छत्तीसगढ़ के बस्तर के घने जंगलों से आई यह तस्वीर सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि बदलाव की एक सजीव कहानी है। परतापुर थाना प्रभारी रामेश्वर चतुर्वेदी का वह वीडियो, जिसमें वे आत्मसमर्पण करने वाले हार्डकोर नक्सलियों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे हैं, यह दृश्य एक गहरी मिसाल बन गया है। जिन हाथों में कभी बंदूक थी, आज वही हाथ थाली थामे हुए हैं… और सामने खाकी वर्दी में बैठा एक अधिकारी उन्हें अपनेपन से खाना परोस रहा है। यह दृश्य बताता है कि हर भटका हुआ इंसान लौट सकता है, बस उसे एक मौका और अपनापन चाहिए। थाना प्रभारी ने सिर्फ कानून का पालन नहीं किया, बल्कि दिल से इंसानियत निभाई। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद जंगल में ही प्रेमपूर्वक भोजन कराना, यह दिखाता है कि पुलिस सिर्फ सख्ती का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और विश्वास की भी पहचान है। यह पहल उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो अब भी भटकाव के रास्ते पर हैं — कि मुख्यधारा में लौटने पर उन्हें ठुकराया नहीं जाएगा, बल्कि खुले दिल से अपनाया जाएगा। यह दृश्य हमें सिखाता है कि बदलाव बंदूक से नहीं, भरोसे और प्यार से आता है। बस्तर के जंगलों में आज सिर्फ सन्नाटा नहीं, बल्कि उम्मीद की एक नई आवाज गूंज रही है — एक ऐसी आवाज, जो कहती है कि हर अंधेरे के बाद उजाला जरूर होता है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर के घने जंगलों से आई यह तस्वीर सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि बदलाव की एक सजीव कहानी है। परतापुर थाना प्रभारी रामेश्वर चतुर्वेदी का वह वीडियो, जिसमें वे आत्मसमर्पण करने वाले हार्डकोर नक्सलियों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे हैं, यह दृश्य एक गहरी मिसाल बन गया है। जिन हाथों में कभी बंदूक थी, आज वही हाथ थाली थामे हुए हैं… और सामने खाकी वर्दी में बैठा एक अधिकारी उन्हें अपनेपन से खाना परोस रहा है। यह दृश्य बताता है कि हर भटका हुआ इंसान लौट सकता है, बस उसे एक मौका और अपनापन चाहिए। थाना प्रभारी ने सिर्फ कानून का पालन नहीं किया, बल्कि दिल से इंसानियत निभाई। आत्मसमर्पण के तुरंत बाद जंगल में ही प्रेमपूर्वक भोजन कराना, यह दिखाता है कि पुलिस सिर्फ सख्ती का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और विश्वास की भी पहचान है। यह पहल उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो अब भी भटकाव के रास्ते पर हैं — कि मुख्यधारा में लौटने पर उन्हें ठुकराया नहीं जाएगा, बल्कि खुले दिल से अपनाया जाएगा। यह दृश्य हमें सिखाता है कि बदलाव बंदूक से नहीं, भरोसे और प्यार से आता है। बस्तर के जंगलों में आज सिर्फ सन्नाटा नहीं, बल्कि उम्मीद की एक नई आवाज गूंज रही है — एक ऐसी आवाज, जो कहती है कि हर अंधेरे के बाद उजाला जरूर होता है।
- User7582Bastar, Chhattisgarh🤝13 hrs ago
- User7582Bastar, Chhattisgarh👏13 hrs ago
- Post by Ashish parihar Parihar1
- संस्कारधानी राजनांदगांव में रामनवमी का पर्व इस बार विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया, जहां आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर ओर “जय श्री राम” के जयघोष गूंजते रहे। रामनवमी के पावन अवसर पर यह ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर के महावीर चौक से प्रारंभ हुई। यहां भगवान सियारामचंद्र जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। सजे-धजे रथों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के भजनों और जयकारों से माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना रहे थे। हर गली और चौक में लोगों ने यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा और आरती के साथ किया। यह भव्य यात्रा जी.ई. रोड स्थित श्री हनुमानजी मंदिर प्रांगण पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद सभी भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। इस आयोजन में गुजरात समाज के प्रमुख जन, जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू सहित सर्व समाज के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान “जय श्री राम” के गगनभेदी जयघोष ने पूरे शहर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दे गया।1
- छतीसगढ़ में 1 अप्रेल 2026 से नई सालिंड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू हो रही है, जिसके तहत शादी, जन्मदिन या किसी भी निजी समारोह में 100 से अधिक मेहमान बुलाने पर स्थानीय नगर निगम या पालिका को 3 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा| बिना सूचना के 100 ज्यादा लोग बुलाने पर जु्माना लग सकता है|1
- आरंग में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ — मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल सराहनीय आरंग। क्षेत्रीय विकास और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध करते हुए माननीय कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने जन्मदिन के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए “निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर” का आयोजन किया। यह शिविर आरंग स्थित पीएम श्री अरुंधती देवी शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर मंत्री श्री साहेब ने कहा कि “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है” और हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके। इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन क्योरबे एवं श्री नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से किया गया, जिसमें अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में बी.पी. (ब्लड प्रेशर), शुगर (मधुमेह), ईसीजी सहित विभिन्न प्रकार की आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। इसके अलावा विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां भी प्रदान की गईं। सुबह से ही शिविर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। आरंग क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस शिविर का लाभ लेने पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि ऐसे शिविर उनके लिए बहुत मददगार साबित होते हैं, क्योंकि उन्हें बड़े शहरों तक जाकर महंगे इलाज कराने में कठिनाई होती है। यहां उन्हें एक ही स्थान पर जांच, परामर्श और दवाइयां सब कुछ निःशुल्क मिल गया। शिविर में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। खासतौर पर बुजुर्गों के लिए यह शिविर काफी राहतभरा साबित हुआ, क्योंकि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा आसानी से मिल गई। कई लोगों को प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी का पता चला, जिससे उन्हें समय रहते उपचार शुरू करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब स्वयं शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का भी उत्साहवर्धन किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा में लगे सभी लोगों का यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है। शिविर में उपस्थित नागरिकों ने मंत्री जी के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से आम जनता को सीधा लाभ मिलता है और यह जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कई लोगों ने यह भी मांग की कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शिविर में सैकड़ों मरीजों का पंजीयन किया गया और सभी को व्यवस्थित तरीके से सेवाएं प्रदान की गईं। पूरे आयोजन में स्वच्छता, व्यवस्था और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने लोगों को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री साहेब ने सभी सहयोगी संस्थाओं, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। कुल मिलाकर यह स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बना, बल्कि यह जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी साबित हुआ। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की इस पहल ने यह संदेश दिया कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।1
- घोटवानी में गूंजा वैदिक मंत्रों का स्वर, तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ से बनेगा सकारात्मक माहौल लोकेशन - धमधा हेमंत उमरे - दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम घोटवानी इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर है। यहां बजरंग चौक में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। आयोजन की शुरुआत कल भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। आज दूसरे दिन पंच कुंडी गायत्री महायज्ञ विधिवत प्रारंभ हो चुका है। यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया है। यह आयोजन गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में ग्राम घोटवानी द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य बलदाऊ साहू ने बताया कि ऐसे यज्ञों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को नशा एवं कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज कई सामाजिक बुराइयों की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को सही दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन के अंतिम दिन कल संध्या समय महाप्रसादी वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। ग्रामीणों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और पूरा गांव एक धार्मिक उत्सव के रूप में इस महायज्ञ को मना रहा1
- तिल्दा नेवरा से इस वाक्ता बडी खबर सासाहोली से संकरा सडक निर्माण कार्य का मामला सामने आया है। सासाहोली से संकरा मार्ग सडक निर्माण कार्य कछुआ की चल चल ही है। जिससे मार्ग मे आने जाने वाले लोगो को दिक्क़तो का समाना करना पडता है। इसी मार्ग मे कारखाने होने से भारी वाहनों का रेला लगा रहता है जिससे धूलो के अबार उडते रहते है। एक सायकिल सावार मजदूर ने नाम नहीं छपने के शर्त पर बताया की तेज रफ्तार भारी वाहन से धूल के साथ छोटी बडी पथ्थर के टुकड़े पडने से उसे गंभीर चोट आई है नहीं पानी का छिडकाव होता है और नहीं सही गुणवत्ता का मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है लाखों रूपये की लगत से हो रहे निर्माण कार्य आखिर किसके भेट चड रही है2
- नारायणपुर के पुराना बस स्टैंड स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर प्रांगण में आगामी 2 अप्रैल को मनाए जाने वाले हनुमान जन्मोत्सव को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों ने इस वर्ष भी उत्सव को भव्य और आकर्षक तरीके से मनाने का निर्णय लिया। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने विगत वर्ष आयोजित हनुमान जन्मोत्सव की सफलता को याद करते हुए इस बार आयोजन को और अधिक भव्य बनाने पर जोर दिया। खासतौर पर पिछले वर्ष अघोरी मंडली के नृत्य ने जिलेवासियों के बीच खास उत्साह और आकर्षण पैदा किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी अघोरी मंडली को आमंत्रित कर और भी आकर्षक प्रस्तुति देने की योजना बनाई गई है। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 2 अप्रैल की सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। सबसे पहले भगवान हनुमान की मूर्ति का विधिवत स्नान कराया जाएगा, इसके बाद विशेष श्रृंगार कर उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाएंगे। इसके पश्चात पूजा-अर्चना, सुबह की आरती, हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद दोपहर एवं शाम के समय भव्य झांकी और नगर रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अघोरी मंडली की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। इसके अलावा, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मंदिर परिसर के सामने विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही जिले के युवाओं से भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की गई है। नारायणपुर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर इस बार विशेष उत्साह और तैयारी देखने को मिल रही है। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुति और सामाजिक सहभागिता का यह संगम एक बार फिर जिलेवासियों के लिए यादगार बनने की ओर अग्रसर है।1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- छत्तीसगढ़ बालोद। शहर के रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में सट्टा नंबर लिखने को लेकर हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मारपीट में बुरी तरह घायल युवक चूरामन साहू ने कथित तौर पर जहर सेवन कर आत्महत्या की कोशिश कर ली। जानकारी के अनुसार, चूरामन साहू सट्टा नंबर लिखाने के लिए रेलवे कॉलोनी स्थित नजीर खान और फैज खान की दुकान पहुंचा था। यहां दोनों पक्षों के बीच सट्टा लिखने को लेकर तीखा विवाद हो गया, जो गाली-गलौज और फिर जमकर मारपीट में बदल गया। आरोप है कि नजीर खान और फैज खान ने अपने परिजनों के साथ मिलकर युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी। इस हमले में युवक के नाक समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल चूरामन साहू ने खुद का वीडियो बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन आरोपियों की शिकायत पर युवक के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज कर लिया गया। मामला तब और बिगड़ गया जब मारपीट और पुलिस कार्रवाई से आहत युवक ने जहर खा लिया। उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे युवक इस कदम तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। **ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। छोटे-छोटे विवादों को तुरंत सुलझाने और कानून का सहारा लेने से कई अनहोनी घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन से अपील है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बना रहे।1