने से कालू कुआं सहित करीब एक दर्जन मोहल्लों का पानी ईदगाह रोड तक घरों में घुस गया है, जिससे पिछले 15 घंटों से सैकड़ों मकान डूबे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारों को फोन करने पर केवल यही जवाब मिल रहा है कि मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम है, इसलिए अभी कोई मदद नहीं हो सकती। बांदा की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाते हुए लोगों ने पूछा है कि आखिर लाखों का नुकसान और जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद पंप भेजने का आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर पंप की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। स्थानीय निवासियों को रात भर जागकर अपने घरों की रक्षा करनी पड़ी, जिससे न खाना बन सका और न ही सुबह का नाश्ता। पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय, मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी को अवगत कराने के बावजूद नाले के निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी रिकॉर्ड में 14 फीट चौड़े दर्ज इस नाले को मात्र 4-5 फीट में समेट दिया गया है, जबकि नया बन रहा नाला भी मात्र 6-7 फीट चौड़ा है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बाकर ने इस स्थिति को विस्फोटक बताया है और चेतावनी दी है कि यदि नाले को 15-20 फीट चौड़ा और 10-15 फीट गहरा नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर पालिका, सांसदों और विधायकों से तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण के खिलाफ कोई एक्शन न लेना इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन पंप लगाकर भरे हुए पानी को निकलवाकर जनता की मुसीबत कम करेगा, या फिर लोग बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव और जान-माल के खतरे के बीच पिसते रहेंगे।
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    नगर पालिका परिषद बांदा की घोर लापरवाही के कारण तीन दिनों की लगातार बारिश से शहर के अधिकतर मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर चारों तरफ गंदगी फैली है, जिसके चलते आम जनता अपने घरों में कैद रहने को मजबूर है और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सबसे भयावह स्थिति लोहिया पुल से अतर्रा चुंगी के बीच बनी हुई है, जहाँ सफाई न होने के कारण नाला पूरी तरह चोक है। विराट पैलेस से अतर्रा चुंगी के बीच नाला सफाई का कार्य नहीं किया गया और सेढू तलैया से विराट पैलेस तक का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है, जहाँ ठेकेदार द्वारा मिट्टी का बांध बना देने से पानी की निकासी ठप हो गई है। छोटी काली देवी मंदिर के पास 30-40 साल पुरानी पुलिया चोक होने से कालू कुआं सहित करीब एक दर्जन मोहल्लों का पानी ईदगाह रोड तक घरों में घुस गया है, जिससे पिछले 15 घंटों से सैकड़ों मकान डूबे हुए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदारों को फोन करने पर केवल यही जवाब मिल रहा है कि मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम है, इसलिए अभी कोई मदद नहीं हो सकती। बांदा की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाते हुए लोगों ने पूछा है कि आखिर लाखों का नुकसान और जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद पंप भेजने का आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर पंप की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। स्थानीय निवासियों को रात भर जागकर अपने घरों की रक्षा करनी पड़ी, जिससे न खाना बन सका और न ही सुबह का नाश्ता। पिछले तीन वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय, मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी को अवगत कराने के बावजूद नाले के निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी रिकॉर्ड में 14 फीट चौड़े दर्ज इस नाले को मात्र 4-5 फीट में समेट दिया गया है, जबकि नया बन रहा नाला भी मात्र 6-7 फीट चौड़ा है।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बाकर ने इस स्थिति को विस्फोटक बताया है और चेतावनी दी है कि यदि नाले को 15-20 फीट चौड़ा और 10-15 फीट गहरा नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर पालिका, सांसदों और विधायकों से तत्काल प्रभाव से एक विस्तृत प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नाले पर अतिक्रमण के खिलाफ कोई एक्शन न लेना इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन पंप लगाकर भरे हुए पानी को निकलवाकर जनता की मुसीबत कम करेगा, या फिर लोग बारिश के दौरान इसी तरह जलभराव और जान-माल के खतरे के बीच पिसते रहेंगे।
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पन्ना जिले के अजयगढ़ अंतर्गत बनहारी कलां में जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके की नालियां पिछले दो वर्षों से पूरी तरह जाम पड़ी हैं और इनकी सफाई का कोई काम नहीं हुआ है। इस अव्यवस्था के कारण नालियों का गंदा पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। जाम नालियों में जमा गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
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    पन्ना जिले के अजयगढ़ अंतर्गत बनहारी कलां में जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके की नालियां पिछले दो वर्षों से पूरी तरह जाम पड़ी हैं और इनकी सफाई का कोई काम नहीं हुआ है।

इस अव्यवस्था के कारण नालियों का गंदा पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। जाम नालियों में जमा गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
    user_Dileep Gupta
    Dileep Gupta
    अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सतना में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के महाप्रबंधक उमेश कुमार साहू पर भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों के चलते ठेकेदार पिछले चार दिनों से कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। इसी क्रम में, ठेकेदार धीरेंद्र सिंह धीरू ओबरा ने कल सुबह 11 बजे आत्मदाह करने की घोषणा कर दी है। ठेकेदार धीरू ओबरा का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन की चुप्पी से वे आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि सिस्टम की उदासीनता ठेकेदारों को मौत के मुंह में धकेल रही है, जिससे PMGSY महाप्रबंधक के भ्रष्टाचार का यह घिनौना खेल उजागर हो रहा है।
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    सतना में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के महाप्रबंधक उमेश कुमार साहू पर भ्रष्टाचार और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों के चलते ठेकेदार पिछले चार दिनों से कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। इसी क्रम में, ठेकेदार धीरेंद्र सिंह धीरू ओबरा ने कल सुबह 11 बजे आत्मदाह करने की घोषणा कर दी है।

ठेकेदार धीरू ओबरा का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन की चुप्पी से वे आक्रोशित हैं। उनका आरोप है कि सिस्टम की उदासीनता ठेकेदारों को मौत के मुंह में धकेल रही है, जिससे PMGSY महाप्रबंधक के भ्रष्टाचार का यह घिनौना खेल उजागर हो रहा है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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