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बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।

2 hrs ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।

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  • बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि भारी वाहन नियमों की अनदेखी कर नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं। इस मार्ग को विशेष रूप से छोटे वाहनों के लिए बनाया गया था, लेकिन डंपरों सहित अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षतिग्रस्त हो रहा है। दरअसल, ओवरब्रिज निर्माण के चलते रेलवे फाटक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूल इसी मार्ग पर होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए अंडरब्रिज के नीचे छोटे वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। प्रशासन ने भारी वाहनों को रोकने के लिए हार्ड गेट भी लगाया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ डंपर संचालकों ने कथित तौर पर अपने डंपरों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर लिया है, जिससे वे हार्ड गेट के नीचे से भी आसानी से निकल रहे हैं और प्रतिबंधित मार्ग पर आवाजाही जारी है। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से टूट रही है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं, न्यायालय और तहसील आने वाले लोगों सहित स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित तौर पर निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।
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    बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि भारी वाहन नियमों की अनदेखी कर नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं। इस मार्ग को विशेष रूप से छोटे वाहनों के लिए बनाया गया था, लेकिन डंपरों सहित अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षतिग्रस्त हो रहा है।

दरअसल, ओवरब्रिज निर्माण के चलते रेलवे फाटक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूल इसी मार्ग पर होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए अंडरब्रिज के नीचे छोटे वाहनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। प्रशासन ने भारी वाहनों को रोकने के लिए हार्ड गेट भी लगाया था, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ डंपर संचालकों ने कथित तौर पर अपने डंपरों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर लिया है, जिससे वे हार्ड गेट के नीचे से भी आसानी से निकल रहे हैं और प्रतिबंधित मार्ग पर आवाजाही जारी है।

भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से टूट रही है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं, न्यायालय और तहसील आने वाले लोगों सहित स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है।

स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित तौर पर निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं। भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
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    बीना-खिमलासा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के बीच नियमों की धज्जियां उड़ाकर भारी वाहन नो-एंट्री वाले अस्थायी मार्ग से लगातार गुजर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। रेलवे फाटक बंद होने के कारण न्यायालय, तहसील कार्यालय और कई स्कूलों तक पहुँचने के लिए छोटे वाहनों हेतु एक वैकल्पिक अंडरब्रिज मार्ग बनाया गया था, जिस पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इस मार्ग पर हार्ड गेट भी लगाए थे, लेकिन कथित तौर पर कुछ डंपर संचालकों ने अपने वाहनों के ऊपरी हिस्से में बदलाव कर इन गेटों के नीचे से निकलने का रास्ता निकाल लिया, जिसके बाद प्रतिबंधित मार्ग पर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डंपर कथित रूप से निर्माण सामग्री लेकर भी इसी प्रतिबंधित मार्ग से गुजरते देखे गए हैं।

भारी वाहनों के निरंतर गुजरने से यह अस्थायी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही है और बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व गड्ढों से स्कूली बच्चों, अधिवक्ताओं और न्यायालय व तहसील आने वाले लोगों समेत स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार भीषण जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। स्थानीय नागरिकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क की मरम्मत कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सागर जिले में, अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए महिलाओं ने एक मोर्चा खोल दिया है। वे अवैध शराब के खिलाफ खुलकर सामने आई हैं और इस दिशा में अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं। इसी के साथ, सागर में एक घोड़े की अंतिम यात्रा पर लोगों का एक बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान, घोड़े के मालिक ने सागर नगर निगम के प्रति अपना गहरा गुस्सा व्यक्त किया।
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    सागर जिले में, अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए महिलाओं ने एक मोर्चा खोल दिया है। वे अवैध शराब के खिलाफ खुलकर सामने आई हैं और इस दिशा में अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं।

इसी के साथ, सागर में एक घोड़े की अंतिम यात्रा पर लोगों का एक बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान, घोड़े के मालिक ने सागर नगर निगम के प्रति अपना गहरा गुस्सा व्यक्त किया।
    user_बिजय चोहन
    बिजय चोहन
    Carpenter बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।
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    आज मुंगावली में मल्हारगढ़ चौकी अंतर्गत मानस भवन में साईबर 2.0 अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश ने उपस्थित लोगों को साईबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी साझा न करने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ एसडीओपी सनम बी खान, थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, साईबर सेल प्रभारी मसी खान और उनकी टीम, अन्य पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक और छात्र सहित लगभग 150 से 200 लोग मौजूद रहे।
    user_ADJ,Alim Dyer Journalist
    ADJ,Alim Dyer Journalist
    Reporter Mungaoli•
    11 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के पाली तहसील में तैनात एक कानूनगो पर ₹5000 की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप एक किसान ने लगाया है, जिसके बाद रिश्वत लेते हुए कानूनगो का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तहसील पाली के अंतर्गत ग्राम पिपरिया जागीर निवासी किसान ने उप जिलाधिकारी पाली निशांत तिवारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर बताया कि उसकी जमीन की पैमाइश कराने के बदले कानूनगो ने उससे ₹5000 की रिश्वत ली है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
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    उत्तर प्रदेश के पाली तहसील में तैनात एक कानूनगो पर ₹5000 की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप एक किसान ने लगाया है, जिसके बाद रिश्वत लेते हुए कानूनगो का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

तहसील पाली के अंतर्गत ग्राम पिपरिया जागीर निवासी किसान ने उप जिलाधिकारी पाली निशांत तिवारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर बताया कि उसकी जमीन की पैमाइश कराने के बदले कानूनगो ने उससे ₹5000 की रिश्वत ली है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।
    user_बुंदेलखंड LIVE TV
    बुंदेलखंड LIVE TV
    DS Automobiles dealer पाली, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • डीएसपी संतोष पटेल ने 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों पर जानकारी साझा की। इस पहल के अंतर्गत, उन्होंने लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा बनाए रखने और साइबर खतरों से बचने के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया।
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    डीएसपी संतोष पटेल ने 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों पर जानकारी साझा की। इस पहल के अंतर्गत, उन्होंने लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा बनाए रखने और साइबर खतरों से बचने के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया।
    user_SUNEEL SINGH
    SUNEEL SINGH
    Journalist राहतगढ़, सागर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
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    विदिशा जिले के करारिया सतपाड़ा निवासी परवेज खान और उनके परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अपने खिलाफ करारिया थाने में दर्ज मारपीट की एक शिकायत को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने एसपी को बताया कि उनके परिवार का गांव के ही फारूक और उनके परिजनों के साथ वर्ष 2024 से एक विवाद चल रहा है, जिसका मामला अभी भी अदालत में है। परवेज खान के अनुसार, हाल ही में फारूक खान खुद एक दिन पहले अपनी बाइक से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज करवा दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है।
    user_रिपोर्टर rupesh yadav
    रिपोर्टर rupesh yadav
    Photographer सिरोंज, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • रविवार शाम बीना रिफाइनरी के फ्लेयर स्टैक से तेज लौ और गहरा काला धुआं उठता दिखाई दिया, जिसने स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति रिफाइनरी के स्टार्टअप, शटडाउन या किसी अन्य तकनीकी प्रक्रिया के दौरान भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, इस घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि केवल रिफाइनरी प्रबंधन या संबंधित प्रशासन ही कर सकता है। इसी वजह से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, और बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के किसी दुर्घटना या तकनीकी खराबी का दावा नहीं किया जाएगा ताकि रिपोर्टिंग तथ्यपरक बनी रहे।
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    रविवार शाम बीना रिफाइनरी के फ्लेयर स्टैक से तेज लौ और गहरा काला धुआं उठता दिखाई दिया, जिसने स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति रिफाइनरी के स्टार्टअप, शटडाउन या किसी अन्य तकनीकी प्रक्रिया के दौरान भी उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, इस घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि केवल रिफाइनरी प्रबंधन या संबंधित प्रशासन ही कर सकता है। इसी वजह से आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, और बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के किसी दुर्घटना या तकनीकी खराबी का दावा नहीं किया जाएगा ताकि रिपोर्टिंग तथ्यपरक बनी रहे।
    user_Laxman singh rajput
    Laxman singh rajput
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
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