नकली सोने की ईंट और साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, पीतल की ईंट, मोबाइल व 10 एटीएम कार्ड जब्त अमरदीप सेन | डीग। पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत थाना जुरहरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सोने की ईंट बेचने और साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, सोने जैसी दिखने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड तथा साइबर ठगी से खरीदी गई एक हैरियर गाड़ी जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित तरीके से गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को सस्ते दामों में असली सोने की ईंट बेचने का झांसा देते थे। गिरोह के सदस्य पहले फोन अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित शिकार से संपर्क करते और उसे विश्वास में लेकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाते थे। इसके बाद बड़ी रकम लेकर नकली पीतल की ईंट थमा देते थे। अलग-अलग राज्यों में बनाते थे लोगों को निशाना जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के अलावा हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कोई व्यक्ति फोन पर पार्टी को अपने जाल में फंसाता था तो कोई दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाने और सौदा तय करने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी के साथ-साथ सेक्सटॉर्शन के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर महंगी कीमतों में पुरानी मुद्रा खरीदने और बेचने के विज्ञापन डालकर भी लोगों को अपने झांसे में लेते थे। 53.39 लाख रुपये और अन्य सामान बरामद थाना जुरहरा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी से अर्जित कुल 53,39,500 रुपये बरामद किए। इसके साथ ही सोने जैसी दिखाई देने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन मय एक सिम कार्ड और 10 एटीएम कार्ड जब्त किए गए। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई हैरियर गाड़ी को भी जब्त किया है। ये पांच आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सैकुल पुत्र साहब खां (35), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा; फकरूद्दीन पुत्र जुम्मा (35), फारूख खान पुत्र अतर खां (23), दोनों निवासी बिरगमा थाना नगर; यूसुफ पुत्र दीनू (30), निवासी नन्देरा थाना कामां तथा साकिर पुत्र कमरू (25), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा, जिला डीग को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा साइबर ठगी की वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
नकली सोने की ईंट और साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, पीतल की ईंट, मोबाइल व 10 एटीएम कार्ड जब्त अमरदीप सेन | डीग। पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत थाना जुरहरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सोने की ईंट बेचने और साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, सोने जैसी दिखने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड तथा साइबर ठगी से खरीदी गई एक हैरियर गाड़ी जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित तरीके से गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को सस्ते दामों में असली सोने की ईंट बेचने का
झांसा देते थे। गिरोह के सदस्य पहले फोन अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित शिकार से संपर्क करते और उसे विश्वास में लेकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाते थे। इसके बाद बड़ी रकम लेकर नकली पीतल की ईंट थमा देते थे। अलग-अलग राज्यों में बनाते थे लोगों को निशाना जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के अलावा हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कोई व्यक्ति फोन पर पार्टी को अपने जाल में फंसाता था तो कोई दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाने और सौदा तय करने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी के साथ-साथ सेक्सटॉर्शन के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर महंगी कीमतों में पुरानी मुद्रा खरीदने और बेचने के विज्ञापन डालकर भी लोगों को अपने झांसे में लेते थे। 53.39 लाख रुपये और
अन्य सामान बरामद थाना जुरहरा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी से अर्जित कुल 53,39,500 रुपये बरामद किए। इसके साथ ही सोने जैसी दिखाई देने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन मय एक सिम कार्ड और 10 एटीएम कार्ड जब्त किए गए। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई हैरियर गाड़ी को भी जब्त किया है। ये पांच आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सैकुल पुत्र साहब खां (35), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा; फकरूद्दीन पुत्र जुम्मा (35), फारूख खान पुत्र अतर खां (23), दोनों निवासी बिरगमा थाना नगर; यूसुफ पुत्र दीनू (30), निवासी नन्देरा थाना कामां तथा साकिर पुत्र कमरू (25), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा, जिला डीग को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा साइबर ठगी की वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
- नकली सोने की ईंट और साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, पीतल की ईंट, मोबाइल व 10 एटीएम कार्ड जब्त अमरदीप सेन | डीग। पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत थाना जुरहरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सोने की ईंट बेचने और साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, सोने जैसी दिखने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड तथा साइबर ठगी से खरीदी गई एक हैरियर गाड़ी जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित तरीके से गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को सस्ते दामों में असली सोने की ईंट बेचने का झांसा देते थे। गिरोह के सदस्य पहले फोन अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित शिकार से संपर्क करते और उसे विश्वास में लेकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाते थे। इसके बाद बड़ी रकम लेकर नकली पीतल की ईंट थमा देते थे। अलग-अलग राज्यों में बनाते थे लोगों को निशाना जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के अलावा हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कोई व्यक्ति फोन पर पार्टी को अपने जाल में फंसाता था तो कोई दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाने और सौदा तय करने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी के साथ-साथ सेक्सटॉर्शन के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर महंगी कीमतों में पुरानी मुद्रा खरीदने और बेचने के विज्ञापन डालकर भी लोगों को अपने झांसे में लेते थे। 53.39 लाख रुपये और अन्य सामान बरामद थाना जुरहरा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी से अर्जित कुल 53,39,500 रुपये बरामद किए। इसके साथ ही सोने जैसी दिखाई देने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन मय एक सिम कार्ड और 10 एटीएम कार्ड जब्त किए गए। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई हैरियर गाड़ी को भी जब्त किया है। ये पांच आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सैकुल पुत्र साहब खां (35), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा; फकरूद्दीन पुत्र जुम्मा (35), फारूख खान पुत्र अतर खां (23), दोनों निवासी बिरगमा थाना नगर; यूसुफ पुत्र दीनू (30), निवासी नन्देरा थाना कामां तथा साकिर पुत्र कमरू (25), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा, जिला डीग को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा साइबर ठगी की वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।2
- डीग में निकाली गई तिरंगा यात्रा, बच्चों में दिखा काफी उत्साह डीग में निकाली गई तिरंगा यात्रा, बच्चों में दिखा काफी उत्साह1
- डीग जिले में तिरंगा यात्रा के नाम पर खानापूर्ति में आयोजन रहा फीका......see more रिपोर्ट राजेश चौधरी डीग जिले में तिरंगा यात्रा के नाम पर खानापूर्ति में आयोजन रहा फीका......see more रिपोर्ट राजेश चौधरी1
- जो हर किसी के दुःख-सुख में सबसे पहले पहुँचते हैं, जो हर मुसीबत में सबसे पहले मोर्चा संभाल लेते हैं, जो दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझकर न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहते हैं… अब समय आ गया है कि हम भी अपना कर्ज़ चुकाएँ। जिस नेता ने हमेशा जनता के लिए अपनी आवाज़ बुलंद की, आज हमें भी उनके साथ चट्टान बनकर खड़ा होना है। भरपूर जनसमर्थन देकर अपने नेता को कलम की ताकत दिलानी है, ताकि जनता की आवाज़ सिर्फ़ सुनी ही नहीं जाए… बल्कि सत्ता के गलियारों तक मजबूती से पहुँचे। अबकी बार—जनता का साथ, जनता के सेवक के साथ। ✊ Kunwar Narendra Singh 🚩 जो हर किसी के दुःख-सुख में सबसे पहले पहुँचते हैं, जो हर मुसीबत में सबसे पहले मोर्चा संभाल लेते हैं, जो दूसरों के दर्द को अपना दर्द समझकर न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहते हैं… अब समय आ गया है कि हम भी अपना कर्ज़ चुकाएँ। जिस नेता ने हमेशा जनता के लिए अपनी आवाज़ बुलंद की, आज हमें भी उनके साथ चट्टान बनकर खड़ा होना है। भरपूर जनसमर्थन देकर अपने नेता को कलम की ताकत दिलानी है, ताकि जनता की आवाज़ सिर्फ़ सुनी ही नहीं जाए… बल्कि सत्ता के गलियारों तक मजबूती से पहुँचे। अबकी बार—जनता का साथ, जनता के सेवक के साथ। ✊ Kunwar Narendra Singh 🚩1
- जिला मथुरा ब्लॉक फरह के अंतर्गत गांव कुरकन्दा कदम खंडी आश्रम पर शिव भक्तों ने ने किया जल अभिषेक1
- नकली सोने की ईंट और साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, पीतल की ईंट, मोबाइल व 10 एटीएम कार्ड जब्त अमरदीप सेन | डीग। पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में जिले में साइबर ठगों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत थाना जुरहरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सोने की ईंट बेचने और साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित 53 लाख 39 हजार 500 रुपये, सोने जैसी दिखने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 10 एटीएम कार्ड तथा साइबर ठगी से खरीदी गई एक हैरियर गाड़ी जब्त की है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित तरीके से गिरोह बनाकर भोले-भाले लोगों को सस्ते दामों में असली सोने की ईंट बेचने का झांसा देते थे। गिरोह के सदस्य पहले फोन अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित शिकार से संपर्क करते और उसे विश्वास में लेकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाते थे। इसके बाद बड़ी रकम लेकर नकली पीतल की ईंट थमा देते थे। अलग-अलग राज्यों में बनाते थे लोगों को निशाना जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के अलावा हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी। कोई व्यक्ति फोन पर पार्टी को अपने जाल में फंसाता था तो कोई दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर सोने की ईंट का सैंपल दिखाने और सौदा तय करने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी के साथ-साथ सेक्सटॉर्शन के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर महंगी कीमतों में पुरानी मुद्रा खरीदने और बेचने के विज्ञापन डालकर भी लोगों को अपने झांसे में लेते थे। 53.39 लाख रुपये और अन्य सामान बरामद थाना जुरहरा पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों से साइबर ठगी से अर्जित कुल 53,39,500 रुपये बरामद किए। इसके साथ ही सोने जैसी दिखाई देने वाली पीतल की ईंट, एक छैनी, पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन मय एक सिम कार्ड और 10 एटीएम कार्ड जब्त किए गए। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई हैरियर गाड़ी को भी जब्त किया है। ये पांच आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सैकुल पुत्र साहब खां (35), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा; फकरूद्दीन पुत्र जुम्मा (35), फारूख खान पुत्र अतर खां (23), दोनों निवासी बिरगमा थाना नगर; यूसुफ पुत्र दीनू (30), निवासी नन्देरा थाना कामां तथा साकिर पुत्र कमरू (25), निवासी भण्डारा थाना जुरहरा, जिला डीग को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा साइबर ठगी की वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।3
- प्रेम, शक और साजिश का खौफनाक अंत! रिश्तों में धोखा, शक और बदले का अंत अक्सर किसी की जिंदगी बर्बाद करके ही क्यों होता है? प्रेम, शक और साजिश का खौफनाक अंत! मथुरा के नीमगांव में शादी के बाद भी काजल कथित तौर पर अपने पुराने प्रेमी विपिन ठाकुर के संपर्क में थी। पति विक्रम सिंह को जब इंस्टाग्राम चैट का पता चला तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि विक्रम ने अपने दोस्त अमन जाटव के साथ मिलकर काजल से प्रेमी को मिलने के बहाने बुलवाया। विपिन घर से यह कहकर निकला कि उसे यूनिवर्सिटी में कुछ काम है, लेकिन अगले दिन जंगल में उसका शव मिला। गले पर चाकू के निशान थे। पुलिस जांच में फोन और इंस्टाग्राम चैट समेत कई सुराग सामने आए। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश में काजल, उसके पति विक्रम और दोस्त अमन की भूमिका सामने आई। काजल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि विक्रम और अमन को पुलिस मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने पर गिरफ्तार किया गया। सबसे बड़ा सवाल—अवैध संबंधों की इस खतरनाक कहानी में प्रेमी मरे या पति, कीमत आखिर एक आदमी की जिंदगी ही क्यों चुकाता है? रिश्तों में धोखा, शक और बदले का अंत अक्सर किसी की जिंदगी बर्बाद करके ही क्यों होता है? विपिन के साथ हुई वारदात क्या किसी भी इंसान की जिंदगी इतनी सस्ती हो गयी है कि उसकी जा*न लेकर हीं इंसाफ मिलता है...... #mathuravrindavan #प्रेमप्रशँग #viralvideo @highlight #allfollowers4