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पशुशाला में गुलदार ने महिला को बनाया अपना शिकार! ➡️ पशुशाला में गुलदार ने महिला पर अचानक किया अटैक ➡️ गुलदार के हमले में महिला की हुई दर्दनाक मौत ➡️ मौत के बाद ग्रामीण में भारी आक्रोश, धरने पर बैठे ➡️ पुलिस व वन विभाग लोगों को समझाने में जुटे ➡️ थाना नजीबाबाद क्षेत्र के आलोपुर का पूरा मामला
Shahzad Malik
पशुशाला में गुलदार ने महिला को बनाया अपना शिकार! ➡️ पशुशाला में गुलदार ने महिला पर अचानक किया अटैक ➡️ गुलदार के हमले में महिला की हुई दर्दनाक मौत ➡️ मौत के बाद ग्रामीण में भारी आक्रोश, धरने पर बैठे ➡️ पुलिस व वन विभाग लोगों को समझाने में जुटे ➡️ थाना नजीबाबाद क्षेत्र के आलोपुर का पूरा मामला
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- पशुशाला में गुलदार ने महिला को बनाया अपना शिकार! ➡️ पशुशाला में गुलदार ने महिला पर अचानक किया अटैक ➡️ गुलदार के हमले में महिला की हुई दर्दनाक मौत ➡️ मौत के बाद ग्रामीण में भारी आक्रोश, धरने पर बैठे ➡️ पुलिस व वन विभाग लोगों को समझाने में जुटे ➡️ थाना नजीबाबाद क्षेत्र के आलोपुर का पूरा मामला1
- बिजनौर: कोतवाली देहात पुलिस को बड़ी सफलता, 48 घंटे में चोरी की दो भैंसें बरामद, 3 शातिर गिरफ्तार बिजनौर। जनपद बिजनौर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में मवेशी चोरों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मु0अ0सं0 208/2026 धारा 331(4)/305(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) से संबंधित पशु चोरी की घटना का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चोरी गईं दोनों भैंसों को सकुशल बरामद करते हुए इस मामले में संलिप्त 3 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले का संक्षिप्त विवरण मुकदमा: मु0अ0सं0 208/2026 धाराएं: 331(4) एवं 305(1) बीएनएस (गृह-अतिचार एवं चोरी) बरामदगी: 02 चोरी की गई भैंसें (सकुशल) कार्रवाई: घटना के 48 घंटे के अंदर 03 अभियुक्त गिरफ्तार थाना: कोतवाली देहात, जनपद बिजनौर पीड़ित द्वारा थाने में भैंस चोरी होने की सूचना दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सुरागरसी व मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की घेराबंदी कर तीनों अभियुक्तों को दबोच लिया और उनकी निशानदेही पर दोनों भैंसें सुरक्षित बरामद कर लीं। पुलिस अधीक्षक बिजनौर, श्री कृष्ण कुमार की बाइट (आधिकारिक बयान): "थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत मवेशी चोरी का एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें मु0अ0सं0 208/2026 के तहत सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। घटना के शीघ्र अनावरण हेतु पुलिस टीम को निर्देशित किया गया था। टीम ने बेहद सराहनीय कार्य करते हुए मात्र 48 घंटे के भीतर घटना का सफल खुलासा किया है। दोनों भैंसों को सकुशल बरामद कर लिया गया है तथा इसमें शामिल 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। जनपद में पशु तस्करों और चोरों के खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।"1
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- न्यायालय में मामला विचाराधीन, फिर भी पटवारी ने कर दी पैमाइश पीड़ित परिवार ने न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद पटवारी द्वारा पैमाइश किए जाने का आरोप लगाया है। परिवार ने मामले में अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ता नील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले को लेकर पीड़ित परिवार अपनी शिकायत अधिकारियों के समक्ष रख रहा है।1
- अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, सपा सरकार बनी तो इलाज होगा फ्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर इलाज मुफ्त होगा और किसी का कार्ड नहीं देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जाने वाली है और इसे लेकर संकल्प लिया गया है।1
- 👉मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल, जिया चौधरी पहुंचीं घर; कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल! जिया चौधरी पहुंचे घर, कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ लगाए नारे मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष (शिक्षक सभा) डॉ. सत्येंद्र पाल को पुलिस द्वारा पिछले पांच दिनों से नजरबंद किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। पार्टी नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। डॉ. सत्येंद्र पाल के शाहपुर स्थित आवास पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। नेताओं ने उनसे मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। धम्म यात्रा की तैयारियों को लेकर गरमाया मामला डॉ. सत्येंद्र पाल ने अपनी नजरबंदी को बुढ़ाना में प्रस्तावित दलित बोधिसत्व धम्म यात्रा की तैयारियों से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार घबराई हुई है और इसी वजह से उन्हें गैर लोकतांत्रिक तरीके से नजरबंद किया गया है।उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक न्याय और समानता की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इससे आंदोलन और मजबूत होगा। ‘जितना जुल्म कर लो, समाज की आवाज नहीं रुकेगी’ नजरबंद डॉ. सत्येंद्र पाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए चाहे जितना जुल्म किया जाए, समाज की आवाज को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने का आह्वान किया और कहा कि किसी भी दबाव के आगे समाज के अधिकारों की लड़ाई को झुकाया नहीं जा सकता। आवास पर पहुंचे जिया चौधरी, कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की सूचना मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उनके आवास पर पहुंचे। जिया चौधरी ने डॉ. सत्येंद्र पाल से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। सपा नेताओं का कहना था कि राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को इस प्रकार नजरबंद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। जिया चौधरी बोलीं—सरकार तानाशाही पर उतारू सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए तानाशाही पर उतारू है। उन्होंने कहा कि समाज की आवाज को किसी भी दबाव से नहीं रोका जा सकता। जिया चौधरी ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की लड़ाई समाजवादी पार्टी मजबूती के साथ जारी रखेगी। उन्होंने डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना चाहिए। जिले में राजनीतिक हलचल तेज डॉ. सत्येंद्र पाल की लगातार पांच दिन से नजरबंदी के मामले ने जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर आक्रोश दिखाई दे रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाई जाएगी। बुढ़ाना में प्रस्तावित धम्म यात्रा को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष की नजरबंदी ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी। नजरबंदी को लेकर उठ रहे सवाल सपा नेताओं ने डॉ. सत्येंद्र पाल को पांच दिनों से नजरबंद रखे जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को किसी कार्यक्रम या गतिविधि को लेकर आशंका थी तो संबंधित लोगों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की जा सकती थी। नेताओं का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।वहीं, डॉ. सत्येंद्र पाल और सपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के मुद्दों को लेकर उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शाहपुर और बुढ़ाना क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सपा के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।4
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