मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में इन दिनों हल चलाने की तस्वीरें राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बैतूल दौरे के दौरान कुकरू के खेत में किसानों के साथ हल चलाया और खेती-किसानी से अपने जुड़ाव का संदेश दिया। इसके कुछ ही समय बाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बैतूल पहुंचे। भोपाल लौटते समय पाढ़र में उनकी नज़र खेत में बुवाई कर रहे किसानों पर पड़ी, जिसके बाद वे अपनी गाड़ी से उतरकर सीधे खेत में पहुँच गए। उन्होंने अपने सिर पर गमछा बांधकर, बैलों को हांकते हुए हल चलाया और किसानों के साथ कुछ समय बिताकर उनके खेती के कार्य में हाथ बंटाया। मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, दोनों नेताओं के खेत में हल चलाने की ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि बैतूल में नेताओं द्वारा हल चलाने की ये तस्वीरें केवल किसानों से जुड़ाव का संदेश हैं या फिर आने वाले समय में इनका कोई गहरा सियासी हल भी निकलेगा, यह तो वक्त ही बताएगा।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में इन दिनों हल चलाने की तस्वीरें राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने बैतूल दौरे के दौरान कुकरू के खेत में किसानों के साथ हल चलाया और खेती-किसानी से अपने जुड़ाव का संदेश दिया। इसके कुछ ही समय बाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बैतूल पहुंचे। भोपाल लौटते समय पाढ़र में उनकी नज़र खेत में बुवाई कर रहे किसानों पर पड़ी, जिसके बाद वे अपनी गाड़ी से उतरकर सीधे खेत में पहुँच गए। उन्होंने अपने सिर पर गमछा बांधकर, बैलों
को हांकते हुए हल चलाया और किसानों के साथ कुछ समय बिताकर उनके खेती के कार्य में हाथ बंटाया। मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, दोनों नेताओं के खेत में हल चलाने की ये तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही हैं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि बैतूल में नेताओं द्वारा हल चलाने की ये तस्वीरें केवल किसानों से जुड़ाव का संदेश हैं या फिर आने वाले समय में इनका कोई गहरा सियासी हल भी निकलेगा, यह तो वक्त ही बताएगा।
- पांढुर्णा जिले की चर्चित ग्राम पंचायत रामाकोना को सोमवार को नई स्थानापन्न सरपंच मिल गई है। वार्ड क्रमांक 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत ने चुनाव में 11 मत प्राप्त कर स्थानापन्न सरपंच के रूप में जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 मत मिले। यह चुनाव मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 38(ख) के तहत ग्राम पंचायत भवन में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। यह पद पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी राशि के कथित गबन के मामले में पदमुक्त किए जाने और छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद रिक्त हुआ था। श्वेता गोहेल को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 92(5) के तहत अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद जिला पंचायत के आदेशानुसार स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई। चुनाव परिणाम की घोषणा के उपरांत, नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का उनके समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी पहली प्राथमिकता पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता के साथ कार्य करना और जनता के विश्वास पर खरा उतरना बताया।3
- खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। इस घटना ने आदिवासी संगठन को भी नाराज कर दिया है, जिसके चलते सभी ने मिलकर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। आदिवासी समाज खालवा के युवक की मौत की घटना से बेहद गुस्से में है और मामले की उचित जांच की मांग कर रहा है।1
- इटारसी नगर पालिका की नवनियुक्त सीएमओ सुश्री सुरेखा जाटव जी ने पदभार ग्रहण करते ही शहर हित में कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से शहर की सफाई व्यवस्था का जमीनी स्तर पर अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक एवं उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को साफ-सुथरा माहौल प्रदान करना उनकी पहली प्राथमिकता है। सुश्री सुरेखा जाटव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। सफाई कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" नवागत सीएमओ के इस एक्शन से नगर पालिका अमले में हड़कंप का माहौल है, जबकि नागरिकों ने उनकी इस तत्परता और कठोरता की सराहना की है।1
- नर्मदापुरम पुलिस ने जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा ने एक साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका मुख्य लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताना है। डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंक फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ओटीपी धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे हर उम्र के लोग इसका शिकार बन रहे हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए, लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत यह जागरूकता रथ प्रतिदिन जिले के सभी अनुभागों, थाना क्षेत्रों, शहरों और ग्रामीण इलाकों में भ्रमण करेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना है। पुलिस द्वारा सार्वजनिक सभाओं, बाजारों, स्कूल-कॉलेजों, बैंक शाखाओं और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, बुजुर्गों, व्यापारियों और डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करने वाले नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके और ऑनलाइन धोखाधड़ी की नई तकनीकों से बचने के आसान और प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।1
- सौसर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देते हुए पांढुर्णा के ग्राम खैरी तायगांव और ब्राम्हण पिपला में लगभग 23 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया गया। यह कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ इन विकास परियोजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया गया। इन विकास कार्यों के लिए राशि सांसद निधि, विधायक निधि, जिला पंचायत निधि और जनपद पंचायत निधि से स्वीकृत की गई है। इन निर्माण कार्यों के पूरा होने के बाद दोनों गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान, जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि सौसर विधानसभा में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के गांवों में सड़क और सामुदायिक भवन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को विकास का सीधा लाभ मिल सके।1
- इटारसी की न्यास कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर नागरिकों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है, जहाँ लोगों ने "पहले रोड, फिर वोट!" का बैनर लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह आक्रोश मुख्य रूप से सड़कों, पानी और सफाई की खस्ताहाल व्यवस्था के कारण उपजा है। विशेष रूप से, जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें, करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद, आज तक सुधारी नहीं गई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में कॉलोनी के निवासियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि "जनता की एक ही पुकार, सड़क, पानी और नाली का हो तत्काल सुधार!" बदहाल व्यवस्था से परेशान होकर जनता अब आर-पार के मूड में आ गई है।1
- मुलताई तहसील मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में नेहरू वार्ड शारदा क्षेत्र की महिलाओं ने नाली और सड़क निर्माण की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का आरोप लगाते हुए, महिलाओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी जताई। महिलाओं का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार नगर पालिका के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। वार्ड में नाली न होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, बारिश के दौरान कच्ची सड़क पर कीचड़ हो जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अपनी शिकायत लेकर पहुंची इन महिलाओं की नगर पालिका के उपयंत्री से तीखी बहस हो गई, जिससे काफी देर तक कहासुनी चलती रही और जनसुनवाई में हंगामे की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख, एसडीएम राजीव कहार ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाइश दी और विवाद शांत कराया। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायत का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करें। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली और सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1