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*वाराणसी: यूपी चुनाव की तैयारियां तेज, काशी में 21 जिलों के अधिकारियों को EVM-VVPAT FLC का प्रशिक्षण* *वाराणसी।* उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। काशी में पूर्वांचल के *21 जिलों* के निर्वाचन अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में EVM और VVPAT के प्रथम चरण की चेकिंग (FLC) की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप में समझाया गया। अधिकारियों को मशीनों की जांच, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान निर्देश दिया गया कि चुनावी तैयारियों से जुड़ी हर जानकारी राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए, ताकि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी *नवदीप रिणवा* सहित आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अंकित सैनी
*वाराणसी: यूपी चुनाव की तैयारियां तेज, काशी में 21 जिलों के अधिकारियों को EVM-VVPAT FLC का प्रशिक्षण* *वाराणसी।* उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। काशी में पूर्वांचल के *21 जिलों* के निर्वाचन अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में EVM और VVPAT के प्रथम चरण की चेकिंग (FLC) की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप में समझाया गया। अधिकारियों को मशीनों की जांच, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान निर्देश दिया गया कि चुनावी तैयारियों से जुड़ी हर जानकारी राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए, ताकि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी *नवदीप रिणवा* सहित आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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- पहला सवाल—अगर बिहार को बाढ़-मुक्त करने का वादा किया गया था, तो आज भी हर साल लाखों लोगों को बाढ़ का सामना क्यों करना पड़ रहा है? दूसरा सवाल—बाढ़ रोकने के लिए सरकार की जो योजना और व्यवस्था थी, उसका जमीन पर कितना काम हुआ? क्या सरकार इसकी पूरी रिपोर्ट जनता के सामने रखेगी? तीसरा सवाल—बिहार को बाढ़-मुक्त करने का आपका वादा आखिर कब तक पूरा होगा? जनता को सिर्फ वादा नहीं, इसकी तय समयसीमा कब मिलेगी? #BiharFlood #Bihar #BiharElection2025 #FloodFreeBihar #बिहारबाढ़1
- विकास के दावों पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने साधा निशाना बोले- धरातल पर उतरकर देखें तो सरकार के दावों की खुल जाएगी पोल, बिजली कटौती से जनता बेहाल धीना। सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने रविवार को रैथा गांव में कार्यकर्ताओं के बीच प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार और क्षेत्रीय विधायक पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि माधोपुर एक्सीलेंस सेंटर में बड़े-बड़े टमाटर उगने और किसानों की आय दोगुनी के बजाय चार गुना होने का दावा किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो धरातल पर जाकर यह देखा जाना चाहिए कि इससे कितने गांव और कितने किसान वास्तव में लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ने और रोजगार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गांवों में बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास की असली तस्वीर कागजों और मंचों से नहीं, बल्कि गांवों में जाकर देखी जानी चाहिए। पूर्व विधायक ने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कमालपुर, डबरिहा आवाजापुर धानापुर पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में दिन-रात में दस से बारह बार ट्रिपिंग और दो घंटे ढाई घंटे कटौती हो रही है। उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उन्होंने वर्तमान विधायक के जन चौपाल में 18 घंटे बिजली देने के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि ग्रामीणों से पूछा जाए कि उन्हें वास्तव में रात-दिन मिलाकर कितने घंटे बिजली मिल रही है, तो हकीकत सामने आ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल योजनाओं के शिलापट्ट लगाकर गांव-गांव ठेकेदार पैदा करने का काम कर रही है। जन चौपाल के आयोजन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां चौपाल लगती है, वहां के ठेकेदारों के माध्यम से कार्यक्रम को मैनेज किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि इसमें कमाई नहीं होती तो कार्यक्रम मैनेज कैसे होते? गंगा कटान का मुद्दा उठाते हुए मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि गुरैनी पंप कैनाल के पास गंगा कटान रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद आज भी कटान जारी है। रोकथाम के नाम पर अधिकारी केवल अपनी मजबूरियां गिना रहे हैं। सरकार को इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान अफरोज अली, संतोष उपाध्याय, मंटू यादव, अवधेश कुमार, रामायन जयप्रकाश रिंकू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- मनरेगा से नहीं मिली मजदूरी तो मजदूर पहुँचे डीएम के दरबार,डीएम ने डीडीसी से मिलने को भेजा डीपीओ ने मिलने से रोका तो जमकर हुआ हंगामा मनरेगा से नहीं मिली मजदूरी तो मजदूर पहुँचे डीएम के दरबार,डीएम ने डीडीसी से मिलने को भेजा डीपीओ ने मिलने से रोका तो जमकर हुआ हंगामा1
- कैमूर/बिहार, कैमूर में नकली DAP खाद गोदाम का भंडाफोड़: हजारों बोरी बरामद, मचा हड़कंप नकली खाद की पैकिंग और सप्लाई का खेल; पुलिस बल के साथ प्रशासन और कृषि विभाग की बड़ी छापेमारी कैमूर। जिले में कथित नकली खाद के बड़े कारोबार का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक और कृषि विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया है। भभुआ-सोनहन रोड पर कुकुराढ़ गांव के समीप एक गोदाम में कथित तौर पर नकली DAP खाद की पैकिंग और उसकी सप्लाई किए जाने की सूचना पर प्रशासन ने पुलिस बल के साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में खाद का स्टॉक बरामद किए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में हजारों बोरा DAP खाद मौजूद था। वही प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब यह जांच का विषय बन गया है कि बरामद खाद वास्तविक है या मानकों के विपरीत तैयार की गई संदिग्ध खाद है। कृषि विभाग की टीम द्वारा खाद के नमूने, पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। गुप्त सूचना के बाद प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई वही बताया जाता है कि कुकुराढ़ गांव के पास स्थित एक गोदाम में अवैध तरीके से खाद की पैकिंग और उसे बाजार में भेजे जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए भभुआ एसडीओ अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद जिला कृषि पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम गठित कर संबंधित गोदाम में छापेमारी की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। गोदाम में मिला भारी मात्रा में खाद का स्टॉक वही एसडीओ अमित कुमार ने कहा कि छापेमारी के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में DAP खाद का स्टॉक पाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर हजारों बोरा खाद बरामद होने की बात कही जा रही है। हालांकि बरामद खाद की वास्तविक मात्रा और उसकी गुणवत्ता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वही कृषि विभाग की टीम अब खाद के नमूनों की जांच कराने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही गोदाम में रखे खाद के बोरे, पैकेजिंग और संबंधित कागजात की भी जांच की जा रही है। दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की थी कथित तैयारी वही प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध खाद को पैक कर स्थानीय बाजार में स्थित खाद दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी थी। इसके अलावा खाद को वाहनों में लोड कर जिले से बाहर भेजे जाने की भी बात सामने आई है। यदि जांच में बरामद खाद नकली अथवा निर्धारित सरकारी मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो यह मामला किसानों के साथ गंभीर धोखाधड़ी और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा हो सकता है। नकली या घटिया उर्वरक के इस्तेमाल से किसानों की फसल और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। कहां से आई खाद, कौन कर रहा था पैकिंग? जांच तेज वही छापेमारी के बाद प्रशासन ने अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम में खाद कहां से लाई गई थी, इसकी पैकिंग किसके निर्देश पर की जा रही थी और तैयार खाद को किन-किन दुकानों या कारोबारियों के माध्यम से बाजार में भेजने की योजना थी। इसके अलावा गोदाम के संचालन से जुड़े लोगों, खाद की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कहीं इस नेटवर्क के माध्यम से पहले से ही संदिग्ध खाद बाजार में तो नहीं पहुंचाई जा चुकी है। एसडीओ ने कहा—जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई वही भभुआ एसडीओ अमित कुमार के अनुसार, बताया गया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। बरामद खाद की गुणवत्ता और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों के बीच बढ़ी चिंता वही कैमूर कृषि प्रधान जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसान DAP समेत विभिन्न उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में संदिग्ध नकली खाद के बड़े भंडार के सामने आने से किसानों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। वही किसानों की नजर अब जांच के परिणाम पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद खाद की वास्तविक गुणवत्ता क्या है और यदि यह मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो इसकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक होनी थी। फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और खाद के नमूनों की गुणवत्ता स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। वहीं, कार्रवाई के बाद कथित नकली खाद के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।4
- चंदौली सैयदराजा विधानसभा विकास के दावों पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने साधा निशाना1
- क्या बिहार को सच में बाढ़-मुक्त करने की कोई समयसीमा है? Hashtags: #AmitShah #BiharFlood #Bihar #BiharElection2025 #FloodFreeBihar #बिहारबाढ़1