बैतूल शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट और अनियमित जलापूर्ति के खिलाफ जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए मटके फोड़े। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनता की मूलभूत आवश्यकता 'पानी' को लेकर प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल संकट की समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो उनके आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस प्रवक्ता पारधी जी के साथ, आमला से पूर्व पार्षद रमेश प्रजापति, नितिन सातनकर और महेंद्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैतूल शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट और अनियमित जलापूर्ति के खिलाफ जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए मटके फोड़े। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनता की मूलभूत आवश्यकता 'पानी' को लेकर प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल संकट की समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो उनके आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस प्रवक्ता पारधी जी के साथ, आमला से पूर्व पार्षद रमेश प्रजापति, नितिन सातनकर और महेंद्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- आमला के बस स्टैंड पर आरटीओ ने यात्रियों की बसों पर सख्त कार्रवाई की है। इस दौरान दो अलग-अलग बसों के खिलाफ एक्शन लेते हुए कुल ₹21 हजार का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई में एक बस को जब्त भी किया गया। आरटीओ की इस कार्रवाई से सभी बस संचालकों में हड़कंप मच गया है।2
- अपनी लंबित मांगों को लेकर बैतूल जिले के कोटवारों ने मंगलवार को आमला में एक विशाल जिला स्तरीय मांग अधिवेशन सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, मुलताई, बोरदेही, आमला, बैतूल, भीमपुर और चिचोली सहित जिले की विभिन्न तहसीलों और पांच विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कोटवार शामिल हुए, जिनमें महिला कोटवारों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। आमला क्षेत्र के लगभग 148 कोटवारों सहित जिलेभर से एक सैकड़ा से अधिक कोटवारों ने अपनी समस्याओं और लंबित मांगों पर प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। सम्मेलन के समापन के बाद, जिला कोटवार संघ के नेतृत्व में कोटवारों ने एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया और तहसीलदार रिचा कौरव को एक चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन पर जिला कोटवार संघ अध्यक्ष और जिलेभर के कोटवारों के हस्ताक्षर थे। कोटवार संघ की प्रमुख मांगों में पिछले तीन वर्षों से लंबित बर्दी भत्ता और पूर्व की समस्त बकाया राशि को तुरंत उनके बैंक खातों में जमा कराना, कोटवार नियुक्ति में परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देना और पंचायत प्रस्ताव की अनिवार्यता को समाप्त करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, कोटवार की मृत्यु होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनिवार्य रूप से अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने और सेवानिवृत्ति के बाद कोटवारों के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि फार्मर आईडी नहीं बन पाने के कारण कोटवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, और कई ग्राम पंचायतों में सरपंचों द्वारा मनमानी नियुक्तियां किए जाने के आरोप भी लगाए। कोटवारों ने बताया कि तीन वर्षों से बर्दी भत्ता न मिलने से आर्थिक संकट पैदा हो गया है, जबकि पेंशन व्यवस्था न होने से वृद्धावस्था में असुरक्षा बनी रहती है। उन्होंने सरकार से कोटवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर लक्ष्मीनारायण चन्देलकर, कार्यक्रम खातरकर, भोपाल बामने, संतोष अतुलकर, दिनेश बामने, लखन मालवीय, ऋषि सोमकुवंर, राजु राजुलकर और मधु शरणकर सहित कई कोटवार और पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से एसडीएम और तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त कर मांगों पर उचित कार्रवाई करने और विषय को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कोटवारों ने एकजुट होकर अपनी समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।4
- बैतूल जिले की भैंसदेही पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक कंटेनर से अवैध रूप से परिवहन की जा रही 125 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 4,12,596 रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार जारी प्रयासों का हिस्सा है। घटना 26.05.2026 को थाना भैंसदेही के ग्राम कुकरू स्थित श्मशान घाट के पास सामने आई, जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक सफेद रंग के संदिग्ध वाहन क्रमांक एमएच 40 डीसी 0439 बंद कंटेनर को रोका। कंटेनर की तलाशी लेने पर उसमें 125 पेटी अंग्रेजी शराब पाई गई, जिसकी कुल मात्रा 1052.4 लीटर थी। वाहन चालक आकाश बागड़े और बाजू में बैठे तन्मय न्यारे से पूछताछ की गई। चालक ने शराब के संबंध में एक बिल प्रस्तुत किया, जिसमें मध्य प्रदेश क्षेत्र का रूट 'कुकरू खामला' लिखा था, लेकिन यह रूट बिल के अनुसार वैध नहीं पाया गया। आबकारी विभाग भैंसदेही वृत्त से पुष्टि करने पर पता चला कि महाराष्ट्र की इस शराब का मध्य प्रदेश में परिवहन प्रतिबंधित है। इस संबंध में थाना भैंसदेही में दोनों आरोपी आकाश पिता दिलीप बागड़े (उम्र 28 साल, निवासी ग्राम हरदोली, थाना कोण्डाली, जिला नागपुर) और तन्मय पिता किसनाजी न्यारे (उम्र 21 साल, निवासी ग्राम हदौली (चमेली), थाना कोण्डाली, जिला नागपुर, महाराष्ट्र) के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जब्त की गई 125 पेटी अंग्रेजी शराब (1052.4 लीटर, कीमत करीब 4,12,596 रुपये) और अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए गए कंटेनर वाहन क्रमांक एमएच 40 डीसी 0439 को भी जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी भैंसदेही निरीक्षक राजेश सातनकर, उपनिरीक्षक आशीष कुमरे, आरक्षक मनोज (426), आरक्षक तनवीर खान (262), आरक्षक सोनू कुमार (600), आबकारी विभाग के उप निरीक्षक पंकज लोखंडे और आबकारी विभाग के अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध शराब और अन्य आपराधिक गतिविधियों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल 112 या नजदीकी थाना पुलिस को दें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।1
- Post by Namdev gujre Khabar bhart news1
- मंगलवार को बैतूल शहर में गहरे पेयजल संकट के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली तथा नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर मटका फोड़ प्रदर्शन किया और नगर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ताप्ती बैराज की दोनों मोटरें खराब पड़ी हैं, लेकिन नगर प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे शहर के कई वार्डों में आठ-आठ दिनों तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही। नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दिवान ने आरोप लगाते हुए कहा कि पानी की मोटरों की मरम्मत के नाम पर ₹40,000 के बिल लगाए जाते हैं, जबकि इतनी राशि में नई मोटर खरीदी जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका महीने में पंद्रह दिन भी नियमित जलापूर्ति नहीं कर पा रही है, लेकिन जनता से पूरे महीने का टैक्स वसूला जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक निलय डागा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जनता से प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराने का वादा किया था। लाखापुर से बैतूल तक करोड़ों रुपए की पाइपलाइन डाली गई, इसके बावजूद शहर में पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका कृत्रिम पेयजल संकट बनाकर भ्रष्टाचार कर रही है और सुझाव दिया कि यदि नगर पालिका शहर के बंद पड़े बोरवेल शुरू कर दे तो लोगों को पर्याप्त पानी मिल सकता है।3
- बैतूल जिले के आठनेर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोयलारी के राबड़या गांव में भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों का गुस्सा सरपंच और सचिव पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने बीच गांव में ही उनकी जमकर क्लास लगाई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। गांव में पिछले 15 दिनों से ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं। 150 घरों और 1500 की आबादी वाले इस गांव में संचालित नल-जल योजना बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते जलस्तर काफी गिर गया है और नल-जल योजना के बोर में पानी नहीं होने के कारण यह ठप हो गई है। वर्तमान में ग्रामीण अपनी प्यास बुझाने के लिए गांव से दूर पनघट के कुएं पर निर्भर हैं। गांव में एकमात्र हैंडपंप चालू है, लेकिन वह भी भारी भरकम चलने के बाद रुक-रुक कर पानी देता है। ग्रामीणों का आक्रोश तब और भड़क गया जब उन्होंने देखा कि इस भीषण गर्मी के बावजूद पंचायत द्वारा सीसी रोड निर्माण कार्य किया जा रहा है और इस पर टैंकरों से हजारों लीटर पानी डाला जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने तत्काल रोड कार्य बंद करने और गांव में पानी की व्यवस्था बनाने की मांग की। इस दौरान पंचायत के जिम्मेदारों को ग्रामीणों के जबरदस्त गुस्से का सामना करना पड़ा और ग्रामीणों ने सीसी रोड निर्माण कार्य को बंद करवा दिया।1
- प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से हजारों स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना और उनके सपनों को साकार करना है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा प्रदेश में कुल 17,794 प्राथमिक विद्यालय, 5,493 माध्यमिक विद्यालय, 1,109 उच्च माध्यमिक विद्यालय और 804 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, विभाग ने 8 आदर्श आवासीय विद्यालय, 82 माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, 94 सांदीपनि विद्यालय और 26 क्रीड़ा परिसर भी स्थापित किए हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आवासीय और खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों और आश्रमों में 1 लाख 49 हजार 104 विद्यार्थियों को सुविधाएँ दी जा रही हैं, जिनमें 92 हजार 547 बालक और 56 हजार 557 बालिकाएँ शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति आश्रमों में 1,078 विद्यार्थी (568 बालक और 510 बालिकाएँ), जूनियर छात्रावासों में 9,981 विद्यार्थी, सीनियर छात्रावासों में 68,670 विद्यार्थी तथा महाविद्यालयीन छात्रावासों में 8,710 विद्यार्थियों को शिक्षा मिल रही है। मंत्री डॉ. शाह ने जानकारी दी कि छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष 5 हजार रुपये की खेलकूद सामग्री, 5 हजार रुपये सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए और 50 हजार रुपये फर्नीचर एवं उपकरणों के लिए दिए जाते हैं। उत्कृष्ट छात्रावासों में प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये और महाविद्यालयीन छात्रावासों में 1 हजार रुपये की स्टेशनरी सुविधा प्रदान की जाती है। उत्कृष्ट छात्रावासों में विद्यार्थियों को प्रतिमाह 200 रुपये पोषण आहार के रूप में भी मिलते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए 5 हजार रुपये, इंटरनेट सुविधा के लिए 2500 रुपये, अध्ययन भ्रमण के लिए 25 हजार रुपये और संधारण एवं अनुरक्षण के लिए 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में 10 माह की कोचिंग व्यवस्था की गई है, जहाँ 5 विषय पढ़ाए जाते हैं। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति के रूप में बालकों को 1650 रुपये और बालिकाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा के हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।2
- बैतूल शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट और अनियमित जलापूर्ति के खिलाफ जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान, कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए मटके फोड़े। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शहरवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनता की मूलभूत आवश्यकता 'पानी' को लेकर प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल संकट की समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो उनके आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस प्रवक्ता पारधी जी के साथ, आमला से पूर्व पार्षद रमेश प्रजापति, नितिन सातनकर और महेंद्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1