सिसवन प्रखंड के भीखपुर गांव में शुक्रवार शाम मोहर्रम के अवसर पर दो विशाल ताजियों का भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में अंजुमन आब्बासिया का 84 फीट और अंजुमन रिजविया का 80 फीट ऊंचा ताजिया लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, जंजीरी मातम के बाद ये दोनों ताजिये मिलन चौक पर एकत्र हुए। इसके उपरांत, जुलूस दाहा नदी तट पर स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहाँ पहलाम की रस्म अदा की गई। क्षेत्र के दर्जनों ताजियादार भी सिसवन ताजिया मेले में शामिल हुए। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ पंकज कुमार और बीडीओ राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। थाना अध्यक्ष चितरंजन कुमार ने जानकारी दी कि ग्यासपुर, भीखपुर, उबधी, रामपुर और घुरघाट जैसे गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे आयोजन पर ड्रोन कैमरे से कड़ी निगरानी रखी गई थी। जिला पार्षद ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रशासन की बेहतर व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि मोहर्रम का यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने विशेष रूप से 84 फीट ऊंचे ताजिये को आकर्षण का केंद्र बताया और पुलिस व अधिकारियों के सहयोग को सराहनीय करार दिया।
सिसवन प्रखंड के भीखपुर गांव में शुक्रवार शाम मोहर्रम के अवसर पर दो विशाल ताजियों का भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में अंजुमन आब्बासिया का 84 फीट और अंजुमन रिजविया का 80 फीट ऊंचा ताजिया लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, जंजीरी मातम के बाद ये दोनों ताजिये मिलन चौक पर एकत्र हुए। इसके उपरांत, जुलूस दाहा नदी तट पर स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहाँ पहलाम की रस्म अदा की गई। क्षेत्र के दर्जनों ताजियादार भी सिसवन ताजिया मेले में शामिल हुए। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ पंकज कुमार और बीडीओ राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। थाना अध्यक्ष चितरंजन कुमार ने जानकारी दी कि ग्यासपुर, भीखपुर, उबधी, रामपुर और घुरघाट जैसे गांवों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पूरे आयोजन पर ड्रोन कैमरे से कड़ी निगरानी रखी गई थी। जिला पार्षद ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रशासन की बेहतर व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि मोहर्रम का यह जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। उन्होंने विशेष रूप से 84 फीट ऊंचे ताजिये को आकर्षण का केंद्र बताया और पुलिस व अधिकारियों के सहयोग को सराहनीय करार दिया।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पासपोर्ट को केवल एक 'यात्रा दस्तावेज' (Travel Document) बताए जाने पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की है। थरूर ने तर्क दिया है कि जब एक पासपोर्ट कड़ी जांच और पुलिस वेरिफिकेशन की लंबी प्रक्रिया के बाद जारी किया जाता है, तो उसे देश की नागरिकता का प्रमाण न मानना पूरी तरह से विरोधाभासी है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि पासपोर्ट और आधार दोनों को ही नागरिकता का वैध और कानूनी प्रमाण माना जाना चाहिए। इस मुद्दे पर जनता से भी पूछा गया है कि उनकी क्या राय है और क्या थरूर की यह मांग सही है।1
- सिकंदरपुर में मोहर्रम का पर्व ताजियों को कर्बला में दफ्न करने के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान पूरे नगर तथा क्षेत्र में 'गम-ए-हुसैन' की गूंज सुनाई दी।1
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट #भयंकर गर्मी और #हाई बिजली बिल के साझा अनुभव पर आधारित है, जिसे #comedy, #funny, #trending और #viral हैशटैग के साथ साझा किया जा रहा है। यह पोस्ट #funnymoment, #funnyreel और #memes के तौर पर दर्शकों को #fun और #entertainment प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है, जो इस आम समस्या पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देती है।1
- बलिया में प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद जाँच में अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के चल रहे हैं; उदाहरण के लिए, शहर के द्वारिकापुरी क्षेत्र में ही 50 से अधिक संस्थान संचालित हैं, जबकि शिक्षा विभाग के पास केवल एक का पंजीकरण दर्ज है। इन अधिकांश संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बैठने की जगह जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेसमेंट में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षित आवागमन मार्ग, पर्याप्त खिड़कियाँ, अग्निशमन उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी होंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि पंजीकरण शुल्क छात्रों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है और इसकी वैधता तीन वर्ष होगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी भारतेंदु जोशी ने जानकारी दी कि निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अग्नि सुरक्षा एनओसी लेना अनिवार्य होगा और सभी संस्थानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार मिश्र ने कोचिंग संचालकों को पंजीकरण शुल्क की विस्तृत जानकारी भी दी। इसके अनुसार, दस छात्रों तक पंजीयन शुल्क 250 रुपये, 11 से 20 छात्रों के लिए 1000 रुपये, 21 से 40 छात्रों के लिए 4000 रुपये, 41 से 50 छात्रों के लिए 5000 रुपये, 51 से 100 छात्रों के लिए 10,000 रुपये, 101 से 200 छात्रों के लिए 20,000 रुपये, और 200 से अधिक छात्रों के लिए 25,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ट्रेजरी चालान के माध्यम से जमा करना होगा और एक बार जमा होने पर यह तीन साल के लिए मान्य रहेगा।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- सीवान जिले के सिसवन प्रखंड के भीखपुर गाँव में मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में 84 और 80 फीट ऊँचे दो ताज़िये शामिल थे, जिन्होंने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जुलूस मिलन चौक पर एकत्र हुआ, जिसके बाद कर्बला मैदान में पहलाम की रस्म पूरी की गई। इस दौरान अलम के साथ जंजीरी मातम भी निकाला गया। सिसवन ताज़िया मेले के अंतर्गत इस आयोजन में कई ताज़ियादारों ने भाग लिया। सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंचलाधिकारी (सीओ), प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और पुलिस बल मौके पर तैनात रहे। पूरे कार्यक्रम पर ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी गई।1
- आरा नगर निगम के सभागार में साधारण बोर्ड की एक बैठक संपन्न हुई, जिसमें सभी वार्ड पार्षदों ने हिस्सा लिया। यह बैठक काफी हंगामादार रही, जहाँ पार्षदों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली।1
- दामोदरपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान कांटी थाना में तैनात दारोगा मुस्तकीम खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह जुलूस के बीच तलवारबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, और लोग ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के आचरण पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस विभाग के सेवा आचरण नियमों के अनुसार, ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को पूर्ण निष्पक्षता, संयम और धार्मिक तटस्थता बनाए रखना अनिवार्य है। ये नियम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपनी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान ऐसा कोई आचरण नहीं करना चाहिए, जिससे किसी विशेष धर्म या समुदाय के प्रति पक्षधरता का संदेश जाए। सार्वजनिक आयोजनों में पुलिस की मुख्य भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, जिसमें हथियारों का प्रदर्शन भी शामिल है। वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कांटी थाना या जिला पुलिस प्रशासन की ओर से इस घटना को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।1