बीना में आगामी 16 जुलाई को 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के साथ भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथ यात्रा निकलेगी, जिसकी तैयारियों को लेकर रविवार शाम श्री हरे राम आश्रम, जगन्नाथ धाम, नई बस्ती में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजजनों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भाग लिया, जहां विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और भक्तों में उत्साह का माहौल है। रथ यात्रा से पूर्व, 29 जून को भगवान जगन्नाथ स्वामी का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत अभिषेक एवं विशेष पूजन किया जाएगा। इसके उपरांत, भगवान परंपरा अनुसार 15 दिनों के 'अणवसर' या विश्राम काल में रहेंगे, जिस दौरान श्रद्धालुओं को उनके प्रत्यक्ष दर्शन नहीं हो सकेंगे। पंडित प्रकाश चौबे ने बताया कि विश्राम काल के दौरान भगवान की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नियमित स्वास्थ्य देखभाल की जाएगी, जिसके लिए विद्वान वैद्य एवं चिकित्सक आशीष तिवारी मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर प्रतीकात्मक स्वास्थ्य जांच और सेवा करेंगे। यह प्रक्रिया भगवान के स्वास्थ्य लाभ और पुनः दर्शन से पहले की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा मानी जाती है। 15 दिनों के विश्राम काल के पश्चात, 16 जुलाई की प्रातः भगवान का पुनः अभिषेक एवं पूजन संपन्न होगा। इसके बाद, दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण यह रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई भारत टॉकीज के समीप स्थित हनुमान मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा तथा रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी। यात्रा के दूसरे दिन, 17 जुलाई को शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ स्वामी भक्तों के साथ पुनः पवित्र धाम नई बस्ती स्थित श्री हरे राम आश्रम के लिए प्रस्थान करेंगे। धाम पहुंचने के उपरांत महाआरती का आयोजन किया जाएगा और सभी श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। बैठक में उपस्थित श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने इस रथ यात्रा को श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया है, साथ ही नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया गया है।
बीना में आगामी 16 जुलाई को 'जय जगन्नाथ' के जयघोष के साथ भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथ यात्रा निकलेगी, जिसकी तैयारियों को लेकर रविवार शाम श्री हरे राम आश्रम, जगन्नाथ धाम, नई बस्ती में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजजनों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भाग लिया, जहां विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और भक्तों में उत्साह का माहौल है। रथ यात्रा से पूर्व, 29 जून को भगवान जगन्नाथ स्वामी का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत अभिषेक एवं विशेष पूजन किया जाएगा। इसके उपरांत, भगवान परंपरा अनुसार 15 दिनों के 'अणवसर' या विश्राम काल में रहेंगे, जिस दौरान श्रद्धालुओं को उनके प्रत्यक्ष दर्शन नहीं हो सकेंगे। पंडित प्रकाश चौबे ने बताया कि विश्राम काल के दौरान भगवान की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार नियमित स्वास्थ्य देखभाल की जाएगी, जिसके लिए विद्वान वैद्य एवं चिकित्सक आशीष तिवारी मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर प्रतीकात्मक स्वास्थ्य जांच और सेवा करेंगे। यह प्रक्रिया भगवान के स्वास्थ्य लाभ और पुनः दर्शन से पहले की एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा मानी जाती है। 15 दिनों के
विश्राम काल के पश्चात, 16 जुलाई की प्रातः भगवान का पुनः अभिषेक एवं पूजन संपन्न होगा। इसके बाद, दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण यह रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई भारत टॉकीज के समीप स्थित हनुमान मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा तथा रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी। यात्रा के दूसरे दिन, 17 जुलाई को शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ स्वामी भक्तों के साथ पुनः पवित्र धाम नई बस्ती स्थित श्री हरे राम आश्रम के लिए प्रस्थान करेंगे। धाम पहुंचने के उपरांत महाआरती का आयोजन किया जाएगा और सभी श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। बैठक में उपस्थित श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने इस रथ यात्रा को श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया है, साथ ही नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया गया है।
- बीना विकासखंड में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहाँ अब किसान पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण और कृषि नवाचार अपना रहे हैं। किसानों की रुचि अब चिया सीड्स, तिल, ज्वार, रोज़ेल (हिबिस्कस) और चिरायता जैसी औषधीय एवं नकदी फसलों की खेती में बढ़ी है। इस परिवर्तन में कृषि विभाग का मार्गदर्शन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अवदेश राय गांवों और खेतों का लगातार दौरा कर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। वे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचार फसलों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ सफल किसानों के अनुभवों को दूसरों तक पहुँचाने का भी कार्य कर रहे हैं। इस क्षेत्र के कई किसानों ने चिया सीड्स की बुवाई छिड़काव विधि से शुरू की है, जबकि अनेक किसान अब मशीन और बेड पद्धति से वैज्ञानिक तरीके से बुवाई करने की तैयारी में हैं। इन किसानों ने ऐसी मल्टीक्रॉप मशीन की आवश्यकता व्यक्त की है, जो बेड निर्माण के साथ-साथ छोटे और बड़े दोनों प्रकार के बीजों की आसानी से बुवाई कर सके। किसानों की इस विशेष ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए, एक विशेष मल्टीक्रॉप मशीन का डिज़ाइन तैयार किया गया है। यह मशीन चिया सीड्स सहित अन्य बहुफसली बीजों की बुवाई के लिए उपयोगी होगी। मशीन निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से किसानों के एक दल ने खुरई स्थित विजय इंडस्ट्रीज़ के प्लांट का दौरा कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि मशीन अगले एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी। मशीन के तैयार होने के बाद, खेतों में इसका प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) किया जाएगा, जिससे किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग करके नवाचार और औषधीय फसलों की वैज्ञानिक बुवाई कर सकेंगे। यह पहल फसल विविधीकरण, तकनीकी उन्नयन और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। नई फसलें, नई तकनीक और किसानों की बदलती सोच बीना की खेती को एक नई पहचान दे रही है, और कृषि विभाग तथा किसानों के संयुक्त प्रयास क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं लाभकारी खेती का एक नया मॉडल तैयार कर रहे हैं, जो भविष्य में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।4
- प्रकृति के मनोरम दृश्य का वर्णन करते हुए, यह रचना उमड़ते बादलों और महकती हुई फ़िज़ाओं का चित्रण करती है। दिल में पुरानी यादों की धुनें गूंज रही हैं, जिससे यह अहसास होता है कि आसमान आज खुलकर बरसेगा। हवा भी जैसे बारिश के लिए प्रार्थना करती हुई प्रतीत होती है, जो चारों ओर एक भीगी-भीगी उम्मीद का माहौल बना रही है।3
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. सुमित कुमार रावत और नीमा (NIMA) सागर के संयुक्त तत्वावधान में सागर के तिली रोड स्थित राधारमण एन्क्लेव गार्डन में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ बुढ़ापा (हेल्दी एजिंग) और निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) के प्रति जागरूक करना था, जिसमें पोषण और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के महत्व पर भी जोर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए 'जीरो सिंगल-यूज़ वेस्ट' की अवधारणा को अपनाया गया। प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए, उपस्थित सभी लोगों को हेल्थ न्यूट्रिशन के रूप में अंकुरित आहार और हर्बल सूप पारंपरिक दोना-पत्तल में परोसा गया। इस पहल की लोगों ने सराहना की और इसे पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया। शिविर में डॉ. दीपक सिंह और कुमारी चंद्रप्रभा जैन ने मुख्य रूप से योग प्रशिक्षण दिया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. दिनेश पटेरिया द्वारा किए गए उत्कृष्ट हलासन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया और सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 6 वर्षीय प्रतिभाशाली बालिका प्रकृति तिवारी रहीं, जिन्होंने एक से बढ़कर एक कठिन योग मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन से पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, और उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, चिकित्सकों एवं योग प्रेमियों ने उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की। योग दिवस के अवसर पर, समाधान डायग्नोस्टिक के सहयोग से एक निःशुल्क रक्त जांच शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर के माध्यम से आधुनिक डायग्नोस्टिक्स का उपयोग करते हुए लोगों को बीमारी होने से पहले ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की महत्ता का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. डी. पी. नीमा, डॉ. प्रवीण खरे, डॉ. राघवेंद्र चौबे, डॉ. संजय जैन, डॉ. अश्विन रेजा, डॉ. राजेश शुक्ला, डॉ. राहुल जैन, डॉ. सौरभ चौरसिया, डॉ. निवेदिता रावत, पंकज तिवारी और प्रकृति प्रेमी महेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया और दैनिक जीवन में योग, संतुलित पोषण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।2
- आज, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति मनाई जा रही है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आती है। इस विशेष अवसर पर, आज दोपहर में एक जादुई खगोलीय घटना भी देखने को मिलेगी। ठीक दोपहर 12 बजे सूर्य आसमान के केंद्र में रहेगा, जिससे मनुष्यों की परछाई अस्थायी रूप से शून्य हो जाएगी। यह अनोखा खगोलीय नजारा साल में केवल एक बार ही अनुभव किया जा सकता है, जो इस दिन को सबसे लंबा और एक अद्भुत खगोलीय अनुभव वाला बनाता है।1
- 21वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सागर के पी टी सी ग्राउंड में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक श्री शैलेंद्र जैन, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी, योगाचार्य श्री विष्णु आर्य, योगाचार्य श्री भगत सिंह, कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, एसडीएम सागर श्री अमन मिश्रा और संभागीय आयुष अधिकारी डॉक्टर जोगेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और अधिकारी भी सम्मिलित हुए।1
- हमारे क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है, जहाँ ग्राम पंचायत थावरी भिलैया के एक नौजवान, अंकित प्रजापति, का अग्निवीर भर्ती परीक्षा में सफल चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल अंकित जी के लिए, बल्कि पूरे थावरी भिलैया गाँव, चिखली जमुनिया स्कूल और उनके परिवार के लिए गौरव का प्रतीक है, क्योंकि उन्होंने देश सेवा की राह चुनी है। अंकित प्रजापति ने अपनी हाई स्कूल की शिक्षा चिखली जमुनिया स्कूल से पूरी की, जहाँ वे अपनी मेहनती और अनुशासित प्रकृति के लिए जाने जाते थे। उनके इस चयन पर माता बंदना प्रजापति और पिता कैलाश प्रजापति ने उन्हें ढेर सारा आशीर्वाद दिया है, और इस खुशी के अवसर पर पूरा गाँव परिवार के साथ खड़ा है। अंकित की लगन और कड़ी मेहनत ने न केवल उनके माता-पिता का सिर गर्व से ऊँचा किया है, बल्कि पूरे गाँव और स्कूल का नाम भी रोशन किया है। अग्निवीर योजना, जो देश के युवाओं को सेना में सेवा करने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है, के तहत अंकित जैसे नौजवानों का चयन यह साबित करता है कि छोटे गाँवों से निकलकर भी युवा देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इस शानदार उपलब्धि पर अंकित प्रजापति को बधाई देते हुए, पूरी टीम और क्षेत्र की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं। यह प्रार्थना भी की गई है कि वे अपनी ड्यूटी में हमेशा सिर ऊँचा रखें, अनुशासन बनाए रखें और देश की सेवा में कोई कसर न छोड़ें। उनकी यह सफलता परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके के युवाओं को प्रेरणा देगी कि मेहनत और समर्पण से हर सपना पूरा किया जा सकता है।1
- सागर जिले के गौरझामर में हुई पहली बारिश ने खान मुहल्ले के रहवासियों के लिए आफत खड़ी कर दी है। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बनी आरसीसी सड़क के कारण, जिसका नाली निर्माण नहीं हुआ, घरों के अंदर पानी भर गया है। आलम यह है कि मकान निवासी अपने घरों के भीतर ही तैरने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन की अनुपस्थिति को लेकर रहवासी चिंतित हैं और मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उनका कहना है कि यह तो बरसात की शुरुआत भर है, और यदि यही स्थिति बनी रही, तो खाना बनाने, सोने और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। रहवासियों ने इस समस्या का शीघ्र निदान करने की मांग की है।1
- विहार के जोधपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित कुछ तथ्य अब सामने आए हैं। इन तथ्यों को लेकर क्षेत्र की जनता अपनी मन की बात खुलकर व्यक्त कर रही है।1