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सी ई ओ जिला पंचायत ने पंचायत सचिवो को किया निलंबित उमरिया। सी ई ओ जिला पंचायत अभय सिंह ने इतुआ प्रसाद यादव, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत पिपरिया तथा लल्लाराम प्रजापति पंचायत सचिव ग्राम पंचायत मुंगवानी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के भाग-दो, निलंबन, 4 (1) के तहत तत्‌काल प्रभाव से निलंबित निलंबित किया है। पंचायत सचिवों को निलंबन अवधि में शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जावेगा। विदित हो कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मानपुर जिला उमरिया से प्राप्त पत्र द्वारा लेख किया गया कि ग्राम पंचायत पिपरिया में पदस्थ इतुआ प्रसाद यादव तथा लल्लाराम प्रजापति पंचायत सचिव मुंगवानी के द्वारा लंबित मुख्यमंत्री हेल्प लाईन की (23) शिकायतो का निराकरण एक माह से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के पश्चात भी किसी भी शिकायत का निराकरण नही किया गया है। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की हितग्राही मूलक योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास (जनमन), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु अनुमोदित लेबर बजट अनुसार मानव दिवस का सृजन एवं अन्य कार्यों में व्यापक लापरवाही बरती जा रही है। इस हेतु लिखित एवं मौखिक निर्देश दिए जाने के पश्चात भी समुचित कार्यवाही नहीं की गई। कार्यालय उमरिया द्वारा भी पंचायत सचिवो को मुख्यमंत्री हेल्प लाईन में दर्ज शिकायतो का निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे किन्तु निरंतर निर्देश के पश्चात भी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। दिनांक 12 फरवरी 2026 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु प्राप्त लक्ष्य अनुसार माह मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति एवं मुख्यमंत्री हेल्प लाईन में दर्ज शिकायतो का निराकरण हेतु चतुर्थ त्रैमास की समीक्षा बैठक में भी निर्देशित किया गया था कि जिन ग्राम पंचायतो में मुख्मंत्री हेल्पलाईन की शिकायते अत्यधिक संख्यों में लंबित है । पंचायत सचिवो ने शिकायकर्ता से सम्पर्क स्थापित कर, शिकायतकर्ता की संतुष्टि के पश्चात ही शिकायते बंद करायी जावे, किन्तु मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन का पारदर्शी कार्यक्रम मुख्यमंत्री हेल्प लाईन की शिकायतो का निराकरण नही किया गया। इस प्रकार पंचायत सचिवों द्वारा जनपद स्तर तथा जिला स्तर से दिए गए लिखित एवं मौखिक निर्देश का पालन न करते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उप नियम (एक) एवं (दो) का उल्लंघन, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मानमानी एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है।

6 hrs ago
user_पत्रकारिता
पत्रकारिता
पत्रकार बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

सी ई ओ जिला पंचायत ने पंचायत सचिवो को किया निलंबित उमरिया। सी ई ओ जिला पंचायत अभय सिंह ने इतुआ प्रसाद यादव, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत पिपरिया तथा लल्लाराम प्रजापति पंचायत सचिव ग्राम पंचायत मुंगवानी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के भाग-दो, निलंबन, 4 (1) के तहत तत्‌काल प्रभाव से निलंबित निलंबित किया है। पंचायत सचिवों को निलंबन अवधि में शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जावेगा। विदित हो कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मानपुर जिला उमरिया से प्राप्त पत्र द्वारा लेख किया गया कि ग्राम पंचायत पिपरिया में पदस्थ इतुआ प्रसाद यादव तथा लल्लाराम प्रजापति पंचायत सचिव मुंगवानी के द्वारा लंबित मुख्यमंत्री हेल्प लाईन की (23) शिकायतो का निराकरण एक माह से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के पश्चात भी किसी भी शिकायत का निराकरण नही किया गया है। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की हितग्राही मूलक योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास (जनमन), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु अनुमोदित लेबर बजट अनुसार मानव दिवस का सृजन एवं अन्य कार्यों में व्यापक लापरवाही बरती जा रही है। इस हेतु लिखित एवं मौखिक निर्देश दिए जाने के पश्चात भी समुचित कार्यवाही नहीं की गई। कार्यालय उमरिया द्वारा भी पंचायत सचिवो को मुख्यमंत्री हेल्प लाईन में दर्ज शिकायतो का निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे किन्तु निरंतर निर्देश के पश्चात भी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। दिनांक 12 फरवरी 2026 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु प्राप्त लक्ष्य अनुसार माह मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति एवं मुख्यमंत्री हेल्प लाईन में दर्ज शिकायतो का निराकरण हेतु चतुर्थ त्रैमास की समीक्षा बैठक में भी निर्देशित किया गया था कि जिन ग्राम पंचायतो में मुख्मंत्री हेल्पलाईन की शिकायते अत्यधिक संख्यों में लंबित है । पंचायत सचिवो ने शिकायकर्ता से सम्पर्क स्थापित कर, शिकायतकर्ता की संतुष्टि के पश्चात ही शिकायते बंद करायी जावे, किन्तु मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन का पारदर्शी कार्यक्रम मुख्यमंत्री हेल्प लाईन की शिकायतो का निराकरण नही किया गया। इस प्रकार पंचायत सचिवों द्वारा जनपद स्तर तथा जिला स्तर से दिए गए लिखित एवं मौखिक निर्देश का पालन न करते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उप नियम (एक) एवं (दो) का उल्लंघन, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मानमानी एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है।

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  • छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ उमरिया//छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।
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    छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
उमरिया//छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • 💥 *_छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़_* छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।
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    💥 *_छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़_*
छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • . : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 शहडोल 17 फरवरी 2026- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है। प्रमुख बिंदु 1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। 3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। 4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत। 5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही। 6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा। 8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा। 10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा। अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि एवं ग्रामीण विकास वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए। औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा। नगरीय विकास अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया। शिक्षा एवं कौशल विकास वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
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    . : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि
मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
शहडोल 17 फरवरी 2026-  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है।
प्रमुख बिंदु
1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है।
3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।
4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत।
5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही।
6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।
7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा।
8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।
9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा।
10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है।
11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा।
अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ
लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
कृषि एवं ग्रामीण विकास
वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए।
औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना
द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा।
नगरीय विकास
अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए।
स्वास्थ्य क्षेत्र
राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया।
शिक्षा एवं कौशल विकास
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
  • Post by Santosh Kumar kushwaha
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    Post by Santosh Kumar kushwaha
    user_Santosh Kumar kushwaha
    Santosh Kumar kushwaha
    जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    38 min ago
  • Post by Durgesh Kumar Gupta
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    Post by Durgesh Kumar Gupta
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    16 min ago
  • नहीं दे रहा है नगर निगम प्रशासन ध्यान आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर तक सड़क व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को करना पड़ता हैं समस्याओ का सामना नवरात्र पर्व भी नजदीक आ रहे है लेकिन सड़क मार्ग की हालत गंभीर रूप से है कृपया सड़क मार्ग सही करवाने में नगर निगम प्रशासन ध्यान दे
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    नहीं दे रहा है नगर निगम प्रशासन ध्यान आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर तक सड़क व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को करना पड़ता हैं समस्याओ का सामना नवरात्र पर्व भी नजदीक आ रहे है लेकिन सड़क मार्ग की हालत गंभीर रूप से है कृपया सड़क मार्ग सही करवाने में नगर निगम प्रशासन ध्यान दे
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Psychologist कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कटनी जिले के जल संसाधन विभाग के ई विभाग में पदस्थ व्हीए सिद्दीकी अपनी ही विभाग के चौकीदार से₹20000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है
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    कटनी जिले के जल संसाधन विभाग के ई विभाग में पदस्थ व्हीए  सिद्दीकी अपनी ही विभाग के चौकीदार से₹20000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Santosh Kumar kushwaha
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    Post by Santosh Kumar kushwaha
    user_Santosh Kumar kushwaha
    Santosh Kumar kushwaha
    जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    56 min ago
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