झींझक स्टेशन पर आरपीएफ की ईमानदारी, मुरी एक्सप्रेस में छूटा साढ़े छह लाख रुपये से भरा बैग लौटाया दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग पर डाउन की मुरी एक्सप्रेस ट्रेन से अमृतसर से इटावा आ रहे एक अप्रवासी भारतीय युवक का रुपयों से भरा बैग ट्रेन के आरक्षित कोच में छूट गया। सूचना मिलने पर झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए बैग को सुरक्षित उतारकर यात्री को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से स्वर्ण मंदिर अमृतसर के पास रहने वाले विशाल मिश्रा वर्तमान में कनाडा में रहकर निजी नौकरी करते हैं। वह एक जनवरी को कनाडा से भारत आए थे। गुरुवार को वह डाउन मुरी एक्सप्रेस के एसी कोच संख्या बी-4 में अपनी माता सुतलेश और पिता सुभाषचंद्र के साथ ससुराल लखना (इटावा) जा रहे थे। जब ट्रेन इटावा स्टेशन पर पहुंची तो परिवार के सभी सदस्य उतर गए, इसी दौरान सीट संख्या 37 पर रखा बैग ट्रेन में ही छूट गया। बैग में लगभग 6 लाख 50 हजार रुपये भारतीय मुद्रा, 1522 कनाडा डॉलर, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन तथा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। घटना की सूचना विशाल मिश्रा द्वारा रेलवे कंट्रोल को दी गई। कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर जैसे ही मुरी एक्सप्रेस झींझक रेलवे स्टेशन पहुंची, आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज, कांस्टेबल हेत सिंह, देवेंद्र सिंह एवं राकेश कुमार ने संबंधित कोच से बैग को सुरक्षित उतार लिया। शाम करीब 6 बजे विशाल मिश्रा झींझक रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पहचान व जांच के बाद आरपीएफ द्वारा उन्हें उनका बैग व सारा सामान सुरक्षित सौंप दिया गया। अपना सामान पाकर यात्री ने आरपीएफ टीम की सराहनीय भूमिका की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज ने बताया कि यात्री के आने पर नियमानुसार सत्यापन के बाद बैग और उसमें रखा पूरा सामान सुपुर्द कर दिया गया।
झींझक स्टेशन पर आरपीएफ की ईमानदारी, मुरी एक्सप्रेस में छूटा साढ़े छह लाख रुपये से भरा बैग लौटाया दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग पर डाउन की मुरी एक्सप्रेस ट्रेन से अमृतसर से इटावा आ रहे एक अप्रवासी भारतीय युवक का रुपयों से भरा बैग ट्रेन के आरक्षित कोच में छूट गया। सूचना मिलने पर झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए बैग को सुरक्षित उतारकर यात्री को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से स्वर्ण मंदिर अमृतसर के पास रहने वाले विशाल मिश्रा वर्तमान में कनाडा में रहकर निजी नौकरी करते हैं। वह एक जनवरी को कनाडा से भारत आए थे। गुरुवार को वह डाउन मुरी एक्सप्रेस के एसी कोच संख्या बी-4 में अपनी माता सुतलेश और पिता सुभाषचंद्र के साथ ससुराल लखना (इटावा) जा रहे थे। जब ट्रेन इटावा स्टेशन पर पहुंची तो परिवार के सभी सदस्य उतर गए, इसी दौरान सीट संख्या 37 पर रखा बैग ट्रेन में ही छूट गया। बैग में लगभग 6 लाख 50 हजार रुपये भारतीय मुद्रा, 1522 कनाडा डॉलर, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन तथा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। घटना की सूचना विशाल मिश्रा द्वारा रेलवे कंट्रोल को दी गई। कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर जैसे ही मुरी एक्सप्रेस झींझक रेलवे स्टेशन पहुंची, आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज, कांस्टेबल हेत सिंह, देवेंद्र सिंह एवं राकेश कुमार ने संबंधित कोच से बैग को सुरक्षित उतार लिया। शाम करीब 6 बजे विशाल मिश्रा झींझक रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पहचान व जांच के बाद आरपीएफ द्वारा उन्हें उनका बैग व सारा सामान सुरक्षित सौंप दिया गया। अपना सामान पाकर यात्री ने आरपीएफ टीम की सराहनीय भूमिका की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज ने बताया कि यात्री के आने पर नियमानुसार सत्यापन के बाद बैग और उसमें रखा पूरा सामान सुपुर्द कर दिया गया।
- कपासी खुर्द गांव में अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की घटना को दिया अंजाम नगदी समेत जेवराज लेकर हुए फरार, जांच में जुटी पुलिस डेरापुर थाना क्षेत्र के कपासी खुर्द गांव में अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित हिमांशु के अनुसार गुरुवार देर रात वह अपने घर में सो रहा था। शुक्रवार सुबह 16 जनवरी को जागने पर उसने देखा कि कमरे और अलमारी के ताले टूटे हुए थे तथा घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 22 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी होते ही पीड़ित ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पीड़ित को थाने में तहरीर देने की सलाह दी, जिसके बाद हिमांशु ने डेरापुर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस संबंध में डेरापुर थाना प्रभारी संजेश कुमार ने करीब 11बजे बताया कि चोरी की घटना की जांच-पड़ताल की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।1
- *कोतवाली औरैया व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा हत्या के अभियोग का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त को गिरफ्तार व एक बालअपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लेने के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गई बाईट*1
- *ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया -* कोतवाली औरैया व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम ने हत्या के मामले का किया सफल अनावरण। हत्याभियुक्त शनी पुत्र राजेश को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक बालअपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। लेडीज मार्केट स्थित किराए के मकान में सुनारी कारीगर शहदुल्ला की हत्या का हुआ खुलासा। पैसों के लेन-देन के विवाद में पार्टी के दौरान लोहे के मूसल व चाकू से की गई थी हत्या। अभियुक्तों के कब्जे से आभूषण, DVR व POE मशीन, 2 मोबाइल फोन व ₹12,020 नकद किये बरामद। पूछताछ में मृतक का मोबाइल नहर में फेंकने व चोरी की संपत्ति ले जाने की बात कबूली। Sp ने बताया कि सफल गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को ₹25,000 के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। मामले में बीएनएस की गंभीर धाराओं की बढ़ोतरी कर अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी।4
- झींझक में कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ, रोमांचक मुकाबलों ने बांधा समा झींझक नगर के मस्जिद के पीछे स्थित मैदान में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष अमित तिवारी ‘सोनू’ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुश्ती जैसी प्रतियोगिताओं से युवाओं में खेल भावना जागृत होती है और खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ती है। ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को निखारने का यह सशक्त माध्यम है। ऐसी प्रतियोगिताएं प्रत्येक गांव व कस्बे में आयोजित होनी चाहिए। प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में फैजल गनी (जम्मू) ने शंकर थापा (नेपाल) को पराजित किया। अयोध्या के बाबा पहलवान ने नकाबपोश पहलवान (हरियाणा) को हराया। हरियाणा के करनाल पहलवान ने दिल्ली के अशोक पहलवान को शिकस्त दी। झींझक के सिद्धांत पहलवान ने हरियाणा के विनोद पहलवान को हराया। लखनऊ के बॉबी मिश्रा ने उन्नाव के सुरेंद्र पहलवान को मात दी। वहीं भीमसेन के भीम पहलवान और बरेली के सुरेंद्र पहलवान की कुश्ती बराबरी पर छूटी। पहलवानों के दांव-पेच और जोरदार प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। पूरे मैदान में तालियों की गूंज और उत्साह का माहौल बना रहा।2
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- ब्रेकिंग न्यूज़ बड़ी खबर जालौन जालौन में चूल्हे की चिंगारी से मकान में रखी घास में लगी भीषण आग, अचानक मकान में रखी घास में आग लगने से इलाके में मचा हड़कंप, लोगों ने तत्परता से समरसेबल की कई लाइनों से आग पर पाया काबू, सूचना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर्स ने सुरक्षा की दृष्टि से संभाला मोर्चा, नवरात्रि के लिए मूर्तियां बनाने के लिए मकान में रखी गई थी भारी मात्रा में घास, समय रहते आग बुझ जाने से टला बड़ा हादसा, नहीं हुई कोई जनहानि, घर में खाना बनाते समय चूल्हे से उठी चिंगारी से पास में रखी घास में लगी थी भीषण आग, जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नारोभास्कर का मामला।1
- महिला की नौकरी की उम्मीदें टूटीं, दर्दनाक हादसे में बदल गईं हाईवे से महिला को खींच ले गए दरिंदे, ढाबे पर रातभर की दरिंदगी उत्तरप्रदेश बहादुरगढ़ से1
- झींझक स्टेशन पर आरपीएफ की ईमानदारी, मुरी एक्सप्रेस में छूटा साढ़े छह लाख रुपये से भरा बैग लौटाया दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग पर डाउन की मुरी एक्सप्रेस ट्रेन से अमृतसर से इटावा आ रहे एक अप्रवासी भारतीय युवक का रुपयों से भरा बैग ट्रेन के आरक्षित कोच में छूट गया। सूचना मिलने पर झींझक रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए बैग को सुरक्षित उतारकर यात्री को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से स्वर्ण मंदिर अमृतसर के पास रहने वाले विशाल मिश्रा वर्तमान में कनाडा में रहकर निजी नौकरी करते हैं। वह एक जनवरी को कनाडा से भारत आए थे। गुरुवार को वह डाउन मुरी एक्सप्रेस के एसी कोच संख्या बी-4 में अपनी माता सुतलेश और पिता सुभाषचंद्र के साथ ससुराल लखना (इटावा) जा रहे थे। जब ट्रेन इटावा स्टेशन पर पहुंची तो परिवार के सभी सदस्य उतर गए, इसी दौरान सीट संख्या 37 पर रखा बैग ट्रेन में ही छूट गया। बैग में लगभग 6 लाख 50 हजार रुपये भारतीय मुद्रा, 1522 कनाडा डॉलर, एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन तथा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। घटना की सूचना विशाल मिश्रा द्वारा रेलवे कंट्रोल को दी गई। कंट्रोल रूम से मिली सूचना पर जैसे ही मुरी एक्सप्रेस झींझक रेलवे स्टेशन पहुंची, आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज, कांस्टेबल हेत सिंह, देवेंद्र सिंह एवं राकेश कुमार ने संबंधित कोच से बैग को सुरक्षित उतार लिया। शाम करीब 6 बजे विशाल मिश्रा झींझक रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पहचान व जांच के बाद आरपीएफ द्वारा उन्हें उनका बैग व सारा सामान सुरक्षित सौंप दिया गया। अपना सामान पाकर यात्री ने आरपीएफ टीम की सराहनीय भूमिका की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। आरपीएफ के एएसआई सुखसागर सरोज ने बताया कि यात्री के आने पर नियमानुसार सत्यापन के बाद बैग और उसमें रखा पूरा सामान सुपुर्द कर दिया गया।1