गलियाकोट ब्रिज के पास भीषण हादसा: बेकाबू डंपर पेड़ से टकराया, ड्राइवर 3 घंटे बाद निकाला गया सुरक्षित सागवाड़ा | डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गलियाकोट ब्रिज के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुजरात से बजरी भरकर बांसवाड़ा की ओर जा रहा एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसे में डंपर चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया, जिसे करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। जानकारी के अनुसार चिखली निवासी कमलेश बागडिया डंपर लेकर गुजरात से बांसवाड़ा जा रहा था। गलियाकोट ब्रिज के समीप अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और डंपर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक कमलेश के पैर केबिन में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने पहले जेसीबी मशीन बुलाकर केबिन को खींचने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। चालक की गंभीर हालत और दर्द को देखते हुए पुलिस ने तत्काल डॉक्टरों की टीम को मौके पर बुलवाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही चिकित्सकों ने केबिन में फंसे चालक का प्राथमिक उपचार शुरू किया, ताकि उसे सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव से बचाया जा सके। इसके बाद गैस कटर की मदद से केबिन के लोहे के हिस्सों को काटा गया और चालक तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कमलेश को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
गलियाकोट ब्रिज के पास भीषण हादसा: बेकाबू डंपर पेड़ से टकराया, ड्राइवर 3 घंटे बाद निकाला गया सुरक्षित सागवाड़ा | डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गलियाकोट ब्रिज के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुजरात से बजरी भरकर बांसवाड़ा की ओर जा रहा एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसे में डंपर चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया, जिसे करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। जानकारी के अनुसार चिखली निवासी कमलेश बागडिया डंपर लेकर गुजरात से बांसवाड़ा जा रहा था। गलियाकोट ब्रिज के समीप अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और डंपर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक कमलेश के पैर केबिन में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने पहले जेसीबी मशीन बुलाकर केबिन को खींचने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। चालक की गंभीर हालत और दर्द को देखते हुए पुलिस ने तत्काल डॉक्टरों की टीम को मौके पर बुलवाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही चिकित्सकों ने केबिन में फंसे चालक का प्राथमिक उपचार शुरू किया, ताकि उसे सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव से बचाया जा सके। इसके बाद गैस कटर की मदद से केबिन के लोहे के हिस्सों को काटा गया और चालक तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कमलेश को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
- सागवाड़ा | डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गलियाकोट ब्रिज के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गुजरात से बजरी भरकर बांसवाड़ा की ओर जा रहा एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। हादसे में डंपर चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया, जिसे करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। जानकारी के अनुसार चिखली निवासी कमलेश बागडिया डंपर लेकर गुजरात से बांसवाड़ा जा रहा था। गलियाकोट ब्रिज के समीप अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और डंपर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक कमलेश के पैर केबिन में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने पहले जेसीबी मशीन बुलाकर केबिन को खींचने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। चालक की गंभीर हालत और दर्द को देखते हुए पुलिस ने तत्काल डॉक्टरों की टीम को मौके पर बुलवाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ही चिकित्सकों ने केबिन में फंसे चालक का प्राथमिक उपचार शुरू किया, ताकि उसे सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव से बचाया जा सके। इसके बाद गैस कटर की मदद से केबिन के लोहे के हिस्सों को काटा गया और चालक तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कमलेश को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।1
- डूंगरपुर जिले में आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इसी के तहत जिला प्रशासन व सांख्यिकी विभाग की ओर से डूंगरपुर जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में सोमवार से जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। 20 से 22 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को मकानों की सूची बनाने, आवास गणना करने और तकनीकी रूप से एचएलओ मोबाइल ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।1
- ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सख्त चेतावनी दी एफसीआई के ऑल ऑफिसरों को राजाफेड के ऑल अफसर को अन्य जाता का अगर एक इंची भी गेहूं व्यर्थ गया समर्थन मूल्य नहीं मिला तो उसके परिणाम भुगतने को लिए तैयार रहे समर्थन मूल्य के गेहूं खरीदने वाले सरकारी चौकीदार।2
- धंबोला। धंबोला थाना क्षेत्र के राखोड़िया कस्बे में एक शादी समारोह उस वक्त मातम में बदल गया जब बिनोला की रस्म के दौरान हुई मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, शादी में मौजूद युवकों के बीच शुरू हुई बहस जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गई, जिसमें कांति पिता खतरा रोत (उम्र 35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन व ग्रामीण तुरंत घायल कांति को संभालने में जुटे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मारपीट के दौरान लगी चोटों के कारण कांति की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही धंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा मोर्चरी में रखवाया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, शादी जैसे खुशी के मौके पर इस तरह की घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।1
- डूंगरपुर: रेती से भरा डंपर पेड़ से टकराया, 3 घंटे की मशक्कत के बाद ड्राइवर को सकुशल निकाला डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में गलियाकोट रोड स्थित नेशनल हाईवे 927ए बायपास ओवरब्रिज के नीचे सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 5 बजे रेती से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पीपल के पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवर उसमें फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही सागवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अधिकारी मनीष खोईवाल के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और क्रेन को बुलाया गया। ग्रामीणों की मदद से करीब 3 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद डंपर में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायल ड्राइवर की पहचान पोपटलाल पुत्र कमलेशलाल बगड़िया निवासी चिखली राठड़ी के रूप में हुई है। चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। गनीमत रही कि हादसे में ड्राइवर की जान बच गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- सीमलवाड़ा। उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर के निर्देशन में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालिका का विवाह ऐन मौके पर रुकवा दिया। कार्रवाई के दौरान बारात को बैरंग लौटा दिया गया तथा बालिका के माता-पिता को पाबंद किया गया कि वे बालिग होने के बाद ही विवाह करें। उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन को सूचना मिली थी कि धम्बोला थाना क्षेत्र की चाड़ोली पंचायत के नवाघरा गांव में एक नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही उनके निर्देशन में तुरंत टीम गठित कर मौके पर भेजा गया। टीम में हल्का पटवारी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से हिमांशु जैन, सृष्टि सेवा समिति के जिला समन्वयक सुरेंद्र ढोली, धम्बोला थाना के उपनिरीक्षक सकाराम एवं एएसआई चेतनलाल मय जाब्ता शामिल रहे। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि सागवाड़ा क्षेत्र से बारात पहुंच चुकी थी और विवाह की तैयारियां चल रही थीं। टीम ने तत्काल दूल्हा-दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें दूल्हे की उम्र 23 वर्ष एवं दुल्हन की उम्र करीब 16 वर्ष पाई गई। दुल्हन के नाबालिग होने की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तुरंत विवाह रुकवा दिया और बारात को बिना विवाह के वापस लौटा दिया। उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने बताया कि बालिका के माता-पिता को समझाइश देकर पाबंद किया गया है कि वे 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह करेंगे। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें तथा ऐसी किसी भी सूचना को तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।1
- डूंगरपुर में राशन डीलरों का शर्ट उतारकर किया प्रदर्शन:11वें दिन भी धरना जारी, बकाया कमीशन सहित कई मांगें डूंगरपुर में राजस्थान राज्य राशन डीलर एसोसिएशन के बैनर तले राशन डीलरों का बेमियादी धरना जारी। डूंगरपुर में राजस्थान राज्य राशन डीलर एसोसिएशन के बैनर तले राशन डीलरों का बेमियादी धरना जारी। डूंगरपुर में राजस्थान राज्य राशन डीलर एसोसिएशन के बैनर तले राशन डीलरों का बेमियादी धरना 11वें दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे डीलरों ने अपनी मांगों को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि उन्हें लंबे समय से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2023 के जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का लगभग ढाई करोड़ रुपये का कमीशन अभी तक बकाया है, जिससे डीलरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। राशन वितरण के दौरान नेटवर्क की समस्या से काम में बाधा आती है। गर्मी में उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है, जिससे डीलर और उपभोक्ताओं के बीच अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है। डीलरों ने आरोप लगाया कि करीब 18 से 20 राशन डीलरों का कमीशन गलती से अन्य डीलरों के खातों में चला गया है, जिसे सुधारने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा, जिले में गेहूं का आवंटन लगातार कम किया जा रहा है, जिससे प्रति डीलर 2 से 10 क्विंटल तक की कमी आई है। इससे उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं मिल पा रहा है और डीलरों पर दबाव बढ़ रहा है। जिन डीलरों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और जहां अनाज के गबन का आरोप है, वहां अस्थाई व्यवस्था की गई है, लेकिन उन स्थानों पर आवंटन 'शून्य' दिखाया जा रहा है, जिससे वितरण पूरी तरह ठप है। जिला अध्यक्ष जैन ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे अपना धरना जारी रखेंगे।1
- डूंगरपुर जिले में राजस्थान राज्य राशन डीलर एसोसिएशन, जिला डूंगरपुर के बैनर तले राशन डीलरों का अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पिछले 11 दिन से चल रहा है। कलेक्ट्रेट के बाहर आज धरने के 11 वे दिन राशन डीलर्स ने अर्ध नग्न प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।1