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थाना आठनेर द्वारा नगर परिषद कार्यालय में एक साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों, विशेषकर डिजिटल ठगी से बचाने के लिए जागरूक करना था। इस अभियान में नगरपालिका अधिकारी, सभी कर्मचारी और पत्रकार उपस्थित रहे। थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान साइबर सेल के टोल फ्री नंबरों की जानकारी भी साझा की। पुलिस ने यह जागरूकता अभियान नगर में चलाकर डिजिटल ठगी से बचाव के संबंध में लोगों को सचेत किया।
आठनेर रिपोर्टर
थाना आठनेर द्वारा नगर परिषद कार्यालय में एक साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों, विशेषकर डिजिटल ठगी से बचाने के लिए जागरूक करना था। इस अभियान में नगरपालिका अधिकारी, सभी कर्मचारी और पत्रकार उपस्थित रहे। थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान साइबर सेल के टोल फ्री नंबरों की जानकारी भी साझा की। पुलिस ने यह जागरूकता अभियान नगर में चलाकर डिजिटल ठगी से बचाव के संबंध में लोगों को सचेत किया।
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- थाना आठनेर द्वारा नगर परिषद कार्यालय में एक साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को साइबर अपराधों, विशेषकर डिजिटल ठगी से बचाने के लिए जागरूक करना था। इस अभियान में नगरपालिका अधिकारी, सभी कर्मचारी और पत्रकार उपस्थित रहे। थाना प्रभारी ने उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान साइबर सेल के टोल फ्री नंबरों की जानकारी भी साझा की। पुलिस ने यह जागरूकता अभियान नगर में चलाकर डिजिटल ठगी से बचाव के संबंध में लोगों को सचेत किया।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में इन दिनों हल चलाने की तस्वीरें राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बैतूल दौरे के दौरान कुकरू के खेत में किसानों के साथ हल चलाया और खेती-किसानी से अपने जुड़ाव का संदेश दिया। इसके कुछ ही समय बाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बैतूल पहुंचे। भोपाल लौटते समय पाढ़र में उनकी नज़र खेत में बुवाई कर रहे किसानों पर पड़ी, जिसके बाद वे अपनी गाड़ी से उतरकर सीधे खेत में पहुँच गए। उन्होंने अपने सिर पर गमछा बांधकर, बैलों को हांकते हुए हल चलाया और किसानों के साथ कुछ समय बिताकर उनके खेती के कार्य में हाथ बंटाया। मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, दोनों नेताओं के खेत में हल चलाने की ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि बैतूल में नेताओं द्वारा हल चलाने की ये तस्वीरें केवल किसानों से जुड़ाव का संदेश हैं या फिर आने वाले समय में इनका कोई गहरा सियासी हल भी निकलेगा, यह तो वक्त ही बताएगा।2
- मुलताई स्थित साईं मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर के दानपात्र का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी नगद राशि लेकर फरार हो गए।1
- आज शाम बैतूल जनपद के खेड़ीसावलीगढ़ ग्राम स्थित मंगल भवन में जिला स्तरीय 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी राव पटेल और केंद्रीय मंत्री डी डी उईके प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री डी डी उईके ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 'जल गंगा अभियान' वर्तमान समय की आवश्यकता है और जल संवर्धन की योजनाओं पर ध्यान देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया और बताया कि वनों के विनाश के बाद अब वृक्षारोपण अनिवार्य हो गया है, क्योंकि पेड़ों में जल अवशोषित करने की क्षमता होती है, जो जल संरक्षण में सहायक है। वहीं, राज्य मंत्री शिवाजी राव पटेल ने इस अभियान को जल संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जाने की बात कही। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार, कलेक्टर बैतूल डॉक्टर सौरभ संजय सोनवणे, ग्राम सरपंच शर्मिला ठाकुर, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नितिन बारस्कर, राजसीह परिहार और हंसराज धुर्वे भी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी इस समापन अवसर पर उपस्थित रहे।1
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोहन नागर को बधाई दी है।1
- मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का मंगलवार को पांढुर्णा नगर पालिका सभागृह में भव्य सम्मान समारोह के साथ समापन हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे ने की, जिसमें कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत विनय प्रकाश ठाकुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती हेमेश्वरी पटले सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद पंचायत द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। अभियान के तहत जिले में कुल 415 कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं, जिनमें 52 नाले-नालियों की सफाई, 82 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण, 43 पाइपलाइन सुधार और 143 सार्वजनिक नलों में टोंटी लगाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं, साथ ही 95 अन्य गतिविधियां भी संचालित की गईं। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करते हुए जल संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने पर विशेष जोर दिया। इसी कड़ी में, जल गंगा संवर्धन अभियान का विकासखंड स्तरीय समापन ग्राम राजना में एक बावड़ी उत्सव के साथ आयोजित हुआ। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन और विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ बावड़ी और उसके परिसर की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया। विकासखंड समन्वयक दिलीप आठनेरे ने वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण पर बल दिया, जबकि ग्राम राजना के सरपंच दीपक खवसे ने जल को जीवन का आधार बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए इसके संरक्षण को अत्यावश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों और शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय राजना के छात्र-छात्राओं सहित अन्य परामर्शदाताओं, पंचायत सचिवों और शिक्षकों ने अंत में जल संरक्षण की शपथ ली।2
- बैतूल शहर के सदर ब्रिज पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक हिट एंड रन हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात वाहन ने युवक को टक्कर मार दी थी, जिससे यह दुर्घटना हुई। इस घटना का सबसे हैरान कर देने वाला पहलू यह रहा कि युवक का शव पूरी रात ब्रिज पर ही पड़ा रहा और अगली सुबह लोगों की नजर पड़ने के बाद ही मामले की जानकारी सामने आ सकी। इस घटना ने शहर की पुलिस गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर पुलिस द्वारा रात्रि गश्त किए जाने के दावों के बावजूद, यदि एक शव पूरी रात सड़क पर पड़ा रहा तो यह स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठाता है कि गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी। इसके साथ ही, यह घटना समाज की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। अक्सर लोग सड़क किनारे या मार्ग पर पड़े किसी व्यक्ति को नशे की हालत में मानकर आगे बढ़ जाते हैं, जिससे कई बार जरूरतमंदों को समय पर मदद नहीं मिल पाती। यह जरूरी नहीं कि सड़क पर पड़ा हर व्यक्ति शराब के नशे में हो; वह किसी दुर्घटना, बीमारी या अन्य आपात स्थिति का शिकार भी हो सकता है।2