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Sandeep_says
- Jfar AlamJamui, Bihar👏2 hrs ago
More news from Jamui and nearby areas
- Post by Sandeep_says1
- पकरीबरावां: ईदगाह में गूंजी अमन-चैन की दुआ, आपसी सौहार्द के साथ संपन्न हुई ईद की नमाज2
- हुसैनावाद के कर्बला मस्जिद से लाखों का समान चोरी पूजा का चंदी का पंजा व 20 क्विंटल छड़ चुराया दो दिन पहले मस्जिद की दानपेटी से भी हुई थी चोरी शेखपुरा- अरियरी थाना के हुसैनावाद के शिया कर्बला मस्जिद से लाखों का समान चोरी कर लेने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अरियरी थाना में अज्ञात के खिलाफ मुकद्मा दर्ज कराया गया है। स्थानीय ग्रामीण शाह हैदर ने बताया कि ईद की नमाज के बाद लोग अपने पुर्वजों के कब पर इवादत के लिए आये तब मस्जिद का दरबाजा टूटा मिला। छानबीन की गई तो पाया गया कि कर्बला मस्जिद के निर्माण के लिए रखा गया 20 क्विंटल छड, पूजा का चांदी का छह पंजा एवं अन्य कई सामाग्री गायब थी। स्थानीय लोगों ने कहा कि ईद जैसे पर्व में महौल बिगाड़ने के लिए इस तरह की साजिश की जा रही है। गायब सामाग्री की कीमत करीब चार लाख रुपया बताई जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि अभी दो दिन पहले हुसैनावाद के मस्जिद की दानपेटी चोरी की गई है। हुसैनावाद में लगातार महौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अमुमन यह मस्जिद बंद रहता है इसलिए चोरों ने आराम से चोरी की घटना को अंजाम दिया है। थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि चोरी के इस मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी गई है। जल्द ही चोर का पता लगाकर समान की बरामदगी कर ली जायेगी। वाईट - जिसान रिजवी1
- कौन सा इंसान गुलाम है, जानिए BLCP ITS ASHOK SAMRAT के साथ,,1
- तियाय गांव में आयोजित 24 घंटे का रामधुनी यज्ञ शुक्रवार की दोपहर करीब 3 बजे विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे गांव में भक्ति का माहौल बना रहा। यज्ञ के दौरान लगातार 24 घंटे तक रामधुन का जाप किया गया, जिसमें गांव के श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को विधिवत पूजा-अर्चना एवं कलश स्थापना के साथ की गई थी। इसके बाद अखंड रामधुन का सिलसिला शुरू हुआ, जो शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा। यज्ञ स्थल पर भजन-कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन भी किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों से गांव में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। यज्ञ के समापन के अवसर पर पूर्णाहुति दी गई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन आपसी भाईचारे को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन पर आयोजकों एवं श्रद्धालुओं ने संतोष व्यक्त किया।1
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- Post by JHNEWS111
- धूमधाम और परंपरागत तरीके से मनाया गया ईद पर्व, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अदा की नमाज, सादगी से मनाई ईद नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर दी एक-दूसरे को बधाई बड़ी दरगाह स्थित शिया मस्जिद में खास तकरीर, वैश्विक हालात पर जताई चिंता जिलेभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 54 संवेदनशील स्थलों पर पुलिस तैनात शेखपुरा- जिलेभर में शनिवार को ईद का पर्व परंपरागत और धूमधाम भरे माहौल में मनाया गया। मौसम के बदले मिजाज और रिमझिम फुहारों के बीच लोगों ने उत्साह के साथ ईद की नमाज अदा की। इस अवसर पर सभी मस्जिदों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुबह से ही रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोग नमाज के लिए मस्जिदों की ओर जाते नजर आए। ईद को लेकर मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई तथा नमाज के बाद कुरान की आयतों का पाठ किया गया। नमाज के उपरांत लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। वहीं शिया समुदाय के लोगों ने इस बार ईद सादगी के साथ मनाई। उन्होंने अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। बड़ी दरगाह स्थित शिया मस्जिद में आयोजित तकरीर के दौरान मौलाना ने वैश्विक हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी देश पर हमला मानवता पर हमला है और विश्व समुदाय को मानवता की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। इसी के प्रतीक स्वरूप शिया समुदाय के लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। ईद पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिले के 54 संवेदनशील स्थलों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके अलावा शुक्रवार की देर शाम को पूरे जिले में फ्लैग मार्च निकालकर लोगों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाया गया। शहर की विभिन्न मस्जिदों में नमाज के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किए गए थे, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रही। वाईट - मोहम्मद इमरान1