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चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। 270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई। किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया। इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए। एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है। पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

2 hrs ago
user_Journalist shubham
Journalist shubham
Dewas, Madhya Pradesh•
2 hrs ago

चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। 270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई। किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया। इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए। एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है। पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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  • चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। 270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई। किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया। इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए। एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है। पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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    चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत
चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर किसानों से लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, हरणगांव थाने में शिकायत
हरणगांव, देवास। चंदन के पौधे लगवाने और भविष्य में मोटा रिटर्न दिलाने का झांसा देकर किसानों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप सामने आया है। मामले को लेकर ग्राम सातरागांव सहित आसपास के कई गांवों के किसानों ने 15 सितंबर 2026 को हरणगांव थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता बालम पिता बद्रीप्रसाद जाट, निवासी सातरागांव, ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में Hariyali Boi Planted Limited नामक कंपनी के माध्यम से प्रमोद जाट निवासी भटनावर (राजस्थान) और मोहित जाट निवासी लोहारखेड़ी, जिला उज्जैन द्वारा क्षेत्र में किसानों को चंदन के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
270 रुपये का पौधा, 40 हजार रुपये मिलने का दावा
शिकायत के अनुसार किसानों को बताया गया कि कंपनी से एक चंदन का पौधा करीब 270 रुपये में मिलेगा। पौधा लगाने के बाद कंपनी की ओर से एग्रीमेंट कराने, खाद-दवाई नि:शुल्क देने और पौधा खराब होने पर दोबारा पौधा देने की बात कही गई।
किसानों को यह भी बताया गया कि तीन महीने बाद कंपनी प्रति पौधा 1000 रुपये के हिसाब से रिटर्न देना शुरू करेगी और पांच साल तक हर छह महीने में भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा आठ वर्ष बाद एक पौधे के 40 हजार रुपये मिलने का दावा भी किया गया।
इन दावों पर भरोसा कर क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगवाए। शिकायत में किशनपुर, सातरागांव, करोंद, आमला, धर्मालीपुर, सुकेड़ी, मनोरा, गुनापासी, बुर्ज और पारसली सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ किसानों ने 100 से 200 तक पौधे भी लगवाए।
एग्रीमेंट की बात आने पर बढ़ा विवाद
किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से एग्रीमेंट कराने और भुगतान को लेकर जानकारी मांगी तो मार्च 2026 के बाद दोनों लोगों ने क्षेत्र में आना बंद कर दिया। शिकायत के अनुसार उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। इसके बाद किसानों को कथित योजना को लेकर संदेह हुआ।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि किसानों को दिए गए चंदन के पौधे नर्सरी में करीब 10 रुपये में उपलब्ध होने की जानकारी बाद में मिली, जबकि किसानों से 270 रुपये प्रति पौधा लिए गए। किसानों का दावा है कि चंदन के पौधे लगवाने के नाम पर क्षेत्र के कई किसानों से लाखों रुपये की राशि ली गई है।
पुलिस ने कही जांच के बाद कार्रवाई की बात
मामले में किसानों ने थाना प्रभारी से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
हरणगांव थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    Dewas, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • भगवान श्री देवनारायण की कथा मैं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए हाटपिपल्या,ग्राम शादीपुरा में भगवान श्री देवनारायण सप्तम दिवस की कथा का समापन हुआ शोभा यात्रा के साथ झूमते गाते भक्त जन भगवान श्री देवनारायण एवं कथा वाचक श्री धर्मेंद्र सिंह जी भगत का पूरे गांव में घर-घर स्वागत सम्मान कर भगवान देवनारायण की पोथी का पूजन किया तथा भगवान श्री देवनारायण कथा, सेवा समिति ने लगातार 5 वर्ष श्री देवनारायण कथा करवाने का संकल्प लिया
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    भगवान श्री देवनारायण की कथा मैं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए
हाटपिपल्या,ग्राम शादीपुरा में भगवान श्री देवनारायण सप्तम दिवस की कथा का समापन हुआ
शोभा यात्रा के साथ झूमते गाते भक्त जन भगवान श्री देवनारायण एवं कथा वाचक श्री धर्मेंद्र सिंह जी भगत का पूरे गांव में घर-घर स्वागत सम्मान कर भगवान देवनारायण की पोथी का पूजन किया
तथा भगवान श्री देवनारायण कथा, सेवा समिति ने लगातार 5 वर्ष  श्री देवनारायण कथा करवाने का संकल्प लिया
    user_ब्लांक अध्यक्ष भारतीय किसान हा
    ब्लांक अध्यक्ष भारतीय किसान हा
    Farmer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • अमीर vs गरीब बच्चों की पढ़ाई का सचक्या सबका हक बराबर नहीं 💔 #shorts #rte ​इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। ​क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! ​Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts
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    अमीर vs गरीब बच्चों की पढ़ाई का सचक्या सबका हक बराबर नहीं 💔 #shorts #rte 
​इस वीडियो में हमने भारत की शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाया है, जहाँ एक तरफ प्राइवेट स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं (Labs, Playgrounds) हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों के गरीब बच्चे बदहाल कमरों और पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं।
​क्या यह सच में "शिक्षा का अधिकार" है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!
​Private school vs government school, Indian education system reality, Right to education India, Government school condition, Private school luxury, RTE Act India, Emotional education shorts, Legal Baba shorts, Two worlds one country education, Govt school vs private school comparison, Shiksha ka adhikar, Sarkari school vs private school, Trending shorts India, Social issue shorts
    user_𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    Lawyer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • Indore: 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन | पूर्णाहुति और विशाल भंडारा | Indore News
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    Indore: 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन | पूर्णाहुति और विशाल भंडारा | Indore News
    user_PM NEWS
    PM NEWS
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 min ago
  • पुलिस थाना राऊ इंदौर ने किया 27 लाख की चोरी का खुलासा मालिक की क्रेटा कार से 27 लाख उड़lने वाला नौकर गिरफ्तार ▪️*पुलिस थाना राऊ इंदौर ने किया ₹27 लाख की चोरी का खुलासा...* ▪️*मालिक की क्रेटा कार से ₹27 लाख उड़ाने वाला नौकर गिरफ्तार* ▪️*CCTV व तकनीकी साक्ष्यों से खुला सनसनीखेज चोरी का राज, ₹24.50 लाख बरामद* इंदौर। शहर में चोरी/ नकबजनी, स्नैचिंग आदि संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु इन अपराधों में संलिप्त आरोपियो के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में पुलिस उपायुक्त जोन-01 श्री नरेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-01 श्री सुमित केरकेट्टा के दिशा निर्देशन एवं सहायक पुलिस आयुक्त गांधीनगर श्रीमती निधि सक्सेना के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राऊ एवं पुलिस टीम ने थाना राऊ क्षेत्र में विकास स्वीट्स के सामने खड़ी क्रेटा कार से ₹27 लाख चोरी कर फरार हुए आरोपी को, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की मदद से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की रकम में से ₹24,50,000/- का मश्रुका बरामद कर लिया है। *घटना का विवरण* दिनांक 24.08.2026 को फरियादी गौरव मित्तल द्वारा थाना राऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी क्रेटा कार में रखे ₹27,00,000/- रुपये उनके निजी ड्राइवर रोहित पिता स्व. लक्ष्मण सिंह कोसे द्वारा मौका पाकर चोरी कर फरार हो जाने की आशंका है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना राऊ में अपराध क्रमांक 522/2026, धारा 306 बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। 📹 *CCTV फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से मिला सुराग* घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर उनका विश्लेषण किया गया तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस को प्राप्त मुखबिर सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर दिनांक 15.09.2026 को उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। 💰 चोरी की रकम में से ₹24.50 लाख बरामद: पूछताछ में आरोपी रोहित द्वारा वारदात करना स्वीकार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने चोरी की रकम में से ₹24,50,000/- नगद बरामद किए हैं। *आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड-* पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रोहित पूर्व में भी चोरी की वारदातों में संलिप्त रहा है। उसके विरुद्ध थाना तुकोगंज में चोरी के निम्न प्रकरण पूर्व से पंजीबद्ध हैं— 🔹 अपराध क्रमांक 69/2010, धारा 379 IPC 🔹 अपराध क्रमांक 42/2010, धारा 379 IPC *सराहनीय योगदान* उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी राऊ निरीक्षक राजपाल सिंह राठौर, उनि. प्रवीण जाधव, सउनि. निलेश सिसोदिया, प्र.आर. बलराम चौहान, आर. कमलेश चौर, आर. नारायण यादववंशी, प्र.आर. अजय चौहान, प्र.आर. संजय मालाकार, साइबर टीम से प्र.आर. गोवर्धन, आर. अमित खत्री एवं आर. प्रशांत का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, प्रकरण में विवेचन के आधर पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
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    पुलिस थाना राऊ इंदौर ने किया 27 लाख की चोरी का खुलासा मालिक की क्रेटा कार से 27 लाख उड़lने वाला नौकर गिरफ्तार
▪️*पुलिस थाना राऊ इंदौर ने किया ₹27 लाख की चोरी का खुलासा...*
▪️*मालिक की क्रेटा कार से ₹27 लाख उड़ाने वाला नौकर गिरफ्तार*
▪️*CCTV व तकनीकी साक्ष्यों से खुला सनसनीखेज चोरी का राज, ₹24.50 लाख बरामद*
इंदौर। शहर में चोरी/ नकबजनी, स्नैचिंग आदि संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु इन अपराधों में संलिप्त आरोपियो के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर द्वारा दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में 
पुलिस उपायुक्त जोन-01 श्री नरेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-01 श्री सुमित केरकेट्टा के दिशा निर्देशन एवं सहायक पुलिस आयुक्त गांधीनगर श्रीमती निधि सक्सेना के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राऊ एवं पुलिस टीम ने थाना राऊ क्षेत्र में विकास स्वीट्स के सामने खड़ी क्रेटा कार से ₹27 लाख चोरी कर फरार हुए आरोपी को, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की मदद से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की रकम में से ₹24,50,000/- का मश्रुका बरामद कर लिया है।
*घटना का विवरण*
दिनांक 24.08.2026 को फरियादी गौरव मित्तल द्वारा थाना राऊ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी क्रेटा कार में रखे ₹27,00,000/- रुपये उनके निजी ड्राइवर रोहित पिता स्व. लक्ष्मण सिंह कोसे द्वारा मौका पाकर चोरी कर फरार हो जाने की आशंका है।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना राऊ में अपराध क्रमांक 522/2026, धारा 306 बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
📹 *CCTV फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से मिला सुराग*
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल एवं आसपास के CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर उनका विश्लेषण किया गया तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
पुलिस को प्राप्त मुखबिर सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर दिनांक 15.09.2026 को उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
💰 चोरी की रकम में से ₹24.50 लाख बरामद:
पूछताछ में आरोपी रोहित द्वारा वारदात करना स्वीकार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने चोरी की रकम में से ₹24,50,000/- नगद बरामद किए हैं। 
*आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड-*
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रोहित पूर्व में भी चोरी की वारदातों में संलिप्त रहा है। उसके विरुद्ध थाना तुकोगंज में चोरी के निम्न प्रकरण पूर्व से पंजीबद्ध हैं—
🔹 अपराध क्रमांक 69/2010, धारा 379 IPC
🔹 अपराध क्रमांक 42/2010, धारा 379 IPC
*सराहनीय योगदान* उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी राऊ निरीक्षक राजपाल सिंह राठौर, उनि. प्रवीण जाधव,  सउनि. निलेश सिसोदिया, प्र.आर. बलराम चौहान, आर. कमलेश चौर, आर. नारायण यादववंशी, प्र.आर. अजय चौहान, प्र.आर. संजय मालाकार, साइबर टीम से प्र.आर. गोवर्धन, आर. अमित खत्री एवं आर. प्रशांत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, प्रकरण में  विवेचन  के  आधर पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    33 min ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | इंदौर 🚨 राऊ में 27 लाख की चोरी का खुलासा, मालिक का ड्राइवर गिरफ्तार 🔴 क्रेटा कार में रखे 27 लाख रुपये लेकर फरार हुआ था नौकर 🔴 24.50 लाख रुपये बरामद, सीसीटीवी व तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपी तक 🔴 विकास स्वीट्स के सामने हुई थी वारदात 🔴 आरोपी रोहित कोसे (37) गिरफ्तार, पूर्व में लूट सहित 2 अपराध दर्ज 🔴 थाना राऊ पुलिस की कार्रवाई, आरोपी को न्यायालय में किया जा रहा पेश
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज | इंदौर 🚨

राऊ में 27 लाख की चोरी का खुलासा, मालिक का ड्राइवर गिरफ्तार

🔴 क्रेटा कार में रखे 27 लाख रुपये लेकर फरार हुआ था नौकर
🔴 24.50 लाख रुपये बरामद, सीसीटीवी व तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपी तक
🔴 विकास स्वीट्स के सामने हुई थी वारदात
🔴 आरोपी रोहित कोसे (37) गिरफ्तार, पूर्व में लूट सहित 2 अपराध दर्ज
🔴 थाना राऊ पुलिस की कार्रवाई, आरोपी को न्यायालय में किया जा रहा पेश
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • श्रेष्ठ मानव शरीर धारण करके इंसान का मस्तक पर टीका कुंकुम तिलक चंदन आदि लगाना अच्छी आदत है।
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    श्रेष्ठ मानव शरीर धारण करके इंसान का मस्तक पर टीका कुंकुम तिलक चंदन आदि लगाना अच्छी आदत है।
    user_दधिवल मानव, ग्राम गिदखिनी
    दधिवल मानव, ग्राम गिदखिनी
    Farmer हातोद, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है। ⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें। किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें। अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें। अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है। 🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है। वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है। ⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें। किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें। अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें। अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें। किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
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    🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी

AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक

नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं।

हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है।

वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है।

⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी

अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें।

किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें।

अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें।

अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें।

किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है।


डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
🚨 AI फोटो एडिटिंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डिजिटल प्राइवेसी को लेकर सावधानी जरूरी
AI टूल्स से फोटो एडिटिंग आसान, लेकिन गलत इस्तेमाल से बन सकते हैं फर्जी और आपत्तिजनक डीपफेक
नई दिल्ली/भोपाल। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फोटो एडिटिंग टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों की डिजिटल प्राइवेसी और तस्वीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। AI की मदद से फोटो का बैकग्राउंड बदलने, कपड़े और स्टाइल बदलने तथा पुरानी तस्वीरों को नया रूप देने जैसे कई काम कुछ ही सेकंड में किए जा सकते हैं।
हालांकि, इन्हीं तकनीकों का गलत और गैर-सहमति वाला इस्तेमाल किसी व्यक्ति की तस्वीर को आपत्तिजनक या फर्जी रूप में प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे मामलों में बनाई गई तस्वीर वास्तविक नहीं होती, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इससे संबंधित व्यक्ति की छवि, सम्मान और निजता को नुकसान पहुंच सकता है।
वायरल पोस्ट में AI टूल्स के जरिए फोटो में कपड़े बदलने अथवा हटाने जैसे दावों को लेकर चेतावनी दी गई है। हालांकि, हर AI ऐप ऐसी सुविधा उपलब्ध कराता हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी वायरल दावे को बिना जांचे सच मानने के बजाय उसके स्रोत और संबंधित AI टूल की वास्तविक क्षमताओं की पुष्टि करना जरूरी है।
⚠️ फोटो शेयर करते समय रखें सावधानी
अपनी निजी तस्वीरें अनजान AI ऐप या वेबसाइट पर अपलोड करने से बचें।
किसी भी ऐप को फोटो अपलोड करने से पहले उसकी Privacy Policy और Data Usage जरूर देखें।
अनजान लिंक या संदिग्ध AI ऐप डाउनलोड न करें।
अपनी तस्वीर के दुरुपयोग की आशंका होने पर स्क्रीनशॉट और लिंक जैसे सबूत सुरक्षित रखें।
किसी व्यक्ति की फोटो को उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक रूप में बनाना या प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है।
डिजिटल दौर में AI एक उपयोगी तकनीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करना उतना ही जरूरी है।
    user_Journalist shubham
    Journalist shubham
    Dewas, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
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