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Krishnakant Yadav
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- नरसिंहपुर: ट्रेन से गिरकर युवक गंभीर रूप से घायल, धक्का देने का आरोप; जिला अस्पताल में चल रहा उपचार नरसिंहपुर: जिले से गुजरने वाली रेल लाइन पर एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ ट्रेन से गिरकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान पप्पू राय (22 वर्ष) पिता जुगेसर राय के रूप में हुई है, जो मूलतः ग्राम हरिप्रसाद, थाना जनदहा, जिला वैशाली (बिहार) का निवासी है। बताया जा रहा है कि युवक सिकंदराबाद से दानापुर जाने वाली ट्रेन में सवार था। युवक के परिजनों और सूत्रों के अनुसार, यह घटना बीते सोमवार की है। आरोप है कि चलती ट्रेन में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा युवक को धक्का दे दिया गया, जिसके कारण वह ट्रेन से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे उपचार के लिए तत्काल नरसिंहपुर जिला चिकित्सालय लाया गया। युवक के साथ हुई इस घटना ने रेल यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, जिला अस्पताल में घायल का इलाज चल रहा है। इस मामले में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है कि आखिर ट्रेन में युवक को किसने और क्यों धक्का दिया? पीड़ित पक्ष ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।1
- Post by Krishnakant Yadav1
- कोतवाली थाना अंतर्गत उमरिया निवासी संदीप पटेल बाइक से अकेला घर जा रहा था उसी दौरान उमरिया के पास किसी फोरव्हीलर वाहन ने टक्कर मार दी और वह रोड पर गिर गया उसके सिर से खून निकलने लगा वही कठौतिया निवासी सोनू पटेल अपने मित्र के साथ बाइक से लौट रहे थे उन्होंने घायल को रोड पर पड़ा देखा तो तुरंत 112 और 108 को फोन पर सूचना दी लेकिन किसी कारण 112 और 108 एम्बुलेंस नही मिली और लगातार घायल के सिर से खून निकलता देख मानवता का फर्ज निभाते हुए उसे अपनी बाइक में बिठाला और जिला अस्पताल लेकर आए जहां घायल का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा हैं।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- Post by Satish Vishwakarma1
- नरसिंहपुर जिले से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने JEE 2026 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन किया है। जिला स्तर पर शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई jee neet की कोचिंग व्यवस्था का असर अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। जिन विद्यार्थियों ने कभी JEE परीक्षा देने का सपना भी नहीं देखा था, आज वही छात्र सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के मार्गदर्शन में परीक्षा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। JEE 2026 के परिणामों में नरसिंहपुर जिले के 93 विद्यार्थियों में से 83 के परिणाम प्राप्त हुए, जिनमें 12 छात्रों ने 50 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। वहीं 44 विद्यार्थियों ने 30 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर बेहतर प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि 3 विद्यार्थी JEE एडवांस के लिए भी क्वालिफाई हुए हैं, जिससे अब उनके लिए IIT और NIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के द्वार खुल सकते हैं। जिला कलेक्टर ने भी सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की और उन्होंने कहा कि कोचिंग से उनका कॉन्फिडेंस बड़ा और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया जिला शिक्षा अधिकारी ने इस सफलता का श्रेय कोचिंग क्लास और शिक्षकों की मेहनत को दिया। उन्होंने बताया कि आगे भी इस पहल को लगातार जारी रखा जाएगा, ताकि और अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। विद्यार्थियों से भी हमने बात की तो उन्होंने परीक्षा परिणाम को अच्छा बताया और पूरा श्रेय कोचिंग क्लास को एवं टीचर्स को दिया1
- सिद्धांतहीन हैं पार्टियां नरसिंहपुर। भारत में चुनावी सरगर्मी के बीच अक्सर जातिगत राजनीति का मुद्दा गरमाया रहता है। हाल ही में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने इस विषय पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने राजनीतिक दलों के दोहरे चरित्र के मीडिया के सवालों पर राजनीतिक दलों को सिद्धांतहीन करार दिया है। शंकराचार्य ने कहा कि पिछले 78 वर्षों से देश में जाति-पाति मिटाओ के नारे गूंज रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है। उन्होंने सरकारों और राजनीतिक दलों पर प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ पार्टियां जातिवाद खत्म करने की बात करती हैं, तो दूसरी तरफ जाति के आधार पर ही आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव में उम्मीदवारों का चयन भी योग्यता के बजाय उनकी जाति और क्षेत्र के समीकरणों को देखकर किया जाता है। नगर पालिका के पार्षद से लेकर मेयर और चेयरमैन तक के पदों पर जातिगत राजनीति का गहरा प्रभाव है। शंकराचार्य ने एक उदाहरण देते हुए समझाया कि जब हम शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो उनका एक निश्चित अर्थ होना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर कोई कहे कि बगीचे को आग से सींच दो, तो बगीचा सींचेगा नहीं बल्कि जल जाएगा। इसी प्रकार, जब पार्टियां जातिवाद मिटाने का नारा देकर उसी के आधार पर नीतियां बनाती हैं, तो यह उनके वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है। मीडिया के स्वाल पर शंकराचार्य जी ने कहा कि अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि जातिवाद देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इस पर असहमति जताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि कई ऐसे देश हैं जहाँ जाति व्यवस्था नहीं है, जैसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान, लेकिन क्या वे विकसित हो गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश के विकास में जाति-पाति बाधक नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार सबसे बड़ी बाधा है। शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में जातिगत जनगणना और आरक्षण को लेकर बहस तेज है। उनके अनुसार, जब तक राजनीतिक दल अपने कथनी और करनी में अंतर रखेंगे, तब तक सामाजिक सुधार के नारे केवल चुनावी जुमले ही बने रहेंगे।6
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1