कैमूर/बिहार, कैमूर में नकली DAP खाद गोदाम का भंडाफोड़: हजारों बोरी बरामद, मचा हड़कंप नकली खाद की पैकिंग और सप्लाई का खेल; पुलिस बल के साथ प्रशासन और कृषि विभाग की बड़ी छापेमारी कैमूर। जिले में कथित नकली खाद के बड़े कारोबार का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक और कृषि विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया है। भभुआ-सोनहन रोड पर कुकुराढ़ गांव के समीप एक गोदाम में कथित तौर पर नकली DAP खाद की पैकिंग और उसकी सप्लाई किए जाने की सूचना पर प्रशासन ने पुलिस बल के साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में खाद का स्टॉक बरामद किए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में हजारों बोरा DAP खाद मौजूद था। वही प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब यह जांच का विषय बन गया है कि बरामद खाद वास्तविक है या मानकों के विपरीत तैयार की गई संदिग्ध खाद है। कृषि विभाग की टीम द्वारा खाद के नमूने, पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। गुप्त सूचना के बाद प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई वही बताया जाता है कि कुकुराढ़ गांव के पास स्थित एक गोदाम में अवैध तरीके से खाद की पैकिंग और उसे बाजार में भेजे जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए भभुआ एसडीओ अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद जिला कृषि पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम गठित कर संबंधित गोदाम में छापेमारी की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। गोदाम में मिला भारी मात्रा में खाद का स्टॉक वही एसडीओ अमित कुमार ने कहा कि छापेमारी के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में DAP खाद का स्टॉक पाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर हजारों बोरा खाद बरामद होने की बात कही जा रही है। हालांकि बरामद खाद की वास्तविक मात्रा और उसकी गुणवत्ता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वही कृषि विभाग की टीम अब खाद के नमूनों की जांच कराने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही गोदाम में रखे खाद के बोरे, पैकेजिंग और संबंधित कागजात की भी जांच की जा रही है। दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की थी कथित तैयारी वही प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध खाद को पैक कर स्थानीय बाजार में स्थित खाद दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी थी। इसके अलावा खाद को वाहनों में लोड कर जिले से बाहर भेजे जाने की भी बात सामने आई है। यदि जांच में बरामद खाद नकली अथवा निर्धारित सरकारी मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो यह मामला किसानों के साथ गंभीर धोखाधड़ी और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा हो सकता है। नकली या घटिया उर्वरक के इस्तेमाल से किसानों की फसल और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। कहां से आई खाद, कौन कर रहा था पैकिंग? जांच तेज वही छापेमारी के बाद प्रशासन ने अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम में खाद कहां से लाई गई थी, इसकी पैकिंग किसके निर्देश पर की जा रही थी और तैयार खाद को किन-किन दुकानों या कारोबारियों के माध्यम से बाजार में भेजने की योजना थी। इसके अलावा गोदाम के संचालन से जुड़े लोगों, खाद की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कहीं इस नेटवर्क के माध्यम से पहले से ही संदिग्ध खाद बाजार में तो नहीं पहुंचाई जा चुकी है। एसडीओ ने कहा—जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई वही भभुआ एसडीओ अमित कुमार के अनुसार, बताया गया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। बरामद खाद की गुणवत्ता और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों के बीच बढ़ी चिंता वही कैमूर कृषि प्रधान जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसान DAP समेत विभिन्न उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में संदिग्ध नकली खाद के बड़े भंडार के सामने आने से किसानों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। वही किसानों की नजर अब जांच के परिणाम पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद खाद की वास्तविक गुणवत्ता क्या है और यदि यह मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो इसकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक होनी थी। फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और खाद के नमूनों की गुणवत्ता स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। वहीं, कार्रवाई के बाद कथित नकली खाद के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
कैमूर/बिहार, कैमूर में नकली DAP खाद गोदाम का भंडाफोड़: हजारों बोरी बरामद, मचा हड़कंप नकली खाद की पैकिंग और सप्लाई का खेल; पुलिस बल के साथ प्रशासन और कृषि विभाग की बड़ी छापेमारी कैमूर। जिले में कथित नकली खाद के बड़े कारोबार का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक और कृषि विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया है। भभुआ-सोनहन रोड पर कुकुराढ़ गांव के समीप एक गोदाम में कथित तौर पर नकली DAP खाद की पैकिंग और उसकी सप्लाई किए जाने की सूचना पर प्रशासन ने पुलिस बल के साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गोदाम से भारी मात्रा में खाद का स्टॉक बरामद किए जाने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोदाम में हजारों बोरा DAP खाद मौजूद था। वही प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब यह जांच का विषय बन गया है कि बरामद खाद वास्तविक है या मानकों के विपरीत तैयार की गई संदिग्ध खाद है। कृषि विभाग की टीम द्वारा खाद के नमूने, पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। गुप्त सूचना के बाद प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई वही बताया जाता है कि कुकुराढ़ गांव के पास स्थित एक गोदाम में अवैध तरीके से खाद की पैकिंग और उसे बाजार में भेजे जाने
की सूचना प्रशासन को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए भभुआ एसडीओ अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद जिला कृषि पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम गठित कर संबंधित गोदाम में छापेमारी की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। गोदाम में मिला भारी मात्रा में खाद का स्टॉक वही एसडीओ अमित कुमार ने कहा कि छापेमारी के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में DAP खाद का स्टॉक पाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक तौर पर हजारों बोरा खाद बरामद होने की बात कही जा रही है। हालांकि बरामद खाद की वास्तविक मात्रा और उसकी गुणवत्ता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वही कृषि विभाग की टीम अब खाद के नमूनों की जांच कराने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही गोदाम में रखे खाद के बोरे, पैकेजिंग और संबंधित कागजात की भी जांच की जा रही है। दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की थी कथित तैयारी वही प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि संदिग्ध खाद को पैक कर स्थानीय बाजार में स्थित खाद
दुकानों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी थी। इसके अलावा खाद को वाहनों में लोड कर जिले से बाहर भेजे जाने की भी बात सामने आई है। यदि जांच में बरामद खाद नकली अथवा निर्धारित सरकारी मानकों के विपरीत पाई जाती है, तो यह मामला किसानों के साथ गंभीर धोखाधड़ी और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा हो सकता है। नकली या घटिया उर्वरक के इस्तेमाल से किसानों की फसल और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। कहां से आई खाद, कौन कर रहा था पैकिंग? जांच तेज वही छापेमारी के बाद प्रशासन ने अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम में खाद कहां से लाई गई थी, इसकी पैकिंग किसके निर्देश पर की जा रही थी और तैयार खाद को किन-किन दुकानों या कारोबारियों के माध्यम से बाजार में भेजने की योजना थी। इसके अलावा गोदाम के संचालन से जुड़े लोगों, खाद की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि कहीं इस नेटवर्क के माध्यम से पहले से ही संदिग्ध खाद बाजार में तो नहीं पहुंचाई जा
चुकी है। एसडीओ ने कहा—जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई वही भभुआ एसडीओ अमित कुमार के अनुसार, बताया गया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। बरामद खाद की गुणवत्ता और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों के बीच बढ़ी चिंता वही कैमूर कृषि प्रधान जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसान DAP समेत विभिन्न उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में संदिग्ध नकली खाद के बड़े भंडार के सामने आने से किसानों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। वही किसानों की नजर अब जांच के परिणाम पर टिकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद खाद की वास्तविक गुणवत्ता क्या है और यदि यह मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो इसकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक होनी थी। फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट और खाद के नमूनों की गुणवत्ता स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। वहीं, कार्रवाई के बाद कथित नकली खाद के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
- *वाराणसी: यूपी चुनाव की तैयारियां तेज, काशी में 21 जिलों के अधिकारियों को EVM-VVPAT FLC का प्रशिक्षण* *वाराणसी।* उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। काशी में पूर्वांचल के *21 जिलों* के निर्वाचन अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में EVM और VVPAT के प्रथम चरण की चेकिंग (FLC) की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप में समझाया गया। अधिकारियों को मशीनों की जांच, तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान निर्देश दिया गया कि चुनावी तैयारियों से जुड़ी हर जानकारी राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए, ताकि चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी *नवदीप रिणवा* सहित आयोग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।1
- गैस के लेकर आपस में बातचीत लोगों के मां का विचार जानते हैं क्या इन लोगों का मन में1
- चंदौली सैयदराजा विधानसभा विकास के दावों पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने साधा निशाना1
- विकास के दावों पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने साधा निशाना बोले- धरातल पर उतरकर देखें तो सरकार के दावों की खुल जाएगी पोल, बिजली कटौती से जनता बेहाल धीना। सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने रविवार को रैथा गांव में कार्यकर्ताओं के बीच प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार और क्षेत्रीय विधायक पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि माधोपुर एक्सीलेंस सेंटर में बड़े-बड़े टमाटर उगने और किसानों की आय दोगुनी के बजाय चार गुना होने का दावा किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो धरातल पर जाकर यह देखा जाना चाहिए कि इससे कितने गांव और कितने किसान वास्तव में लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ने और रोजगार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गांवों में बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास की असली तस्वीर कागजों और मंचों से नहीं, बल्कि गांवों में जाकर देखी जानी चाहिए। पूर्व विधायक ने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कमालपुर, डबरिहा आवाजापुर धानापुर पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में दिन-रात में दस से बारह बार ट्रिपिंग और दो घंटे ढाई घंटे कटौती हो रही है। उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। उन्होंने वर्तमान विधायक के जन चौपाल में 18 घंटे बिजली देने के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि ग्रामीणों से पूछा जाए कि उन्हें वास्तव में रात-दिन मिलाकर कितने घंटे बिजली मिल रही है, तो हकीकत सामने आ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल योजनाओं के शिलापट्ट लगाकर गांव-गांव ठेकेदार पैदा करने का काम कर रही है। जन चौपाल के आयोजन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां चौपाल लगती है, वहां के ठेकेदारों के माध्यम से कार्यक्रम को मैनेज किया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि इसमें कमाई नहीं होती तो कार्यक्रम मैनेज कैसे होते? गंगा कटान का मुद्दा उठाते हुए मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि गुरैनी पंप कैनाल के पास गंगा कटान रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद आज भी कटान जारी है। रोकथाम के नाम पर अधिकारी केवल अपनी मजबूरियां गिना रहे हैं। सरकार को इस मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान अफरोज अली, संतोष उपाध्याय, मंटू यादव, अवधेश कुमार, रामायन जयप्रकाश रिंकू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- बाढ़ मुक्त बिहार का वादा फेल? फिर डूबा बिहार, असली वजह क्या है? बिहार में एक बार फिर बाढ़ ने सरकार की तैयारियों और पुराने बाढ़ प्रबंधन मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने का वादा किया गया था, लेकिन एक साल बाद हालात फिर गंभीर हैं। कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों का बड़ा जलग्रहण क्षेत्र नेपाल और तिब्बत में है। हिमालयी बारिश, नदियों में बढ़ती सिल्ट, ऊंचे होते नदी तल, तटबंधों और बैराजों की सीमाएं बिहार की बाढ़ की समस्या को और गंभीर बनाती हैं। क्या सिर्फ राहत बांटने से बिहार की बाढ़ की समस्या खत्म होगी? क्या नेपाल के साथ बड़े जल प्रबंधन प्रोजेक्ट, ड्रेजिंग और 12 महीने की जल-प्रबंधन नीति ही इसका स्थायी समाधान है? इस वीडियो में जानिए बिहार की बाढ़ की असली वजह और संभावित स्थायी समाधान। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, सवाल सीधा। #BiharFlood #Bihar #BiharNews #FloodInBihar #KosiRiver #Nepal #BiharPolitics #SamratChaudhary #AmitShah #FloodFreeBihar #BiharFloodNews #AwaazEBharat1
- प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षकों का सरकार द्वारा 14 वर्षों से शोषण कर उनके विधिक एवं मौलिक अधिकारों से वंचित1
- शिशु यादव ब्लाॅक अध्यक्ष समाजवादी पार्टी करण्ड़ा,गाजीपुर। शिशु यादव ब्लाॅक अध्यक्ष समाजवादी पार्टी करण्ड़ा,गाजीपुर। आज 13 सितंबर 2026 को विधानसभा सदर गाजीपुर में बूथ, सेक्टर, जोनल, ब्लॉक संगठन के पदाधिकारी, विधानसभा के पदाधिकारी, विधानसभा व जनपद के वरिष्ठ नेतागण का सम्मान समारोह कार्यक्रम शहनाई पैलेस गाजीपुर में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मान समारोह कार्यक्रम के संयोजक सदर के विधायक श्री जैकिशन साहू जी बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र पेन व डायरी देकर स्वागत व सम्मान किया करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक जंगीपुर डॉ वीरेंद्र यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पीडीए समाज के अधिकारों ,लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए 2027 में समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का आवाह्न किया। सम्मान समारोह का संचालन विधानसभा अध्यक्ष तहसीन अहमद ने किया। कार्यक्रम में सर्वश्री पूर्व सांसद श्री जगदीश कुशवाहा ,पूर्व विधायक श्री खुर्शीद अहमद, पूर्व जिला अध्यक्षगण श्री रामधारी यादव श्री सुदर्शन यादव, डॉक्टर नन्हकू यादव, बलिराम पटेल, मुन्नन यादव, आमिर अली, सीमा यादव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, डॉ समीर सिंह, आत्मा, सदानंद, राजेश, रमेश, सुशील जायसवाल, कमलेश, सूरज रामबिंद, परशुराम बिंद, विभा पाल, बिंदु वाला बिन्द, पुनीता सिंह, शौर्या सिंह, रीना रीता विश्वकर्मा सुषमा बिन्द, धनु, राकेश यादव फेकन राजेंद्र यादव, कन्हैया यादव, फेकू यादव, अजय, अभिषेक कुशवाहा अमित ठाकुर संतोष देवेंद्र, महेंद्र बिंद, शिशु रजनीकांत, पंकज जिला पंचायत, भीम यादव, धर्मदेव, रमेश गोड़, राहुल निषाद, जगत मोहन एडवोकेट, विजय शंकर एडवोकेट, गोपाल एडवोकेट, बचनू, अमन, बाबी चौधरी, असलम खान, तिलक प्रधान, सरदार प्रधान, प्रदीप प्रधान, बलराम यादव सहित बड़ी संख्या में बूथ, सेक्टर, जोनल के पदाधिकारी उपस्थितरहे। Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....1
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- गाजीपुर में रास्ते में साइकिल खड़ी कर बातचीत करने को लेकर हुए विवाद में चाकू और डंडे से हमला गाजीपुर में रास्ते में साइकिल खड़ी कर बातचीत करने को लेकर हुए विवाद में चाकू और डंडे से हमला करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला 8 सितंबर का है, जब वादी अपने भाई सनी बिंद और अन्य साथियों के साथ कार से घर जा रहा था। मालगोदाम के पास रास्ते में कुछ लोगों ने साइकिल खड़ी कर रखी थी। रास्ता खाली कराने के लिए वादी और सनी बिंद कार से नीचे उतरे, इसी दौरान आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने डंडा, रॉड और चाकू से हमला कर दिया। हमले में सनी बिंद के पेट में चाकू लगने के साथ वादी और उसके अन्य साथियों के साथ भी मारपीट की गई। मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 12 सितंबर को रेलवे स्टेशन गाजीपुर के पूर्वी दिशा वाले आउटर के पास से अर्जुन, सोनू, मनसुख उर्फ मनसोख और लोहा को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए 2 चाकू और 2 डंडे बरामद किए गए हैं। चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1