बारां के छीपाबड़ौद में विद्या भारती द्वारा संचालित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर में शनिवार को भैया-बहिनों के सर्वांगीण विकास के लिए 'बस्ता सजाओ प्रतियोगिता' का सफल आयोजन किया गया। शनिवारीय कार्यक्रम प्रमुख भारती सिरोहिया के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में स्वच्छता, अनुशासन, समयबद्धता और अपनी अध्ययन सामग्री के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी रचनात्मकता दिखाते हुए अपने बस्तों को काफी सलीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के परिणामों में कक्षा 10 की बहिन आकांक्षा प्रजापति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, कक्षा 9 के भैया सिद्धार्थ भील ने द्वितीय और कक्षा 6 के भैया हर्षित मालव ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायकों ने बैग की स्वच्छता, किताबों-कॉपियों और लेखन सामग्री की सुव्यवस्थित व्यवस्था, उनकी उपयोगिता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर सभी बस्तों का बारीकी से मूल्यांकन किया था। प्रतियोगिता में विजयी रहे इन सभी भैया-बहिनों को सोमवार की वंदना सभा में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने विजेताओं को बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन और स्वच्छता को अपनाने की प्रेरणा दी।
बारां के छीपाबड़ौद में विद्या भारती द्वारा संचालित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर में शनिवार को भैया-बहिनों के सर्वांगीण विकास के लिए 'बस्ता सजाओ प्रतियोगिता' का सफल आयोजन किया गया। शनिवारीय कार्यक्रम प्रमुख भारती सिरोहिया के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में स्वच्छता, अनुशासन, समयबद्धता
और अपनी अध्ययन सामग्री के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी रचनात्मकता दिखाते हुए अपने बस्तों को काफी सलीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के परिणामों में कक्षा 10 की बहिन आकांक्षा प्रजापति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, कक्षा
9 के भैया सिद्धार्थ भील ने द्वितीय और कक्षा 6 के भैया हर्षित मालव ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायकों ने बैग की स्वच्छता, किताबों-कॉपियों और लेखन सामग्री की सुव्यवस्थित व्यवस्था, उनकी उपयोगिता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर सभी बस्तों का बारीकी से मूल्यांकन किया था। प्रतियोगिता
में विजयी रहे इन सभी भैया-बहिनों को सोमवार की वंदना सभा में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने विजेताओं को बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन और स्वच्छता को अपनाने की प्रेरणा दी।
- बारां के छीपाबड़ौद में विद्या भारती द्वारा संचालित सुशीला देवी आदर्श विद्या मंदिर में शनिवार को भैया-बहिनों के सर्वांगीण विकास के लिए 'बस्ता सजाओ प्रतियोगिता' का सफल आयोजन किया गया। शनिवारीय कार्यक्रम प्रमुख भारती सिरोहिया के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में स्वच्छता, अनुशासन, समयबद्धता और अपनी अध्ययन सामग्री के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी रचनात्मकता दिखाते हुए अपने बस्तों को काफी सलीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के परिणामों में कक्षा 10 की बहिन आकांक्षा प्रजापति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, कक्षा 9 के भैया सिद्धार्थ भील ने द्वितीय और कक्षा 6 के भैया हर्षित मालव ने तृतीय स्थान हासिल किया। निर्णायकों ने बैग की स्वच्छता, किताबों-कॉपियों और लेखन सामग्री की सुव्यवस्थित व्यवस्था, उनकी उपयोगिता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर सभी बस्तों का बारीकी से मूल्यांकन किया था। प्रतियोगिता में विजयी रहे इन सभी भैया-बहिनों को सोमवार की वंदना सभा में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य जोधराज नागर ने विजेताओं को बधाई देते हुए सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन और स्वच्छता को अपनाने की प्रेरणा दी।4
- बारां जिले के छीपाबड़ौद में स्थित स्टेडियम में कपालभाति प्राणायाम किया गया।1
- झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र अंतर्गत सूमर और उसके आसपास के गांवों में बारिश न होने से चिंतित लोगों ने बिलासरा गांव में एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया। शनिवार को बिलासरा के बाबा जी मंदिर परिसर में सर्व समाज के लोगों द्वारा अच्छी वर्षा की कामना को लेकर सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ हवन का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में आहुति देकर क्षेत्र की समृद्धि और किसानों की खुशहाली की प्रार्थना की। दरअसल, सूमर और नजदीकी इलाकों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी खत्म हो चुकी है। इसका सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ रहा है, जिससे कई जगहों पर बुवाई का काम अटक गया है। वहीं, जिन किसानों ने पहले ही सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलों की बुवाई कर ली थी, वे फसलें अब पानी के अभाव में झुलसने लगी हैं। बादलों के आने-जाने के बावजूद बारिश न होने से किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। परेशान किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही जोरदार बारिश नहीं हुई, तो उन्हें फिर से बुवाई करनी पड़ेगी। इससे न केवल उनकी मेहनत बेकार जाएगी बल्कि आर्थिक बोझ और लागत भी दोगुनी हो जाएगी। फसलों की बढ़वार प्रभावित होने से पैदावार घटने का खतरा मंडराने लगा है। इसी संकट को देखते हुए पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ईश्वर से जल्द मानसून मेहरबान करने की गुहार लगाई है।1
- झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड के अंतर्गत पनवाड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात शातिर चोरों ने एक साथ 18 ट्यूबवेलों की थ्री-फेस बिजली केबल चोरी करने की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने पूरी रेकी करने के बाद केवल उन्हीं लाइनों को अपना निशाना बनाया जिनमें रात के समय बिजली बंद रहती है। इसके अलावा, चोर महावीर नागर नामक किसान के ट्यूबवेल से मोटर बोर्ड भी निकाल ले गए। मानसून की बेरुखी और बारिश की कमी के कारण क्षेत्र के किसान पहले से ही बेहद परेशान हैं। धान और सोयाबीन की फसलों को बचाने के लिए वे पूरी तरह ट्यूबवेल के भरोसे थे, लेकिन इस सामूहिक चोरी की घटना से उन पर भारी आर्थिक बोझ आ गया है। सिंचाई पूरी तरह ठप होने से किसानों की फसलें अब सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इस चोरी से सत्यनारायण नागर, जाकिर हुसैन, सोहनलाल, रामप्रसाद, इकबाल हुसैन, भेरुलाल रैगर, छीतरलाल, बृजमोहन, शिवपाल योगी, बालचंद और आनंदलाल सहित कई किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। क्षेत्र में सक्रिय यह चोर गिरोह लंबे समय से वारदातों को अंजाम दे रहा है। इससे पहले भी इस गिरोह ने 12 जून को पनवाड़, 14 जून को उम्मेदपुरा, 15 जून को गणेशपुरा, और 15 जुलाई को भगवानपुरा सहित दहीखेड़ा व जोलपा में भी केबल चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। लगातार हो रही इन चोरियों से पूरा क्षेत्र दहशत में है। परेशान और लाचार किसानों ने प्रशासन से तत्काल गश्त बढ़ाने और चोरों को जल्द से जल्द पकड़कर चोरी की गई केबल बरामद करने की गुहार लगाई है।1
- गुना जिले के बमौरी विकासखंड के संकुल कपासी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत छीकारी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बांसवाड़ा में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान-2026 के तहत वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने जनभागीदारी के जरिए मिलकर 100 छायादार, फलदार और फूलदार पौधे लगाए। इस दौरान सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। यह आयोजन विद्यालय के प्रधानाध्यापक दुर्गा प्रसाद प्रजापति, ग्राम पंचायत छीकारी के सहायक सचिव थावर सिंह भिलाला और सरपंच प्रतिनिधि देवकिशन भिलाला के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक दुर्गा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए और केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि मां की तरह उसका पालन-पोषण करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलित रहने से समय पर वर्षा होगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व हरित वातावरण मिल सकेगा। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षक संतोष मेहता, लखन नागर और ग्राम कर्राखेड़ा के पटेल जगदीश खेरुआ, राम सिंह खेरुआ, गोविंद भिलाला, मोहित भिलाला, लाखन खेरुआ, अमर सिंह खेरुआ, अंकेश भिलाला, सुरेश बारेला, सुनील बारेला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र मौजूद रहे। पौधारोपण के साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का जिम्मा उठाने का संकल्प लिया, ताकि स्कूल परिसर में हरियाली बढ़ सके और बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिले।1
- विश्व रंगमंच दिवस के मौके पर राजस्थान में पर्यटकों और आम जनता को भारतीय संस्कृति तथा धरोहरों से रूबरू कराने के लिए सभी ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों को खोल दिया गया है। इसके विपरीत, झालावाड़ जिला मुख्यालय पर स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर 'भवानी नाट्यशाला' आज सरकार और प्रशासन की घोर अनदेखी के चलते बदहाली और दुर्दशा का शिकार हो रही है। ओपेरा शैली में निर्मित यह ऐतिहासिक नाट्यशाला पूरे उत्तर भारत में अपनी खास पहचान के लिए प्रसिद्ध है, जहां अतीत में कई प्रसिद्ध नाटक खेले जा चुके हैं। इसकी स्थापना महाराज राणा भवानी सिंह ने 16 जुलाई 1921 को की थी। हालांकि इस ऐतिहासिक भवानी नाट्यशाला का स्थापना दिवस भी आयोजित किया गया, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह अनूठी धरोहर आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने को मजबूर है।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद कस्बे में स्थित स्टेडियम में भस्त्रिका प्राणायाम किया गया।1
- वार्ड नंबर 125 में स्थित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यालय से दो कारतूस बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कार्यालय की देखरेख घनश्री बाग के करीबी करुण दास करते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों कारतूसों को जब्त कर लिया है और इस कार्यालय को सील कर दिया गया है।1