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हडिया तहसील के प्यारेपुर गांव में राजस्व टीम द्वारा अभय नामक व्यक्ति की जमीन का नाप-जोख कर पथरगढ़ी कराई गई है। इस कार्रवाई के तहत जमीन को मापकर उसका सीमांकन किया गया और पत्थरों से चिह्नित कर अलग किया गया।
Sushil kumar patrkar
हडिया तहसील के प्यारेपुर गांव में राजस्व टीम द्वारा अभय नामक व्यक्ति की जमीन का नाप-जोख कर पथरगढ़ी कराई गई है। इस कार्रवाई के तहत जमीन को मापकर उसका सीमांकन किया गया और पत्थरों से चिह्नित कर अलग किया गया।
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- हडिया तहसील के प्यारेपुर गांव में राजस्व टीम द्वारा अभय नामक व्यक्ति की जमीन का नाप-जोख कर पथरगढ़ी कराई गई है। इस कार्रवाई के तहत जमीन को मापकर उसका सीमांकन किया गया और पत्थरों से चिह्नित कर अलग किया गया।2
- प्रयागराज में भीषण गर्मी के बीच पूर्व सैनिकों ने मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। उन्होंने काल्विन क्षेत्र में शरबत वितरण कर लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुँचाई और मानवता का संदेश दिया। इस पहल को डॉक्टरों ने भी सराहा, जिससे पूर्व सैनिकों का हौसला और बढ़ गया। देश की रक्षा के बाद अब ये सैनिक मानवता की सेवा में जुट गए हैं।1
- 7 मोहर्रम के अवसर पर प्रयागराज के बमरौली स्थित छोटी मस्जिद इमामबाड़े से हज़रत अली असगर का झूला पूरे शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत कर करबला के मासूम शहीद हज़रत अली असगर को अपनी अकीदत पेश की। रौशनियों, फूलों और आकर्षक सजावट से सजे इस झूले को पूरे इलाके में ग़म और अकीदत के माहौल में उठाया गया, जहाँ 'या हुसैन' की सदाओं और नौहा ख़्वानी के बीच अज़ादारों ने करबला के दर्दनाक मंजर को याद किया। जुलूस के दौरान, अज़ादारों ने विशेष रूप से करबला के उस क्षण को याद किया जब छह माह के मासूम अली असगर ने प्यास की हालत में शहादत का जाम पिया था; करबला की रिवायतों में यह झूला उन्हीं की याद का प्रतीक माना जाता है। इस कार्यक्रम में अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम दिया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और करबला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए दुआएं कीं। इस बीच, शरबत के साथ तरह-तरह के लंगर भी वितरित किए गए। लोगों ने झूले की सजावट करने वाले हसन रिज़वी की भी भरपूर प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि करबला हमें सब्र, हक़ और इंसाफ़ के लिए डटे रहने का पैग़ाम देती है, जबकि हज़रत अली असगर की शहादत मासूमियत और कुर्बानी की सबसे बड़ी मिसाल है। प्रशासन इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरी तरह मुस्तैद रहा और जुलूस को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े जमीन खरीद विवाद को लेकर ओवैसी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने मोहन यादव का समर्थन सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि वे दोनों यादव समुदाय से आते हैं।1
- प्रयागराज में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, श्री राजा उदय प्रताप सिंह सहित कुल 13 व्यक्तियों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 25 जून की सुबह 05 बजे से लेकर 26 जून की रात 09 बजे तक प्रभावी रहेगा। मौके पर स्थानीय पुलिस बल मौजूद है, और आमजन से शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री बृजनन्दन राय ने भी जानकारी दी है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए नशा मुक्त भारत सप्ताह का समापन 26 जून को सफलतापूर्वक किया गया।1
- प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के बरहा कला गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मंदिर में तोड़फोड़ और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां चोरी होने के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस के सामने ही दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। गुरुवार शाम 6:30 बजे हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह घटना 24 जून, 2026 को सुबह करीब 05:30 बजे हुई थी, जिसकी शिकायत गांव के निवासी बसंत लाल उर्फ राजेश ने पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की और कीमती मूर्तियां चुरा ली थीं। उन्होंने बताया कि तौलन प्रसाद, गीता देवी, आंचल और रीता देवी फावड़ा लेकर मंदिर के सामने पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मंदिर के सामने के खड़ंजा मार्ग और फर्श को तोड़ना शुरू कर दिया। जब बसंत लाल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और गाली-गलौज की गई, जिसके डर से वह अपने घर में घुस गए। इसके बाद आरोपियों ने मंदिर के अंदर रखी लक्ष्मी और गणेश भगवान की मूर्तियां जबरन चुरा लीं। बसंत लाल ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और पुलिस के कुछ समझ पाने से पहले ही उनकी मौजूदगी में जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर भी चले, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बसंत लाल ने अपने मोबाइल से इस घटना का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।1