जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन रेलमगरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीतावास में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। दोनों शिक्षकों के समर्थन में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के सैकड़ों शिक्षक एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन के सदस्य रैली के रूप में उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान रेलमगरा के मुख्य बस स्टैंड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसके बाद शिक्षक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण में निष्पक्ष जांच, शिक्षकों की बहाली तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आरोपों को बताया तथ्यहीन, बहाली की मांग ज्ञापन में शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए उनके आधार पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने दोनों कार्मिकों को शीघ्र बहाल करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। किसी भी शिक्षक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पहले तथ्यात्मक जांच एवं निष्पक्ष सुनवाई की जाए और उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की जाए। सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षकों को उचित सुरक्षा एवं मानसिक संबल उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षक प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया। ये रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उपशाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार सुथार, प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ अध्यक्ष नीलम सोमानी, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम वैष्णव, अरुण कुमार, राजेश राजौरा, धनराज गोस्वामी, भगवान लाल सुखवाल, राजेश आचार्य, मदन लाल प्रधानाचार्य, सुरेश चंद्र पीपला, रमेश गर्ग, कमला शंकर, ओम प्रकाश जीनगर, मेनारिया, लक्ष्मी नारायण तोषनीवाल, विजय शर्मा, तारा पारीक, दिलखुश, वर्षा माहेश्वरी, उर्मिला विजयवर्गीय, रामगनी मीणा, दिनेश बेरवा, गोविन्द व्यास, शांतिलाल कुमावत, अनिल जीनगर, फणीश्वर राजौरा, दिनेश खटीक, रमेश बैरागी, सीताराम खटीक, नितेश बैरागी, कमलेश जाट, जारमुकेश दाधीच, शंकर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई होने तक संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन रेलमगरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीतावास में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। दोनों शिक्षकों के समर्थन में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के सैकड़ों शिक्षक एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन के सदस्य रैली के रूप में उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान रेलमगरा के मुख्य बस स्टैंड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसके बाद शिक्षक रैली के रूप में
उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण में निष्पक्ष जांच, शिक्षकों की बहाली तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आरोपों को बताया तथ्यहीन, बहाली की मांग ज्ञापन में शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए उनके आधार पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने दोनों कार्मिकों को शीघ्र बहाल करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षणिक वातावरण
पर पड़ता है। किसी भी शिक्षक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पहले तथ्यात्मक जांच एवं निष्पक्ष सुनवाई की जाए और उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की जाए। सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षकों को उचित सुरक्षा एवं मानसिक संबल उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षक प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया। ये रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उपशाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार सुथार, प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ अध्यक्ष नीलम सोमानी, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम वैष्णव, अरुण कुमार, राजेश राजौरा, धनराज गोस्वामी, भगवान लाल सुखवाल, राजेश आचार्य, मदन लाल प्रधानाचार्य, सुरेश चंद्र पीपला, रमेश गर्ग, कमला शंकर, ओम प्रकाश जीनगर, मेनारिया, लक्ष्मी नारायण तोषनीवाल, विजय शर्मा, तारा पारीक, दिलखुश, वर्षा माहेश्वरी, उर्मिला विजयवर्गीय, रामगनी मीणा, दिनेश बेरवा, गोविन्द व्यास, शांतिलाल कुमावत, अनिल जीनगर, फणीश्वर राजौरा, दिनेश खटीक, रमेश बैरागी, सीताराम खटीक, नितेश बैरागी, कमलेश जाट, जारमुकेश दाधीच, शंकर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई होने तक संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन जीतावास विद्यालय प्रकरण में शिक्षकों की बहाली की मांग, शिक्षक संगठनों ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन रेलमगरा। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीतावास में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को लेकर शिक्षक संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। दोनों शिक्षकों के समर्थन में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के सैकड़ों शिक्षक एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक संगठन के सदस्य रैली के रूप में उपखंड कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान रेलमगरा के मुख्य बस स्टैंड पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया गया। इसके बाद शिक्षक रैली के रूप में उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण में निष्पक्ष जांच, शिक्षकों की बहाली तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। आरोपों को बताया तथ्यहीन, बहाली की मांग ज्ञापन में शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए उनके आधार पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षक संगठनों ने दोनों कार्मिकों को शीघ्र बहाल करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप से शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनता है और इसका प्रतिकूल प्रभाव शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। किसी भी शिक्षक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पहले तथ्यात्मक जांच एवं निष्पक्ष सुनवाई की जाए और उसके बाद ही विभागीय कार्रवाई की जाए। सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शिक्षक हरीश कुमार विजयवर्गीय एवं शिक्षिका रिंकू बाला आचार्य की सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। संगठन ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा शिक्षकों को उचित सुरक्षा एवं मानसिक संबल उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षक प्रतिनिधियों ने उपखंड अधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष एवं संवेदनशील हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया। ये रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उपशाखा अध्यक्ष मुकेश कुमार सुथार, प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक संघ अध्यक्ष नीलम सोमानी, प्रेम सिंह राणावत, राधेश्याम वैष्णव, अरुण कुमार, राजेश राजौरा, धनराज गोस्वामी, भगवान लाल सुखवाल, राजेश आचार्य, मदन लाल प्रधानाचार्य, सुरेश चंद्र पीपला, रमेश गर्ग, कमला शंकर, ओम प्रकाश जीनगर, मेनारिया, लक्ष्मी नारायण तोषनीवाल, विजय शर्मा, तारा पारीक, दिलखुश, वर्षा माहेश्वरी, उर्मिला विजयवर्गीय, रामगनी मीणा, दिनेश बेरवा, गोविन्द व्यास, शांतिलाल कुमावत, अनिल जीनगर, फणीश्वर राजौरा, दिनेश खटीक, रमेश बैरागी, सीताराम खटीक, नितेश बैरागी, कमलेश जाट, जारमुकेश दाधीच, शंकर सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई होने तक संगठन स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।4
- बदले नियम 5 साल संविदा पर करना होगा काम, अच्छे प्रदर्शन पर मिलेगी पक्की नौकरी 25 हजार पदों पर सफाईकर्मी भर्ती होगी, कैबिनेट में लगेगी मुहर जयपुर| सफाई कर्मियों की हड़ताल में निकले फार्मूले पर सरकार ने काम तेज कर दिया है। विधानसभा के आगामी अगस्त के मानसून सत्र से पहले राजस्थान में बहुप्रतीक्षित 25 हजार सफाई कर्मी की भर्ती निकाली जाएगी। इसकी फाइल तैयार हो चुकी है। सफाईकर्मी पद पर अब सीधे स्थायी नौकरी नहीं मिलेगी। इसमें सिलेक्ट अभ्यर्थियों को पहले 5 साल संविदा पर काम करना होगा। इस दौरान अच्छे प्रदर्शन और अनुशासन की समीक्षा के बाद ही उन्हें नियमित (परमानेंट) किया जाएगा। हालांकि इस नियम में बदलाव भी संभव है। अगले सप्ताह होने वाली कैबिनेट बैठक में अंतिम फार्मूले पर मुहर लग सकती है। लेकिन यह फाइनल है कि अगले कुछ दिन में 3 बार स्थगित हुई भर्ती निकाल दी जाएगी। पहले इसके लिए 5 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया था। 5 साल से विवादों से घिरी भर्ती, अब नए मॉडल में लाएंगे लंबे समय से विवादों में घिरी सफाईकर्मी भर्ती के लिए सरकार ने यह नया मॉडल तैयार किया है। स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान संविदा भर्ती नियम-2022 के तहत सफाई कर्मियों की भर्ती करने की तैयारी में है। इसके लिए भर्ती विज्ञप्ति जल्द जारी की जाएगी। 2 बार कांग्रेस ने, एक बार भाजपा ने रद्द कीः पिछली कांग्रेस सरकार के समय पहले 24 हजार पदों की भर्ती निकाली। उसे रद्द किया गया। फिर 13 हजार 184 पदों पर निकाली गई भर्ती को अप्रैल 2023 में वापस ले लिया गया था। इसके बाद बीजेपी सरकार ने भर्ती की घोषणा की, लेकिन अगस्त 2024 में 23 हजार 820 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी निरस्त करनी पड़ी।1
- ऑपरेशन सुदर्शन चक्र- 2 के तहत राजसमंद पुलिस की प्रभावी कार्रवाई तरुण जोशी राजसमंद 9414239 644 राजसमंद पुलिस का सफल ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2 , नशे की लत और अवैध कारोबारों पर सफल साबित हो रहा ऑपरेशन, जिले में नशे की प्रवृत्ति पर काफी हद तक लग रही लगाम, राजसमंद एसपी हेमंत कुमार कलाल ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी,1
- रूपनारायण दर्शन राजसमंद 73 रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल नांदोली राजसमंद राजस्थान द्वारा जनहित मेंप्रसारित1
- आकोदड़ा गांव में करीब 300 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने की अवैध कब्जा हटाने की मांग वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढावा के आकोदड़ा गांव में करीब 300 बीघा सरकारी गोचर (चारागाह) भूमि से अवैध कब्जा हटाने एवं भ्रामक रिपोर्ट पेश करने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत की। ग्रामीण महेंद्र सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि आकोदड़ा पटवार हल्का के खाता संख्या 42, 44 और 46 में करीब 300 बीघा सरकारी चरनोट भूमि दर्ज है। आरोप है कि इस जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने चारदीवारी बनाकर एवं अलग-अलग हिस्सों में कब्जा कर फसलें बो दी हैं। इससे गांव में मवेशियों के सामने चरने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन का सहयोग नहीं मिल रहा।1
- श्री सांवरिया सेठ जी के आज के लाइव दर्शन 🙏✨ | घर बैठे करें प्रभु के दिव्य दर्शन, पाएं सेठ जी का आशीर्वाद 🌺❤️ श्री सांवरिया सेठ जी के आज के लाइव दर्शन 🙏✨ | घर बैठे करें प्रभु के दिव्य दर्शन, पाएं सेठ जी का आशीर्वाद 🌺❤️1
- डीएसटी की कार्रवाई, 10 हजार रुपये का इनामी आरोपी गिरफ्तार। दैनिक वीरधरा राजस्थान। चित्तौड़गढ़। डीएसटी ने कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना शंभूपुरा के एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में वांछित 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी कमलेश पाटीदार को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वांछित आरोपी गिरफ्तार करने हेतु पुलिस निरीक्षक जोधाराम के निर्देशन में डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार मय जाप्ते की टीम गठित की गई जरिए मुखबिर एएसआई सूरज कुमार को सूचना मिली कि जिले के शंभूपुरा थाने के एनडीपीएस के प्रकरण में वांछित ₹10,000 का इनामी कमलेश पाटीदार अपने घर पर आया हुआ है और आज मनासा किसी काम से आएगा सूचना विश्वसनीय होने से टीम प्रभारी मय टीम के मनासा बस स्टैंड पहुंचे जहां पर चुकनी की तरफ से आने वाली बस से मुखबिर के बताए हुए हुलिए का एक आदमी बस से उतरा जिसको पड़कर नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम कमलेश पिता मांगीलाल जाति पाटीदार निवासी चुकनी थाना मनासा, जिला नीमच (एमपी) होना बताया, जिसे डिटेन कर शंभूपुरा थाना पुलिस को अग्रिम अनुसंधान हेतु सुपुर्द किया गया। आरोपी स्वयं कोई मोबाइल नहीं रखता नहीं कोई डिवाइस रखता था सुबह शाम ही घर पर रहता था दिन में बाहर खेतों में घूम फिर कर समय व्यतीत करता था।1
- राजसमंद के कांकरोली में रक्षाबंधन से सजे राखियो के बाजार तरुण जोशी राजसमंद 9414 239 644 रक्षाबंधन से पूर्व राखियों से सजे बाजार, इस वर्ष छोटी और आकर्षक राखियो की भारी डिमांड, बच्चे पसंद कर रहे हैं प्लास्टिक की कार्टून वाली राखियां, 2 रुपए से लेकर 2 हजार तक की राखियां बाजार में उपलब्ध,1