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राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन में एक झोलाछाप द्वारा किए गए गलत उपचार के कारण एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की जान चली गई है। इस गंभीर घटना ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर करौली जिले में ऐसे झोलाछापों पर लगाम कब लगेगी, जिनके गलत इलाज से मासूमों की जान जा रही है।

1 hr ago
user_मनोज तिवाड़ी
मनोज तिवाड़ी
Court reporter Hindaun, Karauli•
1 hr ago

राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन में एक झोलाछाप द्वारा किए गए गलत उपचार के कारण एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की जान चली गई है। इस गंभीर घटना ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर करौली जिले में ऐसे झोलाछापों पर लगाम कब लगेगी, जिनके गलत इलाज से मासूमों की जान जा रही है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • हिंडौन के खेडली गाँव में गंभीर नदी को निर्जीव अवस्था से बाहर निकालने और उसे बचाने के लिए 360 गाँवों के लोग एक साथ आए हैं। इन लोगों ने पाँचना बांध खुलवाने और गंभीर नदी को बचाने के लिए एक जन-जन का अभियान शुरू किया है। मंगलवार दोपहर 3:00 बजे, मौजूद लोगों ने बताया कि पाँचना बांध के बंद होने से गंभीर नदी मृत अवस्था में पहुँच गई है, जिसके कारण 360 गाँवों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस दौरान, लोगों ने एकजुट होकर पाँचना बांध से पानी खोलने की मांग उठाई। इस बैठक में हरकेश अध्यापक, रेखसिंह, उप सरपंच रामेश्वर, खिलाड़ी पटेल, रामहरी डायरेक्टर, निहाल सिंह, करतार सिंह, कैप्टन दयाराम, रामनरेश गुर्जर, रामाधार, अनूप सिंह, हरवीर पटेल, हवलदार लक्ष्मण, सूबेदार सहाब सिंह और सूबेदार शिवदयाल सहित समस्त खेड़ली गुर्जर के लोग उपस्थित रहे।
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    हिंडौन के खेडली गाँव में गंभीर नदी को निर्जीव अवस्था से बाहर निकालने और उसे बचाने के लिए 360 गाँवों के लोग एक साथ आए हैं। इन लोगों ने पाँचना बांध खुलवाने और गंभीर नदी को बचाने के लिए एक जन-जन का अभियान शुरू किया है।

मंगलवार दोपहर 3:00 बजे, मौजूद लोगों ने बताया कि पाँचना बांध के बंद होने से गंभीर नदी मृत अवस्था में पहुँच गई है, जिसके कारण 360 गाँवों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इस दौरान, लोगों ने एकजुट होकर पाँचना बांध से पानी खोलने की मांग उठाई। इस बैठक में हरकेश अध्यापक, रेखसिंह, उप सरपंच रामेश्वर, खिलाड़ी पटेल, रामहरी डायरेक्टर, निहाल सिंह, करतार सिंह, कैप्टन दयाराम, रामनरेश गुर्जर, रामाधार, अनूप सिंह, हरवीर पटेल, हवलदार लक्ष्मण, सूबेदार सहाब सिंह और सूबेदार शिवदयाल सहित समस्त खेड़ली गुर्जर के लोग उपस्थित रहे।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • धौलपुर जिले के सरमथुरा में पूर्वी राजस्थान के निवासियों और युवाओं ने मारवाड़ी भाषा के विरोध में बड़ा आक्रोश व्यक्त किया है, जहाँ ब्रज भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए ब्रज भाषा के अस्तित्व को बचाने और उसे उचित सम्मान दिलाने की गुहार लगाई। यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब राजस्थानी भाषा को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे पूर्वी राजस्थान के लगभग 8 जिलों के 16 लाख बच्चों के सामने अपनी भाषागत पहचान को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। बसेड़ी के पूर्व विधायक सुखराम कोली ने बताया कि ब्रज, ढूंढाढ़ी, मारवाड़ी, मेवाती और मालवी जैसी भाषाएँ हिंदी की ही बोलियाँ हैं। उन्होंने आगाह किया कि किसी एक भाषा को बढ़ावा देने से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा, हालांकि उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में स्थानीय भाषाओं को अतिरिक्त विषय के रूप में शामिल किया जा सकता है। मनोज राजावत ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान में लगभग 12 लाख विद्यार्थी और 4 लाख प्रतियोगी परीक्षार्थी हैं, जिनके लिए राजस्थानी (मारवाड़ी) भाषा को समझना मुश्किल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं या प्रशासनिक कार्यों में राजस्थानी (मारवाड़ी) को विशेष महत्व दिया जाता है, तो पूर्वी राजस्थान के बच्चे शिक्षा और नौकरियों में पिछड़ जाएंगे। यह आंदोलन इस बात पर जोर देता है कि ब्रज भाषा को संवैधानिक दर्जा मिले ताकि पूर्वी राजस्थान के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों में किसी भी तरह के पिछड़ेपन का सामना न करना पड़े, और क्षेत्र की भाषाई पहचान बनी रहे।
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    धौलपुर जिले के सरमथुरा में पूर्वी राजस्थान के निवासियों और युवाओं ने मारवाड़ी भाषा के विरोध में बड़ा आक्रोश व्यक्त किया है, जहाँ ब्रज भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए ब्रज भाषा के अस्तित्व को बचाने और उसे उचित सम्मान दिलाने की गुहार लगाई। यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब राजस्थानी भाषा को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे पूर्वी राजस्थान के लगभग 8 जिलों के 16 लाख बच्चों के सामने अपनी भाषागत पहचान को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।

बसेड़ी के पूर्व विधायक सुखराम कोली ने बताया कि ब्रज, ढूंढाढ़ी, मारवाड़ी, मेवाती और मालवी जैसी भाषाएँ हिंदी की ही बोलियाँ हैं। उन्होंने आगाह किया कि किसी एक भाषा को बढ़ावा देने से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा, हालांकि उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में स्थानीय भाषाओं को अतिरिक्त विषय के रूप में शामिल किया जा सकता है। मनोज राजावत ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान में लगभग 12 लाख विद्यार्थी और 4 लाख प्रतियोगी परीक्षार्थी हैं, जिनके लिए राजस्थानी (मारवाड़ी) भाषा को समझना मुश्किल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं या प्रशासनिक कार्यों में राजस्थानी (मारवाड़ी) को विशेष महत्व दिया जाता है, तो पूर्वी राजस्थान के बच्चे शिक्षा और नौकरियों में पिछड़ जाएंगे।

यह आंदोलन इस बात पर जोर देता है कि ब्रज भाषा को संवैधानिक दर्जा मिले ताकि पूर्वी राजस्थान के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों में किसी भी तरह के पिछड़ेपन का सामना न करना पड़े, और क्षेत्र की भाषाई पहचान बनी रहे।
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • गंगापुर सिटी अग्रवाल महिला सेवा समिति मिर्जापुर द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन अवरुचि शिविर का रंगारंग समापन समारोह संपन्न हो गया है। समिति ने इस शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया था।
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    गंगापुर सिटी अग्रवाल महिला सेवा समिति मिर्जापुर द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन अवरुचि शिविर का रंगारंग समापन समारोह संपन्न हो गया है। समिति ने इस शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया था।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    7 hrs ago
  • सवाई माधोपुर रोड पर मीना पाड़ा स्टैंड स्थित है।
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    सवाई माधोपुर रोड पर मीना पाड़ा स्टैंड स्थित है।
    user_Miss Rohan
    Miss Rohan
    गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत रतनपुर के कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भूतेश्वर महादेव मंदिर पर उस समय की गई जब आरोपी श्रमदान कर रहा था। आरोपी को उसके पैंट की जेब से रिश्वत की राशि के साथ दबोचा गया। एसीबी उपाधीक्षक धौलपुर ज्ञानचंद ने बताया कि परिवादी ने एसीबी धौलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा योजना में मस्टरोल जारी करने के बदले आरोपी कर्मचारी ₹26,000 की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद, एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा ₹25,000 रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद, एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में तथा धौलपुर उपअधीक्षक ज्ञानचंद मीणा के नेतृत्व में एक टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में हेड कांस्टेबल श्रीभान, कांस्टेबल इंद्रजीत, ब्रह्मदेव, योगेश कुमार, बृजेश कुमार, चालक शंकर और कनिष्ठ लिपिक राजकुमार सहित अन्य सदस्य शामिल थे। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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    धौलपुर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत रतनपुर के कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी भूतेश्वर महादेव मंदिर पर उस समय की गई जब आरोपी श्रमदान कर रहा था। आरोपी को उसके पैंट की जेब से रिश्वत की राशि के साथ दबोचा गया।

एसीबी उपाधीक्षक धौलपुर ज्ञानचंद ने बताया कि परिवादी ने एसीबी धौलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा योजना में मस्टरोल जारी करने के बदले आरोपी कर्मचारी ₹26,000 की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद, एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा ₹25,000 रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।

इसके बाद, एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में तथा धौलपुर उपअधीक्षक ज्ञानचंद मीणा के नेतृत्व में एक टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम में हेड कांस्टेबल श्रीभान, कांस्टेबल इंद्रजीत, ब्रह्मदेव, योगेश कुमार, बृजेश कुमार, चालक शंकर और कनिष्ठ लिपिक राजकुमार सहित अन्य सदस्य शामिल थे। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
    user_Avdesh Sharma
    Avdesh Sharma
    Newspaper advertising department बसेरी, धौलपुर, राजस्थान•
    17 min ago
  • बाड़ी में यूथ कांग्रेस ने नगरपालिका की निविदाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं और संबंधित पक्ष के बीच ज्ञापन देने को लेकर तीखी बहस भी हुई।
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    बाड़ी में यूथ कांग्रेस ने नगरपालिका की निविदाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं और संबंधित पक्ष के बीच ज्ञापन देने को लेकर तीखी बहस भी हुई।
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer बारी, धौलपुर, राजस्थान•
    21 min ago
  • हिंडौन सिटी में बयाना रोड चुंगी नाका के पास शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर मंगलवार सुबह 9:30 बजे से जाटव समाज की महिलाएं धरने पर बैठ गई हैं। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें शराब की दुकान के सामने प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले सोमवार को हिंडौन के एसडीएम और करौली के जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर यह ठेका हटाने की मांग की थी। उस समय भी प्रशासन को शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। महिलाओं का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठी हैं, लेकिन यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्हें मजबूरन आंदोलन को उग्र करना पड़ेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जाटव समाज की महिलाएं मौजूद रहीं और इस दौरान आबकारी निरीक्षक त्रिलोक चंद अग्रवाल सहित कोतवाली और नई मंडी थाने का पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा।
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    हिंडौन सिटी में बयाना रोड चुंगी नाका के पास शराब का ठेका हटाने की मांग को लेकर मंगलवार सुबह 9:30 बजे से जाटव समाज की महिलाएं धरने पर बैठ गई हैं। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्हें शराब की दुकान के सामने प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है।

महिलाओं ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले सोमवार को हिंडौन के एसडीएम और करौली के जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर यह ठेका हटाने की मांग की थी। उस समय भी प्रशासन को शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। महिलाओं का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठी हैं, लेकिन यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो उन्हें मजबूरन आंदोलन को उग्र करना पड़ेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में जाटव समाज की महिलाएं मौजूद रहीं और इस दौरान आबकारी निरीक्षक त्रिलोक चंद अग्रवाल सहित कोतवाली और नई मंडी थाने का पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा।
    user_Krishan murari rajora
    Krishan murari rajora
    हिंडौन, करौली, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • राजस्थान के करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध पांचना बांध पर गुर्जर समाज के लोगों का धरना लगातार 17वें दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इस मांग पर अडिग हैं कि पांचना बांध से नहरों और नदी में पानी नहीं खोला जाए। मंगलवार शाम 6:00 बजे कैप्टन हरिकेश गुर्जर ने स्पष्ट किया कि पांचना बांध का पानी पहले 39 गांवों को मिलना चाहिए, अन्यथा किसी भी कीमत पर पानी नहीं खुलने दिया जाएगा। धरना स्थल पर आगामी 4 जून को 'ठड्डा गीत' कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसकी जानकारी हिम्मत सिंह खेडला ने दी। इस कार्यक्रम में खेडाला खटाना, नंगला तुला, निसूरा, गाजीपुर और खानाका गांवों की 'ठड्डा पार्टियां' अपने गीतों की प्रस्तुति देंगी। प्रदर्शनकारी किसानों ने एक बार फिर दोहराया है कि जब तक 39 गांवों को पानी नहीं मिलता, वे पांचना बांध से पानी नहीं खुलने देंगे।
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    राजस्थान के करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध पांचना बांध पर गुर्जर समाज के लोगों का धरना लगातार 17वें दिन भी जारी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इस मांग पर अडिग हैं कि पांचना बांध से नहरों और नदी में पानी नहीं खोला जाए। मंगलवार शाम 6:00 बजे कैप्टन हरिकेश गुर्जर ने स्पष्ट किया कि पांचना बांध का पानी पहले 39 गांवों को मिलना चाहिए, अन्यथा किसी भी कीमत पर पानी नहीं खुलने दिया जाएगा।

धरना स्थल पर आगामी 4 जून को 'ठड्डा गीत' कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसकी जानकारी हिम्मत सिंह खेडला ने दी। इस कार्यक्रम में खेडाला खटाना, नंगला तुला, निसूरा, गाजीपुर और खानाका गांवों की 'ठड्डा पार्टियां' अपने गीतों की प्रस्तुति देंगी। प्रदर्शनकारी किसानों ने एक बार फिर दोहराया है कि जब तक 39 गांवों को पानी नहीं मिलता, वे पांचना बांध से पानी नहीं खुलने देंगे।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • बाड़ी नगर पालिका में नाले की सफाई के एक टेंडर को लेकर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके कारण यह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि जिस कार्य को 15 लाख रुपये में पूरा किया जा सकता था, उसके लिए लगभग 70 लाख रुपये का बजट रखा गया है। इसके साथ ही, टेंडर में जानबूझकर ऐसी शर्त जोड़ी गई है — 'पिछले पाँच साल में दो साल का नाले सफाई का अनुभव' — जो प्रतिस्पर्धा को सीमित करती है और बाड़ी नगर पालिका से जुड़े ठेकेदारों में केवल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास ही यह अनुभव है। गौरतलब है कि सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पिछले साल यही कार्य बी.एस.आर. रेट से 55 प्रतिशत कम दर पर पूरा किया था, जिसे तकनीकी अधिकारियों ने संतोषजनक मानते हुए फर्म का भुगतान भी किया था। मौजूदा टेंडर की शर्तों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि इस बार दरें कम नहीं होने वाली हैं। यदि पिछली वाली फर्म को ही यह टेंडर मिलता है, तो यह देखना होगा कि वह पिछले साल की तुलना में कितनी कम दरों पर इसे प्राप्त करती है; पिछली दर और इस वर्ष की दर का अंतर, ऑडिट की भाषा में, वित्तीय अनियमितता कहलाएगा। इस मामले में नगरपालिका से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को इसके दूरगामी परिणामों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। फिलहाल उन्हें शायद यह बात समझ में न आए, लेकिन जैसे-जैसे निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जानबूझकर की गई गलती का अंजाम स्पष्ट होता चला जाएगा।
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    बाड़ी नगर पालिका में नाले की सफाई के एक टेंडर को लेकर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसके कारण यह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि जिस कार्य को 15 लाख रुपये में पूरा किया जा सकता था, उसके लिए लगभग 70 लाख रुपये का बजट रखा गया है। इसके साथ ही, टेंडर में जानबूझकर ऐसी शर्त जोड़ी गई है — 'पिछले पाँच साल में दो साल का नाले सफाई का अनुभव' — जो प्रतिस्पर्धा को सीमित करती है और बाड़ी नगर पालिका से जुड़े ठेकेदारों में केवल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास ही यह अनुभव है।

गौरतलब है कि सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पिछले साल यही कार्य बी.एस.आर. रेट से 55 प्रतिशत कम दर पर पूरा किया था, जिसे तकनीकी अधिकारियों ने संतोषजनक मानते हुए फर्म का भुगतान भी किया था। मौजूदा टेंडर की शर्तों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि इस बार दरें कम नहीं होने वाली हैं। यदि पिछली वाली फर्म को ही यह टेंडर मिलता है, तो यह देखना होगा कि वह पिछले साल की तुलना में कितनी कम दरों पर इसे प्राप्त करती है; पिछली दर और इस वर्ष की दर का अंतर, ऑडिट की भाषा में, वित्तीय अनियमितता कहलाएगा।

इस मामले में नगरपालिका से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को इसके दूरगामी परिणामों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। फिलहाल उन्हें शायद यह बात समझ में न आए, लेकिन जैसे-जैसे निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जानबूझकर की गई गलती का अंजाम स्पष्ट होता चला जाएगा।
    user_Bharat SING Meena
    Bharat SING Meena
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
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