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मध्य प्रदेश के डबरा में दिनदहाड़े मनचलों का आतंक .... ..... सड़क पर युवतियों से कथित तौर पर छेड़छाड़ और परेशान करने का मामला सामने आया है, विरोध करने पर युवतियों के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है घटना को लेकर सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं तो सड़क पर खुलेआम घूम रहे ऐसे युवकों पर पुलिस की कार्रवाई कब होगी

18 hrs ago
user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

मध्य प्रदेश के डबरा में दिनदहाड़े मनचलों का आतंक .... ..... सड़क पर युवतियों से कथित तौर पर छेड़छाड़ और परेशान करने का मामला सामने आया है, विरोध करने पर युवतियों के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है घटना को लेकर सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं तो सड़क पर खुलेआम घूम रहे ऐसे युवकों पर पुलिस की कार्रवाई कब होगी

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  • बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद। रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष को राष्ट्रव्यापी अभियान बनाने की तैयारी, गोरखपुर में तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा तैयार गोरखपुर। महान क्रांतिकारी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के बलिदान के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वर्ष 2026-27 को राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष का आधिकारिक प्रथम चरण तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में गोरखपुर में आयोजित करने की कार्यनीति बनाई गई है। रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष 17 दिसंबर 2026 से 19 दिसंबर 2027 तक मनाने का संकल्प लिया गया है। इसका आधिकारिक पोस्टर नगर निगम सभागार में जारी कर दिया गया। महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से इस अवसर को महज औपचारिक स्मरण तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय जन-अभियान का स्वरूप देने का आह्वान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बिस्मिल की प्रखर राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय, साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इस शताब्दी वर्ष का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी समारोह समिति के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा इस प्रकार बताई है। 17–19 दिसंबर 2026 | गोरखपुर पहला दिन — 17 दिसंबर 2026, गुरुवार प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक - 1857 से 1947 तक स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ शताब्दी वर्ष का उद्घाटन। - अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के शहादत दिवस पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए जाएंगे। - काकोरी केस से संबंधित दुर्लभ दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक सामग्री पर आधारित विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी का उद्घाटन। प्रथम सत्र रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और मातृवेदी दल। द्वितीय सत्र ‘सरफरोशी की तमन्ना’ पर संवाद। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें— - ‘रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और आज का भारत’ विषय पर छात्रों की निबंध प्रतियोगिता। - पेंटिंग प्रतियोगिता। - छात्र संसद। - युवाओं की देशभक्ति पर स्वरचित कविता-पाठ प्रतियोगिता। दूसरा दिन — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक - हेरिटेज वॉक। - सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। प्रथम सत्र बिस्मिल जी के व्यक्तित्व, विचारों और उनके साथियों के साथ संबंधों पर संवाद। द्वितीय सत्र रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के जीवन, संघर्ष और क्रांतिकारी यात्रा पर आधारित दस्तावेजी फिल्म का लोकार्पण। तृतीय सत्र दास्तानगोई — ‘काकोरी नायकों के अनसुने किस्से’। इसके बाद— - काकोरी केस के महानायकों को मशाल सलामी। - राष्ट्रीय दीपदान कार्यक्रम। तीसरा दिन — 19 दिसंबर 2026, शनिवार प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक - प्रातः ऐतिहासिक फांसी घर के सामने स्थापित अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण। - दो मिनट का मौन। - शस्त्र सलामी के साथ शहीद को राजकीय सम्मान। NCC कैडेट्स, युवाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से देशभक्ति गीतों के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएगी। प्रथम सत्र रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की आत्मकथा के पुनर्प्रकाशित संस्करण का विमोचन तथा उनके साहित्य और विचारों पर संवाद। द्वितीय सत्र बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद। इसके अतिरिक्त— - रक्तदान शिविर। - शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर का लोकार्पण। - सूचना विवरणिका का विमोचन। - संकल्प सभा। - विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरण। - सहभोज कार्यक्रम। महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने जोर देते हुए कहा कि काकोरी केस से जुड़े अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के जीवन और विचारों को केंद्र में रखकर युवाओं में राष्ट्रभाव, साहस, एकता और त्याग की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है। बलिदान शताब्दी वर्ष के लिए तैयार प्रस्ताव में रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ शोध पीठ की स्थापना, गोरखपुर विश्वविद्यालय के सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ‘अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल स्वर्ण पदक’ देने और शताब्दी वर्ष को ‘राष्ट्रीय एकता वर्ष’ घोषित करने की मांग की गई है। गोरखपुर के मुख्य बस स्टेशन का नाम बिस्मिल के नाम पर रखने, 19 दिसंबर को बलिदान दिवस पर उन्हें शस्त्र-सलामी के साथ राजकीय सम्मान देने तथा शताब्दी वर्ष को सरकारी कैलेंडर में दर्ज करने का भी प्रस्ताव है। गोरखपुर जेल के फांसी स्थल पर प्रतिदिन दीपदान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई है। प्रस्ताव में बिस्मिल के बलिदान के 100 वर्ष पूरे होने पर 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का, विशेष डाक टिकट और प्रथम दिवस आवरण जारी करने की मांग की गई है। गोरखपुर जेल की मिट्टी से देश के 100 स्थानों पर ‘शताब्दी स्मारक उपवन’ विकसित करने और प्रत्येक स्थान पर 100 फलदार पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। भारतीय संसद के शीतकालीन सत्र में चारों काकोरी शहीदों को सर्वदलीय श्रद्धांजलि देने तथा सूचना एवं प्रसारण और संस्कृति मंत्रालय की ओर से ‘बलिदान एक्सप्रेस’ नाम से विशेष प्रदर्शनी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी शामिल है। महुआ डाबर संग्रहालय में काकोरी केस के नायकों पर विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी लगाने, बिस्मिल की आत्मकथा, लेख, कविताओं, पत्रों और मुकदमे की कार्यवाहियों का हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन कराने की मांग की गई है। दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों का डिजिटल मेमोरियल आर्काइव तथा 3D-VR आर्काइव बनाने, दूरदर्शन और आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित करने और विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कविता-पाठ, वाद-विवाद तथा निबंध प्रतियोगिताओं के आयोजन का सुझाव दिया गया है। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और भारतेन्दु नाट्य अकादमी के माध्यम से बिस्मिल के जीवन पर आधारित नाटकों का विभिन्न भाषाओं में मंचन, पाठ्यपुस्तकों में उनके जीवन पर विशेष अध्याय, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों पर शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘शहीद स्कॉलरशिप’ और देश के प्रमुख कलाकारों के सहयोग से ‘शताब्दी गीत’ तैयार करने का प्रस्ताव भी है। बच्चों के लिए ग्राफिक कॉमिक्स, उपन्यास और बाल फिल्मों के निर्माण, चित्रकला प्रदर्शनियों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया हैशटैग अभियान और क्विज ऐप की शुरुआत पर भी जोर दिया गया है। डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, पॉडकास्ट और वेब सीरीज के जरिए बिस्मिल के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की योजना का सुझाव दिया गया है। शताब्दी वर्ष के दौरान रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, बलिदान की पूर्व संध्या पर देशभर में दीपदान, NSS, स्काउट और NCC कैडेट्स की प्रभात फेरियां आयोजित करने का भी प्रस्ताव है। गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, शाहजहांपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मैनपुरी, इटावा, मुरैना और ग्वालियर सहित विभिन्न शहरों में ‘बलिदान ज्योति गौरव यात्राएं’ निकालने, युवाओं के लिए एकता-बंधुता शिविर एवं सहभोज आयोजित करने और ‘चंबल मैराथन’ की तर्ज पर 42.195 किलोमीटर की मैराथन सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं कराने का सुझाव दिया गया है। आयोजकों ने भारत सरकार, राज्य सरकारों और देश के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से अपील की है कि बिस्मिल की बलिदान शताब्दी को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न बनाकर ऐसा राष्ट्रीय जन-समारोह बनाया जाए, जिसमें स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय और एकता के उनके विचारों को नई पीढ़ी अपने जीवन में संकल्प के रूप में अपनाए। गोरखपुर में पोस्टर रिलीज के बाद राष्ट्रीय आयोजन को लेकर आयोजन समिति से जुड़े विजेन्द्र कुमार अग्रहरी (मंगल), हरगोविन्द प्रवाह, सुरेन्द्र कुमार, मोहम्मद सलमान, मारुतिनंदन चतुर्वेदी आदि को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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    बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद।
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष को राष्ट्रव्यापी अभियान बनाने की तैयारी, गोरखपुर में तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा तैयार
गोरखपुर। महान क्रांतिकारी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के बलिदान के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वर्ष 2026-27 को राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष का आधिकारिक प्रथम चरण तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में गोरखपुर में आयोजित करने की कार्यनीति बनाई गई है। रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी वर्ष 17 दिसंबर 2026 से 19 दिसंबर 2027 तक मनाने का संकल्प लिया गया है। इसका आधिकारिक पोस्टर नगर निगम सभागार में जारी कर दिया गया।
महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से इस अवसर को महज औपचारिक स्मरण तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय जन-अभियान का स्वरूप देने का आह्वान किया गया है। आयोजकों का कहना है कि बिस्मिल की प्रखर राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय, साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इस शताब्दी वर्ष का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
क्रांतिवीर रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ बलिदान शताब्दी समारोह समिति के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा इस प्रकार बताई है।
17–19 दिसंबर 2026 | गोरखपुर
पहला दिन — 17 दिसंबर 2026, गुरुवार
प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक
- 1857 से 1947 तक स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ शताब्दी वर्ष का उद्घाटन।
- अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी के शहादत दिवस पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए जाएंगे।
- काकोरी केस से संबंधित दुर्लभ दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक सामग्री पर आधारित विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी का उद्घाटन।
प्रथम सत्र
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और मातृवेदी दल।
द्वितीय सत्र
‘सरफरोशी की तमन्ना’ पर संवाद।
इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें—
- ‘रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ और आज का भारत’ विषय पर छात्रों की निबंध प्रतियोगिता।
- पेंटिंग प्रतियोगिता।
- छात्र संसद।
- युवाओं की देशभक्ति पर स्वरचित कविता-पाठ प्रतियोगिता।
दूसरा दिन — 18 दिसंबर 2026, शुक्रवार
प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक
- हेरिटेज वॉक।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
प्रथम सत्र
बिस्मिल जी के व्यक्तित्व, विचारों और उनके साथियों के साथ संबंधों पर संवाद।
द्वितीय सत्र
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ के जीवन, संघर्ष और क्रांतिकारी यात्रा पर आधारित दस्तावेजी फिल्म का लोकार्पण।
तृतीय सत्र
दास्तानगोई — ‘काकोरी नायकों के अनसुने किस्से’।
इसके बाद—
- काकोरी केस के महानायकों को मशाल सलामी।
- राष्ट्रीय दीपदान कार्यक्रम।
तीसरा दिन — 19 दिसंबर 2026, शनिवार
प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक
- प्रातः ऐतिहासिक फांसी घर के सामने स्थापित अमर शहीद रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण।
- दो मिनट का मौन।
- शस्त्र सलामी के साथ शहीद को राजकीय सम्मान।
NCC कैडेट्स, युवाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से देशभक्ति गीतों के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
प्रथम सत्र
रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ की आत्मकथा के पुनर्प्रकाशित संस्करण का विमोचन तथा उनके साहित्य और विचारों पर संवाद।
द्वितीय सत्र
बिस्मिल के अंतिम विचारों, उनके जीवन-संदेश और आज के युवाओं के लिए उनकी प्रासंगिकता पर विशेष संवाद।
इसके अतिरिक्त—
- रक्तदान शिविर।
- शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के वार्षिक कैलेंडर का लोकार्पण।
- सूचना विवरणिका का विमोचन।
- संकल्प सभा।
- विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरण।
- सहभोज कार्यक्रम।
महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने जोर देते हुए कहा कि काकोरी केस से जुड़े अमर शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के जीवन और विचारों को केंद्र में रखकर युवाओं में राष्ट्रभाव, साहस, एकता और त्याग की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया है।
बलिदान शताब्दी वर्ष के लिए तैयार प्रस्ताव में रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ शोध पीठ की स्थापना, गोरखपुर विश्वविद्यालय के सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को ‘अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल स्वर्ण पदक’ देने और शताब्दी वर्ष को ‘राष्ट्रीय एकता वर्ष’ घोषित करने की मांग की गई है।
गोरखपुर के मुख्य बस स्टेशन का नाम बिस्मिल के नाम पर रखने, 19 दिसंबर को बलिदान दिवस पर उन्हें शस्त्र-सलामी के साथ राजकीय सम्मान देने तथा शताब्दी वर्ष को सरकारी कैलेंडर में दर्ज करने का भी प्रस्ताव है। गोरखपुर जेल के फांसी स्थल पर प्रतिदिन दीपदान की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई है।
प्रस्ताव में बिस्मिल के बलिदान के 100 वर्ष पूरे होने पर 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का, विशेष डाक टिकट और प्रथम दिवस आवरण जारी करने की मांग की गई है। गोरखपुर जेल की मिट्टी से देश के 100 स्थानों पर ‘शताब्दी स्मारक उपवन’ विकसित करने और प्रत्येक स्थान पर 100 फलदार पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है।
भारतीय संसद के शीतकालीन सत्र में चारों काकोरी शहीदों को सर्वदलीय श्रद्धांजलि देने तथा सूचना एवं प्रसारण और संस्कृति मंत्रालय की ओर से ‘बलिदान एक्सप्रेस’ नाम से विशेष प्रदर्शनी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
महुआ डाबर संग्रहालय में काकोरी केस के नायकों पर विशेष दस्तावेजी प्रदर्शनी लगाने, बिस्मिल की आत्मकथा, लेख, कविताओं, पत्रों और मुकदमे की कार्यवाहियों का हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन कराने की मांग की गई है।
दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों का डिजिटल मेमोरियल आर्काइव तथा 3D-VR आर्काइव बनाने, दूरदर्शन और आकाशवाणी पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित करने और विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय संगोष्ठियों, कविता-पाठ, वाद-विवाद तथा निबंध प्रतियोगिताओं के आयोजन का सुझाव दिया गया है।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और भारतेन्दु नाट्य अकादमी के माध्यम से बिस्मिल के जीवन पर आधारित नाटकों का विभिन्न भाषाओं में मंचन, पाठ्यपुस्तकों में उनके जीवन पर विशेष अध्याय, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों पर शोध करने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘शहीद स्कॉलरशिप’ और देश के प्रमुख कलाकारों के सहयोग से ‘शताब्दी गीत’ तैयार करने का प्रस्ताव भी है।
बच्चों के लिए ग्राफिक कॉमिक्स, उपन्यास और बाल फिल्मों के निर्माण, चित्रकला प्रदर्शनियों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सोशल मीडिया हैशटैग अभियान और क्विज ऐप की शुरुआत पर भी जोर दिया गया है। डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म, पॉडकास्ट और वेब सीरीज के जरिए बिस्मिल के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की योजना का सुझाव दिया गया है।
शताब्दी वर्ष के दौरान रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, बलिदान की पूर्व संध्या पर देशभर में दीपदान, NSS, स्काउट और NCC कैडेट्स की प्रभात फेरियां आयोजित करने का भी प्रस्ताव है।
गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, शाहजहांपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मैनपुरी, इटावा, मुरैना और ग्वालियर सहित विभिन्न शहरों में ‘बलिदान ज्योति गौरव यात्राएं’ निकालने, युवाओं के लिए एकता-बंधुता शिविर एवं सहभोज आयोजित करने और ‘चंबल मैराथन’ की तर्ज पर 42.195 किलोमीटर की मैराथन सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं कराने का सुझाव दिया गया है।
आयोजकों ने भारत सरकार, राज्य सरकारों और देश के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से अपील की है कि बिस्मिल की बलिदान शताब्दी को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न बनाकर ऐसा राष्ट्रीय जन-समारोह बनाया जाए, जिसमें स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक न्याय और एकता के उनके विचारों को नई पीढ़ी अपने जीवन में संकल्प के रूप में अपनाए।
गोरखपुर में पोस्टर रिलीज के बाद राष्ट्रीय आयोजन को लेकर आयोजन समिति से जुड़े विजेन्द्र कुमार अग्रहरी (मंगल), हरगोविन्द प्रवाह, सुरेन्द्र कुमार, मोहम्मद सलमान, मारुतिनंदन चतुर्वेदी आदि को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
    user_सुनील दूबे
    सुनील दूबे
    Local News Reporter बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *लड़कों को प्रेमजाल में फंसाकर फाइव स्टार होटल में मिलने बुलाती थी मोहतरमा, फिर करती थी ब्लैकमेल* मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मोहतरमा को गोपाल बाग होटल से पैसे लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और मौके पर ही उनके कनपटे सेक दिए।
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    *लड़कों को प्रेमजाल में फंसाकर फाइव स्टार होटल में मिलने बुलाती थी मोहतरमा, फिर करती थी ब्लैकमेल*
मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मोहतरमा को गोपाल बाग होटल से पैसे लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और मौके पर ही उनके कनपटे सेक दिए।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • हर्षोल्लास से निकली खाटूश्याम की भव्य शोभायात्रा, जमकर झूमें श्याम प्रेमी शोभायात्रा में जगह जगह श्याम प्रेमियों ने की पुष्पवर्षा मेंहदावल, संत कबीर नगर। श्री श्याम सलोना मित्र मंडल मेहदावल के श्याम प्रेमियों द्वारा पांचवा भव्य निशान शोभा यात्रा का आयोजन बड़े ही भव्यता के साथ किया गया।निशान यात्रा का शुभराम्भ नगर के सुप्रसिद्ध बाबा नरसिंह गढ़ी मंदिर से होकर नगर के अंजहिया बाजार,चौक बाजार,उत्तर पट्टी,पश्चिम टोला, ठाकुर द्वारा रोडवेज से होते हुए पुनः नरसिंह गढ़ी मंदिर पर समापन हुआ। *शोभायात्रा में गीत संगीत पर जमकर झूमें श्याम प्रेमी* श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा आयोजित पांचवा भव्य निशान यात्रा में श्री खाटू श्याम जी के सुप्रसिद्ध भजनों पर श्याम प्रेमी जमकर झूमें। *श्याम निशान यात्रा में सैंकड़ो की संख्या में शामिल हुई महिला श्याम प्रेमी* श्याम निशान यात्रा में सैंकड़ो से लेकर हजारों की संख्या में महिला श्याम प्रेमियों द्वारा बाबा श्याम के भजनों पर झुमती नाचती व बाबा श्याम के जयकारों की जयघोष से पुरे यात्रा की शोभा बढाती रही। निशान यात्रा बाबा खाटू श्याम जी के प्रति अटूट विश्वास,जीत व उनके शीश दान का प्रतीक माना जाता हैँ मान्यता हैँ की सच्ची श्रद्धा के साथ निशान उठाने वाले व्यक्ति की बाबा श्याम समस्त मनोकामनाओ को पूर्ण करते हैँ। श्याम निशान यात्रा में श्री श्याम सलोना मित्र मण्डल की पूरी श्याम टीम,नगर के पूर्व नगर अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल,भाजपा नेत्री अंजना पांडेय,अतुल सिंह समेत नगर के गणमान्य जन रहे उपस्थित। श्याम निशान यात्रा के दौरान मय फ़ोर्स मुस्तैद रहे पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्व दमन सिंह व थाना प्रभारी राकेश सिंह पूरी निशान यात्रा के दौरान पूरी तन्मयता के साथ श्याम प्रेमियों की सुरक्षा में श्याम प्रेमियों के साथ पैदल ही चलते रहे। *पांचवा श्री श्याम करुण पुकार महोत्सव का आयोजन आज* श्री श्याम सलोना मित्र मण्डल आयोजन समिति के द्वारा पाँचवा श्री श्याम करुण पुकार महोत्सव का आयोजन आज दिन बुद्धवार को जिसमे आकाश अरोरा फ़रीदाबाद व राहुल साँवरा दिल्ली के द्वारा श्याम भजनो की प्रस्तुति दी जाएगी। जिसकी जानकारी आयोजक मंडल द्वारा दी गई।
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    हर्षोल्लास से निकली खाटूश्याम की भव्य शोभायात्रा, जमकर झूमें श्याम प्रेमी 
शोभायात्रा में जगह जगह श्याम प्रेमियों ने की पुष्पवर्षा 
मेंहदावल, संत कबीर नगर।
श्री श्याम सलोना मित्र मंडल मेहदावल के श्याम प्रेमियों द्वारा पांचवा भव्य निशान शोभा यात्रा का आयोजन बड़े ही भव्यता के साथ किया गया।निशान यात्रा का शुभराम्भ नगर के सुप्रसिद्ध बाबा नरसिंह गढ़ी मंदिर से होकर नगर के अंजहिया बाजार,चौक बाजार,उत्तर पट्टी,पश्चिम टोला, ठाकुर द्वारा रोडवेज से होते हुए पुनः नरसिंह गढ़ी मंदिर पर समापन हुआ।
*शोभायात्रा में गीत संगीत पर जमकर झूमें श्याम प्रेमी* श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा आयोजित पांचवा भव्य निशान यात्रा में श्री खाटू श्याम जी के सुप्रसिद्ध भजनों पर श्याम प्रेमी जमकर झूमें।
*श्याम निशान यात्रा में सैंकड़ो की संख्या में शामिल हुई महिला श्याम प्रेमी*
श्याम निशान यात्रा में सैंकड़ो से लेकर हजारों की संख्या में महिला श्याम प्रेमियों द्वारा बाबा श्याम के भजनों पर झुमती नाचती व बाबा श्याम के जयकारों की जयघोष से पुरे यात्रा की शोभा बढाती रही।
निशान यात्रा बाबा खाटू श्याम जी के प्रति अटूट विश्वास,जीत व उनके शीश दान का प्रतीक माना जाता हैँ मान्यता हैँ की सच्ची श्रद्धा के साथ निशान उठाने वाले व्यक्ति की बाबा श्याम समस्त मनोकामनाओ को पूर्ण करते हैँ।
श्याम निशान यात्रा में श्री श्याम सलोना मित्र मण्डल की पूरी श्याम टीम,नगर के पूर्व नगर अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल,भाजपा नेत्री अंजना पांडेय,अतुल सिंह समेत नगर के गणमान्य जन रहे उपस्थित।
श्याम निशान यात्रा के दौरान मय फ़ोर्स मुस्तैद रहे पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्व दमन सिंह व थाना प्रभारी राकेश सिंह पूरी निशान यात्रा के दौरान पूरी तन्मयता के साथ श्याम प्रेमियों की सुरक्षा में श्याम प्रेमियों के साथ पैदल ही चलते रहे।
*पांचवा श्री श्याम करुण पुकार महोत्सव का आयोजन आज* 
श्री श्याम सलोना मित्र मण्डल आयोजन समिति के द्वारा पाँचवा श्री श्याम करुण पुकार महोत्सव का आयोजन आज दिन बुद्धवार को जिसमे आकाश अरोरा फ़रीदाबाद व राहुल साँवरा दिल्ली के द्वारा श्याम भजनो की प्रस्तुति दी जाएगी। जिसकी जानकारी आयोजक मंडल द्वारा दी गई।
    user_आलोक कुमार बर्नवाल
    आलोक कुमार बर्नवाल
    मेहदावल, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *आज दिनाँक 22.09.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्रान्तर्गत भगठान उर्फ गोसाईपुर में एक व्यक्ति को मारपीट कर घायल करने एवं उपचार के दौरान उक्त घायल व्यक्ति की मृत्यु हो जाने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गई बाईट ।*
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    *आज दिनाँक 22.09.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्रान्तर्गत भगठान उर्फ गोसाईपुर में एक व्यक्ति को मारपीट कर घायल करने एवं उपचार के दौरान उक्त घायल व्यक्ति की मृत्यु हो जाने व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा दी गई बाईट ।*
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    6 hrs ago
  • संतकबीरनगर- जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर तुरैहा समाज के लोगों का प्रदर्शन। बैठक नहीं होने पर जताई नाराजगी, अपर एसडीएम को सौंपा पत्र। खलीलाबाद तुरहा (तुरैहा) जाति के लोगों ने अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आवेदन निरस्त किए जाने और पूर्व में बने प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण नहीं किए जाने की समस्या को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक कर मामले का निस्तारण कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी के पत्र के अनुसार मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक प्रस्तावित थी। बैठक में तुरहा (तुरैहा) जाति से जुड़े प्रमाण पत्र के मामले पर विचार कर अंतिम निर्णय किया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक नहीं हो सकी। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी बृजेश कुमार की ओर से जारी पत्र में जवाहरलाल पुत्र बुद्धू प्रसाद निवासी भूरा, थाना दुधारा, तहसील मेंहदावल के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित शिकायत पर विचार और अंतिम निर्णय के लिए 22 सितंबर को समिति की बैठक निर्धारित होने की जानकारी दी गई थी। संबंधित लोगों को अभिलेख, अन्य साक्ष्य और अभिकथन के साथ दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। लोगों का आरोप है कि बैठक के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी आलोक कुमार के धनघटा में उपमुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त होने की जानकारी मिली। इसके चलते उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद लोगों ने अपर उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सुधीर कुमार को पत्र सौंपकर जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक शीघ्र कराने और समस्या का समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शन में प्रदीप, सतीश कुमार, बलिकरन, इंद्रजीत समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
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    संतकबीरनगर- जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर तुरैहा समाज के लोगों का प्रदर्शन।
बैठक नहीं होने पर जताई नाराजगी, अपर एसडीएम को सौंपा पत्र।
खलीलाबाद तुरहा (तुरैहा) जाति के लोगों ने अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के आवेदन निरस्त किए जाने और पूर्व में बने प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण नहीं किए जाने की समस्या को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक कर मामले का निस्तारण कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी के पत्र के अनुसार मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक प्रस्तावित थी। बैठक में तुरहा (तुरैहा) जाति से जुड़े प्रमाण पत्र के मामले पर विचार कर अंतिम निर्णय किया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक नहीं हो सकी। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी बृजेश कुमार की ओर से जारी पत्र में जवाहरलाल पुत्र बुद्धू प्रसाद निवासी भूरा, थाना दुधारा, तहसील मेंहदावल के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित शिकायत पर विचार और अंतिम निर्णय के लिए 22 सितंबर को समिति की बैठक निर्धारित होने की जानकारी दी गई थी। संबंधित लोगों को अभिलेख, अन्य साक्ष्य और अभिकथन के साथ दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। लोगों का आरोप है कि बैठक के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिलाधिकारी आलोक कुमार के धनघटा में उपमुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त होने की जानकारी मिली। इसके चलते उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद लोगों ने अपर उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सुधीर कुमार को पत्र सौंपकर जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक शीघ्र कराने और समस्या का समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शन में प्रदीप, सतीश कुमार, बलिकरन, इंद्रजीत समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
    user_बिकाश श्रीवास्तव
    बिकाश श्रीवास्तव
    Advertising agency मेहदावल, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • आकाशवाणी🙏, 22-9-2026 ई०, "हिन्दुओ को मुसलमान कैसे बनाया गया? हिंदुओं में दलित वर्ग से छुआछूत का रिवाज लाने में मुगलों की एक चतुराई भरी राजनीति थी। ताकि वह हिंदुओं को दो हिस्सों में बांटकर शेष हिंदुओं को मुगल अर्थात मुसलमान बना सके । जबकि मुगलों से पहले पौराणिक काल में शुद्ध जाति को बड़ा मेहंनती एवं सम्मानजनक माना जाता था । रामायण को उदाहरण के रूप में देखिए:- भगवान श्री राम ने शबरी के जूठे बेर खाए थे । जबकि सबरी शुद्ध जाति की थी। राम लक्ष्मण ने केवट के घर भोजन किया। जबकि केवट शुद्ध था। सीता जी ने बाल्मिक जी के आश्रम में शरण ली। जबकि वाल्मीकि जी शुद्ध थे ! 👉🏾 आज पाकिस्तान आतंकवादियों ने हमारे बीच जहर घोलना प्रारंभ कर दिया है। भारत के सभी जाति , धर्म,,वर्ग के लोग आगे आए और संकल्प लें , तथथंप्रतिज्ञा करें कि हम आतंकवादियों के मानसूनों को कभी पूरा नहीं होने देंगे
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    आकाशवाणी🙏, 
22-9-2026  ई०, 
"हिन्दुओ को मुसलमान कैसे बनाया गया? 
हिंदुओं में दलित वर्ग से छुआछूत का रिवाज लाने में मुगलों की एक चतुराई भरी राजनीति थी। 
ताकि वह हिंदुओं को दो हिस्सों  में  बांटकर शेष हिंदुओं को मुगल अर्थात मुसलमान बना सके । 
जबकि मुगलों से पहले पौराणिक काल में शुद्ध जाति को बड़ा मेहंनती  एवं सम्मानजनक माना जाता था । 
रामायण को उदाहरण के रूप में देखिए:-  भगवान श्री राम ने शबरी के  जूठे बेर खाए थे । 
जबकि सबरी शुद्ध जाति की थी। 
राम लक्ष्मण ने केवट के घर भोजन किया। 
जबकि केवट शुद्ध था। 
सीता जी ने बाल्मिक जी के आश्रम में शरण ली। 
जबकि वाल्मीकि जी शुद्ध थे !
👉🏾 आज पाकिस्तान आतंकवादियों ने  हमारे बीच जहर घोलना प्रारंभ कर दिया है। 
भारत के सभी जाति , धर्म,,वर्ग के लोग आगे आए और संकल्प लें ,  तथथंप्रतिज्ञा करें कि हम आतंकवादियों के मानसूनों को कभी पूरा नहीं होने देंगे
    user_Kamalakant tiwari
    Kamalakant tiwari
    Journalist Mehdawal, Sant Kabeer Nagar•
    12 hrs ago
  • शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय शास्त्रीय व लोक गायक पंजीकृत कलाकार संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश
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    शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय शास्त्रीय व लोक गायक पंजीकृत कलाकार संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश
    user_Shailendra Pandey
    Shailendra Pandey
    Singing teaching and political work. खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बिहार के जमुई जिले का एक बेहद परेशान करने वाले वीडियो में दिख रहा है कि रात के समय स्कूटी के पास खड़े एक युवक और युवती को गिरोह ने चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान चेहरे पर गमछा बांधे एक युवक ने लड़की को पीछे से दबोचकर ले जाने की कोशिश की, जबकि पीड़िता खुद को बचाते हुए चिल्लाती और मदद मांगती रही। इस घटना पर उठे भारी जनाक्रोश के बाद बिहार पुलिस ने जमुई पुलिस को तुरंत मामले का संज्ञान लेकर वीडियो की लोकेशन सत्यापित करने और आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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    बिहार के जमुई जिले का एक बेहद परेशान करने वाले वीडियो में दिख रहा है कि रात के समय स्कूटी के पास खड़े एक युवक
और युवती को गिरोह ने चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान चेहरे पर गमछा बांधे एक युवक ने लड़की को पीछे से दबोचकर ले जाने की कोशिश की, जबकि पीड़िता खुद को बचाते हुए चिल्लाती और मदद मांगती रही।
इस घटना पर उठे भारी जनाक्रोश के बाद बिहार पुलिस ने जमुई पुलिस को तुरंत मामले का संज्ञान लेकर वीडियो की लोकेशन सत्यापित करने और आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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