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6 तारीख की बरसात श्योपुर 🌧️ बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
6 तारीख की बरसात श्योपुर 🌧️ बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
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- बाबा श्याम के जयकारों से गूंजा मंदिर, एकादशी पर हुई भव्य महाआरती सारसोप। एकादशी के पावन पर्व पर कस्बे में श्याम बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। शाम को मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बाबा श्याम का आकर्षक श्रृंगार कर मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से बाबा श्याम की आरती की और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा। आरती में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। मंदिर में देर शाम तक भक्तों का आना-जाना लगा रहा। एकादशी के अवसर पर हुए इस धार्मिक आयोजन से कस्बे का माहौल भक्तिमय हो गया।1
- रणथम्भौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय मेला 12 से 14 सितम्बर तक आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितम्बर को होगा। सवाई माधोपुर, 7 सितम्बर। रणथम्भौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय मेला 12 से 14 सितम्बर तक आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितम्बर को होगा। मेले की अंतिम तैयारियों को लेकर सोमवार को गणेश मंदिर परिसर में जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट काना राम की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी की उपस्थिति में संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई1
- धौलपुर : बागथर गांव के श्मशान घाट में अव्यवस्था, खुले में शव जलाने को मजबूर ग्रामीण धौलपुर (बसेड़ी)। उपखंड बसेड़ी की ग्राम पंचायत बागथर से एक बड़ी समस्या सामने आई है। गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए कोई पक्की व्यवस्था नहीं है। इस वजह से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान घाट में न तो कोई पक्का टिनशेड (टीन की छत) बना है और न ही शवदाह गृह की कोई उचित व्यवस्था है। स्थिति तब और ज्यादा खराब हो जाती है जब बारिश का मौसम होता है। बारिश के दिनों में खुले आसमान के नीचे गीली लकड़ियों के सहारे अंतिम संस्कार करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। कई बार तो ग्रामीणों को त्रिपाल तानकर शव का दाह संस्कार करना पड़ता है। इसके अलावा श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते और वहां पर पीने के पानी की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया है, लेकिन आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बागथर गांव के श्मशान घाट में टिनशेड, पानी की टंकी और पक्के चबूतरे का निर्माण करवाया जाए ताकि लोगों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।1
- सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं पर सवाल! जिम्मदारी किसकी सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 पर बने शौचालयों की स्थिति यात्रियों की सुविधा और रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। सवाल है—हजारों यात्रियों वाले स्टेशन पर शौचालयों की सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या अधिकारियों ने कभी इन शौचालयों की स्थिति का खुद निरीक्षण किया है? रेलवे प्रशासन से मांग नहीं, जवाब और कार्रवाई की उम्मीद है। प्लेटफॉर्म 2 और 3 के शौचालयों का तत्काल निरीक्षण कर यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- डबल इंजन सरकार के विकास की खुली पोल, प्रसूता महिला को चारपाई पर लादकर पुल पार करने को ग्रामीण मजबूर। सबलगढ़ विधानसभा के ग्राम पंचायत बेरखेड़ा के जोंसिल गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है, जो बीजेपी की डबल इंजन सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रही है। ग्रामीण क्षेत्र में ना तो एम्बुलेंस पहुंच पा रही है और ना ही गांव से बाहर निकलने के लिए कोई पुल-पुलिया है। ऐसे में डिलीवरी पीरियड में एक प्रसूता महिला को ग्रामीणों ने चारपाई पर लादकर, जान जोखिम में डालकर पुल के ऊपर से होते हुए अस्पताल ले जाने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक श्रीमती सरला रावत जी और सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर जी ने चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज तक गांव में सड़क, पुल और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं है। आज एक महिला की जान खतरे में है, इसका जिम्मेदार कौन है?1
- चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन ग्राम हरियानगर के ग्रामीणों ने कलेक्टर बालमुकुंद असावा को ज्ञापन सौंपकर चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में करीब 97.12 बीघा चारागाह भूमि पशुओं के चरने और पानी पीने के लिए निर्धारित है, लेकिन दबंगों ने इस पर अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण का विरोध करने पर लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनती है। ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार शाहाबाद को कई बार आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर ने कमेटी बनाकर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।1
- 🙏 जैनी की बावड़ी की पैदल यात्रा का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान 🙏 बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की तरफ से यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के लिए चाय सेवा का आयोजन किया गया। ☕❤️ सभी यात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आपकी यात्रा मंगलमय एवं सफल बनाए। 🙏🚩 बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश ❤️ #श्योपुर #जैनीकीबावड़ी #पैदलयात्रा #चायसेवा #श्रद्धालु #बल्लूटीस्टॉल #मध्यप्रदेश1
- *श्री त्रिनेत्र गणेश मेला-2026 की तैयारियों को अंतिम रूप* *श्री त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला 12 से 14 सितम्बर तक* श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम के निर्देश: जिला कलक्टर सवाई माधोपुर, 7 सितम्बर। रणथम्भौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय मेला 12 से 14 सितम्बर तक आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितम्बर को होगा। मेले की अंतिम तैयारियों को लेकर सोमवार को गणेश मंदिर परिसर में जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट काना राम की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी की उपस्थिति में संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं पुख्ता, सुरक्षित एवं गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बारिश से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए मुख्य हम्मीर किला परिसर स्थित पार्क में वाटरप्रूफ टेंट लगाने के निर्देश मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियों को दिए। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर:- जिला कलक्टर ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बेरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड एवं सुरक्षा गार्ड तैनात कर खण्डार, बोदल एवं उलियाणा की ओर से आने वाले अवैध रास्तों को पूर्णतः बंद रखने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित मार्ग से ही मंदिर पहुंचें। मेला मजिस्ट्रेट, सहायक मेला मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त मेला मजिस्ट्रेटों के बीच समन्वय के लिए वाई-फाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों एवं जलस्रोतों के पास गोताखोर एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात रखने तथा रपट एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। मेले के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी एवं वीडियोग्राफी तथा गणेशधाम तिराहे एवं रणथम्भौर दुर्ग स्थित मंदिर परिसर में 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए। बिजली, पानी, सड़क एवं स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम:- रणथम्भौर दुर्ग, जोगी महल से गणेशधाम तक निर्बाध विद्युत व्यवस्था, साइलेंट जनरेटर, तकनीकी जांच एवं विद्युत कार्मिकों की टीम तैनात रखने के निर्देश दिए। बारिश के दौरान करंट हादसों की रोकथाम के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। बस स्टैंड एवं अधिक यात्री आवागमन वाले क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत तथा गणेशधाम से जोगी महल तक मार्ग को दुरुस्त करने और सड़कों पर बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था के निर्देश भी दिए। मेले में सफाई कर्मियों को रिफ्लेक्टर जैकेट पहनाने, भण्डारा स्थलों एवं मंदिर परिसर में पर्याप्त डस्टबिन रखने तथा अस्थाई एवं मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साफ-सफाई के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 9 जोन में बांटकर सफाई कार्मिकों की तैनाती होगी। रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत रियायत:- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज की अच्छी कंडीशन वाली अतिरिक्त बसें संचालित करने एवं ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार के आदेशानुसार रेलवे स्टेशन से मेला पार्किंग स्थल तक निर्धारित 20 रुपये किराये पर 50 प्रतिशत रियायत के बाद यात्रियों से 10 रुपये किराया लिया जाएगा। इसकी सूचना सभी बसों पर स्पष्ट रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए। प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध, खाद्य सामग्री की होगी जांच:- मेले को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए पॉलिथीन, डिस्पोजल कप-प्लेट, चम्मच, प्लास्टिक के दोने-पत्तल सहित सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खाद्य सामग्री, मिठाई, भण्डारों में प्रयुक्त सामग्री एवं फलों की गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की टीमें सैंपलिंग एवं निरीक्षण करेंगी। ग्राम पंचायत क्षेत्र में ही लगेंगे भण्डारे:- नगरीय निकाय चुनावों के मध्येनजर मेले के दौरान भण्डारे नगर निकाय सीमा से बाहर हेलीपेड से मेन रोड के मध्य स्थित खाली भूमि पर ही लगाए जाएंगे। इसके लिए पंचायत समिति में अनुमति हेतु आवेदन करना होगा। भण्डारे निःशुल्क होंगे, लेकिन प्रति भण्डारा निर्धारित अमानत राशि जमा करनी होगी, जो निर्धारित शर्तों की पूर्ण पालना पर वापस की जाएगी। प्रत्येक भण्डारे पर चार व्यक्तियों को कचरा प्रबंधन के लिए लगाने, डस्टबिन रखने तथा अमानक कप, गिलास, दोने-पॉलिथीन पर प्रतिबंध एवं कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपयोग की शर्तों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्था रहेगी तैनात:- गणेशधाम एवं दुर्ग में चिकित्सकीय टीमें तीन पारियों में चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी तथा आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। किले के नीचे एवं गणेशधाम पर एंबुलेंस तथा नगर परिषद की दमकलें तैनात रहेंगी। सामान्य चिकित्सालय में आपात स्थिति के लिए पर्याप्त बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए। बैठक में उप वन संरक्षक मानस सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश राजोरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मोहित कासनिया, मेला मजिस्ट्रेट गौरव मित्तल , नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया, प्रधान सेवक ट्रस्ट हिमांशु गौतम सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- खंडार : सड़क बदहाल, जिंदगी बेहाल... एंबुलेंस ने छोड़ा साथ तो ट्रैक्टर बना सहारा1