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उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन में छत्ता रोड पर भयंकर तूफान ने तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण सड़क पर बिजली के खंभे टूट गए, जिससे क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई।
Akash sharma
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन में छत्ता रोड पर भयंकर तूफान ने तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण सड़क पर बिजली के खंभे टूट गए, जिससे क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई।
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- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गोवर्धन में छत्ता रोड पर भयंकर तूफान ने तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण सड़क पर बिजली के खंभे टूट गए, जिससे क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई।1
- मथुरा के गोवर्धन तहसील स्थित ग्राम कमई में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। अधिकांश ग्रामवासियों की राय लिए बिना ही विकास कार्य किए जाने का आरोप है, जिससे ग्राम के 70 प्रतिशत से अधिक लोग वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का चयन जनहित या ग्रामसभा की वास्तविक आवश्यकताओं के बजाय सीमित क्षेत्रों और प्रधान के समर्थकों के पक्ष में किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अनेक विकास कार्य प्रधान के निवास के आसपास या उनके समर्थकों के मोहल्लों में ही कराए गए हैं, जबकि ग्राम के अन्य हिस्सों में मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उनके अनुसार, कुछ कार्य अभिलेखों और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज तो हैं, लेकिन धरातल पर उनकी स्थिति संदिग्ध है अथवा वे पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देते हैं। इस स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित विकास कार्यों, भुगतान अभिलेखों और उनके भौतिक सत्यापन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण ग्राम कमई में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।4
- डीग में बुधवार, 10 जून को देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार के तत्वावधान में राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर श्री लक्ष्मण जी महाराज में एक विशेष पूजा-अर्चना और मंगलकामना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश में खुशहाली की निरंतरता और आमजन के मंगल की कामना के उद्देश्य से संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में मंहत पंडित मुरारी लाल पाराशर ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना करवाई। इस पावन अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां ने महाआरती की और समस्त प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि तथा राज्य की प्रगति के लिए दीप प्रज्वलित कर प्रार्थना की। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना, सहकारिता विभाग के सहायक रजिस्ट्रार रामावतार सिंह और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक दिलकुश मीना सहित अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।1
- भरतपुर जिले के डीग से एक निवासी ने अपनी गली की खराब स्थिति को लेकर शिकायत की है। निवासी के अनुसार, उनकी गली अभी भी कच्ची है और उसमें कोई काम नहीं हुआ है। आरोप है कि गली बनाने के लिए कोई भी ठेकेदार काम नहीं कर रहा है, बल्कि वे यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि गली पहले से बनी हुई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि ठेकेदार दूसरी गली की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर उसे बनी हुई बताता है, जबकि उसकी अपनी गली का कोई वीडियो नहीं लेता। इसके अतिरिक्त, गली में कोई रोड लाइट भी नहीं लगी है। शिकायतकर्ता ने अपनी बात के प्रमाण में वीडियो दिखाने की बात कही है।1
- राजस्थान में जाट आरक्षण की मांग को लेकर नेमसिंह फौजदार विभिन्न स्थानों पर पीले चावल बांट रहे हैं। यह गतिविधि जाट समुदाय के लिए आरक्षण की आवश्यकता पर जोर देने और इस मांग के समर्थन में लोगों को एकजुट करने के उद्देश्य से की जा रही है।1
- वृंदावन की सड़कों पर मनचलों के आतंक को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ पर्यटक युवतियों के साथ अभद्रता किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में मनचलों पर सड़क पर उपद्रव मचाने और युवतियों से गलत व्यवहार करने का आरोप है।1
- आज श्री सचिन पायलट जी ने करौली जिले के मासलपुर स्थित ग्राम सकरघटा में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व श्री राजेश पायलट जी की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल किसान सम्मेलन को भी संबोधित किया।1
- भरतपुर के कामां क्षेत्र में 9 जून की शाम आई तेज धूल भरी आंधी के चलते गांव पीपलखेड़ा निवासी प्रेम सिंह के पुत्र धर्म सिंह का मकान भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते घर से बाहर निकल गए, जिससे इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, मकान ढहने से घर का सारा सामान, अनाज और अन्य सभी जरूरी सामग्री मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह से नष्ट हो गई। इस हादसे में पीड़ित परिवार को करीब दो से ढाई लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। अब यह गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजे की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें इस मुश्किल घड़ी में कुछ राहत मिल सके।1