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भारतीय हिन्दूराष्ट्र ऑनलाइन रजिस्टर भारत माता की जयहिंद

1 day ago
user_Atma Gandhi
Atma Gandhi
Court reporter Vasthana•
1 day ago

भारतीय हिन्दूराष्ट्र ऑनलाइन रजिस्टर भारत माता की जयहिंद

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • पीलीभीत। जनपद का चर्चित एस.एस. प्राइवेट अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि अस्पताल के गेट पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने इलाज के लिए आई एक बेहोश महिला मरीज के कानों से सोने के कुंडल पार कर दिए। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, परिजनों ने एक महिला मरीज को गंभीर हालत में इलाज के लिए एस.एस. अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि जब महिला बेहोशी की हालत में अस्पताल के गेट पर पहुंची, तो वहां तैनात गार्ड ने मदद के बहाने या भीड़ का फायदा उठाकर महिला के कानों से सोने के कुंडल निकाल लिए। परिजनों का हंगामा मरीज को होश आने और गहने गायब होने की जानकारी मिलने पर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रबंधन से इसकी शिकायत की और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। परिजनों का कहना है कि जिस जगह मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहीं अगर ऐसे "रक्षक ही भक्षक" बन जाएंगे, तो जनता किस पर भरोसा करेगी। मुख्य बिंदु: अस्पताल: एस.एस. प्राइवेट अस्पताल, पीलीभीत। आरोप: सुरक्षा गार्ड द्वारा बेहोश महिला के सोने के कुंडल चोरी करना। विवाद: अस्पताल पहले भी कई कारणों से सुर्खियों में रह चुका है। "यह बेहद शर्मनाक घटना है। अस्पताल प्रशासन को अपने स्टाफ की जवाबदेही तय करनी चाहिए। पुलिस को इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" — स्थानीय नागरिक जांच की मांग घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सूचना देकर आरोपी गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले पर क्या सफाई देता है और पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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    पीलीभीत। जनपद का चर्चित एस.एस. प्राइवेट अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि अस्पताल के गेट पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने इलाज के लिए आई एक बेहोश महिला मरीज के कानों से सोने के कुंडल पार कर दिए।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, परिजनों ने एक महिला मरीज को गंभीर हालत में इलाज के लिए एस.एस. अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि जब महिला बेहोशी की हालत में अस्पताल के गेट पर पहुंची, तो वहां तैनात गार्ड ने मदद के बहाने या भीड़ का फायदा उठाकर महिला के कानों से सोने के कुंडल निकाल लिए।
परिजनों का हंगामा
मरीज को होश आने और गहने गायब होने की जानकारी मिलने पर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रबंधन से इसकी शिकायत की और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। परिजनों का कहना है कि जिस जगह मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहीं अगर ऐसे "रक्षक ही भक्षक" बन जाएंगे, तो जनता किस पर भरोसा करेगी।
मुख्य बिंदु:
अस्पताल: एस.एस. प्राइवेट अस्पताल, पीलीभीत।
आरोप: सुरक्षा गार्ड द्वारा बेहोश महिला के सोने के कुंडल चोरी करना।
विवाद: अस्पताल पहले भी कई कारणों से सुर्खियों में रह चुका है।
"यह बेहद शर्मनाक घटना है। अस्पताल प्रशासन को अपने स्टाफ की जवाबदेही तय करनी चाहिए। पुलिस को इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" — स्थानीय नागरिक
जांच की मांग
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सूचना देकर आरोपी गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले पर क्या सफाई देता है और पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    22 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
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    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जनपद बरेली के थाना देवरनियां पुलिस ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर आरोपी को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट बरेली के आदेश के अनुपालन में की गई। पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को थाना देवरनियां पुलिस ने ग्राम गिरधरपुर निवासी सद्दाम पुत्र शफीक अहमद (उम्र 32 वर्ष) को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत जनपद से बाहर कर दिया। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 10 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में आरोपी को 6 माह तक बरेली की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए थे। आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम ने आरोपी को जनपद बरेली की सीमा से बाहर उत्तराखंड के जनपद उधमसिंह नगर स्थित थाना पुलभट्टा क्षेत्र की सीमा तक छोड़ दिया। साथ ही सख्त हिदायत दी गई कि वह 6 माह की अवधि के भीतर जनपद बरेली में प्रवेश नहीं करेगा, अन्यथा उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी सद्दाम पर विभिन्न थानों में कुल 8 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए प्रशासन ने यह कठोर कदम उठाया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवदीप कुमार और उपनिरीक्षक सुनील कुमार सहित पुलिस टीम की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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    जनपद बरेली के थाना देवरनियां पुलिस ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर आरोपी को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट बरेली के आदेश के अनुपालन में की गई।
पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को थाना देवरनियां पुलिस ने ग्राम गिरधरपुर निवासी सद्दाम पुत्र शफीक अहमद (उम्र 32 वर्ष) को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत जनपद से बाहर कर दिया। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 10 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में आरोपी को 6 माह तक बरेली की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश के अनुपालन में पुलिस टीम ने आरोपी को जनपद बरेली की सीमा से बाहर उत्तराखंड के जनपद उधमसिंह नगर स्थित थाना पुलभट्टा क्षेत्र की सीमा तक छोड़ दिया। साथ ही सख्त हिदायत दी गई कि वह 6 माह की अवधि के भीतर जनपद बरेली में प्रवेश नहीं करेगा, अन्यथा उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी सद्दाम पर विभिन्न थानों में कुल 8 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, हत्या के प्रयास और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए प्रशासन ने यह कठोर कदम उठाया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आशुतोष द्विवेदी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवदीप कुमार और उपनिरीक्षक सुनील कुमार सहित पुलिस टीम की प्रमुख भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
    user_लाल सिंह
    लाल सिंह
    नवाबगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा पीलीभीत। प्रकृति की गोद में बसने और वन्यजीवों को करीब से निहारने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों पहली पसंद बना हुआ है। तराई के इस घने जंगल में सफारी का आनंद लेने के लिए न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश-दुनिया से सैलानियों का तांता लगा हुआ है। चूका स्पॉट पर दिखा 'मिनी गोवा' का नजारा सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण चूका स्पॉट और वहां स्थित वाटर हट्स बने हुए हैं। शारदा सागर बांध के किनारे बसे इस पर्यटन स्थल पर सुबह से ही पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। इको-टूरिज्म का लुत्फ: सैलानी यहां के ट्री-हट्स और बेंबू-हट्स में रुककर जंगल की शांति का अनुभव कर रहे हैं। स्वच्छ वातावरण: शहर के प्रदूषण से दूर, जंगल की ताजी हवा और शांत वातावरण पर्यटकों को तरोताजा कर रहा है। जिप्सी सफारी: रोमांच और रोमांचक दीदार जंगल के कोर एरिया में प्रवेश करते ही रोमांच अपने चरम पर होता है। जिप्सी पर सवार होकर जब सैलानी ऊंचे-ऊंचे साल के पेड़ों के बीच से गुजरते हैं, तो हर मोड़ पर एक नई उम्मीद होती है। वन्यजीवों की झलक: हालिया सफारी के दौरान कई सैलानियों को बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरणों के झुंड देखने को मिले। पक्षियों का कलरव: तराई का यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिए भी मशहूर है, जिसका आनंद पर्यटक बखूबी उठा रहे हैं। सफारी के लिए लगी लंबी कतारें पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सफारी बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। "जंगल के बीच जिप्सी पर बैठकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना एक जादुई अनुभव है। चूका स्पॉट की सुंदरता तो देखते ही बनती है।" — एक पर्यटक पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी सुविधा विवरण मुख्य आकर्षण चूका बीच, वाइल्डलाइफ सफारी, नौका विहार रहने की व्यवस्था थारू हट, ट्री हाउस और चूका के वाटर हट्स बुकिंग माध्यम उत्तर प्रदेश वन निगम की आधिकारिक वेबसाइट प्रशासन की अपील: वन विभाग ने सैलानियों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न कर जंगल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
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    पीलीभीत टाइगर रिजर्व: चूका बीच की लहरों और वन्यजीवों की दहाड़ के बीच सैलानियों का जमावड़ा
पीलीभीत। प्रकृति की गोद में बसने और वन्यजीवों को करीब से निहारने की चाहत रखने वाले पर्यटकों के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) इन दिनों पहली पसंद बना हुआ है। तराई के इस घने जंगल में सफारी का आनंद लेने के लिए न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश-दुनिया से सैलानियों का तांता लगा हुआ है।
चूका स्पॉट पर दिखा 'मिनी गोवा' का नजारा
सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण चूका स्पॉट और वहां स्थित वाटर हट्स बने हुए हैं। शारदा सागर बांध के किनारे बसे इस पर्यटन स्थल पर सुबह से ही पर्यटकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है।
इको-टूरिज्म का लुत्फ: सैलानी यहां के ट्री-हट्स और बेंबू-हट्स में रुककर जंगल की शांति का अनुभव कर रहे हैं।
स्वच्छ वातावरण: शहर के प्रदूषण से दूर, जंगल की ताजी हवा और शांत वातावरण पर्यटकों को तरोताजा कर रहा है।
जिप्सी सफारी: रोमांच और रोमांचक दीदार
जंगल के कोर एरिया में प्रवेश करते ही रोमांच अपने चरम पर होता है। जिप्सी पर सवार होकर जब सैलानी ऊंचे-ऊंचे साल के पेड़ों के बीच से गुजरते हैं, तो हर मोड़ पर एक नई उम्मीद होती है।
वन्यजीवों की झलक: हालिया सफारी के दौरान कई सैलानियों को बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरणों के झुंड देखने को मिले।
पक्षियों का कलरव: तराई का यह इलाका प्रवासी पक्षियों के लिए भी मशहूर है, जिसका आनंद पर्यटक बखूबी उठा रहे हैं।
सफारी के लिए लगी लंबी कतारें
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सफारी बुकिंग के लिए लंबी वेटिंग चल रही है।
"जंगल के बीच जिप्सी पर बैठकर वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना एक जादुई अनुभव है। चूका स्पॉट की सुंदरता तो देखते ही बनती है।" — एक पर्यटक
पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी
सुविधा	विवरण
मुख्य आकर्षण	चूका बीच, वाइल्डलाइफ सफारी, नौका विहार
रहने की व्यवस्था	थारू हट, ट्री हाउस और चूका के वाटर हट्स
बुकिंग माध्यम	उत्तर प्रदेश वन निगम की आधिकारिक वेबसाइट
प्रशासन की अपील: वन विभाग ने सैलानियों से अपील की है कि वे सफारी के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न कर जंगल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by अशोक सरकार
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    Post by अशोक सरकार
    user_अशोक सरकार
    अशोक सरकार
    Khatima, Udam Singh Nagar•
    2 hrs ago
  • Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
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    Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by समाचार Crime News
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    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Pankaj gupta
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    Post by Pankaj gupta
    user_Pankaj gupta
    Pankaj gupta
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कटना नदी को मिलेगा नया जीवन: पीलीभीत जिलाधिकारी ने श्रमदान कर पुनरुद्धार कार्य का किया शुभारंभ पीलीभीत। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मंगलवार को पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत कंजा हरैय्या और अजीतपुर पटपरा में कटना नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और ग्रामीणों को अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रेरित किया। मुख्य बिंदु: जल स्तर में सुधार: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को बहाल करना और उसका गहरीकरण करना है, जिससे क्षेत्र के गिरते भू-गर्भ जल स्तर में सुधार होगा। किसानों को लाभ: नदी के पुनर्जीवित होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। सामुदायिक सहभागिता: जिलाधिकारी ने इस दौरान ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। कार्यक्रम का विवरण अम्बेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ विकास खंड मरौरी के अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कटना नदी, जो लंबे समय से अतिक्रमण और गाद (silt) की समस्या से जूझ रही थी, अब नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के समन्वय से नए स्वरूप में नजर आएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुनरुद्धार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस पहल से न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी (ecology) को भी मजबूती मिलेगी।
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    कटना नदी को मिलेगा नया जीवन: पीलीभीत जिलाधिकारी ने श्रमदान कर पुनरुद्धार कार्य का किया शुभारंभ
पीलीभीत। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मंगलवार को पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत कंजा हरैय्या और अजीतपुर पटपरा में कटना नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और ग्रामीणों को अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य बिंदु:
जल स्तर में सुधार: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को बहाल करना और उसका गहरीकरण करना है, जिससे क्षेत्र के गिरते भू-गर्भ जल स्तर में सुधार होगा।
किसानों को लाभ: नदी के पुनर्जीवित होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
सामुदायिक सहभागिता: जिलाधिकारी ने इस दौरान ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के प्रति हमारा कर्तव्य भी है।
कार्यक्रम का विवरण
अम्बेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ विकास खंड मरौरी के अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कटना नदी, जो लंबे समय से अतिक्रमण और गाद (silt) की समस्या से जूझ रही थी, अब नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के समन्वय से नए स्वरूप में नजर आएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुनरुद्धार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस पहल से न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी (ecology) को भी मजबूती मिलेगी।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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