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उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक पुलिसकर्मी और वकील के बीच मारपीट की घटना हुई है।
Tarun Dixit
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक पुलिसकर्मी और वकील के बीच मारपीट की घटना हुई है।
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- ग्वालियर के मुरार स्थित सिद्धेश्वर नगर के आसमानी माता मंदिर बाथम में 12 जुलाई को भव्य आसमानी माता मेले का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष मोनू भारत सिंह बाथम ने सभी समाजबंधुओं और मित्रगणों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी से माता रानी का आशीर्वाद लेने और इस मेले के माध्यम से समाज में भाईचारे, एकता और श्रद्धा का प्रतीक बनने का आह्वान किया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया उप चुनाव में नरोत्तम मिश्रा के नाम पर विराम लग गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आशुतोष तिवारी को अपना टिकट दिया है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से अगवा की गई 11वीं कक्षा की एक छात्रा बदमाशों के चंगुल से भागकर सुरक्षित डबरा सिटी थाने पहुंच गई है। डबरा-झांसी हाईवे पर मौका पाकर बदमाशों की कैद से छूटी यह डरी-सहमी छात्रा लोगों से रास्ता पूछते हुए पुलिस थाने पहुंची और पुलिसकर्मियों को अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छात्रा के परिजनों को फोन कर सुरक्षित होने की सूचना दे दी है। यह पूरा सनसनीखेज मामला 8 जुलाई का है, जब टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में रहने वाली यह छात्रा कोचिंग पढ़ने जा रही थी। रास्ते में कार सवार अज्ञात बदमाशों ने पता पूछने के बहाने उसे अपने पास बुलाया और जबरन कार में डालकर ले गए। बदमाशों ने उसे तीन दिनों तक अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखा और वे उसे बेचने की फिराक में थे, लेकिन मौका मिलते ही छात्रा उनके चंगुल से सुरक्षित भाग निकली।3
- Post by Deepak Prajapati1
- जौरा क्षेत्र के प्रसिद्ध पगारा डैम में एक सप्ताह के भीतर डूबने से दूसरी मौत होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में शनिवार को मुरैना के काशीपुरा वार्ड क्रमांक-3 निवासी रामवीर इनदोलिया के 20 वर्षीय पुत्र राहुल इनदोलिया की डैम में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इससे कुछ दिन पहले संजय नगर, जौरा निवासी मातादीन गुर्जर के पुत्र अनिल गुर्जर की भी इसी डैम में डूबने से जान चली गई थी। बारिश के मौसम में पगारा डैम पर बड़ी संख्या में लोग घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं, जिससे जलस्तर और पानी का बहाव बढ़ने पर हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके बावजूद लोग गहरे पानी में उतरकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने और पर्यटकों को खतरनाक क्षेत्रों में जाने से रोकने की मांग की है। एक सप्ताह में हुई इन दो मौतों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब सबसे बड़ा प्रश्न यही खड़ा होता है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे के बाद ही सुरक्षा के ठोस कदम उठाएगा, या समय रहते कोई प्रभावी व्यवस्था की जाएगी?1
- ग्वालियर जिले के डबरा में सिमरिया टेकरी स्थित सेंट पीटर्स स्कूल में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहां पेरेंट्स मीटिंग में महज 10 मिनट की देरी से पहुंचे लगभग दो दर्जन अभिभावकों और उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन ने गेट बंद कर अंदर आने से रोक दिया। सुबह करीब 10:30 बजे हुई इस घटना के दौरान आक्रोशित छात्र और उनके परिजन चिलचिलाती धूप में बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उन्हें साफ कह दिया कि अब कोई मीटिंग नहीं होगी और वे अगली मीटिंग में आएं। इस अड़ियल रवैये के बाद आक्रोशित परिजनों ने गेट के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, तब जाकर स्कूल प्रबंधन ने गेट खोला। शुरुआत में स्कूल की बागडोर संभालने वाले फादर मीटिंग के लिए तैयार नहीं थे और वहां से चले गए। बाद में जब हंगामा ज्यादा बढ़ा, तो प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में हमारा नियम चलेगा, हालांकि स्थिति बिगड़ने पर अंततः मीटिंग कराई गई। सेंट पीटर्स स्कूल का विवादों से पुराना नाता रहा है। पूर्व में इस स्कूल पर धर्मांतरण के आरोप लग चुके हैं और महिला शोषण के मामले का सामना कर रहे एक फादर को प्रिंसिपल बनाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारी हंगामा कर उसे हटवाया था। अभिभावकों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन के पास मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह नहीं है। कुछ दिन पहले जब स्कूल की बस देरी से पहुंची थी, तब भी प्रबंधन ने बच्चों को आधे घंटे तक बाहर खड़ा रखा था, जिस पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर बीआरसी विवेक चौकोटिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही करार देते हुए मामले की जांच करने, प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगने और उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।4
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