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जनपद महराजगंज से ठूठीबारी तक की सड़क बन रही है अति सुंदर
Munna Ansari
जनपद महराजगंज से ठूठीबारी तक की सड़क बन रही है अति सुंदर
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- भारत नेपाल की सोनौली बॉर्डर पर दोनों देशों की तरफ मालवाहक ट्रैकों की लंबी जाम लगी, जिससे पर्यटक घंटो घंटो तक जाम में रुकना पड़ रहा है.1
- 📍महाराजगंज जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जांच के आदेश देते हुए जिम्मेदारी सौंप दी है। संपत्ति विवाद से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
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- कुशीनगर से इस वक्त एक सनसनीखेज खबर। चलती बाइक… और अचानक हुआ जोरदार धमाका। कसया थाना क्षेत्र के कसया–तुर्कपट्टी मार्ग पर खरदर पुल के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बाइक सवार युवक की जेब में रखा मोबाइल फोन अचानक ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि बाइक चालक घबरा गया, बाइक अनियंत्रित हुई और सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे में बाइक पर सवार तीन लोग—दामाद, सास और साली—सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मोबाइल की बैट्री फटते ही बाइक का संतुलन बिगड़ गया और पलभर में सफर हादसे में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस से सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है। यह हादसा मोबाइल बैट्री से जुड़ी लापरवाही के खतरों की एक बड़ी चेतावनी है। कुशीनगर से… ब्रेकिंग न्यूज़।1
- कुशीनगर। सुकरौली विकास खंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवता में कर्मचारियों और चिकित्सकों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कुत्ते के काटने से घायल पांच वर्षीय मासूम को रेबीज (रैबीज) का टीका लगवाने के लिए परिजन जब स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तो उन्हें तत्काल उपचार मिलने के बजाय करीब एक घंटे तक इंतजार कराया गया। परिजनों के अनुसार, बच्चा कुत्ते के काटने से भयभीत और दर्द में था, बावजूद इसके अस्पताल कर्मियों ने उसे प्राथमिकता नहीं दी। काफी देर इंतजार के बाद परिजनों को इधर-उधर घूमने को कहा गया, तब जाकर बच्चे को टीका लगाया गया। हैरानी की बात यह रही कि टीका लगाने के दौरान डॉक्टर ने रेबीज का इंजेक्शन तो लिखा, लेकिन डिस्पोजेबल अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण बाहर से मंगवाने को कहा गया। इतना ही नहीं, चिकित्सकों द्वारा लिखी गई कुछ आवश्यक दवाइयां भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। जब परिजनों ने दवाइयों के बारे में जानकारी ली, तो कर्मचारियों ने साफ तौर पर कह दिया कि अस्पताल में दवा खत्म हो चुकी है। इसके बाद मजबूरन परिजनों को बाहर की दवाइयां खरीदनी पड़ीं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही यहीं नहीं थमी। सरकारी अस्पताल होते हुए भी मरीजों को जरूरी संसाधनों के लिए बाजार का रुख करना पड़ा, जो शासन की मंशा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस केंद्र पर दवाइयों की कमी और कर्मचारियों की उदासीनता की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह घटना भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।1
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- दिल्ली के महरौली इलाके में दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है नशे में धुत चार आवारा लड़कों ने एक लड़की पर अश्लील कमेंट्स किए पास ही खड़े ट्रांसपोर्टर ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी बिफर गए और उस पर जानलेवा हमला कर दिया हमले में ट्रांसपोर्टर गंभीर रूप से घायल हो गया,जिसकी हालत नाजुक है1