बारां जिले के हरनावदा शाहजी में एक सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हरनावदाशाहजी थाने का घेराव किया और दोषी ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसकी तत्काल गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, अर्जुनपुरा निवासी राकेश मीणा को 19 जून को मनोहरथाना मार्ग पर बाइक से जाते समय एक सड़क हादसे में गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा रेफर किया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के वक्त मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रही थी, जिसका दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसके बावजूद पुलिस अब तक ट्रैक्टर चालक की पहचान नहीं कर सकी है और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए थाने का घेराव किया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसकी शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस पर पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बारां जिले के हरनावदा शाहजी में एक सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हरनावदाशाहजी थाने का घेराव किया और दोषी ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसकी तत्काल गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, अर्जुनपुरा निवासी राकेश मीणा को 19 जून को मनोहरथाना मार्ग पर बाइक से
जाते समय एक सड़क हादसे में गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा रेफर किया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के वक्त मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रही थी, जिसका दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसके बावजूद पुलिस अब तक ट्रैक्टर चालक की पहचान नहीं कर सकी है और
न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए थाने का घेराव किया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसकी शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस पर पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- कोटा में इलाज के दौरान एक गंभीर घायल व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति के निधन और उसके आरोपी की पहचान करने में पुलिस की विफलता के विरोध में किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस दस दिनों के भीतर भी सड़क हादसे के आरोपी का पता नहीं लगा पाई है, जिसके कारण लोगों में गहरा आक्रोश है।1
- यहां कपालभाति प्राणायाम के विषय में बताया गया है।1
- बारां जिले के हरनावदा शाहजी में एक सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हरनावदाशाहजी थाने का घेराव किया और दोषी ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसकी तत्काल गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, अर्जुनपुरा निवासी राकेश मीणा को 19 जून को मनोहरथाना मार्ग पर बाइक से जाते समय एक सड़क हादसे में गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा रेफर किया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के वक्त मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजर रही थी, जिसका दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसके बावजूद पुलिस अब तक ट्रैक्टर चालक की पहचान नहीं कर सकी है और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए थाने का घेराव किया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रैक्टर चालक की पहचान कर उसकी शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस पर पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- आज आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिगढ़ क्षेत्र में पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाई गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाकर पोलियो पर अपनी जीत को बरकरार रखना है।3
- झालावाड़ में 28 जून को माँ शारदा रुद्रश्री काल प्रोत्साहन मंच द्वारा एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। पंचमुखी बालाजी के सामने स्थित इंस्पायर कोचिंग इंस्टिट्यूट में आयोजित इस कार्यक्रम में आगामी साझा गद्य संकलन 'ऐसा बागबान' पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस साहित्यिक आयोजन का शुभारंभ माँ शारदा की पूजा-अर्चना और रानी रावल 'रुद्रश्री' द्वारा की गई सरस्वती वंदना से हुआ। वरिष्ठ साहित्यकार राकेश नैयर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि रामगोपाल राजा साहब (रामगंजमंडी) और सुरेश निगम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न साहित्यकारों ने अलग-अलग रसों से सजी अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सभी साहित्यकारों को सम्मानित कर उन्हें 'रुद्रश्री काव्य संग्रह' भेंट किया गया। अंजनी कुमार शर्मा ने कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया, और यह आयोजन वरिष्ठ साहित्यकारों के आशीर्वाद एवं सभी की सहभागिता से संपन्न हुआ, जहाँ साहित्य के स्वर गूंज उठे।1
- गुना शहर का प्रमुख जज्जी बस स्टैंड इन दिनों यात्रियों की सुविधा के बजाय शराबियों की अड्डेबाजी के लिए चर्चा में है, जहाँ शाम ढलते ही खुलेआम शराबखोरी शुरू हो जाती है। बस स्टैंड परिसर और उसके आसपास चाय-पान की गुमटियों व दुकानों के पास लोगों के समूह खुलेआम जाम छलकाते नजर आते हैं, जिससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड से प्रतिदिन ग्वालियर, इंदौर, भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए सैकड़ों यात्री सफर करते हैं। शाम के समय बसों का इंतजार कर रही महिलाओं, छात्राओं और परिवारों को अक्सर शराब के नशे में धुत लोगों की अभद्र हरकतों और गाली-गलौज का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण वे विवाद और झगड़े की स्थिति से बचने के लिए चुपचाप वहाँ से हटने को मजबूर हो जाते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड परिसर में पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद, खुलेआम शराब पीने और पिलाने का यह सिलसिला जारी है, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ चाय-पान की गुमटियों और ठेलों के पास शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जहाँ शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलास खुलेआम दिखाई देते हैं, जिससे पूरा माहौल असामाजिक तत्वों के कब्जे में नजर आता है। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बस स्टैंड परिसर और आसपास नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए तथा सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बस स्टैंड यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए है, न कि शराबियों के अड्डे के रूप में विकसित होने के लिए। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस चौकी के सामने खुलेआम हो रही इस शराबखोरी पर प्रशासन कब तक अंकुश लगा पाता है, क्योंकि यदि प्रमुख सार्वजनिक स्थान पर यह स्थिति है, तो शहर के अन्य हिस्सों की स्थिति का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।1
- गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र अंतर्गत खटकिया रोड पर रविवार रात करीब 10 बजे एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। यह हादसा खटकिया के पास हुआ जब एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। घायलों में से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे भोपाल रेफर किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी लोग कुंभराज से लौट रहे थे। वे टेंट लगाने के काम के सिलसिले में कुंभराज आए हुए थे, जिसमें टेंट मालिक अमित अग्रवाल और मजदूर शामिल थे। इस हादसे में बीजनीपुरा निवासी 20 वर्षीय कपिल मोंगिया और 37 वर्षीय बलराम मोंगिया की मौत हो गई। वहीं, विशाल मोगिया, मंगलेश मोगिया (बीजनीपुरा), कन्हैयालाल खातौली और बीनागंज निवासी अमित अग्रवाल घायल हुए। गंभीर रूप से घायल अमित अग्रवाल को चिकित्सकों ने भोपाल रेफर किया है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने कपिल और बलराम को मृत घोषित कर दिया। कुंभराज पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।4
- झालावाड़ जिले के अर्जुनपुरा निवासी 46 वर्षीय राकेश मीणा की करीब दस दिन पहले सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान शनिवार को कोटा में मृत्यु हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को हरनावदाशाहजी थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में देरी हुई है और दोषी ट्रैक्टर चालक की पहचान नहीं की गई, जबकि दुर्घटना के समय की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई है। ग्रामीणों ने मृतक राकेश मीणा का शव थाने के सामने रखकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। वे दोषी ट्रैक्टर चालक की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ निष्पक्ष कार्रवाई और आश्रित परिवार को उचित सहायता की मांग कर रहे थे। इस दौरान थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव को भी ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर डीएसपी ताराचंद और उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल के साथ नरेश मीणा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों और प्रमुख लोगों के साथ बैठक कर नियमानुसार हरसंभव न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शव को वहां से हटाने और अर्जुनपुरा में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। मृतक राकेश मीणा असनावर क्षेत्र की एक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत था और उसके एक बेटा अध्ययनरत है, जिससे परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है।4