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*किसानों की 37 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन* *बैठक की की शुरुवात मंडी प्रांगण भगवान बलराम जी भारत माता पूजन कर* *प्रियांशी विचारधारा देवास ब्यूरो राजेश माल्या* भोपाल/देवास। भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री के नाम खातेगांव तहसीलदार श्री तोमर ज्ञापन सौंपा है। 15 सितंबर 2026 को दिए गए ज्ञापन में कृषि, फसल बीमा, खाद-बीज, किसान ऋण, बिजली, सिंचाई और राजस्व से जुड़ी कुल 37 प्रमुख मांगें रखी गई हैं। किसान संघ ने केंद्र सरकार से कृषि आदान और कृषि यंत्रों पर जीएसटी समाप्त करने, सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित करने तथा किसानों के हित में आयात-निर्यात नीति बनाने की मांग की है। संगठन ने भारत में जीएम फसलों और बीजों को प्रवेश की अनुमति नहीं देने की मांग भी रखी है। फसल बीमा में बदलाव की मांग ज्ञापन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। किसान संघ ने सेटेलाइट आधारित सर्वे में सुधार होने तक पुनः फसल कटाई प्रयोग से नुकसान का आकलन कराने तथा केला और मिर्च को भी फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग की है। खाद और कृषि उपज को लेकर भी मांगें किसानों को पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने, एनपीके खाद पर डीएपी की तरह सब्सिडी देने और खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने की मांग की गई है। सोयाबीन सहित धान, मक्का, ज्वार और बाजरा की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। कृषि मंडियों में आधुनिक गुणवत्ता जांच और ग्रेडिंग मशीनें लगाने, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की बड़ी तौल कांटे से तुलाई कराने तथा मंडियों के सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखने की मांग की गई है। किसानों के लिए सस्ता ऋण और योजनाओं की निगरानी किसानों को आसानी से कृषि ऋण और केसीसी उपलब्ध कराने, बैंकिंग प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाने तथा अनावश्यक परेशान करने पर जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। केंद्र और राज्य सरकार की किसान योजनाओं की निगरानी के लिए जिला स्तर पर किसान प्रतिनिधियों को शामिल कर समितियां बनाने का सुझाव भी दिया गया है। बिजली और सिंचाई पर विशेष जोर ज्ञापन में किसानों को समय पर बिजली उपलब्ध कराने, अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा ट्रांसफार्मर बैंक बनाने की मांग की गई है। जले हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदलने और इसके लिए एंबुलेंस जैसी सेवा शुरू करने की मांग भी रखी गई है। बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और सिंचाई व्यवस्था की समय से मरम्मत एवं सफाई कराने की मांग की गई है। राजस्व व्यवस्था में सुधार की मांग किसान संघ ने खेतों के पारंपरिक रास्तों को राजस्व नक्शे में दर्ज करने, फौती नामांतरण तत्काल करने, रजिस्ट्री के साथ नामांतरण दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा राजस्व संबंधी मामलों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को पूरी जानकारी देने, आपत्तियों और सुझावों का निराकरण करने, ग्रामसभा की स्वीकृति के बाद उचित मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। भारतीय किसान संघ का कहना है कि इन मांगों पर सरकार द्वारा गंभीरता से विचार कर किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।

1 hr ago
user_राजेश माल्या
राजेश माल्या
Dewas, Madhya Pradesh•
1 hr ago
3a98e4b9-4e22-4e9e-adf0-d688d7f92ce4

*किसानों की 37 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन* *बैठक की की शुरुवात मंडी प्रांगण भगवान बलराम जी भारत माता पूजन कर* *प्रियांशी विचारधारा देवास ब्यूरो राजेश माल्या* भोपाल/देवास। भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री के नाम खातेगांव तहसीलदार श्री तोमर ज्ञापन सौंपा है। 15 सितंबर 2026 को दिए गए ज्ञापन में कृषि, फसल बीमा, खाद-बीज, किसान ऋण, बिजली, सिंचाई और राजस्व से जुड़ी कुल 37 प्रमुख मांगें रखी गई हैं। किसान संघ ने केंद्र सरकार से कृषि आदान और कृषि यंत्रों पर जीएसटी समाप्त करने, सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित करने तथा किसानों के हित में आयात-निर्यात नीति बनाने की मांग की है। संगठन ने भारत में जीएम फसलों और बीजों को प्रवेश की अनुमति नहीं देने की मांग भी रखी है। फसल बीमा में बदलाव की मांग ज्ञापन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। किसान संघ ने सेटेलाइट आधारित सर्वे में सुधार होने तक पुनः फसल कटाई प्रयोग से नुकसान का आकलन कराने तथा केला और मिर्च को भी फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग की है। खाद और कृषि उपज को लेकर भी मांगें किसानों को पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने, एनपीके खाद पर डीएपी की तरह सब्सिडी देने और खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने की मांग की गई है। सोयाबीन सहित धान, मक्का, ज्वार और बाजरा की समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। कृषि मंडियों में आधुनिक गुणवत्ता जांच और ग्रेडिंग मशीनें लगाने, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की बड़ी तौल कांटे से तुलाई कराने तथा मंडियों के सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखने की मांग की गई है। किसानों के लिए सस्ता ऋण और योजनाओं की निगरानी किसानों को आसानी से कृषि ऋण और केसीसी उपलब्ध कराने, बैंकिंग प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाने तथा अनावश्यक परेशान करने पर जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। केंद्र और राज्य सरकार की किसान योजनाओं की निगरानी के लिए जिला स्तर पर किसान प्रतिनिधियों को शामिल कर समितियां बनाने का सुझाव भी दिया गया है। बिजली और सिंचाई पर विशेष जोर ज्ञापन में किसानों को समय पर बिजली उपलब्ध कराने, अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने तथा ट्रांसफार्मर बैंक बनाने की मांग की गई है। जले हुए ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के भीतर बदलने और इसके लिए एंबुलेंस जैसी सेवा शुरू करने की मांग भी रखी गई है। बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और सिंचाई व्यवस्था की समय से मरम्मत एवं सफाई कराने की मांग की गई है। राजस्व व्यवस्था में सुधार की मांग किसान संघ ने खेतों के पारंपरिक रास्तों को राजस्व नक्शे में दर्ज करने, फौती नामांतरण तत्काल करने, रजिस्ट्री के साथ नामांतरण दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा राजस्व संबंधी मामलों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को पूरी जानकारी देने, आपत्तियों और सुझावों का निराकरण करने, ग्रामसभा की स्वीकृति के बाद उचित मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। भारतीय किसान संघ का कहना है कि इन मांगों पर सरकार द्वारा गंभीरता से विचार कर किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।

More news from Madhya Pradesh and nearby areas
  • चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। 270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई। किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया। इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए। एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है। पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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    चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत
चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत
हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा
शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई।
किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया।
इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए।
एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद
किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है।
पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात
मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    Dewas, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • भगवान श्री देवनारायण की कथा मैं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए हाटपिपल्या,ग्राम शादीपुरा में भगवान श्री देवनारायण सप्तम दिवस की कथा का समापन हुआ शोभा यात्रा के साथ झूमते गाते भक्त जन भगवान श्री देवनारायण एवं कथा वाचक श्री धर्मेंद्र सिंह जी भगत का पूरे गांव में घर-घर स्वागत सम्मान कर भगवान देवनारायण की पोथी का पूजन किया तथा भगवान श्री देवनारायण कथा, सेवा समिति ने लगातार 5 वर्ष श्री देवनारायण कथा करवाने का संकल्प लिया
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    भगवान श्री देवनारायण की कथा मैं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए
हाटपिपल्या,ग्राम शादीपुरा में भगवान श्री देवनारायण सप्तम दिवस की कथा का समापन हुआ
शोभा यात्रा के साथ झूमते गाते भक्त जन भगवान श्री देवनारायण एवं कथा वाचक श्री धर्मेंद्र सिंह जी भगत का पूरे गांव में घर-घर स्वागत सम्मान कर भगवान देवनारायण की पोथी का पूजन किया
तथा भगवान श्री देवनारायण कथा, सेवा समिति ने लगातार 5 वर्ष  श्री देवनारायण कथा करवाने का संकल्प लिया
    user_ब्लांक अध्यक्ष भारतीय किसान हा
    ब्लांक अध्यक्ष भारतीय किसान हा
    Farmer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • अमीर vs गरीब बच्चों की पढ़ाई का सचक्या सबका हक बराबर नहीं 💔 #shorts #rte ​इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। ​क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! ​Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts
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    अमीर vs गरीब बच्चों की पढ़ाई का सचक्या सबका हक बराबर नहीं 💔 #shorts #rte 
​इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं।
​क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!
​Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts
    user_𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    Lawyer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • लेकर शिकायतकर्ताओं में आई कमी इंदौर में पुलिस जनसुनवाई में त्योहारों को लेकर शिकायत करताओ मैं आई कमी इंदौर में पुलिस जनसुनवाई में त्योहार को लेकर शिकायतकर्ताओं में आई कमी प्रति मंगलवार को पुलिस मुख्यालय पर जनसुनवाई पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह नेगी प्रत्येक व्यक्ति से चर्चा शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को शिकायत हस्तांतरित भूमाफियाओं से लेकर अन्य बदमाशों की हुई आई शिकायत इंदौर पुलिस कमिश्नर कार्यालय कंट्रोल रूम पर हुई इस मंगलवार जनसुनवाई में कम ही आवेदक अपनी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे पुलिस कमिश्नर ने आए हुए आवेदकों को उनके समझक पहुंच कर उनको समस्याओं को सुना इस मंगलवार हुई जनसुनवाई में कम ही आवेदक अपनी अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन लेकर पहुंचे जनसुनवाई में आपसी लेनदेन से लेकर पारिवारिक विवाद धोखाधड़ी से संबंधित आवेदन ज्यादा आए जिन सभी आवेदकों को पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने पहले सुना और अपने साथी एसीपी अधिकारियों को आवेदन की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए
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    लेकर शिकायतकर्ताओं में आई कमी

इंदौर में पुलिस जनसुनवाई में त्योहारों को लेकर शिकायत करताओ मैं आई कमी

इंदौर में पुलिस जनसुनवाई में त्योहार को लेकर शिकायतकर्ताओं में आई कमी
प्रति मंगलवार को पुलिस मुख्यालय पर जनसुनवाई 
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह नेगी प्रत्येक व्यक्ति से चर्चा 
शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को शिकायत हस्तांतरित 
भूमाफियाओं से लेकर अन्य बदमाशों की हुई आई शिकायत 
इंदौर पुलिस कमिश्नर कार्यालय कंट्रोल रूम पर हुई इस मंगलवार जनसुनवाई में कम ही आवेदक अपनी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे पुलिस कमिश्नर ने आए हुए आवेदकों को उनके समझक पहुंच कर उनको समस्याओं को सुना
इस मंगलवार हुई जनसुनवाई में कम ही आवेदक अपनी अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन लेकर पहुंचे जनसुनवाई में आपसी लेनदेन से लेकर पारिवारिक विवाद धोखाधड़ी से संबंधित आवेदन ज्यादा आए जिन सभी आवेदकों को पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने पहले सुना और अपने साथी एसीपी अधिकारियों को आवेदन की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    13 min ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | इंदौर 🚨 राऊ में 27 लाख की चोरी का खुलासा, मालिक का ड्राइवर गिरफ्तार 🔴 क्रेटा कार में रखे 27 लाख रुपये लेकर फरार हुआ था नौकर 🔴 24.50 लाख रुपये बरामद, सीसीटीवी व तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपी तक 🔴 विकास स्वीट्स के सामने हुई थी वारदात 🔴 आरोपी रोहित कोसे (37) गिरफ्तार, पूर्व में लूट सहित 2 अपराध दर्ज 🔴 थाना राऊ पुलिस की कार्रवाई, आरोपी को न्यायालय में किया जा रहा पेश
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज | इंदौर 🚨

राऊ में 27 लाख की चोरी का खुलासा, मालिक का ड्राइवर गिरफ्तार

🔴 क्रेटा कार में रखे 27 लाख रुपये लेकर फरार हुआ था नौकर
🔴 24.50 लाख रुपये बरामद, सीसीटीवी व तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपी तक
🔴 विकास स्वीट्स के सामने हुई थी वारदात
🔴 आरोपी रोहित कोसे (37) गिरफ्तार, पूर्व में लूट सहित 2 अपराध दर्ज
🔴 थाना राऊ पुलिस की कार्रवाई, आरोपी को न्यायालय में किया जा रहा पेश
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • श्रेष्ठ मानव शरीर धारण करके इंसान का मस्तक पर टीका कुंकुम तिलक चंदन आदि लगाना अच्छी आदत है।
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    श्रेष्ठ मानव शरीर धारण करके इंसान का मस्तक पर टीका कुंकुम तिलक चंदन आदि लगाना अच्छी आदत है।
    user_दधिवल मानव, ग्राम गिदखिनी
    दधिवल मानव, ग्राम गिदखिनी
    Farmer हातोद, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • GRP पुलिस एस पी इन्दौर के मार्ग दर्शन मे उज्जैन GRP पुलिस को मिल भरी सफलता इंदौर जीआरपी रेलवे पुलिस के अंतर्गत आने वाले उज्जैन GRP पुलिस को 15 सितम्बर 2026-रेलवे स्टेशन एवं चलती ट्रेनों में महिलाओं के हाथ से कटर की मदद से सोने के कंगन काटकर चोरी करने वाली गैंग का जीआरपी एवं आरपीएफ उज्जैन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश किया है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच एवं सक्रिय मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 69 ग्राम वजन के 06 कटे हुए सोने के कंगन एवं 04 कटर, कुल कीमत करीब ₹9.50 लाख का मशरूका बरामद किया है। विगत 15 दिन में रेलवे स्टेशन उज्जैन में चलती ट्रेनो में एक ही तरीका वारदात के कुल चार अपराध घटित हुए है जिसमें ट्रेन काचीगुडा एक्सप्रेस, ट्रेन इंदौर खडकी एक्सप्रेस, ट्रेन नर्मदा एक्सप्रेस, ट्रेन नागदा इंदौर पेसेंजर में यात्रा कर रही महिला यात्रियों के हाथ में पहने हुए सोने का कंगन काटकर चोरी कर लिये गये थे । फरियादियों की रिपोर्ट पर से थाना जीआरपी उज्जैन पर अलग- अलग चार अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए । प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता एवं आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र यादव के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित ने रेलवे स्टेशन, ट्रेनों एवं शहर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना के आधार पर जीरो पाइंट ब्रिज रेलवे स्टेशन उज्जैन से चारों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी: 1. अभिजीत उर्फ अभि पिता जीतू पंवार, उम्र 28 वर्ष, निवासी बांद्रा हनुमान मंदिर, रूम नं. 506, थाना अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)। 2. कुणाल गायकवाड पिता सुनील गायकवाड, उम्र 33 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड, अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)। 3. नरेश गायकवाड पिता विनायक गायकवाड, उम्र 34 वर्ष, निवासी लाडीनाका, अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)। 4. हुसैन शेख पिता इब्राहिम शेख, उम्र 45 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड, अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)। आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी पाए गए हैं। सराहनीय योगदान: जीआरपी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र यादव, जीआरपी उज्जैन से उप निरी. बचानीलाल तिवारी, प्र. आर. वीर भूपेंद्र सिंह, प्र. आर. संतोष सिंह, आर. राहुल राजपूत, आर. दिलीप लोधी, आर. अनूप नारोलिया, आर. राजेश पाटीदार, आर. आनंद पूनम डाबी, आरपीएफ उज्जैन से प्र. आर. बुद्ध सिंह हुड्डा, प्र. आर. मनिराम मीना, आर. लखन लाल सैनी, आर. नंद सिंह का विशेष योगदान रहा ।
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    GRP पुलिस एस पी  इन्दौर के मार्ग दर्शन मे उज्जैन GRP पुलिस को मिल भरी सफलता 
इंदौर जीआरपी रेलवे पुलिस के अंतर्गत आने वाले उज्जैन GRP पुलिस को 15 सितम्बर 2026-रेलवे स्टेशन एवं चलती ट्रेनों में महिलाओं के हाथ से कटर की मदद से सोने के कंगन काटकर चोरी करने वाली गैंग का जीआरपी एवं आरपीएफ उज्जैन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश किया है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच एवं सक्रिय मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 69 ग्राम वजन के 06 कटे हुए सोने के कंगन एवं 04 कटर, कुल कीमत करीब ₹9.50 लाख का मशरूका बरामद किया है।
विगत 15 दिन में रेलवे स्टेशन उज्जैन में चलती ट्रेनो में एक ही तरीका वारदात के कुल चार अपराध घटित हुए है जिसमें ट्रेन काचीगुडा एक्सप्रेस, ट्रेन इंदौर खडकी एक्सप्रेस, ट्रेन नर्मदा एक्सप्रेस, ट्रेन नागदा इंदौर पेसेंजर में यात्रा कर रही महिला यात्रियों के  हाथ में पहने हुए सोने का कंगन काटकर चोरी कर लिये गये थे । फरियादियों की रिपोर्ट पर से थाना जीआरपी उज्जैन पर अलग- अलग चार अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए ।
प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता एवं आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र यादव के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित  ने रेलवे स्टेशन, ट्रेनों एवं शहर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना के आधार पर जीरो पाइंट ब्रिज रेलवे स्टेशन उज्जैन से चारों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी:
1. अभिजीत उर्फ अभि पिता जीतू पंवार, उम्र 28 वर्ष, निवासी बांद्रा हनुमान मंदिर, रूम नं. 506, थाना अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)।
2. कुणाल गायकवाड पिता सुनील गायकवाड, उम्र 33 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड, अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)।
3. नरेश गायकवाड पिता विनायक गायकवाड, उम्र 34 वर्ष, निवासी लाडीनाका, अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)।
4. हुसैन शेख पिता इब्राहिम शेख, उम्र 45 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड, अंबरनाथ, जिला ठाणे (महाराष्ट्र)।
आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी पाए गए हैं।  
सराहनीय योगदान: जीआरपी प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार गुप्ता, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र यादव, जीआरपी उज्जैन से उप निरी. बचानीलाल तिवारी, प्र. आर. वीर भूपेंद्र सिंह, प्र. आर. संतोष सिंह, आर. राहुल राजपूत, आर. दिलीप लोधी, आर. अनूप नारोलिया, आर. राजेश पाटीदार, आर. आनंद पूनम डाबी, आरपीएफ उज्जैन से प्र. आर. बुद्ध सिंह हुड्डा, प्र. आर. मनिराम मीना, आर. लखन लाल सैनी, आर. नंद सिंह का विशेष योगदान रहा ।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है। ⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें। किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें। अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें। अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है। 🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है। ⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें। किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें। अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें। अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
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    🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी

AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक

नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं।

हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है।

वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है।

⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी

अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें।

किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें।

अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें।

अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें।

किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है।


डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी
AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक
नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं।
हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है।
वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है।
⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी
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किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें।
अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें।
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डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    Dewas, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
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