राजधानी राँची के ऐतिहासिक धुरवा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर में आज 'घूरती रथ यात्रा' (बहुड़ा यात्रा) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। अपनी नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा पूर्ण कर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संध्या 4 बजे मौसी बाड़ी (मौसी के घर) से वापस अपने मुख्य मंदिर (निज धाम) लौटेंगे। इस पावन अवसर पर राँची और आसपास के इलाकों से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है, जिसे लेकर मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। प्रातःकाल से ही मौसी बाड़ी में महाप्रभु का विशेष श्रृंगार, महास्नान और आरती का आयोजन किया गया। सेवायतों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और ढाक-ढोल की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र को मौसी बाड़ी से लाकर विशाल रथ पर विराजमान कराया गया। इसके साथ ही भक्तों के बीच विशेष भोग व महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। धुरवा जगन्नाथपुर मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भीड़ को देखते हुए वाहनों के आवागमन में बदलाव कर ट्रैफिक रूट डायवर्जन किया गया है और पर्याप्त पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिस बल, ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। घूरती रथ के साथ ही जगन्नाथपुर में चल रहे पारंपरिक वार्षिक मेले का भी आज समापन होगा। पूरा धुरवा क्षेत्र "जय जगन्नाथ" और "हरि बोल" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है और श्रद्धालु रस्सी खींचकर पुण्य कमाने व महाप्रभु का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं।
राजधानी राँची के ऐतिहासिक धुरवा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर में आज 'घूरती रथ यात्रा' (बहुड़ा यात्रा) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। अपनी नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा पूर्ण कर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संध्या 4 बजे मौसी बाड़ी (मौसी के घर) से वापस अपने मुख्य मंदिर (निज धाम) लौटेंगे। इस पावन अवसर पर राँची और आसपास के इलाकों से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है, जिसे लेकर मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। प्रातःकाल से ही मौसी बाड़ी में महाप्रभु का विशेष श्रृंगार, महास्नान और आरती का आयोजन किया गया। सेवायतों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और ढाक-ढोल की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र को मौसी बाड़ी से लाकर विशाल रथ पर विराजमान कराया गया। इसके साथ ही भक्तों के बीच विशेष भोग व महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। धुरवा जगन्नाथपुर मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भीड़ को देखते हुए वाहनों के आवागमन में बदलाव कर ट्रैफिक रूट डायवर्जन किया गया है और पर्याप्त पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिस बल, ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। घूरती रथ के साथ ही जगन्नाथपुर में चल रहे पारंपरिक वार्षिक मेले का भी आज समापन होगा। पूरा धुरवा क्षेत्र "जय जगन्नाथ" और "हरि बोल" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है और श्रद्धालु रस्सी खींचकर पुण्य कमाने व महाप्रभु का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं।
- राजधानी राँची के ऐतिहासिक धुरवा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर में आज 'घूरती रथ यात्रा' (बहुड़ा यात्रा) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। अपनी नौ दिवसीय वार्षिक यात्रा पूर्ण कर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संध्या 4 बजे मौसी बाड़ी (मौसी के घर) से वापस अपने मुख्य मंदिर (निज धाम) लौटेंगे। इस पावन अवसर पर राँची और आसपास के इलाकों से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है, जिसे लेकर मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। प्रातःकाल से ही मौसी बाड़ी में महाप्रभु का विशेष श्रृंगार, महास्नान और आरती का आयोजन किया गया। सेवायतों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और ढाक-ढोल की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र को मौसी बाड़ी से लाकर विशाल रथ पर विराजमान कराया गया। इसके साथ ही भक्तों के बीच विशेष भोग व महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। धुरवा जगन्नाथपुर मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भीड़ को देखते हुए वाहनों के आवागमन में बदलाव कर ट्रैफिक रूट डायवर्जन किया गया है और पर्याप्त पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिस बल, ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। घूरती रथ के साथ ही जगन्नाथपुर में चल रहे पारंपरिक वार्षिक मेले का भी आज समापन होगा। पूरा धुरवा क्षेत्र "जय जगन्नाथ" और "हरि बोल" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है और श्रद्धालु रस्सी खींचकर पुण्य कमाने व महाप्रभु का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हैं।1
- झारखंड के खूंटी जिला में विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया है।1
- गुमला के सिसई में आज प्रशिक्षण के दौरान फील्ड में कार्य करने का अनुभव साझा किया गया। इस दौरान बताया गया कि सीखने का हर दिन व्यक्ति को और अधिक बेहतर तथा अनुभवी बनाता है।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत कुम्हार मोड़ स्थित ब्राइट होराईजन स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और आत्मरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'ब्लैक टाइगर वुशु मार्शल आर्ट' कक्षा का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि व प्रशिक्षक मार्शल आर्ट कोच मोहम्मद कुदरत अंसारी, मोहम्मद तौकीर अंसारी और छाया रानी की गरिमामय उपस्थिति में फीता काटकर मार्शल आर्ट प्रशिक्षण कक्षा का विधिवत उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और शारीरिक फिटनेस के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य ने विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों व प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं सुरक्षा के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।4
- खूंटी जिले के अंगराबारी क्षेत्र में 7.5 एचपी क्षमता वाली RATO पावर वीडर कृषि मशीन की जानकारी सामने आई है। यह खेती-किसानी के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली एक कृषि मशीन है।1
- झारखंड के एक युवा ने अपने कदम से सब की बोलती बंद कर दी है। सोशल मीडिया पर यह मामला तेज़ी से चर्चा में आ गया है और लोगों के बीच काफी वायरल हो रहा है।1
- झारखंड के लोहरदगा में जमीन विवाद और अवैध कब्जे के मामलों को लेकर एक संदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति आपकी जमीन हड़प रहा है या उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, तो इसके समाधान और मदद के लिए तुरंत संपर्क करें।1
- नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों और युवाओं के भारी गुस्से के बीच राँची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। कल शाम 5 बजे कॉकरोच पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर NTA व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और धांधली के कारण देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन माँगे रखी हैं। पहली मांग यह है कि नीट मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। दूसरी मांग के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की भूमिका की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाते हुए भविष्य के लिए एक फुलप्रूफ और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की गारंटी माँगी गई है। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करके मेडिकल परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप ले सकता है। मौके पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।1