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शाहाबाद जनपद हरदोई मे मोहल्लाह मूजागढ मे बिलकीस इंटर कालेज मे .प्रोग्राम
Naushad Ali
शाहाबाद जनपद हरदोई मे मोहल्लाह मूजागढ मे बिलकीस इंटर कालेज मे .प्रोग्राम
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- Post by Naushad Ali4
- हरदोई। थाना हरियावा क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हरियावा-टड़ियावां मार्ग पर नऊआखेड़ा पुलिया के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हो गई। पुलिस के अनुसार, डायल 112 के माध्यम से सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सीएचसी टड़ियावां भेजा गया। हादसे में सचिन (20 वर्ष) पुत्र अमर सिंह निवासी परसपुर थाना टड़ियावां तथा बिटोली पत्नी सुरेन्द्र निवासी चचरहिया थाना हरियावा घायल हुए थे। अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल महिला का इलाज जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी हरियावां अजीत चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- हरदोई (टोडरपुर)। विकासखंड टोडरपुर की ग्राम पंचायत हैदरपुर (मजरा खुमारी पुर) में सरकारी भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल और यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कटवाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि जिस भूमि पर यह फसल खड़ी थी, उसका पट्टा वर्षों पहले कुछ लोगों के नाम आवंटित हुआ था, लेकिन बाद में शासन द्वारा वह पट्टा निरस्त कर दिया गया। ऐसे में जमीन पुनः सरकारी श्रेणी में आ गई थी। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में खड़ी फसल का निस्तारण पारदर्शी प्रक्रिया—जैसे सार्वजनिक नीलामी—के माध्यम से किया जाना चाहिए था, ताकि राजस्व सीधे सरकारी खाते में जाए। प्रधान का पक्ष: इस पूरे मामले पर ग्राम प्रधान ने सफाई देते हुए कहा कि “करीब 15-20 साल पहले कुछ लोगों के नाम इस जमीन का पट्टा हुआ था, जिसे अब सरकार ने निरस्त कर दिया है। फसल एक बार के लिए काटी गई है, सवालों के घेरे में प्रक्रिया: प्रधान के इस बयान के बाद भी कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं— जब भूमि सरकारी घोषित हो चुकी थी, तो फसल की नीलामी क्यों नहीं कराई गई? कटान की प्रक्रिया किसके आदेश से और किसकी निगरानी में हुई? यूकेलिप्टस के पेड़ों की कटाई से प्राप्त लकड़ी का हिसाब किसके पास है? क्या ग्राम पंचायत या राजस्व विभाग को इसकी सूचना दी गई थी? प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में लाखों रुपये के गड़बड़झाले की आशंका जताई जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सरकारी संपत्ति की हानि का मामला है, बल्कि पंचायत स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करना सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। निष्कर्ष: यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पंचायत तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर जांच करता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा।2
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- Post by Deepak Pandey संवाददाता1
- Post by विवेक मिश्र1
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