गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र स्थित कलवा नदी के पास रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान कोदईबांक-सिरसिया निवासी 11 वर्षीय अमित मुर्मू और बार्नेस मुर्मू के रूप में हुई है। घटना के समय अमित मुर्मू, बार्नेस मुर्मू, अजय मुर्मू और विकास हेमब्रम दो साइकिलों पर सवार होकर तिसरी चौक से फुटबॉल खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे अमित और बार्नेस बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक चालक अपनी गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। दुर्घटना के बाद वहां से गुजर रहे समाजसेवी मदन यादव ने तुरंत तिसरी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अपनी वैन से अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर जैनेन्द्र ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह रेफर कर दिया। तिसरी पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र स्थित कलवा नदी के पास रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान कोदईबांक-सिरसिया निवासी 11 वर्षीय अमित मुर्मू और बार्नेस मुर्मू के रूप में हुई है। घटना के समय
अमित मुर्मू, बार्नेस मुर्मू, अजय मुर्मू और विकास हेमब्रम दो साइकिलों पर सवार होकर तिसरी चौक से फुटबॉल खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे अमित और बार्नेस बुरी
तरह घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक चालक अपनी गाड़ी मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। दुर्घटना के बाद वहां से गुजर रहे समाजसेवी मदन यादव ने तुरंत तिसरी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अपनी वैन से
अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर जैनेन्द्र ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह रेफर कर दिया। तिसरी पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
- कोडरमा के सतगावां प्रखंड अंतर्गत राजावर पंचायत के तिलकआडीह गांव निवासी कारु राजवंशी (पिता बंशी राजवंशी) का परिवार आज भी पक्का घर न होने के कारण जंगल में मराई (झोपड़ीनुमा आश्रय) बनाकर रहने को मजबूर है। बरसात, गर्मी और ठंड के मौसम में भी यह परिवार इसी अस्थायी आश्रय में जीवन यापन कर रहा है। कारु राजवंशी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के लिए कई बार आवेदन दिया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला और किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उनके परिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी समुचित लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। मामले में मुखिया प्रतिनिधि नंदे लाल साब का कहना है कि कारु राजवंशी का नाम आवास योजना की सूची में दर्ज है और नियमानुसार उन्हें आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार द्वारा बेघर परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास देने के दावों के बीच अब देखना यह है कि इस परिवार को योजना का लाभ कब तक मिलता है, जबकि स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द आवास स्वीकृत करने की मांग की है।1
- कारगिल विजय दिवस के अवसर पर बिहार के जमुई स्थित सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया और शहीद सैनिकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस आयोजन के माध्यम से लगभग 50 यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके जरिए युवाओं ने समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। शिविर के आयोजन से पहले आयोजकों ने जमुई के सिविल सर्जन से मुलाकात कर तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान शिविर प्रभारी रौशन सिंह, संस्थान के सचिव सुमन सौरभ और सौरभ मिश्रा उपस्थित रहे। संस्थान के सचिव सुमन सौरभ ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि रक्तदान जैसे महादान के माध्यम से दी जा सकती है, जिससे जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सके।1
- बाबा भोलेनाथ के देवघर स्थित प्रांगण का दृश्य और पंडा बाबा के साथ की गई खास बातचीत पेश की गई है। इसमें परिसर की झलक दिखाने के साथ-साथ पंडा बाबा से हुई विशेष चर्चा को साझा किया गया है।1
- चंदवारा प्रखंड के थाम पंचायत स्थित गायत्री पीठ शक्तिधाम और आरागारो पंचायत के जोगी हाई स्कूल में आगामी 10 अगस्त को आयोजित होने वाली कांवड़ पदयात्रा की तैयारियों को लेकर अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। थाम पंचायत की बैठक में कांवड़ पदयात्रा के सफल आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर 10 अगस्त के कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग देने की शपथ ली। बैठक में मौजूद श्रद्धालुओं ने "बोल बम" के जयघोष के साथ अपनी शिवभक्ति का उत्साह प्रकट किया। वहीं, आरागारो पंचायत के जोगी हाई स्कूल में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पंचायत के सभी शिवभक्त बढ़-चढ़कर पदयात्रा में भाग लेंगे। बैठक में आयोजन को भव्य रूप देने, श्रद्धालुओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और तन-मन से सहयोग करने पर चर्चा की गई।2
- कोडरमा जिले के सुदूरवर्ती राजावर पंचायत स्थित रेंगैनियां गांव में पिछले एक महीने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे पढ़ाई, सिंचाई, रोशनी और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हैं। पिछले मंगलवार को काफी प्रयास के बाद गांव में नया ट्रांसफार्मर पहुंचाया गया था, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद इसे चालू नहीं किया गया है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि संबंधित बिजली मिस्त्री ट्रांसफार्मर चालू करने के लिए बार-बार पैसे की मांग कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी मिस्त्री की मांग पर कुछ राशि दे चुके हैं, लेकिन अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बार-बार अतिरिक्त पैसे देने में असमर्थ हैं। गांव में बिजली संकट के कारण बच्चे पेयजल के लिए लगाए गए सोलर सिस्टम से अपने मोबाइल फोन चार्ज करने को मजबूर हैं। रात के समय पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है और अनहोनी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सिंचाई और घरेलू बिजली की अधिक खपत होने के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है, जिससे कम क्षमता का ट्रांसफार्मर बार-बार जल जाता है। इसलिए वे लंबे समय से अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कोडरमा के सांसद, स्थानीय विधायक और बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से अविलंब बिजली आपूर्ति बहाल करने व अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उपायुक्त से मांग की है कि यदि अवैध रूप से पैसे मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। शीघ्र समाधान न होने पर ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस दौरान मनोज राय, राजेंद्र राय, रामचंद्र राय, दिनेश राय, महेश राय, भोला चौधरी, लाल कुमार, अमित राय, परमेश्वर राय, गीता देवी, मानती देवी, रिंकी देवी, बबीता देवी, ललिता देवी और रिंकू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
- कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन चोरी होने के बाद एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया। अज्ञात साइबर अपराधियों ने पीड़ित के पंजाब नेशनल बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब ₹47 हजार की अवैध निकासी कर ली। पीड़ित रणजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि 2 जुलाई को उनका मोबाइल फोन खो गया था, जिसके बाद 29 जुलाई को उनके बैंक खाते से यह राशि निकाल ली गई। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने तुरंत बैंक अधिकारियों को सूचित किया, साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और तिलैया थाने में मामला दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर साइबर अपराधियों की पहचान करने, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।1
- नवादा जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में आपो ठाकुर के पास सकरी नदी में रविवार को 12 वर्षीय निक्की कुमार की डूबने से मौत हो गई। निक्की, गोविंदपुर डीह निवासी शिक्षक अवधेश कुमार भारती का पुत्र था। वह अपने तीन दोस्तों के साथ नदी की ओर गया था। चारों बच्चों के पानी में उतरते ही अचानक दो बच्चे डूबने लगे, जिसके बाद साथ मौजूद बच्चों ने हिम्मत दिखाते हुए एक बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन निक्की गहरे पानी में लापता हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निक्की को नदी के गहरे गड्ढे से बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोविंदपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल, नवादा रेफर किया गया। हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथ गए बच्चों द्वारा सूचना दिए जाने पर गोविंदपुर थानाध्यक्ष विजय कुमार एवं एएसआई ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक की मां सिल्लू भारती और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सकरी नदी में बालू खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं, जो ऐसे हादसों का कारण बन रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बालू खनन पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए और नदी में बने खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1