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संस्कारधानी में रामनवमी की धूम: राजनांदगांव में निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा, 'जय श्री राम' के जयघोष से गूँजा शहर! संस्कारधानी राजनांदगांव में रामनवमी का पर्व इस बार विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया, जहां आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर ओर “जय श्री राम” के जयघोष गूंजते रहे। रामनवमी के पावन अवसर पर यह ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर के महावीर चौक से प्रारंभ हुई। यहां भगवान सियारामचंद्र जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। सजे-धजे रथों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के भजनों और जयकारों से माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना रहे थे। हर गली और चौक में लोगों ने यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा और आरती के साथ किया। यह भव्य यात्रा जी.ई. रोड स्थित श्री हनुमानजी मंदिर प्रांगण पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद सभी भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। इस आयोजन में गुजरात समाज के प्रमुख जन, जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू सहित सर्व समाज के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान “जय श्री राम” के गगनभेदी जयघोष ने पूरे शहर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दे गया।

1 hr ago
user_YOGESH KUAMR SAHU
YOGESH KUAMR SAHU
News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

संस्कारधानी में रामनवमी की धूम: राजनांदगांव में निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा, 'जय श्री राम' के जयघोष से गूँजा शहर! संस्कारधानी राजनांदगांव में रामनवमी का पर्व इस बार विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया, जहां आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर ओर “जय श्री राम” के जयघोष गूंजते रहे। रामनवमी के पावन अवसर पर यह ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर के महावीर चौक से प्रारंभ हुई। यहां भगवान सियारामचंद्र जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। सजे-धजे रथों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के भजनों और जयकारों से माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना रहे थे। हर गली और चौक में लोगों ने यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा और आरती के साथ किया। यह भव्य यात्रा जी.ई. रोड स्थित श्री हनुमानजी मंदिर प्रांगण पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद सभी भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। इस आयोजन में गुजरात समाज के प्रमुख जन, जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू सहित सर्व समाज के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान “जय श्री राम” के गगनभेदी जयघोष ने पूरे शहर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दे गया।

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  • संस्कारधानी राजनांदगांव में रामनवमी का पर्व इस बार विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया, जहां आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर ओर “जय श्री राम” के जयघोष गूंजते रहे। रामनवमी के पावन अवसर पर यह ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर के महावीर चौक से प्रारंभ हुई। यहां भगवान सियारामचंद्र जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। सजे-धजे रथों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के भजनों और जयकारों से माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना रहे थे। हर गली और चौक में लोगों ने यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा और आरती के साथ किया। यह भव्य यात्रा जी.ई. रोड स्थित श्री हनुमानजी मंदिर प्रांगण पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद सभी भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया। इस आयोजन में गुजरात समाज के प्रमुख जन, जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू सहित सर्व समाज के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान “जय श्री राम” के गगनभेदी जयघोष ने पूरे शहर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दे गया।
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    संस्कारधानी राजनांदगांव में रामनवमी का पर्व इस बार विशेष उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया, जहां आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर ओर “जय श्री राम” के जयघोष गूंजते रहे।
रामनवमी के पावन अवसर पर यह ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर के महावीर चौक से प्रारंभ हुई। यहां भगवान सियारामचंद्र जी की विधिवत पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। सजे-धजे रथों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी।
शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के भजनों और जयकारों से माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना रहे थे। हर गली और चौक में लोगों ने यात्रा का स्वागत पुष्प वर्षा और आरती के साथ किया।
यह भव्य यात्रा जी.ई. रोड स्थित श्री हनुमानजी मंदिर प्रांगण पहुंचकर सम्पन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद सभी भक्तों के बीच प्रसादी का वितरण किया गया।
इस आयोजन में गुजरात समाज के प्रमुख जन, जिला साहू संघ के अध्यक्ष भागवत साहू सहित सर्व समाज के गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। साथ ही पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन के दौरान “जय श्री राम” के गगनभेदी जयघोष ने पूरे शहर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी दे गया।
    user_YOGESH KUAMR SAHU
    YOGESH KUAMR SAHU
    News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • Post by Ashish parihar Parihar
    1
    Post by Ashish parihar Parihar
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार Kanker, Chhattisgarh•
    15 hrs ago
  • घोटवानी में गूंजा वैदिक मंत्रों का स्वर, तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ से बनेगा सकारात्मक माहौल लोकेशन - धमधा हेमंत उमरे - दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम घोटवानी इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर है। यहां बजरंग चौक में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। आयोजन की शुरुआत कल भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। आज दूसरे दिन पंच कुंडी गायत्री महायज्ञ विधिवत प्रारंभ हो चुका है। यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया है। यह आयोजन गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में ग्राम घोटवानी द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य बलदाऊ साहू ने बताया कि ऐसे यज्ञों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को नशा एवं कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज कई सामाजिक बुराइयों की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को सही दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन के अंतिम दिन कल संध्या समय महाप्रसादी वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। ग्रामीणों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और पूरा गांव एक धार्मिक उत्सव के रूप में इस महायज्ञ को मना रहा
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    घोटवानी में गूंजा वैदिक मंत्रों का स्वर, तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ से बनेगा सकारात्मक माहौल
लोकेशन - धमधा 
हेमंत उमरे 
- दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम घोटवानी इन दिनों आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर है। यहां बजरंग चौक में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
आयोजन की शुरुआत कल भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली। पूरा वातावरण भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।
आज दूसरे दिन पंच कुंडी गायत्री महायज्ञ विधिवत प्रारंभ हो चुका है। यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया है।
यह आयोजन गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में ग्राम घोटवानी द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य बलदाऊ साहू ने बताया कि ऐसे यज्ञों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को नशा एवं कुरीतियों से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज कई सामाजिक बुराइयों की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को सही दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजन के अंतिम दिन कल संध्या समय महाप्रसादी वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
ग्रामीणों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और पूरा गांव एक धार्मिक उत्सव के रूप में इस महायज्ञ को मना रहा
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • छतीसगढ़ में 1 अप्रेल 2026 से नई सालिंड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू हो रही है, जिसके तहत शादी, जन्मदिन या किसी भी निजी समारोह में 100 से अधिक मेहमान बुलाने पर स्थानीय नगर निगम या पालिका को 3 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा| बिना सूचना के 100 ज्यादा लोग बुलाने पर जु्माना लग सकता है|
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    छतीसगढ़ में 1 अप्रेल 2026 से नई सालिंड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू हो रही है, जिसके तहत शादी, जन्मदिन या किसी भी निजी समारोह में 100 से अधिक मेहमान बुलाने पर स्थानीय नगर निगम या पालिका को 3 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा| बिना सूचना के 100 ज्यादा लोग बुलाने पर जु्माना लग सकता है|
    user_Sooraj singh
    Sooraj singh
    Student Raipur, Chhattisgarh•
    3 hrs ago
  • आरंग में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ — मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल सराहनीय आरंग। क्षेत्रीय विकास और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध करते हुए माननीय कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने जन्मदिन के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए “निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर” का आयोजन किया। यह शिविर आरंग स्थित पीएम श्री अरुंधती देवी शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस अवसर पर मंत्री श्री साहेब ने कहा कि “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है” और हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके। इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन क्योरबे एवं श्री नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से किया गया, जिसमें अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में बी.पी. (ब्लड प्रेशर), शुगर (मधुमेह), ईसीजी सहित विभिन्न प्रकार की आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। इसके अलावा विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां भी प्रदान की गईं। सुबह से ही शिविर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। आरंग क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस शिविर का लाभ लेने पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि ऐसे शिविर उनके लिए बहुत मददगार साबित होते हैं, क्योंकि उन्हें बड़े शहरों तक जाकर महंगे इलाज कराने में कठिनाई होती है। यहां उन्हें एक ही स्थान पर जांच, परामर्श और दवाइयां सब कुछ निःशुल्क मिल गया। शिविर में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। खासतौर पर बुजुर्गों के लिए यह शिविर काफी राहतभरा साबित हुआ, क्योंकि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा आसानी से मिल गई। कई लोगों को प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी का पता चला, जिससे उन्हें समय रहते उपचार शुरू करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब स्वयं शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का भी उत्साहवर्धन किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा में लगे सभी लोगों का यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है। शिविर में उपस्थित नागरिकों ने मंत्री जी के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से आम जनता को सीधा लाभ मिलता है और यह जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कई लोगों ने यह भी मांग की कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शिविर में सैकड़ों मरीजों का पंजीयन किया गया और सभी को व्यवस्थित तरीके से सेवाएं प्रदान की गईं। पूरे आयोजन में स्वच्छता, व्यवस्था और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने लोगों को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री साहेब ने सभी सहयोगी संस्थाओं, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। कुल मिलाकर यह स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बना, बल्कि यह जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी साबित हुआ। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की इस पहल ने यह संदेश दिया कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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    आरंग में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ — मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल सराहनीय
आरंग। क्षेत्रीय विकास और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर सिद्ध करते हुए माननीय कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने जन्मदिन के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल करते हुए “निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा शिविर” का आयोजन किया। यह शिविर आरंग स्थित पीएम श्री अरुंधती देवी शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
इस अवसर पर मंत्री श्री साहेब ने कहा कि “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है” और हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार मिल सके।
इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन क्योरबे एवं श्री नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से किया गया, जिसमें अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में बी.पी. (ब्लड प्रेशर), शुगर (मधुमेह), ईसीजी सहित विभिन्न प्रकार की आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। इसके अलावा विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां भी प्रदान की गईं।
सुबह से ही शिविर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। आरंग क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस शिविर का लाभ लेने पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि ऐसे शिविर उनके लिए बहुत मददगार साबित होते हैं, क्योंकि उन्हें बड़े शहरों तक जाकर महंगे इलाज कराने में कठिनाई होती है। यहां उन्हें एक ही स्थान पर जांच, परामर्श और दवाइयां सब कुछ निःशुल्क मिल गया।
शिविर में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। खासतौर पर बुजुर्गों के लिए यह शिविर काफी राहतभरा साबित हुआ, क्योंकि उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा आसानी से मिल गई। कई लोगों को प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी का पता चला, जिससे उन्हें समय रहते उपचार शुरू करने की सलाह दी गई।
इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब स्वयं शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का भी उत्साहवर्धन किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सेवा में लगे सभी लोगों का यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है।
शिविर में उपस्थित नागरिकों ने मंत्री जी के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से आम जनता को सीधा लाभ मिलता है और यह जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। कई लोगों ने यह भी मांग की कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शिविर में सैकड़ों मरीजों का पंजीयन किया गया और सभी को व्यवस्थित तरीके से सेवाएं प्रदान की गईं। पूरे आयोजन में स्वच्छता, व्यवस्था और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने लोगों को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री साहेब ने सभी सहयोगी संस्थाओं, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।
कुल मिलाकर यह स्वास्थ्य शिविर न केवल चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बना, बल्कि यह जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी साबित हुआ। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की इस पहल ने यह संदेश दिया कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
    user_Srijanbhoominews
    Srijanbhoominews
    औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल को ज्ञापन, पुनर्विचार की मांग बलरामपुर, बलरामपुर जिले में भारत मुक्ति मोर्चा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित “छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026” पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में राज्यपाल से विधेयक को सहमति न देने तथा पुनर्विचार के लिए विधानसभा को वापस भेजने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 में लागू है, जिसमें छल, बल या प्रलोभन से धर्मांतरण रोकने का प्रावधान मौजूद है। ऐसे में नए कानून की आवश्यकता पर प्रश्न उठाया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान कानून का कई मामलों में दुरुपयोग हुआ है, जिससे धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध निराधार एफआईआर, गिरफ्तारी, सामाजिक बहिष्कार और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित नए विधेयक में सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास, नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं ओबीसी वर्ग से जुड़े मामलों में 10 से 20 वर्ष की सजा, 10 से 25 लाख रुपये तक जुर्माना तथा अपराध को गैर-जमानती बनाए जाने जैसे कठोर प्रावधान शामिल हैं। साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों को भी कानून के दायरे में शामिल किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की शक्तियां अत्यधिक बढ़ जाएंगी, जिससे दुरुपयोग की आशंका बढ़ सकती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधेयक में झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ दंड का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे कानून के दुरुपयोग की संभावना और बढ़ जाती है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता प्रतीत होता है, क्योंकि धर्म परिवर्तन व्यक्ति की अंतःकरण की स्वतंत्रता का हिस्सा है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि वर्तमान कानून के तहत अब तक किसी भी मामले में “बल, छल या प्रलोभन” से धर्मांतरण सिद्ध नहीं हुआ है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कानून का उपयोग न्याय से अधिक अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। ज्ञापन में ‘प्रलोभन’ जैसे शब्दों की अस्पष्ट परिभाषा पर भी आपत्ति जताई गई है। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई है कि विधेयक को पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटाया जाए, वर्तमान और प्रस्तावित कानून की व्यापक समीक्षा कराई जाए, जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि, नागरिक समाज, मानवाधिकार संगठन और कानून विशेषज्ञ शामिल हों। साथ ही राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई है। ज्ञापन के अंत में कहा गया है कि यदि इस मामले में उचित समाधान नहीं निकला तो जनहित याचिका के माध्यम से उच्चतम न्यायालय में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की जाएगी तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी संगठन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नई दिल्ली धरमू एक्का ने इस काला कानून के बारे में विस्तृत रूप से लोगों को समझाएं, भारत मुक्ति मोर्चा बलरामपुर जिला संयोजक अमिन साय एक्का, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद बलरामपुर जिला संयोजक अनिल खलखो, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा बलरामपुर जिला संयोजक घूरन यादव, राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा बलरामपुर जिला संयोजक रंजीत बड़ा, मिखाई एक्का इस काला कानून बिल का जोरदार विरोध किया, सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने समर्थन दिया साथ बलरामपुर जिले से भारी संख्या में भाग लिया इस कार्य क्रमसंपन्न किया गया।
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    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल को ज्ञापन, पुनर्विचार की मांग
बलरामपुर, बलरामपुर जिले में भारत मुक्ति मोर्चा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित “छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026” पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में राज्यपाल से विधेयक को सहमति न देने तथा पुनर्विचार के लिए विधानसभा को वापस भेजने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 में लागू है, जिसमें छल, बल या प्रलोभन से धर्मांतरण रोकने का प्रावधान मौजूद है। ऐसे में नए कानून की आवश्यकता पर प्रश्न उठाया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान कानून का कई मामलों में दुरुपयोग हुआ है, जिससे धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध निराधार एफआईआर, गिरफ्तारी, सामाजिक बहिष्कार और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आई हैं।
ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित नए विधेयक में सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास, नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं ओबीसी वर्ग से जुड़े मामलों में 10 से 20 वर्ष की सजा, 10 से 25 लाख रुपये तक जुर्माना तथा अपराध को गैर-जमानती बनाए जाने जैसे कठोर प्रावधान शामिल हैं। साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों को भी कानून के दायरे में शामिल किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि इससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की शक्तियां अत्यधिक बढ़ जाएंगी, जिससे दुरुपयोग की आशंका बढ़ सकती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधेयक में झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ दंड का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे कानून के दुरुपयोग की संभावना और बढ़ जाती है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 25 में प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता प्रतीत होता है, क्योंकि धर्म परिवर्तन व्यक्ति की अंतःकरण की स्वतंत्रता का हिस्सा है।
ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि वर्तमान कानून के तहत अब तक किसी भी मामले में “बल, छल या प्रलोभन” से धर्मांतरण सिद्ध नहीं हुआ है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कानून का उपयोग न्याय से अधिक अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। ज्ञापन में ‘प्रलोभन’ जैसे शब्दों की अस्पष्ट परिभाषा पर भी आपत्ति जताई गई है।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से मांग की गई है कि विधेयक को पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटाया जाए, वर्तमान और प्रस्तावित कानून की व्यापक समीक्षा कराई जाए, जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि, नागरिक समाज, मानवाधिकार संगठन और कानून विशेषज्ञ शामिल हों। साथ ही राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन के अंत में कहा गया है कि यदि इस मामले में उचित समाधान नहीं निकला तो जनहित याचिका के माध्यम से उच्चतम न्यायालय में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की जाएगी तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी संगठन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नई दिल्ली धरमू एक्का ने इस काला कानून के बारे में विस्तृत रूप से लोगों को समझाएं, भारत मुक्ति मोर्चा बलरामपुर जिला संयोजक अमिन साय एक्का, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद बलरामपुर जिला संयोजक अनिल खलखो, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा बलरामपुर जिला संयोजक घूरन यादव, राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा बलरामपुर जिला संयोजक रंजीत बड़ा, मिखाई एक्का इस काला कानून बिल का जोरदार विरोध किया, सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने समर्थन दिया साथ बलरामपुर जिले से भारी संख्या में भाग लिया इस  कार्य क्रमसंपन्न किया गया।
    user_ANIL XALXO
    ANIL XALXO
    Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    34 min ago
  • Post by सतभक्ति संदेश
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    Post by सतभक्ति संदेश
    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ बालोद। शहर के रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में सट्टा नंबर लिखने को लेकर हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मारपीट में बुरी तरह घायल युवक चूरामन साहू ने कथित तौर पर जहर सेवन कर आत्महत्या की कोशिश कर ली। जानकारी के अनुसार, चूरामन साहू सट्टा नंबर लिखाने के लिए रेलवे कॉलोनी स्थित नजीर खान और फैज खान की दुकान पहुंचा था। यहां दोनों पक्षों के बीच सट्टा लिखने को लेकर तीखा विवाद हो गया, जो गाली-गलौज और फिर जमकर मारपीट में बदल गया। आरोप है कि नजीर खान और फैज खान ने अपने परिजनों के साथ मिलकर युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी। इस हमले में युवक के नाक समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल चूरामन साहू ने खुद का वीडियो बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन आरोपियों की शिकायत पर युवक के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज कर लिया गया। मामला तब और बिगड़ गया जब मारपीट और पुलिस कार्रवाई से आहत युवक ने जहर खा लिया। उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे युवक इस कदम तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। **ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। छोटे-छोटे विवादों को तुरंत सुलझाने और कानून का सहारा लेने से कई अनहोनी घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन से अपील है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बना रहे।
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    छत्तीसगढ़ बालोद। शहर के रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में सट्टा नंबर लिखने को लेकर हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मारपीट में बुरी तरह घायल युवक चूरामन साहू ने कथित तौर पर जहर सेवन कर आत्महत्या की कोशिश कर ली।
जानकारी के अनुसार, चूरामन साहू सट्टा नंबर लिखाने के लिए रेलवे कॉलोनी स्थित नजीर खान और फैज खान की दुकान पहुंचा था। यहां दोनों पक्षों के बीच सट्टा लिखने को लेकर तीखा विवाद हो गया, जो गाली-गलौज और फिर जमकर मारपीट में बदल गया। आरोप है कि नजीर खान और फैज खान ने अपने परिजनों के साथ मिलकर युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी। इस हमले में युवक के नाक समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद घायल चूरामन साहू ने खुद का वीडियो बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन आरोपियों की शिकायत पर युवक के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज कर लिया गया।
मामला तब और बिगड़ गया जब मारपीट और पुलिस कार्रवाई से आहत युवक ने जहर खा लिया। उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि FIR दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे युवक इस कदम तक पहुंच गया।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
**ऐसी घटनाएं समाज के लिए चेतावनी हैं। छोटे-छोटे विवादों को तुरंत सुलझाने और कानून का सहारा लेने से कई अनहोनी घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन से अपील है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बना रहे।
    user_YOGESH KUAMR SAHU
    YOGESH KUAMR SAHU
    News Anchor बालोद, बालोद, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
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