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सुजानपुर मैदान कूड़े के ढेर में तब्दील, मेला खत्म, जिम्मेदारियां भी खत्म : राजिंद्र राणा सुजानपुर सुजानपुर पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सुजानपुर ऐतिहासिक चौगान का निरीक्षण किया ! उन्होंने वहाँ पर सफाई कर्मचारियों से बातचीत की! राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार झूठी दुकान वाली सरकार हैं! स्थानीय विधायक और प्रशासन की लापरवाही ने जनता को गंदगी के हवाले कर दिया हैं!
Ranjna Kumari
सुजानपुर मैदान कूड़े के ढेर में तब्दील, मेला खत्म, जिम्मेदारियां भी खत्म : राजिंद्र राणा सुजानपुर सुजानपुर पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सुजानपुर ऐतिहासिक चौगान का निरीक्षण किया ! उन्होंने वहाँ पर सफाई कर्मचारियों से बातचीत की! राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार झूठी दुकान वाली सरकार हैं! स्थानीय विधायक और प्रशासन की लापरवाही ने जनता को गंदगी के हवाले कर दिया हैं!
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- सुजानपुर सुजानपुर पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सुजानपुर ऐतिहासिक चौगान का निरीक्षण किया ! उन्होंने वहाँ पर सफाई कर्मचारियों से बातचीत की! राजेंद्र राणा ने कहा कि सुक्खू सरकार झूठी दुकान वाली सरकार हैं! स्थानीय विधायक और प्रशासन की लापरवाही ने जनता को गंदगी के हवाले कर दिया हैं!1
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के चाचा और भाई से थाना में मुलाकात की है। अवैध खनन के मामले में हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के परिजनों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस मौके पर राजेंद्र राणा के साथ काफी संख्या में उनके समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे जिन्हें पुलिस द्वारा थाना से बाहर किया गया। इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश में द्वेष और बदले की राजनीति चरम पर होने का आरोप लगाया है। वहीं राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने सत्ता को निजी हथियार बना लिया है और पुलिस तंत्र का उपयोग केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही चलाई जा रही है, जहां सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशीष शर्मा के परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाई साफ तौर पर बदले की भावना से प्रेरित है और यह संदेश देने की कोशिश है कि जो भी मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलेगा, उसे इसी तरह निशाना बनाया जाएगा। बाइट-- राजेंद्र राणा (प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक) राजेंद्र राणा ने कहा कि विधानसभा में उठाए गए सवालों से बौखलाकर मुख्यमंत्री इस तरह के कदम उठा रहे हैं और अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए सत्ता का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पत्नी के चुनाव के दौरान सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया। राणा के अनुसार, आचार संहिता के समय 66 महिला मंडलों को सरकारी बैंक के माध्यम से 50-50 हजार रुपये वितरित किए गए, जो चुनावी नियमों का खुला उल्लंघन है। बाइट-- राजेंद्र राणा (प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक) वहीं राजेंद्र राणा ने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, जो व्यक्तिगत द्वेष से ग्रसित होकर केवल अपने और अपने परिवार के हितों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस तरह की राजनीति से त्रस्त है और बदलाव की प्रतीक्षा कर रही है। बाइट-- राजेंद्र राणा (प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक)1
- Post by Dinesh Kumar1
- बंगाणा, उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की फ़सल की कटाई कुतराई का सीजन शुरू हो चुका है।कुछ स्थानों पर किसानों ने गेहूं की फ़सल काट ली।कुछ कुतराई कर रहे हैं।कुछ स्थानों पर किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।तो कुछ स्थानों पर किसान अभी तक फ़सल पुरी तरह से पकने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों में राधेश्याम संजीव शर्मा विजय रजादा,सुरेश कुमार सोम नाथ सोनी गुरबचन सिंह बिक्रम सिंह जीवन मोदगिल,विजय शर्मा राजीव शर्मा रवि शर्मा, सहित अन्य किसानों का कहना है कि गेहूं की फ़सल पक कर पुरी तरह से तैयार हो चुकी है। परन्तु जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता तब तक इंतजार करना पड़ेगा। मौसम साफ होते की गेहूं की फ़सल की कटाई कुतराई शुरू कर दी जाएगी।1
- बल्ह मंडल कांग्रेस अध्यक्ष बने पवन ठाकुर 🔥 | संगठन मजबूत करने का संकल्प | Himachal Congress News1
- समाज की निष्क्रियता , चरमराती प्रशासनिक व्यवस्थता का परिणाम है सरकाघाट की छात्रा की हत्या : महेंद्र धर्माणी घुमारवीं की समाजसेवी संस्था संस्कार सोसाइटी द्वारा सरकाघाट में छात्रा की निर्मम हत्या के जघन्य अपराध के विरोध में महामहिम राज्यपाल को एसडीएम घुमारवीं के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्मानी ने कहा कि सरकाघाट में कॉलेज जाने वाली छात्रा की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह घटना न केवल मानवता को झकझोरने वाली है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि संस्कार सोसाइटी इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके। महेंद्र धर्मानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में नशे का बढ़ता प्रकोप अत्यंत चिंताजनक है। नशे के कारण समाज में अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो कि प्रशासन और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि सरकाघाट की इस दर्दनाक घटना के पीछे भी आरोपी की नशे की प्रवृत्ति एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। ऐसे में नशे के खिलाफ सख्त और प्रभावी कदम उठाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मांग करते हुए कहा कि इस जघन्य हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनिश्चित की जाए, ताकि न्याय में देरी न हो और दोषी को जल्द से जल्द सजा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि केवल औपचारिक आयोजनों और इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित रहने के बजाय महिला सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं। प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जाएं और उनकी सख्ती से निगरानी हो। धर्मानी ने कहा की बेटियों को सम्मान , सुरक्षा , और अवसर दो समर्थ , स्वयं बनायेगी बेटियां । संस्कार सोसाइटी ने यह भी मांग की कि नशा निवारण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए तथा नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में जागरूक करते हुए एकजुट प्रयास करने होंगे, तभी इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है। इस दौरान अमृत लाल कातना, विशाल नड्डा ,परीथि सिंह ठाकुर , किशोरी लाल , मदन कांत, सुनील शर्मा, सतीश ठाकुर , संतोष भारद्वाज , सरोज शर्मा , अनिशा , मनोरमा चौहान , बनके बिहारी , रूप लाल , मनोज भंडारी , सचिन , लक्की, विजय , प्यार सिंह , दिनेश , प्रेम सागर , देवदत्त , दलेल सिंह , नरेंद्र कुमार , देश राज आदि उपस्थित रहे ।4
- जिला मुख्यालय के हमीरपुर रोड स्थित एक कैफे में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। जानकारी के अनुसार आग कैफे के रसोई घर में लगी, जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान शॉर्ट सर्किट या गैस लीक की ओर इशारा कर रहे हैं। घटना के समय कैफे के साथ ही परिसर में स्थित जिम में कई युवा प्रशिक्षण के लिए पहुंचे हुए थे। जैसे ही आग की लपटें और धुआं दिखाई दिया, वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण प्रयास सफल नहीं हो सके। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अतिरिक्त दमकल अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि विभाग को सुबह करीब 6:40 बजे सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। उन्होंने बताया कि कैफे की रसोई पूरी तरह से जलकर राख हो गई, जबकि बाकी हिस्से को सुरक्षित बचा लिया गया। इस आगजनी की घटना में करीब 4 से 5 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।2
- सुजानपुर अवैध खनन मामले ने अब खुलकर सियासी रंग ले लिया है और बयानबाजी तल्ख होती जा रही है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सीधे हमीरपुर सदर थाना पहुंचकर आरोपों में घिरे विधायक आशीष शर्मा के चाचा व भाई से मुलाकात की और इसके बाद प्रेस को सम्बोधित करते हुए प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। राणा ने बिना लाग-लपेट कहा कि प्रदेश की पुलिस अब “कानून की नहीं, सरकार की भाषा” बोल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी निष्पक्ष जांच छोड़कर सत्ता के इशारों पर “कटपुतली” बन चुके हैं और राजनीतिक विरोधियों को फंसाने के लिए झूठे मुकदमे गढ़े जा रहे हैं। सुजानपुर के कथित अवैध खनन मामले को लेकर राणा ने सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक बंद पड़े स्टोन क्रशर को आधार बनाकर “स्क्रिप्टेड केस” तैयार किया गया, फर्जी आरोप गढ़े गए और उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया—वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि निशाने पर राजनीतिक विरोधी हैं। राणा यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी है तो देहरा उपचुनाव के दौरान “कैश फॉर वोट” के आरोपों की जांच करवाई जाए। उन्होंने दावा किया कि कांगड़ा बैंक के जरिए महिला मंडलों को अवैध रूप से पैसे बांटे गए, लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे बैठी है क्योंकि मामला “घर के अंदर” का है। सरकार पर “मित्रों को खुली लूट की छूट” देने का आरोप लगाते हुए राणा ने मुख्यमंत्री के एक करीबी सलाहकार की संपत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति कभी मामूली हालात में था, आज करोड़ों की संपत्ति और आलीशान बंगले कैसे खड़े कर रहा है—इसकी जांच क्यों नहीं हो रही? राणा ने आरोप लगाया कि सरकार जांच से भाग रही है और उल्टा अपने चहेतों को पद और भर्तियों के जरिए फायदा पहुंचा रही है। पुलिस प्रशासन को भी राणा ने सख्त लहजे में चेताया—“वर्दी की गरिमा बचाइए, सत्ता की कठपुतली मत बनिए… क्योंकि वक्त बदलते देर नहीं लगती।”1