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बिहार के भोजपुर जिले के निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है और इसने काफी तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद, परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि उनकी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई थी। इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। पूरे मामले पर सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
Anand Pratap Tiwari
बिहार के भोजपुर जिले के निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है और इसने काफी तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद, परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि उनकी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई थी। इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। पूरे मामले पर सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
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- मोहर्रम के अवसर पर लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही, जिसके चलते यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था के साथ, पूर्वी जोन के गुडंबा और विकासनगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुटे ने स्वयं सड़क पर उतरकर हालात का जायजा लिया, जहां भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी की गई। पुराने लखनऊ में ताजिया जुलूस के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान लोगों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।1
- थाना महिगवां पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए 05 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये अभियुक्त मोबाइल चोरी करने के बाद यूपीआई (UPI) और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।2
- बिहार के भोजपुर जिले के निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है और इसने काफी तूल पकड़ लिया है। इस घटना के बाद, परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि उनकी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई थी। इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। पूरे मामले पर सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।1
- लखनऊ में पुलिस ने मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जो सभी सीतापुर जनपद के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 11 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल, ₹8,358 नकद, बैंक डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड बरामद किए हैं। ठगी की वारदातों में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल चोरी करता था। इसके बाद, आरोपी चोरी किए गए मोबाइल में लगे सिम कार्ड का इस्तेमाल कर यूपीआई (UPI), यूपीआई लाइट (UPI Lite) और इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय करते थे। सक्रिय होने के बाद, वे खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लेते थे। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने महिगवां क्षेत्र में लगभग ₹3.91 लाख और बीकेटी क्षेत्र में लगभग ₹4.28 लाख की साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। ठगी को अंजाम देने के बाद, आरोपी मोबाइल और सिम कार्ड को नष्ट कर सबूत मिटाने का प्रयास करते थे। लखनऊ पुलिस की सतर्क कार्रवाई और महिगवां पुलिस तथा साइबर क्राइम सेल की संयुक्त कार्रवाई से इस गिरोह का खुलासा हो पाया है। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- आगरा शहर के एक क्षेत्र में स्थानीय निवासियों ने अपने जन प्रतिनिधियों के खिलाफ एक अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महापौर हेमलता दिवाकर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और दो पार्षदों की तस्वीरों पर फूलमाला चढ़ाकर प्रतीकात्मक रूप से उनका मुंडन संस्कार किया और 'तेरहवीं' का कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद से ये जन प्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं और लंबे समय से जनता के बीच भी नहीं पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी गहरी नाराजगी को व्यक्त करने के लिए ही यह सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। फिलहाल, इस पूरे मामले पर संबंधित जन प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले का एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक पुलिस थाने के अंदर कथित अनुचित आचरण के आरोप में एक पुरुष कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि इसी घटना में शामिल एक महिला कांस्टेबल के खिलाफ विभागीय जाँच के आदेश दिए गए हैं। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया है। इस घटना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि आरोप एक ही घटना से जुड़े हैं, तो कार्रवाई के मानदंड भी समान होने चाहिए। इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि न्याय का आधार लिंग न होकर, समान नियम और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए, क्योंकि एक ही मामले में दो अलग-अलग पैमाने क्यों अपनाए जा रहे हैं, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।1