नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों और युवाओं के भारी गुस्से के बीच राँची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। कल शाम 5 बजे कॉकरोच पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर NTA व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और धांधली के कारण देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन माँगे रखी हैं। पहली मांग यह है कि नीट मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। दूसरी मांग के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की भूमिका की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाते हुए भविष्य के लिए एक फुलप्रूफ और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की गारंटी माँगी गई है। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करके मेडिकल परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप ले सकता है। मौके पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों और युवाओं के भारी गुस्से के बीच राँची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। कल शाम 5 बजे कॉकरोच पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर NTA व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और धांधली के कारण देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन माँगे रखी हैं। पहली मांग यह है कि नीट मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। दूसरी मांग के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की भूमिका की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाते हुए भविष्य के लिए एक फुलप्रूफ और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की गारंटी माँगी गई है। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करके मेडिकल परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप ले सकता है। मौके पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
- नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों और युवाओं के भारी गुस्से के बीच राँची के फिरायालाल चौक पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। कल शाम 5 बजे कॉकरोच पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर NTA व केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और धांधली के कारण देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन माँगे रखी हैं। पहली मांग यह है कि नीट मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। दूसरी मांग के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की भूमिका की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अलावा, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाते हुए भविष्य के लिए एक फुलप्रूफ और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की गारंटी माँगी गई है। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करके मेडिकल परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप ले सकता है। मौके पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।1
- खूंटी में 94 बटालियन CRPF (झारखंड) द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा पूजा महोत्सव का समापन घुरती रथ यात्रा के साथ बड़ी धूमधाम से किया गया। मंदिर में भगवान 10 दिनों तक विराजमान रहे। वापसी के समय घुरती रथ यात्रा दुर्गा मंदिर से शुरू होकर नेताजी चौक, भगत सिंह चौक और बाजारटांड़ से होते हुए 94 बटालियन CRPF कैम्पस में पहुँची, जहाँ पूजा-अर्चना तथा धार्मिक अनुष्ठान के साथ भगवान श्री जगन्नाथजी को पुनः विराजमान किया गया। इस घुरती रथ यात्रा में स्थानीय लोगों द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लिया गया। रथ यात्रा के उपरांत भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसका लुफ्त सामान्य नागरिकों द्वारा उठाया गया। इस अवसर पर 94 बटालियन के कमांडेंट श्री अशोक कुमार सिंह, उप-कमांडेंट श्री रवि शंकर और इंस्पेक्टर अजीत कुमार ठाकुर के साथ CRPF के अन्य अधिकारियों, जवानों और आम नागरिकों की पूर्ण सहभागिता रही।1
- गुमला के सिसई में आज प्रशिक्षण के दौरान फील्ड में कार्य करने का अनुभव साझा किया गया। इस दौरान बताया गया कि सीखने का हर दिन व्यक्ति को और अधिक बेहतर तथा अनुभवी बनाता है।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत कुम्हार मोड़ स्थित ब्राइट होराईजन स्कूल में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और आत्मरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'ब्लैक टाइगर वुशु मार्शल आर्ट' कक्षा का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि व प्रशिक्षक मार्शल आर्ट कोच मोहम्मद कुदरत अंसारी, मोहम्मद तौकीर अंसारी और छाया रानी की गरिमामय उपस्थिति में फीता काटकर मार्शल आर्ट प्रशिक्षण कक्षा का विधिवत उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और शारीरिक फिटनेस के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य ने विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों व प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं सुरक्षा के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।4
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत गढ़ माने जाने वाले पोटरो गांव में अब बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल रहा है। विधायक जिग्गा सुसारन होरो की पहल पर गांव में 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे ग्रामीणों को एक महीने से जारी अंधेरे से मुक्ति मिल गई है। बिजली समस्या का समाधान होते ही ग्रामीणों का रुख अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की तरफ झुकता नजर आ रहा है और उन्होंने पार्टी को अपने समर्थन का भरोसा दिया है। शुक्रवार को झामुमो प्रखंड अध्यक्ष दुर्गेश्वर तिर्की, पुरुषोत्तम भगत, साहबीर उरांव और दीपक साहु द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर ट्रांसफार्मर का विधिवत् उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के दौरान गांव के लोगों ने खुलकर झामुमो पार्टी के प्रति अपना आभार जताया।1
- खूंटी जिले के अंगराबारी क्षेत्र में 7.5 एचपी क्षमता वाली RATO पावर वीडर कृषि मशीन की जानकारी सामने आई है। यह खेती-किसानी के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली एक कृषि मशीन है।1
- झारखंड के एक युवा ने अपने कदम से सब की बोलती बंद कर दी है। सोशल मीडिया पर यह मामला तेज़ी से चर्चा में आ गया है और लोगों के बीच काफी वायरल हो रहा है।1
- NEET UG परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देश भर में चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। देश के लाखों अभ्यर्थियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देर रात हुई बैठक के बाद कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। मामले में पारदर्शिता लाने और धांधली का पर्दाफाश करने के लिए NEET पेपर लीक से जुड़ी सभी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। CBI ने देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज FIR को अपने हाथ में लेकर धरपकड़ और जांच की कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के तहत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद तत्कालीन महानिदेशक को पद से हटाकर एक वरिष्ठ अधिकारी को कमान सौंपी गई है। इसके अलावा, परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने और NTA में सुधार के लिए पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम' को देश भर में लागू कर दिया है, जिसमें दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखना और युवाओं का विश्वास जीतना सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा इस धांधली में शामिल किसी भी दोषी या सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के इस कड़े रुख से लाखों छात्रों में निष्पक्ष जांच की उम्मीद जागी है।1