विकास नहीं तो वोट नहीं सहार के ग्रामीण का तहसील पर हल्ला बोल *विकास नहीं तो वोट नहीं! सहार के ग्रामीणों का तहसील पर हल्लाबोल* *बुलंदशहर/शिकारपुर गांव में विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज सहार के ग्रामीणों ने सोमवार को शिकारपुर तहसील परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने “विकास नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से मूलभूत विकास कार्यों का अभाव है* *बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।* *धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम शिकारपुर को ज्ञापन सौंपकर गांव में जरूरी विकास कार्य कराए जाने की मांग की।* *ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि गांव की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव में “विकास नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों के प्रदर्शन से तहसील परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।* *रिपोर्ट दीपक चौहान बुलंदशहर
विकास नहीं तो वोट नहीं सहार के ग्रामीण का तहसील पर हल्ला बोल *विकास नहीं तो वोट नहीं! सहार के ग्रामीणों का तहसील पर हल्लाबोल* *बुलंदशहर/शिकारपुर गांव में विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज सहार के ग्रामीणों ने सोमवार को शिकारपुर तहसील परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने “विकास नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से मूलभूत विकास कार्यों का अभाव है* *बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।* *धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम शिकारपुर को ज्ञापन सौंपकर गांव में जरूरी विकास कार्य कराए जाने की मांग की।* *ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि गांव की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव में “विकास नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों के प्रदर्शन से तहसील परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।* *रिपोर्ट दीपक चौहान बुलंदशहर
- विकास नहीं तो वोट नहीं सहार के ग्रामीण का तहसील पर हल्ला बोल *विकास नहीं तो वोट नहीं! सहार के ग्रामीणों का तहसील पर हल्लाबोल* *बुलंदशहर/शिकारपुर गांव में विकास कार्यों की अनदेखी से नाराज सहार के ग्रामीणों ने सोमवार को शिकारपुर तहसील परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने “विकास नहीं तो वोट नहीं” का नारा बुलंद करते हुए प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से मूलभूत विकास कार्यों का अभाव है* *बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।* *धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम शिकारपुर को ज्ञापन सौंपकर गांव में जरूरी विकास कार्य कराए जाने की मांग की।* *ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि गांव की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव में “विकास नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ग्रामीणों के प्रदर्शन से तहसील परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।* *रिपोर्ट दीपक चौहान बुलंदशहर1
- 'सेवा संकल्प यात्रा' का खुर्जा में पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत, भाजपा नगर अध्यक्ष सचिन शर्मा के नेतृत्व मे कार्यक्रम का आयोजन,उमड़ी समर्थकों की भीड़ खुर्जा। भारतीय जनता पार्टी खुर्जा नगर द्वारा आयोजित 'सेवा संकल्प यात्रा' का जेवर अड्डा चौराहे पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम जनता ने पुष्प वर्षा कर भव्य अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि वडनगर (गुजरात) से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक निकाली जा रही यह यात्रा उनके सार्वजनिक जीवन व सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने तथा जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है। नगर अध्यक्ष सचिन शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत समारोह में भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और स्थानीय लोग एकत्रित हुए। जेवर अड्डा चौराहे पर कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह के बीच पूरी यात्रा का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सांसद और भाजपा नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने तथा उनके जन्मदिन (17 सितंबर) के उपलक्ष्य में यह सेवा यात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी जी के सुशासन, जन कल्याणकारी योजनाओं और 'सबका साथ, सबका विकास' के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है साथ ही भाजपा नेता एवं बॉलीवुड लेखक मुकेश कुमार मासूम ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि नगर अध्यक्ष सचिन शर्मा के कुशल नेतृत्व में यात्रा का शानदार आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर नगर महामंत्री नवीन माहौर, नगर मीडिया प्रभारी प्रांशु बंसल, नगर उपाध्यक्ष राकेश वाल्मीकि, सोनू पंडित, त्रिवेंद्र राजौरा, नगर मंत्री मनीष गोयल, सर्वेंद्र पंडित, सुनील गौतम तथा कार्यक्रम संयोजक व सोशल मीडिया प्रभारी प्रदीप कुमार मौजूद रहे। साथ ही पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह, शंभू सिंह राघव, अभिषेक अग्रवाल, दिनेश चौधरी, भगवानदास सिंगल, सतीश वाल्मीकि, आकाश अरोड़ा, उषा शर्मा, छोटू चौधरी, सी पी चौधरी, देव दीपक राणा, पारुल बंसल, अजय वाल्मीकि, ब्रह्म प्रकाश वाल्मीकि, राकेश प्रजापति, शेखर पंडित, अरुण वाल्मीकि, बनवारी लाल बाल्मीकि, शशांक अग्रवाल, रेखा शर्मा, चंद्रभान रजक, अनुपम माथुर, पूरन चंद शर्मा, सतीश चंद्र दिवाकर, सत्येंद्र जादौन, सांसद प्रतिनिधि सत्य प्रकाश सिंह, सुरेश शर्मा और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दीपक गर्ग सहित कई गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे4
- भाजपा द्वारा संचालित वडनगर से वाराणसी तक चलाई जा रही सेवा संकल्प यात्रा का भव्य स्वागत किया। अतिथियों ने गंगा महाआरती में प्रतिभाग किया। भाजपा द्वारा संचालित वडनगर से वाराणसी तक चलाई जा रही सेवा संकल्प यात्रा का भव्य स्वागत किया। अतिथियों ने गंगा महाआरती में प्रतिभाग किया। मंगलवार को भाजपा द्वारा वाडनगर से वाराणसी तक चलाई जा रही जन सेवा संकल्प यात्रा मस्तराम घाट पहुंची। यात्रा में शामिल जामनगर की सांसद पूनम बेन, यात्रा संयोजक भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अमल खटीक, विधायक संजय शर्मा, जिला महामंत्री केपी सिंह का चेयरमैन बृजेश गोयल, जिला मंत्री दामिनी गौड़, मंडल अध्यक्ष मुनेश शर्मा, विनीत बंसल, तुषार गुप्ता, होमनिधि वार्ष्णेय, सीपी सिंह खटीक व भाजपा कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय लोगों ने फूल माला पहनाकर व पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया। यात्रा बुलंदशहर बस अड्डा, मुख्य बाजार से होती हुई बाबा मस्तराम घाट पहुंची। वहां जेपी संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य अतुल भारद्वाज के नेतृत्व में बटुकों ने मंत्रोचारण के साथ दूध अर्पण कर मां गंगा की महाआरती कराई। जिसमें अतिथियों ने प्रतिभाग कर.पुण्य का भागी बनाया। यात्रा सम्भल जनपद के हरिबाबा धाम के लिए प्रस्थान कर गई। इस मौके पर अभय गर्ग, उमेश गुप्ता, तुषार गुप्ता, पवित्र कौशिक, लोकेश चौधरी, अफजल गाजी, दिलीप भारद्वाज, पीयूष गोयल, दिनेश शिवा आदि मौजूद रहे।1
- मां बेटी ने परिवार पर लगाया अपहरण और जमीन हड़पने का आरोप, योगी सरकार से लगाई इंसाफ की गुहार1
- ब्रेकिंग बुलंदशहर: सुनार ने असली के बजाय लौटाए नकली गहने। महिला ने मकान बनवाने के लिए गिरवी रखे थे सोने के गहने। लेकिन रकम लौटाने के बाद सुनार ने नकली गहने महिला को लौटाए। पीड़ित महिला ने एसएसपी बुलंदशहर से लगाई न्याय की गुहार - एसएसपी ने महिला को दिया न्याय का भरोसा। बुलंदशहर के थाना शिकारपुर क्षेत्र के मोहल्ला लाल दरवाजा मामला।1
- नगर पंचायत की घोर लापरवाही: सड़कों पर बह रहा पानी, बूंद-बूंद को मोहताज़ होते लोग मोहल्ला अज़ीजाबाद और टीचर्स कॉलोनी में दिनभर खुली रहती हैं टंकियां, जल बर्बादी पर फूटा लोगों का गुस्सा संवाददाता राजीव शर्मा की रिपोर्ट स्थानीय निवासियों ने जताई नाराजगी; EO बोले- जल्द दूर कराई जाएगी समस्या कस्बा औरंगाबाद में नगर पंचायत की उदासीनता और लापरवाही के चलते रोजाना हजारों लीटर पेयजल बेकार बह रहा है। कस्बे की सार्वजनिक टंकियों में टोटियां न होने या लीकेज की वजह से पानी सड़कों पर व्यर्थ बहता रहता है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ताजा मामला मोहल्ला अज़ीजाबाद चामड मंदिर के पास का है, जहां पर सार्वजनिक टंकियों से दिनभर पीने का पानी सड़कों पर बहता रहता है। ऐसा ही हाल कस्बे की टीचर्स कॉलोनी का भी है, जहां रोज जलापूर्ति के दौरान पानी नालियों में बहता हुआ देखा जा सकता है। एक तरफ जहां कई इलाकों में पेयजल संकट रहता है, वहीं दूसरी तरफ जलकल विभाग की अनदेखी से पीने का शुद्ध पानी बर्बाद हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जताई नाराजगी: नगर के नागरिक पिंटू लोधी, विष्णु और सुनील लोधी आदि ने नगर पंचायत के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पानी की लगातार बर्बादी से मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत की लापरवाही से रोज पानी व्यर्थ बह रहा है। नागरिकों ने जल्द से जल्द टंकियों की मरम्मत कराने की मांग की है। अधिकारी का कथन: "मामला मेरे संज्ञान में आया है। संबंधित कर्मचारियों को तुरंत मौके पर भेजकर लीकेज और बहते हुए पानी की समस्या को सही कराया जाएगा।" — रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी (EO), औरंगाबाद3
- यूजीसी नीतियों और एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ बुलंदशहर में गूंजी आवाज: क्षत्रिय महासभा ने तहसीलदार को सौंपा पीएम के नाम ज्ञापन बादशाहपुर (बुलंदशहर), 29 सितम्बर 2026: ग्राम बादशाहपुर में श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा (पंजी०) के बैनर तले विभिन्न क्षत्रिय संगठनों, समाजसेवियों और क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य लोगों की उपस्थिति में एक विशाल और महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में समाज, युवाओं और किसानों से जुड़े नीतिगत विषयों पर गहन मंथन किया गया, जिसके उपरांत देश के माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित एक सामूहिक मांग पत्र (ज्ञापन) मौके पर पहुंचे तहसीलदार को सौंपा गया। सैकड़ों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ (CO) साहब और ककोड़ कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के संयोजक के रूप में पंडित दिनेश शास्त्री, डॉ. राजवीर शर्मा, जयराज शास्त्री, नरेंद्र प्रताप सिंह, वीरेश प्रताप सिंह, ठाकुर उदयपाल सिंह, राकेश भाटी (पूर्व प्रधान) और सतवीर सोलंकी (पूर्व प्रधान) ने मुख्य भूमिका निभाई और व्यवस्था को सुचारू रूप से संभाला। यूजीसी की नीतियां और एससी-एसटी एक्ट 'काला कानून': बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता भारतीय महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की वर्तमान नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे 'काला कानून' बताते हुए कहा कि ये जटिल नीतियां शोधार्थियों और उच्च शिक्षा की रीढ़ को कमजोर कर रही हैं। इसमें तुरंत बदलाव की जरूरत है। वहीं, सहदेव उमराला ने समाज में बढ़ते फर्जी मुकदमों पर चिंता व्यक्त करते हुए एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट को 'काला कानून' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कानून का दुरुपयोग आपसी रंजिश निकालने के लिए हो रहा है और मिलने वाली सरकारी मुआवजा राशि एक वर्ग को फर्जी मुकदमे दर्ज करने के लिए प्रेरित कर रही है, जिससे सामाजिक समरसता बिगड़ रही है। इसमें निष्पक्ष जांच का प्रावधान जोड़ना बेहद जरूरी है। जाति नहीं, 'आर्थिक स्थिति' हो आरक्षण का आधार: श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष ठाकुर जगवीर भाटी ने आरक्षण के मुद्दे पर बेबाकी से बात रखते हुए कहा कि "गरीबी किसी एक वर्ग में नहीं, बल्कि प्रत्येक जाति में है।" उन्होंने मांग की कि आरक्षण का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे हर जरूरतमंद को मिलना चाहिए, इसलिए इसका आधार जाति न होकर केवल व्यक्ति की 'आर्थिक स्थिति' होनी चाहिए। इन प्रमुख समाजसेवियों और गणमान्य लोगों ने किया नेतृत्व: इस राष्ट्रव्यापी और सामाजिक महत्व के अभियान का नेतृत्व और समर्थन मुख्य रूप से ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष ठाकुर जगवीर भाटी, सहदेव उमराला, महेंद्र प्रधान, कुंवर रॉबिन सिंह राणा, केपी सिंह, नेपाल सिंह, हेम सिंह, राजपाल सिंह, हरपाल सिंह, रिंकू शर्मा, पंडित दिनेश (बीडीसी), प्रिंस यादव सहित अरविंद, अरुण भाटी, आदेश, ओमकल सिंह, गौरव भाटी, पवन भाटी, पुष्प भाटी, बॉबी भाटी, राजीव भाटी, राहुल भाटी, विकास, विवेक सिंह, शुभम भाटी व सुमित भाटी आदि सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों ने किया। संयुक्त संचालन और संकल्प: कार्यक्रम का सफल संचालन संयुक्त रूप से रामराज सिंह, लक्ष्मण सैनी (पूर्व प्रधान) और मनवीर सिंह (पूर्व प्रधान) द्वारा किया गया। उपस्थित सभी पदाधिकारियों, संयोजकों और सैकड़ों संभ्रांत नागरिकों ने एक सुर में हुंकार भरते हुए कहा कि वे जनसामान्य के हित में इन सुधारों के लिए अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेंगे।4
- भक्तिभाव से सराबोर खिदरपुर दीप प्रज्ज्वलन के साथ आठवें दिन की रामलीला का भव्य शुभारंभ। संवाददाता राजीव शर्मा कस्बा औरंगाबाद क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक लखावटी के ग्राम खिदरपुर में आयोजित की जा रही वार्षिक रामलीला महोत्सव में आठवें दिन की लीला का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन गांव के वयोवृद्ध एवं सम्मानित नागरिक श्री राम अवतार शर्मा द्वारा भगवान श्री राम के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर पूरा पंडाल 'जय श्री राम' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालुओं व ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत मंचित की गई आठवें दिन की लीला में कलाकारों ने कई मार्मिक एवं निर्णायक प्रसंगों का सजीव अभिनय किया। लीला की शुरुआत स्वर्ण मृग (मारीच) के प्रसंग से हुई, जिसमें माता सीता के आग्रह पर भगवान श्री राम स्वर्ण मृग के पीछे जाते हैं। इसके पश्चात लंकापति रावण द्वारा छद्म साधु वेश धारण कर छल से माता सीता का अपहरण कर लिया जाता है। सीता हरण के दौरान माता सीता की रक्षा हेतु तत्पर पक्षीराज जटायु और रावण के मध्य हुए भीषण युद्ध का दृश्य देख दर्शक भावविभोर हो उठे। घायल जटायु को भगवान श्री राम द्वारा निज धाम (मोक्ष) प्रदान करने का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा। तत्पश्चात, श्री राम का मातंग ऋषि के आश्रम पहुंचना और परम भक्त शबरी के हाथों प्रेमपूर्वक अर्पित किए गए जूठे बेरों को सहर्ष स्वीकार कर उन्हें 'नवधा भक्ति' का ज्ञान देना, दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। लीला के अंतिम चरण में ऋष्यमूक पर्वत पर हनुमान जी के माध्यम से भगवान राम व सुग्रीव की मित्रता, अधर्मी बाली का वध और सुग्रीव के राज्याभिषेक का सुंदर मंचन किया गया। गांव के वरिष्ठ नागरिक राम अवतार शर्मा एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्री राम की यह अमर कथा केवल एक मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को धर्म, मर्यादा, त्याग और उच्च संस्कारों का संदेश देने का एक सशक्त प्रयास है। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। इस अवसर पर रामलीला समिति के पदाधिकारी, गांव के गणमान्य व्यक्ति, विशाल संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं आसपास के ग्रामीण उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था के व्यापक इंतजाम रहे और शांतिपूर्ण ढंग से लीला संपन्न हुई।2