15वें वित्त की राशि में 24.70 लाख का घोटाला ढेका पंचायत के पूर्व सरपंच,सचिव समेत चार पर एफआईआर दर्ज आज गुरुवार की रात 8:57 पर पी आर ओ द्वारा जारी किये गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर, 19 फरवरी 2026/ जिले की ग्राम पंचायत ढेका में 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों की राशि में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच दल की प्रस्तुत रिपोर्ट में आवेदक तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया 24,70,530 रुपये (चौबीस लाख सत्तर हजार पांच सौ तीस रुपये) की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है। मामले में ग्राम पंचायत ढेका के पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, तत्कालीन सचिव (घूमा/हरदीकला) भानू विश्वकर्मा तथा ग्राम पंचायत ढेका के कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार पाया गया है। जिला पंचायत बिलासपुर के आदेश के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3 (5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
15वें वित्त की राशि में 24.70 लाख का घोटाला ढेका पंचायत के पूर्व सरपंच,सचिव समेत चार पर एफआईआर दर्ज आज गुरुवार की रात 8:57 पर पी आर ओ द्वारा जारी किये गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर, 19 फरवरी 2026/ जिले की ग्राम पंचायत ढेका में 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों की राशि में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच दल की प्रस्तुत रिपोर्ट में आवेदक तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया 24,70,530 रुपये (चौबीस लाख सत्तर हजार पांच सौ तीस रुपये) की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है। मामले में ग्राम पंचायत ढेका के पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, तत्कालीन सचिव (घूमा/हरदीकला) भानू विश्वकर्मा तथा ग्राम पंचायत ढेका के कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार पाया गया है। जिला पंचायत बिलासपुर के आदेश के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3 (5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- 15वें वित्त की राशि में 24.70 लाख का घोटाला ढेका पंचायत के पूर्व सरपंच,सचिव समेत चार पर एफआईआर दर्ज आज गुरुवार की रात 8:57 पर पी आर ओ द्वारा जारी किये गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर, 19 फरवरी 2026/ जिले की ग्राम पंचायत ढेका में 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों की राशि में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच दल की प्रस्तुत रिपोर्ट में आवेदक तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया 24,70,530 रुपये (चौबीस लाख सत्तर हजार पांच सौ तीस रुपये) की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है। मामले में ग्राम पंचायत ढेका के पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, तत्कालीन सचिव (घूमा/हरदीकला) भानू विश्वकर्मा तथा ग्राम पंचायत ढेका के कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार पाया गया है। जिला पंचायत बिलासपुर के आदेश के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3 (5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
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- बिलासपुर में मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जबकि भारी पुलिस बल उन्हें रोकने में जुटा रहा। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- news 9 mp cg1
- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला मुख्यालय में हर मंगलवार आयोजित होने वाले कलेक्टर जनदर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर पहुँचे। हमने मौके पर पहुँचकर आम लोगों की समस्याएँ सुनीं और पूरी स्थिति को समाचार रूप में आपके सामने प्रस्तुत किया है। वीडियो में देखें — जनता की आवाज, प्रशासन की प्रतिक्रिया और जमीनी हालात की पूरी रिपोर्ट।1
- Post by 🌹🌹छत्तीसगढ़िया 🌹🌹1
- Post by पत्रकार1
- बिल्हा ब्लॉक मुख्यालय के चारों तरफ अवैध खनन एवं परिवहन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ किया जाता है खानापूर्ति क्या है मामला देखिए पूरी रिपोर्ट आज गुरुवार के शाम 7:00 बजे पत्रकार नम्रता सिंह जी से मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में मुख्यालय के चारों तरफ अवैध रूप से खनन एवं परिवहन जोरों से चल रहा है जिसकी शिकायत बिल्हा बिलासपुर के संबंधित अधिकारियों को कई बार किया जा चुका है यहां तक इनकी शिकायत जिला अधिकारी को भी कर दिया गया है लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति कर चलता कर देते हैं यह मामला एक जगह का नहीं बल्कि पूरे आसपास के क्षेत्र में हैं जैसे बिल्हा एसडीम ऑफिस से कुछ ही दूरी पर ग्राम पंचायत भैंसबोड, देवकिरारी, भाटापारा, हथनी, बरतोरी, सेवती, पोड़ी, बुंदेला, उड़नताल, दगोंरी, उड़गन, अमेंरी अकबरी, ऐंठुल कांपा, ताला, पौसरी, संबलपुरी, पेंडरवा केवाछी, मोहभट्ठा, रहगी, जैसे चारों तरफ इतने सारे ग्राम पंचायत में अवैध रूप से खनन एवं परिवहन किया जा रहा है लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर किसी भी प्रकार से संज्ञान लेने से कतराते हैं आखिर इनके ऊपर अधिकारियों द्वारा क्यों करवाई नहीं किया जाता आम जनता जवाब मांग रही है कार्रवाई करने के लिए अधिकारी डर क्यों रहे है यह समझ से परे है लेकिन आसपास क्षेत्र की बात करें तो इतने सारे ग्राम पंचायत में अवैध रूप से मुरूम मिट्टी पत्थर की अवैध खनन एवं परिवहन पर संबंधित अधिकारियों तहसीलदार एसडीएम खनिज विभाग आखिर क्यों करवाई नहीं कर रही है फिलहाल अभी अवैध खनन माफिया के डर से चुपचाप कुंभकरन की नींद में सोए हुए हैं अगर माफियाओं से डर नहीं है तो संबंधित अधिकारी अवैध खनन एवं परिवहन पर तुरंत ही रोक लगाये शासन प्रशासन और आम जनता के खजाने पर डाका ना डाला जा सके1