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सीमेंट टैंक में छिपाकर हो रही थी तस्करी, घगवाल पुलिस ने 15 मवेशी बचाए घगवाल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई के दौरान एक सीमेंट बल्कर टैंक से 15 मवेशी बरामद किए गए। तस्करी के इस अनोखे तरीके का खुलासा होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश जारी है। #Ghagwal #PoliceAction #JammuKashmir #TillTheEndNews #ExploreNews
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सीमेंट टैंक में छिपाकर हो रही थी तस्करी, घगवाल पुलिस ने 15 मवेशी बचाए घगवाल में पुलिस की बड़ी कार्रवाई के दौरान एक सीमेंट बल्कर टैंक से 15 मवेशी बरामद किए गए। तस्करी के इस अनोखे तरीके का खुलासा होते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की तलाश जारी है। #Ghagwal #PoliceAction #JammuKashmir #TillTheEndNews #ExploreNews
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- सुजानपुर सुजानपुर पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सुजानपुर ऐतिहासिक चौगान का निरीक्षण किया ! उन्होंने वहाँ पर सफाई कर्मचारियों से बातचीत की! राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार झूठी दुकान वाली सरकार हैं! स्थानीय विधायक और प्रशासन की लापरवाही ने जनता को गंदगी के हवाले कर दिया हैं!1
- Post by Sanam Aijaz1
- Post by Riyaz Gulistan1
- बंगाणा, उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की फ़सल की कटाई कुतराई का सीजन शुरू हो चुका है।कुछ स्थानों पर किसानों ने गेहूं की फ़सल काट ली।कुछ कुतराई कर रहे हैं।कुछ स्थानों पर किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।तो कुछ स्थानों पर किसान अभी तक फ़सल पुरी तरह से पकने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों में राधेश्याम संजीव शर्मा विजय रजादा,सुरेश कुमार सोम नाथ सोनी गुरबचन सिंह बिक्रम सिंह जीवन मोदगिल,विजय शर्मा राजीव शर्मा रवि शर्मा, सहित अन्य किसानों का कहना है कि गेहूं की फ़सल पक कर पुरी तरह से तैयार हो चुकी है। परन्तु जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता तब तक इंतजार करना पड़ेगा। मौसम साफ होते की गेहूं की फ़सल की कटाई कुतराई शुरू कर दी जाएगी।1
- जिला मुख्यालय के हमीरपुर रोड स्थित एक कैफे में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। जानकारी के अनुसार आग कैफे के रसोई घर में लगी, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान शॉर्ट सर्किट या गैस लीक की ओर इशारा कर रहे हैं। घटना के समय कैफे के साथ ही परिसर में स्थित जिम में कई युवा प्रशिक्षण के लिए पहुंचे हुए थे। जैसे ही आग की लपटें और धुआं दिखाई दिया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण प्रयास सफल नहीं हो सके। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अतिरिक्त दमकल अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि विभाग को सुबह करीब 6:40 बजे सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि कैफे की रसोई पूरी तरह से जलकर राख हो गई, जबकि बाकी हिस्से को सुरक्षित बचा लिया गया। इस आगजनी की घटना में करीब 4 से 5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।2
- Post by AKHTAR ALI1
- Post by Till The End News1
- सुजानपुर अवैध खनन मामले ने अब खुलकर सियासी रंग ले लिया है और बयानबाजी तल्ख होती जा रही है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सीधे हमीरपुर सदर थाना पहुंचकर आरोपों में घिरे विधायक आशीष शर्मा के चाचा व भाई से मुलाकात की और इसके बाद प्रेस को सम्बोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। राणा ने बिना लाग-लपेट कहा कि प्रदेश की पुलिस अब “कानून की नहीं, सरकार की भाषा” बोल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी निष्पक्ष जांच छोड़कर सत्ता के इशारों पर “कटपुतली” बन चुके हैं और राजनीतिक विरोधियों को फंसाने के लिए झूठे मुकदमे गढ़े जा रहे हैं। सुजानपुर के कथित अवैध खनन मामले को लेकर राणा ने सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक बंद पड़े स्टोन क्रशर को आधार बनाकर “स्क्रिप्टेड केस” तैयार किया गया, फर्जी आरोप गढ़े गए और उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया—वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि निशाने पर राजनीतिक विरोधी हैं। राणा यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी है तो देहरा उपचुनाव के दौरान “कैश फॉर वोट” के आरोपों की जांच करवाई जाए। उन्होंने दावा किया कि कांगड़ा बैंक के जरिए महिला मंडलों को अवैध रूप से पैसे बांटे गए, लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे बैठी है क्योंकि मामला “घर के अंदर” का है। सरकार पर “मित्रों को खुली लूट की छूट” देने का आरोप लगाते हुए राणा ने मुख्यमंत्री के एक करीबी सलाहकार की संपत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति कभी मामूली हालात में था, आज करोड़ों की संपत्ति और आलीशान बंगले कैसे खड़े कर रहा है—इसकी जांच क्यों नहीं हो रही? राणा ने आरोप लगाया कि सरकार जांच से भाग रही है और उल्टा अपने चहेतों को पद और भर्तियों के जरिए फायदा पहुंचा रही है। पुलिस प्रशासन को भी राणा ने सख्त लहजे में चेताया—“वर्दी की गरिमा बचाइए, सत्ता की कठपुतली मत बनिए… क्योंकि वक्त बदलते देर नहीं लगती।”1
- Post by Sanam Aijaz1