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सागर जिले के खिमलासा बीना में कृषि विभाग और पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई एक ऐसे दुकानदार के यहाँ की गई, जिससे किसानों ने सोयाबीन का बीज खरीदा था, लेकिन बुवाई के 15 दिन बाद भी वह बीज नहीं उगा। इस घटना के कारण कई किसानों को लाखों रुपए का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने इस गंभीर मामले की शिकायत पुलिस और कृषि विभाग के मुख्य अधिकारी से की थी। शिकायत मिलने के बाद, कृषि विभाग और पुलिस ने मिलकर तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त 'बाहुबली सराफ, नमक, दुकानदार' पर छापा मारा और आवश्यक कार्यवाही भी की। रिपोर्ट में इस पूरी स्थिति को अमानक खाद बीज विक्रय का एक बड़ा खेल बताया गया है।
हरिकृष्ण सोनी
सागर जिले के खिमलासा बीना में कृषि विभाग और पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई एक ऐसे दुकानदार के यहाँ की गई, जिससे किसानों ने सोयाबीन का बीज खरीदा था, लेकिन बुवाई के 15 दिन बाद भी वह बीज नहीं उगा। इस घटना के कारण कई किसानों को लाखों रुपए का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने इस गंभीर मामले की शिकायत पुलिस और कृषि विभाग के मुख्य अधिकारी से की थी। शिकायत मिलने के बाद, कृषि विभाग और पुलिस ने मिलकर तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त 'बाहुबली सराफ, नमक, दुकानदार' पर छापा मारा और आवश्यक कार्यवाही भी की। रिपोर्ट में इस पूरी स्थिति को अमानक खाद बीज विक्रय का एक बड़ा खेल बताया गया है।
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- बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि भारी वाहन नियमों की अनदेखी कर नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं। इस मार्ग को विशेष रूप से छोटे वाहनों के लिए बनाया गया था, लेकिन डंपरों सहित अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षतिग्रस्त हो रहा है। दरअसल, ओवरब्रिज निर्माण के चलते रेलवे फाटक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूल इसी मार्ग पर होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए अंडरब्रिज के नीचे छोटे वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। प्रशासन ने भारी वाहनों को रोकने के लिए हार्ड गेट भी लगाया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ डंपर संचालकों ने कथित तौर पर अपने डंपरों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर लिया है, जिससे वे हार्ड गेट के नीचे से भी आसानी से निकल रहे हैं और प्रतिबंधित मार्ग पर आवाजाही जारी है। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से टूट रही है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं, न्यायालय और तहसील आने वाले लोगों सहित स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित तौर पर निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।3
- बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।1
- अशोकनगर जिले के मुंगावली न्यायालय के वकील फिरोज खान पर बहादुरपुर थाने में एक प्रकरण दर्ज किया गया है, जिसका उन्होंने खंडन किया है। इस मामले के विरोध में अभिभाषक संघ ने एसडीओपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ने ज्ञापन में कहा कि उनके सदस्य फिरोज मोहम्मद खान के खिलाफ ग्राम गदूली निवासी शैतान सिंह रजक द्वारा एक असत्य अपराध पंजीबद्ध कराया गया है, जिसकी जांच प्रक्रिया में है। संघ को सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि आरोपी शैतान सिंह रजक ने षडयंत्रपूर्वक असत्य साक्ष्य बनाकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया है। संघ का आरोप है कि शैतान सिंह रजक धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और अभिभाषक संघ की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से यह आपराधिक कृत्य कर रहा है। इस मामले को लेकर अभिभाषक संघ ने एसडीओपी सनम बी खान से संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी शैतान सिंह रजक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करने की अपील की। एसडीओपी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अभिभाषक संघ के वर्तमान अध्यक्ष रितेश मोदी, पूर्व अध्यक्ष शनमिया खान सहित संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।4
- सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत, SI अंकिता मिश्रा ने लोगों को विभिन्न सावधानी के उपाय बताए।1
- मानोरा धाम में आयोजित होने वाले जगदीश स्वामी रथ यात्रा महोत्सव एवं मेले की तैयारियों को लेकर 8 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे पंचायत भवन मानोरा में एक जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह महोत्सव ग्यारसपुर से लगभग 5 किलोमीटर दूर मानोरा में 15 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 के मध्य आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में विदिशा विधानसभा के विधायक श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री कैलाश रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री बृजेश लोधी, जनपद पंचायत ग्यारसपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति शंकर दयाल शर्मा और जिला पंचायत सदस्य दीक्षा भारती लोधी सहित समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रतीक कंग और मंडल अध्यक्ष अजय गुर्जर भी बैठक में मौजूद थे। बैठक के दौरान मेले के सफल आयोजन में आने वाली संभावित चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी इंतजाम और पेयजल आपूर्ति प्रमुख थे। अतिरिक्त कलेक्टर महोदय श्री अनिल दामोद और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विदिशा श्री ओ.पी. सनोडिया जी ने मेले की व्यवस्थापन से संबंधित जिम्मेदारियाँ सभी उपस्थित अधिकारियों को सौंपी।4
- पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देश और पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में चलाए गए "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" अभियान का 15वां और अंतिम दिवस 08 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक संचालित इस अभियान के अंतिम दिन विदिशा जिले के विभिन्न अनुभागों और थाना/चौकी स्तर पर आयोजित भव्य साइबर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 25,000 से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और साइबर धोखाधड़ी की शिकायत प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के अंतिम दिन, थाना लटेरी, थाना कुरवाई, थाना कोतवाली, महिला थाना और यातायात विदिशा, थाना यातायात सिरोंज, थाना यातायात बासौदा, थाना सिरोंज, थाना पठारी, थाना दीपनखेड़ा, थाना करारिया, थाना मुरवास, थाना नटेरन, थाना पथरिया एवं थाना उनारसीकलां सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का आयोजन स्कूलों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया, ताकि हर थाना और हर गांव तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँच सके। कार्यक्रमों के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, फर्जी बैंक अधिकारी और केवाईसी अपडेट कॉल, ओटीपी एवं यूपीआई फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप हैकिंग, फर्जी लिंक एवं एपीके फाइल, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, जॉब एवं लोन फ्रॉड, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और सेक्सटॉर्शन जैसे अनेक साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने या निकटतम पुलिस थाना से संपर्क करने के लिए व्यावहारिक उपाय बताए गए। इस पहल में, पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों, किसानों, वाहन चालकों और आम नागरिकों से सीधा संवाद किया, उनके साइबर सुरक्षा संबंधी प्रश्नों का समाधान किया गया। विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए, पोस्टर और फ्लेक्स के माध्यम से सुरक्षा संदेश दिए गए, और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की शपथ भी दिलाई गई। अभियान के दौरान विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष सत्र, ग्राम सभाओं में ग्रामीणों के साथ संवाद, हाट-बाजारों में आमजन को जानकारी, व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पम्पलेट वितरण, तथा बस स्टैंड व यातायात क्षेत्रों में वाहन चालकों और यात्रियों को जागरूक करने जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।1
- आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।4
- सागर जिले के खिमलासा बीना में कृषि विभाग और पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई एक ऐसे दुकानदार के यहाँ की गई, जिससे किसानों ने सोयाबीन का बीज खरीदा था, लेकिन बुवाई के 15 दिन बाद भी वह बीज नहीं उगा। इस घटना के कारण कई किसानों को लाखों रुपए का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने इस गंभीर मामले की शिकायत पुलिस और कृषि विभाग के मुख्य अधिकारी से की थी। शिकायत मिलने के बाद, कृषि विभाग और पुलिस ने मिलकर तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त 'बाहुबली सराफ, नमक, दुकानदार' पर छापा मारा और आवश्यक कार्यवाही भी की। रिपोर्ट में इस पूरी स्थिति को अमानक खाद बीज विक्रय का एक बड़ा खेल बताया गया है।2