चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! धौरहरा। नगर पंचायत धौरहरा के राम वाटिका क्षेत्र में चार दिनों से जारी जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के बीच रहने को मजबूर परिवारों में नाराजगी बढ़ती गई और लोगों ने अपनी समस्या की आवाज हक की आवाज न्यूज़ चैनल तक पहुंचाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची हक की आवाज न्यूज़ चैनल की टीम ने लोगों की समस्याओं को जाना और जलभराव, भोजन, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार लगातार परेशानी में हैं और पानी भरे क्षेत्र में सांप, मगरमच्छ जैसे जंगली जीव दिखाई देने की बात भी सामने आ रही है, जिससे परिवारों में सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। इन दावों की मौके पर प्रशासनिक पुष्टि आवश्यक है। सवाल यह—चार दिन तक इंतजार क्यों? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में कर्मचारी और जिम्मेदार तंत्र की तैनाती है, तो समस्या सामने आने के बाद तत्काल राहत व्यवस्था क्यों नहीं शुरू हुई? क्या प्रशासन को राहत पहुंचाने के लिए किसी खबर के सामने आने का इंतजार करना पड़ेगा? लोगों की नाराजगी के बीच मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर धौरहरा तहसील के लेखपाल विनोद गौतम को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की मूलभूत जरूरतों और भोजन की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ और प्रभावित लोगों तक लंच पैकेट पहुंचाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन से जनता के सीधे सवाल चार दिन से जलभराव झेल रहे परिवारों का सवाल है कि— क्या राहत सिर्फ खबर सामने आने के बाद ही पहुंचेगी? क्या जलभराव वाले इलाकों की नियमित निगरानी नहीं होनी चाहिए? परिवारों की सुरक्षा और भोजन की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई? सांप या अन्य जंगली जीवों के खतरे से लोगों को सुरक्षित करने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था होगी? और सबसे बड़ा सवाल—राम वाटिका में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? नगर पंचायत की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जल निकासी नगर पंचायत की प्रमुख नगरीय जिम्मेदारियों में शामिल है। अब लोगों की निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। राहत पहुंचना तत्काल जरूरत है, लेकिन जलभराव का स्थायी समाधान ही इस समस्या का वास्तविक जवाब होगा। हक की आवाज न्यूज़ चैनल जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता “दिखाता है हर वह सच”
चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! धौरहरा। नगर पंचायत धौरहरा के राम वाटिका क्षेत्र में चार दिनों से जारी जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के बीच रहने को मजबूर परिवारों में नाराजगी बढ़ती गई और लोगों ने अपनी समस्या की आवाज हक की आवाज न्यूज़ चैनल तक पहुंचाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची हक की आवाज न्यूज़ चैनल की टीम ने लोगों की समस्याओं को जाना और जलभराव, भोजन, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार लगातार परेशानी में हैं और पानी भरे क्षेत्र में सांप, मगरमच्छ जैसे जंगली जीव दिखाई देने की बात भी सामने आ रही है, जिससे परिवारों में सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। इन दावों की मौके पर प्रशासनिक पुष्टि आवश्यक है। सवाल यह—चार दिन तक इंतजार क्यों? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में कर्मचारी और जिम्मेदार तंत्र की तैनाती है, तो समस्या सामने आने के बाद तत्काल राहत व्यवस्था क्यों नहीं शुरू हुई? क्या प्रशासन को राहत पहुंचाने के लिए किसी खबर के सामने आने का इंतजार करना पड़ेगा? लोगों की नाराजगी के बीच मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर धौरहरा तहसील के लेखपाल विनोद गौतम को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की मूलभूत जरूरतों और भोजन की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ और प्रभावित लोगों तक लंच पैकेट पहुंचाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन से जनता के सीधे सवाल चार दिन से जलभराव झेल रहे परिवारों का सवाल है कि— क्या राहत सिर्फ खबर सामने आने के बाद ही पहुंचेगी? क्या जलभराव वाले इलाकों की नियमित निगरानी नहीं होनी चाहिए? परिवारों की सुरक्षा और भोजन की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई? सांप या अन्य जंगली जीवों के खतरे से लोगों को सुरक्षित करने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था होगी? और सबसे बड़ा सवाल—राम वाटिका में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? नगर पंचायत की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जल निकासी नगर पंचायत की प्रमुख नगरीय जिम्मेदारियों में शामिल है। अब लोगों की निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। राहत पहुंचना तत्काल जरूरत है, लेकिन जलभराव का स्थायी समाधान ही इस समस्या का वास्तविक जवाब होगा। हक की आवाज न्यूज़ चैनल जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता “दिखाता है हर वह सच”
- चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! चार दिन से जलभराव में राम वाटिका: खबर पहुंची तो हरकत में आया प्रशासन! धौरहरा। नगर पंचायत धौरहरा के राम वाटिका क्षेत्र में चार दिनों से जारी जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के बीच रहने को मजबूर परिवारों में नाराजगी बढ़ती गई और लोगों ने अपनी समस्या की आवाज हक की आवाज न्यूज़ चैनल तक पहुंचाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची हक की आवाज न्यूज़ चैनल की टीम ने लोगों की समस्याओं को जाना और जलभराव, भोजन, सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार लगातार परेशानी में हैं और पानी भरे क्षेत्र में सांप, मगरमच्छ जैसे जंगली जीव दिखाई देने की बात भी सामने आ रही है, जिससे परिवारों में सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। इन दावों की मौके पर प्रशासनिक पुष्टि आवश्यक है। सवाल यह—चार दिन तक इंतजार क्यों? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में कर्मचारी और जिम्मेदार तंत्र की तैनाती है, तो समस्या सामने आने के बाद तत्काल राहत व्यवस्था क्यों नहीं शुरू हुई? क्या प्रशासन को राहत पहुंचाने के लिए किसी खबर के सामने आने का इंतजार करना पड़ेगा? लोगों की नाराजगी के बीच मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के निर्देश पर धौरहरा तहसील के लेखपाल विनोद गौतम को तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की मूलभूत जरूरतों और भोजन की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ और प्रभावित लोगों तक लंच पैकेट पहुंचाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन से जनता के सीधे सवाल चार दिन से जलभराव झेल रहे परिवारों का सवाल है कि— क्या राहत सिर्फ खबर सामने आने के बाद ही पहुंचेगी? क्या जलभराव वाले इलाकों की नियमित निगरानी नहीं होनी चाहिए? परिवारों की सुरक्षा और भोजन की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई? सांप या अन्य जंगली जीवों के खतरे से लोगों को सुरक्षित करने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था होगी? और सबसे बड़ा सवाल—राम वाटिका में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? नगर पंचायत की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जल निकासी नगर पंचायत की प्रमुख नगरीय जिम्मेदारियों में शामिल है। अब लोगों की निगाह प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। राहत पहुंचना तत्काल जरूरत है, लेकिन जलभराव का स्थायी समाधान ही इस समस्या का वास्तविक जवाब होगा। हक की आवाज न्यूज़ चैनल जनहित • जनसेवा • निर्भीक पत्रकारिता “दिखाता है हर वह सच”1
- मोतीपुर पुलिस को मिली एक और कामयाबी, गौकशी के आरोपी से मुठभेड़ देर रात मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में लगी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार मोतीपुर थाना पुलिस को देर रात बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गौकशी के मामले में वांछित एक आरोपी से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। घायल आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।, मनोज कुमार चौरसिया की रिपोर्ट 👍1
- लखीमपुर खीरी — कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी की किसानों से अपील कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी ने किसानों से खेतों में गिरे हुए गन्ने को उठाकर बांधने की अपील की है, उन्होंने कहा कि किसान गिरे हुए गन्ने को व्यवस्थित कर बांध दें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके और गन्ने की कटाई एवं आपूर्ति में आसानी हो लखीमपुर खीरी — कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी की किसानों से अपील कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी ने किसानों से खेतों में गिरे हुए गन्ने को उठाकर बांधने की अपील की है, उन्होंने कहा कि किसान गिरे हुए गन्ने को व्यवस्थित कर बांध दें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके और गन्ने की कटाई एवं आपूर्ति में आसानी हो1
- *डीजल में पानी मिलने की शिकायत से नौगांव में मचा हड़कंप उपभोक्ताओं में आक्रोश* *डीजल में पानी मिलने की शिकायत से नौगांव में मचा हड़कंप उपभोक्ताओं में आक्रोश* जनपद लखीमपुर खीरी। थाना मझगई क्षेत्र के अंतर्गत नौगांव स्थित पेट्रोल पंप को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से गंभीर शिकायत सामने आई है। लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप से डीजल लेने के बाद उसमें पानी मिला हुआ पाया गया जिससे वाहन चालकों में नाराजगी और चिंता का माहौल है ग्राहकों का कहना है कि मेहनत की कमाई से खरीदा गया ईंधन यदि वाहन के लिए परेशानी का कारण बन जाए तो सवाल उठना स्वाभाविक है। तेल चाहिए था सफर को आसान बनाने के लिए मगर पानी की शिकायत ने राह में सवाल खड़े कर दिए शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर डीजल के नमूने की अधिकृत लैब से जांच कराने की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठ रही है मामले में पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक पुष्टि/जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डीजल में पानी की मिलावट की शिकायत कितनी सही है। रिपोर्ट: संदेश राज1
- लखीमपुर तेज बारिश के बाद गिरा पेड़ सेठ घाट रोड हुई जाम बारिश के बाद गिरे पेड़ की वजह से लोगों का आवागमन हुआ बंद पुलिस चौकी तक जाने के लिए लोगों को घूम कर जाना पड़ रहा है1
- जलभराव से पीड़ित परिवारों ने सड़क पे किया प्रदर्शन एक मां की पुकार ,क्या सुनेगी सरकार ❓ Lakhimpur Kheri dewkali road Gandhinagar shubham shrivtastava1
- श्री चिराग पासवान जी प्रयागराज एयरपोर्ट पर हुआ जोर दार स्वागत मैं अपने युवा साथियों की बात सुनने यहां आया था। बिहार में युवा आयोग के गठन को सफल कर पाए। देश की सबसे बड़ी आबादी युवाओं की है। राष्ट्रीय स्तर पर भी एक युवा आयोग हो, इसकी भी हम पहल कर रहे है। 2027 में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है इसमें कोई संदेह नहीं है।1
- लखीमपुर खीरी:रहमतपुर गांव में मौत बनकर टूटी दीवार,पति पत्नी और बेटे सहित तीन की मौत *नीमगांव थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में मौत बनकर टूटी दीवार, पति-पत्नी एवं बेटे समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत* *नीमगांव खीरी,26 सितंबर 2026।* लखीमपुर खीरी जनपद में लगातार भारी बारिश के कारण कमजोर हुई कच्ची दीवार भर भरा कर गिर गई जिसमें घर के अंदर सो रहे परिवार के तीन लोग दब कर मर गए। घटना लखीमपुर खीरी जनपद के नीमगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहमतपुर गांव की है जहां विगत रात भारी बारिश के चलते मिट्टी की कच्ची दीवार भर भरा कर गिर गई जिसमें छप्पर के नीचे सो रहे एक परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में मोहन कश्यप पुत्र साधू कश्यप उम्र 50 वर्ष, कविता कश्यप पत्नी मोहन उम्र 45 वर्ष तथा नानू कश्यप पुत्र मोहन उम्र 8 वर्ष अपने कच्चे घर में सो रहे थे। सुबह करीब 3:30 बजे मिट्टी की दीवार भर भरा कर अचानक गिर गई जिसके नीचे तीनों दब गए। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर के आसपास के ग्रामीण सहायता के लिए दौड़े तथा मलबा हटाने लगे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। तीनों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के ग्रामीण भी घटना से स्तब्ध हैं। सूचना पर पहुँची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना ने कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कमजोर और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।1