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बलिया में प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद जाँच में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के चल रहे हैं; उदाहरण के लिए, शहर के द्वारिकापुरी क्षेत्र में ही 50 से अधिक संस्थान संचालित हैं, जबकि शिक्षा विभाग के पास केवल एक का पंजीकरण दर्ज है। इन अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसमेंट में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षित आवागमन मार्ग, पर्याप्त खिड़कियाँ, अग्निशमन उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि पंजीकरण शुल्क छात्रों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी ने जानकारी दी कि निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अग्नि सुरक्षा एनओसी लेना अनिवार्य होगा और सभी संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने कोचिंग संचालकों को पंजीकरण शुल्क की विस्तृत जानकारी भी दी। इसके अनुसार, दस छात्रों तक पंजीयन शुल्क 250 रुपये, 11 से 20 छात्रों के लिए 1000 रुपये, 21 से 40 छात्रों के लिए 4000 रुपये, 41 से 50 छात्रों के लिए 5000 रुपये, 51 से 100 छात्रों के लिए 10,000 रुपये, 101 से 200 छात्रों के लिए 20,000 रुपये, और 200 से अधिक छात्रों के लिए 25,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ट्रेजरी चालान के माध्यम से जमा करना होगा और एक बार जमा होने पर यह तीन साल के लिए मान्य रहेगा।

20 hrs ago
user_Ashutosh Tiwari
Ashutosh Tiwari
Computer Programmer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

बलिया में प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद जाँच में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के चल रहे हैं; उदाहरण के लिए, शहर के द्वारिकापुरी क्षेत्र में ही 50 से अधिक संस्थान संचालित हैं, जबकि शिक्षा विभाग के पास केवल एक का पंजीकरण दर्ज है। इन अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसमेंट में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षित आवागमन मार्ग, पर्याप्त खिड़कियाँ, अग्निशमन उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि पंजीकरण शुल्क छात्रों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी ने जानकारी दी कि निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अग्नि सुरक्षा एनओसी लेना अनिवार्य होगा और सभी संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने कोचिंग संचालकों को पंजीकरण शुल्क की विस्तृत जानकारी भी दी। इसके अनुसार, दस छात्रों तक पंजीयन शुल्क 250 रुपये, 11 से 20 छात्रों के लिए 1000 रुपये, 21 से 40 छात्रों के लिए 4000 रुपये, 41 से 50 छात्रों के लिए 5000 रुपये, 51 से 100 छात्रों के लिए 10,000 रुपये, 101 से 200 छात्रों के लिए 20,000 रुपये, और 200 से अधिक छात्रों के लिए 25,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ट्रेजरी चालान के माध्यम से जमा करना होगा और एक बार जमा होने पर यह तीन साल के लिए मान्य रहेगा।

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  • बलिया जनपद मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पकड़ी धाम काली मंदिर, वैना में शनिवार को विधि-विधान से हवन, पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान मंदिर के पुजारी रामबदन भगत ने अपने शिष्य अनिल कुमार सिंह, जो क्षत्रिय परिवार से आते हैं, उनके हाथों से पूजा-अर्चना करवाकर समाज को एकता, समरसता और समानता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पुजारी रामबदन भगत ने बताया कि उनके शिष्य अनिल कुमार सिंह बोल नहीं सकते, लेकिन वे मंदिर की सेवा में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ हमेशा लगे रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे पूजा के लिए जड़ी-बूटियां एवं अन्य सामग्री भी खोजकर ले आते हैं। पुजारी ने दृढ़ता से कहा कि मां काली की भक्ति में किसी प्रकार का जाति या भेदभाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि सभी भक्त मां की ही संतान हैं। इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में सक्रिय रूप से भाग लिया और मां काली का आशीर्वाद प्राप्त किया। पुजारी द्वारा दिया गया सामाजिक समरसता का यह संदेश लोगों के बीच चर्चा का एक प्रमुख विषय बना रहा।
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    बलिया जनपद मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पकड़ी धाम काली मंदिर, वैना में शनिवार को विधि-विधान से हवन, पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान मंदिर के पुजारी रामबदन भगत ने अपने शिष्य अनिल कुमार सिंह, जो क्षत्रिय परिवार से आते हैं, उनके हाथों से पूजा-अर्चना करवाकर समाज को एकता, समरसता और समानता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

पुजारी रामबदन भगत ने बताया कि उनके शिष्य अनिल कुमार सिंह बोल नहीं सकते, लेकिन वे मंदिर की सेवा में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ हमेशा लगे रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे पूजा के लिए जड़ी-बूटियां एवं अन्य सामग्री भी खोजकर ले आते हैं। पुजारी ने दृढ़ता से कहा कि मां काली की भक्ति में किसी प्रकार का जाति या भेदभाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि सभी भक्त मां की ही संतान हैं।

इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी इस धार्मिक अनुष्ठान में सक्रिय रूप से भाग लिया और मां काली का आशीर्वाद प्राप्त किया। पुजारी द्वारा दिया गया सामाजिक समरसता का यह संदेश लोगों के बीच चर्चा का एक प्रमुख विषय बना रहा।
    user_Kanhaiya Verma
    Kanhaiya Verma
    Media house बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर एक पोस्ट #भयंकर गर्मी और #हाई बिजली बिल के साझा अनुभव पर आधारित है, जिसे #comedy, #funny, #trending और #viral हैशटैग के साथ साझा किया जा रहा है। यह पोस्ट #funnymoment, #funnyreel और #memes के तौर पर दर्शकों को #fun और #entertainment प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है, जो इस आम समस्या पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देती है।
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    सोशल मीडिया पर एक पोस्ट #भयंकर गर्मी और #हाई बिजली बिल के साझा अनुभव पर आधारित है, जिसे #comedy, #funny, #trending और #viral हैशटैग के साथ साझा किया जा रहा है। यह पोस्ट #funnymoment, #funnyreel और #memes के तौर पर दर्शकों को #fun और #entertainment प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है, जो इस आम समस्या पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देती है।
    user_Seth Ji 5G
    Seth Ji 5G
    बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बलिया में प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद जाँच में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के चल रहे हैं; उदाहरण के लिए, शहर के द्वारिकापुरी क्षेत्र में ही 50 से अधिक संस्थान संचालित हैं, जबकि शिक्षा विभाग के पास केवल एक का पंजीकरण दर्ज है। इन अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसमेंट में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षित आवागमन मार्ग, पर्याप्त खिड़कियाँ, अग्निशमन उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि पंजीकरण शुल्क छात्रों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी ने जानकारी दी कि निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अग्नि सुरक्षा एनओसी लेना अनिवार्य होगा और सभी संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने कोचिंग संचालकों को पंजीकरण शुल्क की विस्तृत जानकारी भी दी। इसके अनुसार, दस छात्रों तक पंजीयन शुल्क 250 रुपये, 11 से 20 छात्रों के लिए 1000 रुपये, 21 से 40 छात्रों के लिए 4000 रुपये, 41 से 50 छात्रों के लिए 5000 रुपये, 51 से 100 छात्रों के लिए 10,000 रुपये, 101 से 200 छात्रों के लिए 20,000 रुपये, और 200 से अधिक छात्रों के लिए 25,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ट्रेजरी चालान के माध्यम से जमा करना होगा और एक बार जमा होने पर यह तीन साल के लिए मान्य रहेगा।
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    बलिया में प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद जाँच में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के चल रहे हैं; उदाहरण के लिए, शहर के द्वारिकापुरी क्षेत्र में ही 50 से अधिक संस्थान संचालित हैं, जबकि शिक्षा विभाग के पास केवल एक का पंजीकरण दर्ज है। इन अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पाई गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसमेंट में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षित आवागमन मार्ग, पर्याप्त खिड़कियाँ, अग्निशमन उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि पंजीकरण शुल्क छात्रों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी ने जानकारी दी कि निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अग्नि सुरक्षा एनओसी लेना अनिवार्य होगा और सभी संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।

जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने कोचिंग संचालकों को पंजीकरण शुल्क की विस्तृत जानकारी भी दी। इसके अनुसार, दस छात्रों तक पंजीयन शुल्क 250 रुपये, 11 से 20 छात्रों के लिए 1000 रुपये, 21 से 40 छात्रों के लिए 4000 रुपये, 41 से 50 छात्रों के लिए 5000 रुपये, 51 से 100 छात्रों के लिए 10,000 रुपये, 101 से 200 छात्रों के लिए 20,000 रुपये, और 200 से अधिक छात्रों के लिए 25,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ट्रेजरी चालान के माध्यम से जमा करना होगा और एक बार जमा होने पर यह तीन साल के लिए मान्य रहेगा।
    user_Ashutosh Tiwari
    Ashutosh Tiwari
    Computer Programmer बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • आज बलिया जनपद के बांसडीह तहसील मुख्यालय में ग्राम पंचायत मंगलपुरा की आम जनता ने उपजिलाधिकारी बांसडीह का घेराव किया। ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि गांव में बेची जा रही शराब की बिक्री को तुरंत बंद कराया जाए, क्योंकि उनका मानना है कि शराब की बिक्री से गांव के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इसी मांग को लेकर मंगलपुरा गांव के लोगों ने उपजिलाधिकारी बांसडीह का घेराव किया।
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    आज बलिया जनपद के बांसडीह तहसील मुख्यालय में ग्राम पंचायत मंगलपुरा की आम जनता ने उपजिलाधिकारी बांसडीह का घेराव किया। ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि गांव में बेची जा रही शराब की बिक्री को तुरंत बंद कराया जाए, क्योंकि उनका मानना है कि शराब की बिक्री से गांव के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। इसी मांग को लेकर मंगलपुरा गांव के लोगों ने उपजिलाधिकारी बांसडीह का घेराव किया।
    user_Surendra Bahadur Singh
    Surendra Bahadur Singh
    बांसडीह, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जनपद बलिया के सिकंदरपुर में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व अकीदत के साथ संपन्न हो गया। इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जाने वाले इस पर्व के दसवें दिन, यौम-ए-आशूर पर, नगर के सभी मोहल्लों से अलग-अलग ताजियों का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इस दौरान अज़ादारों ने 'या हुसैन' की सदाओं के बीच इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की, जिससे जुलूस में शामिल लोगों की आंखें नम हो गईं। शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा जुलूस के गुजरने वाले सभी मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ताजियों को कर्बला में दफ्न करने के साथ ही यह पर्व संपन्न हुआ।
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    जनपद बलिया के सिकंदरपुर में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व अकीदत के साथ संपन्न हो गया। इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जाने वाले इस पर्व के दसवें दिन, यौम-ए-आशूर पर, नगर के सभी मोहल्लों से अलग-अलग ताजियों का जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। इस दौरान अज़ादारों ने 'या हुसैन' की सदाओं के बीच इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की, जिससे जुलूस में शामिल लोगों की आंखें नम हो गईं।

शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा जुलूस के गुजरने वाले सभी मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। ताजियों को कर्बला में दफ्न करने के साथ ही यह पर्व संपन्न हुआ।
    user_गंगा 24 ख़बर
    गंगा 24 ख़बर
    Mobile Phone Shop सिकंदरपुर, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सिसवन प्रखंड के भीखपुर गांव में शुक्रवार शाम मोहर्रम के अवसर पर दो विशाल ताजियों का भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में अंजुमन आब्बासिया का 84 फीट और अंजुमन रिजविया का 80 फीट ऊंचा ताजिया लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, जंजीरी मातम के बाद ये दोनों ताजिये मिलन चौक पर एकत्र हुए। इसके उपरांत, जुलूस दाहा नदी तट पर स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहाँ पहलाम की रस्म अदा की गई। क्षेत्र के दर्जनों ताजियादार भी सिसवन ताजिया मेले में शामिल हुए। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ पंकज कुमार और बीडीओ राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। थाना अध्यक्ष चितरंजन कुमार ने जानकारी दी कि ग्यासपुर, भीखपुर, उबधी, रामपुर और घुरघाट जैसे गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे आयोजन पर ड्रोन कैमरे से कड़ी निगरानी रखी गई थी। जिला पार्षद ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रशासन की बेहतर व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि मोहर्रम का यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने विशेष रूप से 84 फीट ऊंचे ताजिये को आकर्षण का केंद्र बताया और पुलिस व अधिकारियों के सहयोग को सराहनीय करार दिया।
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    सिसवन प्रखंड के भीखपुर गांव में शुक्रवार शाम मोहर्रम के अवसर पर दो विशाल ताजियों का भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में अंजुमन आब्बासिया का 84 फीट और अंजुमन रिजविया का 80 फीट ऊंचा ताजिया लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, जंजीरी मातम के बाद ये दोनों ताजिये मिलन चौक पर एकत्र हुए। इसके उपरांत, जुलूस दाहा नदी तट पर स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहाँ पहलाम की रस्म अदा की गई। क्षेत्र के दर्जनों ताजियादार भी सिसवन ताजिया मेले में शामिल हुए।

विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ पंकज कुमार और बीडीओ राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। थाना अध्यक्ष चितरंजन कुमार ने जानकारी दी कि ग्यासपुर, भीखपुर, उबधी, रामपुर और घुरघाट जैसे गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे आयोजन पर ड्रोन कैमरे से कड़ी निगरानी रखी गई थी।

जिला पार्षद ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रशासन की बेहतर व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि मोहर्रम का यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने विशेष रूप से 84 फीट ऊंचे ताजिये को आकर्षण का केंद्र बताया और पुलिस व अधिकारियों के सहयोग को सराहनीय करार दिया।
    user_Sachita nand pandey
    Sachita nand pandey
    सिसवन, सीवान, बिहार•
    17 hrs ago
  • सिकंदरपुर में मोहर्रम का पर्व ताजियों को कर्बला में दफ्न करने के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान पूरे नगर तथा क्षेत्र में 'गम-ए-हुसैन' की गूंज सुनाई दी।
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    सिकंदरपुर में मोहर्रम का पर्व ताजियों को कर्बला में दफ्न करने के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान पूरे नगर तथा क्षेत्र में 'गम-ए-हुसैन' की गूंज सुनाई दी।
    user_गंगा 24 ख़बर
    गंगा 24 ख़बर
    Mobile Phone Shop सिकंदरपुर, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बिहार के बक्सर में एक आईटीबीपी जवान का निधन हो गया है। इस दुखद घटना के बाद, जवान के मृत शरीर के पास उसकी बहन को बिलखते हुए देखा गया, जो अपने भाई को खोने के गम में डूबी हुई थी।
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    बिहार के बक्सर में एक आईटीबीपी जवान का निधन हो गया है। इस दुखद घटना के बाद, जवान के मृत शरीर के पास उसकी बहन को बिलखते हुए देखा गया, जो अपने भाई को खोने के गम में डूबी हुई थी।
    user_Anish pathak
    Anish pathak
    बक्सर, बक्सर, बिहार•
    5 hrs ago
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