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यहां पर पुरानी प्राचीन कुआ बावड़ी थी जो गांव के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मालवा डालकर पूर दी गई और उसको ट्रैक्टर ट्राली रखने की जगह बना ली मेरा यह निवेदन है कि उस प्राचीन कुआ बावड़ी को फिर से पुनर्निर्माण करवाया जाए और जिसने यह प्राचीन बावड़ी को पूरा है उस पर कड़ी से कड़ी करवाई की जाए यह देवरी तहसील के सिंगपुर गंजन में स्थित है इस कुआ बावड़ी का वीडियो भी है मेरे पास पुराना
संभागीय अध्यक्ष सागर
यहां पर पुरानी प्राचीन कुआ बावड़ी थी जो गांव के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मालवा डालकर पूर दी गई और उसको ट्रैक्टर ट्राली रखने की जगह बना ली मेरा यह निवेदन है कि उस प्राचीन कुआ बावड़ी को फिर से पुनर्निर्माण करवाया जाए और जिसने यह प्राचीन बावड़ी को पूरा है उस पर कड़ी से कड़ी करवाई की जाए यह देवरी तहसील के सिंगपुर गंजन में स्थित है इस कुआ बावड़ी का वीडियो भी है मेरे पास पुराना
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- Post by REPORTER AFTAB KHAN PATHARIA DAMOH1
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- सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन का डीआरएम ने किया औचक निरीक्षण, ग्रामीणों ने रखीं कई समस्याएं रिपोर्ट: लक्ष्मण सिंह राजपूत सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर 6 मार्च 2026 को डीआरएम, पंकज त्यागी भोपाल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने रेल से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है। इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। खराब सड़क के कारण यात्रियों, विशेष रूप से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों की दूसरी बड़ी समस्या यह है कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर पैदल पुल (फुट ओवरब्रिज) नहीं है। इसके कारण यात्रियों को कई बार ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले आठ नंबर गेट के पास रेलवे स्टेशन था, जहां से वाहनों का आवागमन होता था। बाद में स्टेशन को सात नंबर की ओर स्थापित कर दिया गया। आठ नंबर फाटक पर बनने वाला अंडरब्रिज भी सात और आठ नंबर गेट के बीच बना दिया गया। दाईं ओर का हिस्सा रेलवे की जमीन पर बनकर तैयार हो गया, लेकिन बाईं ओर किसानों की निजी जमीन होने के कारण अंडरब्रिज अधूरा पड़ा हुआ है। रेलवे विभाग का कहना है कि वहां निजी भूमि होने के कारण निर्माण नहीं किया जा सकता, जबकि भूमि मालिक उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस वजह से किसानों को अपनी खेती के लिए 14 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि सेमरखेड़ी रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का स्टॉपेज दिया जाए। उनका कहना है कि रोजाना लगभग 200 से अधिक ट्रेनें इस रूट से गुजरती हैं। यदि मुख्य ट्रेनों का ठहराव यहां हो जाए तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, सड़क दुर्घटनाएं भी कम होंगी और रेलवे को भी राजस्व में लाभ होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि डीआरएम के निरीक्षण के बाद इन समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा, जिससे आम लोगों की रेल यात्रा सरल और सुगम बन सके।1
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- *दुनिया के नेटवर्क से दूर रहेंगे बागेश्वर महाराज, गुरु आज्ञा से बर्फीले पहाडों पर जाकर करंगे साधना, बद्रीनाथ में रहेंगे?* सनातन का झंडा बुलंद करने वाले बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक महीने तक दुनिया के संपर्क से दूर रहेंगे. वे किसी भी नेटवर्क में नहीं रहेंगे. न धाम पर रहेंगे, न कथा करेंगे और न ही दिव्य दरबार लगेगा. इतना ही नहीं वे मोबाइल-टीवी, इंटरव्यू से भी गायब रहेंगे. इस दौरान वे किसी के संपर्क में भी नहीं होंगे. आखिर शास्त्री कहां जा रहे हैं, क्या करेंगे ,धीरेंद्र शास्त्री अपने दिव्य दरबार और सनातन हिन्दू राष्ट्र के लिए पहचाने जाते हैं. वे आगामी मई के महीने में बागेश्वरधाम और एमपी से दूर उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पहाड़ों पर जाएंगे और एकांतवास में साधना करेंगे. धीरेंद्र शास्त्री हर तरह के संपर्क से कटकर ईश्वर भक्ति और साधना में लीन रहेंगे. बीते दिनों उन्होंने खुद अपनी इस गुप्त साधना को लेकर जानकारी दी थी1