logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तर श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तरफ उगी झाड़ियां और फैली गंदगी रामपुर गोनहा में श्मशान घाट की अनदेखी से ग्रामीण परेशान, साफ-सफाई और रखरखाव की उठी मांग रामपुर गोनहा, खड्डा (कुशीनगर)। गांव में अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बने श्मशान घाट की बदहाल स्थिति सामने आई है। ग्राम सभा रामपुर गोनहा में स्थित श्मशान घाट परिसर में साफ-सफाई के अभाव में चारों तरफ झाड़ियां और जंगली घास उग आई हैं। परिसर में बने वॉशरूम के आसपास भी काफी गंदगी और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में श्मशान घाट परिसर की स्थिति साफ नजर आ रही है। भवन के आसपास घनी झाड़ियां फैली हुई हैं। वॉशरूम के प्रवेश मार्ग पर भी घास-फूस और कचरा जमा दिखाई दे रहा है। वहीं, श्मशान स्थल के भवन की दीवारों और फर्श पर भी रखरखाव की जरूरत नजर आती है। ऐसी स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सफाई और नियमित रखरखाव की जरूरत श्मशान घाट किसी भी गांव की बुनियादी सुविधाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां साफ-सफाई, आने-जाने के रास्ते और वॉशरूम की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। परिसर में उगी झाड़ियों और फैली गंदगी को देखते हुए इसकी नियमित सफाई कराए जाने की आवश्यकता है। अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी श्मशान घाट की इस स्थिति पर कब ध्यान देंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि परिसर की झाड़ियों की कटाई, कचरे की सफाई और वॉशरूम तक पहुंचने की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।

22 hrs ago
user_Sagar Pathak
Sagar Pathak
Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
22 hrs ago

श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तर श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तरफ उगी झाड़ियां और फैली गंदगी रामपुर गोनहा में श्मशान घाट की अनदेखी से ग्रामीण परेशान, साफ-सफाई और रखरखाव की उठी मांग रामपुर गोनहा, खड्डा (कुशीनगर)। गांव में अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बने श्मशान घाट की बदहाल स्थिति सामने आई है। ग्राम सभा रामपुर गोनहा में स्थित श्मशान घाट परिसर में साफ-सफाई के अभाव में चारों तरफ झाड़ियां और जंगली घास उग आई हैं। परिसर में बने वॉशरूम के आसपास भी काफी गंदगी

728db6f1-9a5f-44ac-a0ef-4d9df3a8d6a5

और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में श्मशान घाट परिसर की स्थिति साफ नजर आ रही है। भवन के आसपास घनी झाड़ियां फैली हुई हैं। वॉशरूम के प्रवेश मार्ग पर भी घास-फूस और कचरा जमा दिखाई दे रहा है। वहीं, श्मशान स्थल के भवन की दीवारों और फर्श पर भी रखरखाव की जरूरत नजर आती है। ऐसी स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सफाई और नियमित रखरखाव की जरूरत श्मशान घाट किसी भी गांव की

बुनियादी सुविधाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां साफ-सफाई, आने-जाने के रास्ते और वॉशरूम की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। परिसर में उगी झाड़ियों और फैली गंदगी को देखते हुए इसकी नियमित सफाई कराए जाने की आवश्यकता है। अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी श्मशान घाट की इस स्थिति पर कब ध्यान देंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि परिसर की झाड़ियों की कटाई, कचरे की सफाई और वॉशरूम तक पहुंचने की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जिले के कप्तान केशव कुमार। कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जनपद के कप्तान केशव कुमार ने चुनाव के दौरान मजबूती से अपने कार्यों का निर्वहन किए।
    1
    कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जिले के कप्तान केशव कुमार।
कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जनपद के कप्तान केशव कुमार ने चुनाव के दौरान मजबूती से अपने कार्यों का निर्वहन किए।
    user_Times of Uttar Pradesh
    Times of Uttar Pradesh
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • नवीन परती पर कब्ज़ा प्रधान ने जिलाधिकारी से पत्र देकर की शिकायत ग्राम सभा की नवीन परती भूमि पर कथित अवैध कब्जा, पट्टा आवंटन के लिए दबाव, जान-माल की धमकी तथा सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जा रहे हैं ग्राम प्रधान देवदत्त सिंह, पुत्र रामदरश सिंह, निवासी ग्राम सहजवलिया, पोस्ट शेखपुरा, तहसील पडरौना, जनपद कुशीनगर का स्थायी निवासी है तथा वर्तमान में ग्राम सभा का प्रधान/प्रशासक है। ग्राम सभा क्षेत्र के धर्मेंद्र कुमार सिंह, पुत्र पारस सिंह एवं उनके अन्य भाइयों के संबंध में प्रार्थी का आरोप है कि वे दबंगई के बल पर ग्राम सभा के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हैं। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध पूर्व में जमीनी विवाद के दौरान चाकूबाजी की घटना के संबंध में धारा 307 आदि के तहत न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति अभिलेखों से सत्यापित की जा सकती है। , ग्राम सहजवलिया स्थित गाटा संख्या 197, जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती भूमि के रूप में दर्ज है, पर उक्त व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से जबरन मकान का निर्माण करा लिया गया है। आरोप है कि वे उक्त भूमि का पट्टा अपने पक्ष में कराए जाने के लिए प्रार्थी पर दबाव बना रहे थे। नियमानुसार कार्रवाई किए बिना पट्टा आवंटित करने से इनकार किए जाने पर वे विवाद करने पर आमादा हो रहे हैं तथा प्रार्थी को जान-माल की क्षति होने की आशंका बनी हुई है। उक्त व्यक्तियों द्वारा ग्राम सभा में संचालित विकास कार्यों में बार-बार बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण को अपने दायित्वों का निर्वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निष्पक्ष जांच राजस्व एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से कराते हुए नवीन परती भूमि की पैमाइश एवं अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए। यदि भूमि पर अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रार्थी को प्राप्त धमकी एवं सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जाने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा प्रार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
    1
    नवीन परती पर कब्ज़ा प्रधान ने जिलाधिकारी से पत्र देकर की शिकायत 
ग्राम सभा की नवीन परती भूमि पर कथित अवैध कब्जा, पट्टा आवंटन के लिए दबाव, जान-माल की धमकी तथा सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जा रहे हैं 
ग्राम प्रधान देवदत्त सिंह, पुत्र  रामदरश सिंह, निवासी ग्राम सहजवलिया, पोस्ट शेखपुरा, तहसील पडरौना, जनपद कुशीनगर का स्थायी निवासी है तथा वर्तमान में ग्राम सभा का प्रधान/प्रशासक है।
ग्राम सभा क्षेत्र के धर्मेंद्र कुमार सिंह, पुत्र  पारस सिंह एवं उनके अन्य भाइयों के संबंध में प्रार्थी का आरोप है कि वे दबंगई के बल पर ग्राम सभा के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हैं।  उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध पूर्व में जमीनी विवाद के दौरान चाकूबाजी की घटना के संबंध में धारा 307 आदि के तहत न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति अभिलेखों से सत्यापित की जा सकती है।
, ग्राम सहजवलिया स्थित गाटा संख्या 197, जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती भूमि के रूप में दर्ज है, पर उक्त व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से जबरन मकान का निर्माण करा लिया गया है। आरोप है कि वे उक्त भूमि का पट्टा अपने पक्ष में कराए जाने के लिए प्रार्थी पर दबाव बना रहे थे।  नियमानुसार कार्रवाई किए बिना पट्टा आवंटित करने से इनकार किए जाने पर वे विवाद करने पर आमादा हो रहे हैं तथा प्रार्थी को जान-माल की क्षति होने की आशंका बनी हुई है। उक्त व्यक्तियों द्वारा ग्राम सभा में संचालित विकास कार्यों में बार-बार बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण  को अपने दायित्वों का निर्वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निष्पक्ष जांच राजस्व एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से कराते हुए नवीन परती भूमि की पैमाइश एवं अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए। यदि भूमि पर अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रार्थी को प्राप्त धमकी एवं सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जाने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा प्रार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
    user_Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तर श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तरफ उगी झाड़ियां और फैली गंदगी रामपुर गोनहा में श्मशान घाट की अनदेखी से ग्रामीण परेशान, साफ-सफाई और रखरखाव की उठी मांग रामपुर गोनहा, खड्डा (कुशीनगर)। गांव में अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बने श्मशान घाट की बदहाल स्थिति सामने आई है। ग्राम सभा रामपुर गोनहा में स्थित श्मशान घाट परिसर में साफ-सफाई के अभाव में चारों तरफ झाड़ियां और जंगली घास उग आई हैं। परिसर में बने वॉशरूम के आसपास भी काफी गंदगी और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में श्मशान घाट परिसर की स्थिति साफ नजर आ रही है। भवन के आसपास घनी झाड़ियां फैली हुई हैं। वॉशरूम के प्रवेश मार्ग पर भी घास-फूस और कचरा जमा दिखाई दे रहा है। वहीं, श्मशान स्थल के भवन की दीवारों और फर्श पर भी रखरखाव की जरूरत नजर आती है। ऐसी स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सफाई और नियमित रखरखाव की जरूरत श्मशान घाट किसी भी गांव की बुनियादी सुविधाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां साफ-सफाई, आने-जाने के रास्ते और वॉशरूम की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। परिसर में उगी झाड़ियों और फैली गंदगी को देखते हुए इसकी नियमित सफाई कराए जाने की आवश्यकता है। अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी श्मशान घाट की इस स्थिति पर कब ध्यान देंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि परिसर की झाड़ियों की कटाई, कचरे की सफाई और वॉशरूम तक पहुंचने की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
    3
    श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तर
श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तरफ उगी झाड़ियां और फैली गंदगी
रामपुर गोनहा में श्मशान घाट की अनदेखी से ग्रामीण परेशान, साफ-सफाई और रखरखाव की उठी मांग
रामपुर गोनहा, खड्डा (कुशीनगर)। गांव में अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बने श्मशान घाट की बदहाल स्थिति सामने आई है। ग्राम सभा रामपुर गोनहा में स्थित श्मशान घाट परिसर में साफ-सफाई के अभाव में चारों तरफ झाड़ियां और जंगली घास उग आई हैं। परिसर में बने वॉशरूम के आसपास भी काफी गंदगी और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
तस्वीरों में श्मशान घाट परिसर की स्थिति साफ नजर आ रही है। भवन के आसपास घनी झाड़ियां फैली हुई हैं। वॉशरूम के प्रवेश मार्ग पर भी घास-फूस और कचरा जमा दिखाई दे रहा है। वहीं, श्मशान स्थल के भवन की दीवारों और फर्श पर भी रखरखाव की जरूरत नजर आती है। ऐसी स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
सफाई और नियमित रखरखाव की जरूरत
श्मशान घाट किसी भी गांव की बुनियादी सुविधाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां साफ-सफाई, आने-जाने के रास्ते और वॉशरूम की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। परिसर में उगी झाड़ियों और फैली गंदगी को देखते हुए इसकी नियमित सफाई कराए जाने की आवश्यकता है।
अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी श्मशान घाट की इस स्थिति पर कब ध्यान देंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि परिसर की झाड़ियों की कटाई, कचरे की सफाई और वॉशरूम तक पहुंचने की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
    user_Sagar Pathak
    Sagar Pathak
    Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल. कुशीनगर - कुशीनगर पहुंचे जनसुराज अध्यक्ष प्रशांत किशोर... - - देवपाली गुप्ता के पैतृक गांव गोड़रिया पहुंचकर दी श्रद्धांजलि... - - जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल... - - शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर व्यक्त की संवेदना... - - शव के साथ दाह संस्कार स्थल तक पैदल चले प्रशांत किशोर... - - झारखंड में ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी देवपाली की मौत... - - रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ था शव... - - प्रशांत किशोर ने ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना बताया मौत का कारण.. - - देवपाली के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने जताई हत्या की आशंका.. - - परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, पुलिस जांच में जुटी... - - पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत की परिस्थितियों पर स्थिति होगी स्पष्ट...
    1
    जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल.
कुशीनगर
- कुशीनगर पहुंचे जनसुराज अध्यक्ष प्रशांत किशोर...
- 
- देवपाली गुप्ता के पैतृक गांव गोड़रिया पहुंचकर दी श्रद्धांजलि...
- 
- जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल...
- 
- शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर व्यक्त की संवेदना...
- 
- शव के साथ दाह संस्कार स्थल तक पैदल चले प्रशांत किशोर...
- 
- झारखंड में ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी देवपाली की मौत...
- 
- रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ था शव...
- 
- प्रशांत किशोर ने ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना बताया मौत का कारण..
- 
- देवपाली के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने जताई हत्या की आशंका..
- 
- परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, पुलिस जांच में जुटी...
- 
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत की परिस्थितियों पर स्थिति होगी स्पष्ट...
    user_Aditya pandey
    Aditya pandey
    कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • तूफान की आशंका से किसानों में बढ़ी चिंता, बारिश के बीच धान की कटाई तेज सुकरौली में मौसम की चेतावनी के बाद खेतों में जुटे किसान, फसल बचाने की जद्दोजहद कुशीनगर। मौसम विभाग की ओर से तूफान और बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए जाने के बाद सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान बारिश और खराब मौसम के बीच भी कटाई में जुटे हुए हैं। किसानों का प्रयास है कि समय रहते फसल काटकर घर पहुंचा दी जाए, ताकि मौसम बिगड़ने पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र में किसानों को मौसम की चेतावनी मिलने के बाद खेतों में धान की कटाई तेज हो गई है। किसान मजदूरों की मदद से फसल कटवा रहे हैं और कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और हवा चली तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। किसान सहायक लालमन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वे मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द कटाई कर लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें, ताकि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव से नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र के किसान राजदेव, इंद्रजीत और सुरेश ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के लिए तैयार है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसल गिरकर पानी में भीग सकती है। इससे धान के दाने खराब होने और उपज में कमी आने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही खेती में लागत अधिक लग रही है। ऐसे में मौसम की मार पड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखते हुए जल्द से जल्द धान की फसल समेटने में जुटे हैं। किसानों को उम्मीद है कि समय रहते फसल घर पहुंच जाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
    1
    तूफान की आशंका से किसानों में बढ़ी चिंता, बारिश के बीच धान की कटाई तेज

सुकरौली में मौसम की चेतावनी के बाद खेतों में जुटे किसान, फसल बचाने की जद्दोजहद
कुशीनगर। मौसम विभाग की ओर से तूफान और बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए जाने के बाद सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान बारिश और खराब मौसम के बीच भी कटाई में जुटे हुए हैं। किसानों का प्रयास है कि समय रहते फसल काटकर घर पहुंचा दी जाए, ताकि मौसम बिगड़ने पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
क्षेत्र में किसानों को मौसम की चेतावनी मिलने के बाद खेतों में धान की कटाई तेज हो गई है। किसान मजदूरों की मदद से फसल कटवा रहे हैं और कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और हवा चली तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।
किसान सहायक लालमन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वे मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द कटाई कर लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें, ताकि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव से नुकसान को कम किया जा सके।
क्षेत्र के किसान राजदेव, इंद्रजीत और सुरेश ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के लिए तैयार है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसल गिरकर पानी में भीग सकती है। इससे धान के दाने खराब होने और उपज में कमी आने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही खेती में लागत अधिक लग रही है। ऐसे में मौसम की मार पड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल क्षेत्र में किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखते हुए जल्द से जल्द धान की फसल समेटने में जुटे हैं। किसानों को उम्मीद है कि समय रहते फसल घर पहुंच जाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
    user_विवेकानन्द
    विवेकानन्द
    Newspaper publisher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है? अमेरिका-ब्रिटेन-जापान ने नागरिकों से कहा- घर में राशन, पानी और पावर बैंक जमा करो अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में सरकारें अचानक अपने नागरिकों को घर में इमरजेंसी राशन, पावर बैंक, पीने का पानी और जरूरी सामान जमा करने को कह रही हैं। ब्रिटेन कह रहा है कि रूस उस पर बड़ा हमला कर सकता है। अमेरिका अपने सैन्य अड्डों में 90 दिन का खाना, हथियार और ईंधन जुटा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि तीसरा विश्व युद्ध नजदीक है। क्या वाकई दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है? *1. ब्रिटेन का 'बी रेडी' कैंपेन: 3 दिन का राशन स्टोर करो* ब्रिटेन की सरकार ने 22 अक्टूबर से 'बी रेडी' कैंपेन शुरू किया है। वेबसाइट पर लिखा है कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक जरूरी चीजें कम नहीं पड़नी चाहिए, इसके लिए 3 दिन काफी हैं। लोगों से 9 लीटर पानी, 3 दिन का खाना, टॉर्च, बैटरी, फर्स्ट-एड किट, कैश, पावर बैंक, बाथरूम प्रोडक्ट, कंबल, ID प्रूफ की फोटोकॉपी और रेडियो रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद प्राकृतिक आपदा, जंग, आतंकी हमलों और जंग जैसी इमरजेंसी के लिए तैयारी है। रेस्क्यू टीम हर जगह एक साथ नहीं पहुंच सकती। डिफेंस सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा, "दुश्मन के हमले हमारे रोजमर्रा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये खतरे अब मनगढ़ंत नहीं, असली हैं।" *2. अमेरिका का 'किला' प्रोजेक्ट: 90 दिन बिना मदद के चलेंगे सैन्य बेस* अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन अपने मुख्य सैन्य अड्डों को बिना बाहरी मदद के 90 दिन तक काम करने लायक बना रहा है। अमेरिकी चैनल फॉक्स के मुताबिक, 30 सितंबर को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'फोर्ट्रेस' यानी किला नाम की योजना लॉन्च की। इसके तहत सैन्य ठिकाने खुद बिजली बनाएंगे। जंग में अगर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो जाए तो भी ये अड्डे चलते रहेंगे। वहां पानी, बिना बिजली-इंटरनेट के कम्युनिकेशन, गोला-बारूद, मेडिकल सप्लाई और जरूरी मिनरल्स का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाया जा रहा है। हर जरूरी चीज के दो सप्लायर होंगे ताकि एक के खत्म होने पर ऑपरेशन न रुके। अमेरिका 17 नवंबर को अपना इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम (EAS) भी पूरे देश में टेस्ट करेगा। *3. जापान और यूरोप में भी तैयारी* जापान ने भूकंप और ज्वालामुखी की तैयारी के नाम पर 2 नवंबर को लोगों से कम से कम 3 से 7 दिन का खाना-पानी जमा करने को कहा है। यूरोपियन यूनियन ने 'प्रिपेयर्डनेस यूनियन स्ट्रैटेजी' अपनाई है, जिसमें लोगों को 72 घंटे बिना मदद के रहने को कहा गया है। फिनलैंड ने 9 महीने का अनाज भंडार किया है, तो स्वीडन ने डिफेंस सिस्टम अपग्रेड किए हैं। पोलैंड, एस्टोनिया, लातविया ने शेल्टर होम्स सुधारे हैं। *आखिर क्यों हो रही है ये तैयारी? दो बड़े कारण* *पहला- बड़ी जंग का डर:* 24 अक्टूबर को ब्रिटेन के डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा कि रूस NATO के खिलाफ 'हाइब्रिड वॉरफेयर' तेज कर रहा है। 2030 तक दुश्मन हमला करने लायक हो जाएंगे। NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी कहा कि रूस का अगला टारगेट यूरोप हो सकता है। ट्रंप कह चुके हैं कि रूस-यूक्रेन जंग तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकती है। वहीं अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है और खाड़ी देशों में वॉरशिप और पैट्रियट मिसाइल तैनात कर रहा है। जापान को चीन-ताइवान तनाव का डर है। *दूसरा- बड़ा साइबर अटैक:* चीन, अमेरिका और रूस में AI पावर्ड ड्रोन, मिसाइल और नई साइबर तकनीक की होड़ बढ़ रही है। अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने चेतावनी जारी की है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी ने भी नागरिकों को साइबर अटैक के लिए तैयार रहने को कहा है।
    1
    दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है? अमेरिका-ब्रिटेन-जापान ने नागरिकों से कहा- घर में राशन, पानी और पावर बैंक जमा करो

अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में सरकारें अचानक अपने नागरिकों को घर में इमरजेंसी राशन, पावर बैंक, पीने का पानी और जरूरी सामान जमा करने को कह रही हैं। ब्रिटेन कह रहा है कि रूस उस पर बड़ा हमला कर सकता है। अमेरिका अपने सैन्य अड्डों में 90 दिन का खाना, हथियार और ईंधन जुटा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कह चुके हैं कि तीसरा विश्व युद्ध नजदीक है। क्या वाकई दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है?
*1. ब्रिटेन का 'बी रेडी' कैंपेन: 3 दिन का राशन स्टोर करो*
ब्रिटेन की सरकार ने 22 अक्टूबर से 'बी रेडी' कैंपेन शुरू किया है। वेबसाइट पर लिखा है कि रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक जरूरी चीजें कम नहीं पड़नी चाहिए, इसके लिए 3 दिन काफी हैं।
लोगों से 9 लीटर पानी, 3 दिन का खाना, टॉर्च, बैटरी, फर्स्ट-एड किट, कैश, पावर बैंक, बाथरूम प्रोडक्ट, कंबल, ID प्रूफ की फोटोकॉपी और रेडियो रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद प्राकृतिक आपदा, जंग, आतंकी हमलों और जंग जैसी इमरजेंसी के लिए तैयारी है। रेस्क्यू टीम हर जगह एक साथ नहीं पहुंच सकती।
डिफेंस सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा, "दुश्मन के हमले हमारे रोजमर्रा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये खतरे अब मनगढ़ंत नहीं, असली हैं।"
*2. अमेरिका का 'किला' प्रोजेक्ट: 90 दिन बिना मदद के चलेंगे सैन्य बेस*
अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन अपने मुख्य सैन्य अड्डों को बिना बाहरी मदद के 90 दिन तक काम करने लायक बना रहा है। अमेरिकी चैनल फॉक्स के मुताबिक, 30 सितंबर को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'फोर्ट्रेस' यानी किला नाम की योजना लॉन्च की।
इसके तहत सैन्य ठिकाने खुद बिजली बनाएंगे। जंग में अगर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो जाए तो भी ये अड्डे चलते रहेंगे। वहां पानी, बिना बिजली-इंटरनेट के कम्युनिकेशन, गोला-बारूद, मेडिकल सप्लाई और जरूरी मिनरल्स का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाया जा रहा है। हर जरूरी चीज के दो सप्लायर होंगे ताकि एक के खत्म होने पर ऑपरेशन न रुके। अमेरिका 17 नवंबर को अपना इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम (EAS) भी पूरे देश में टेस्ट करेगा।
*3. जापान और यूरोप में भी तैयारी*
जापान ने भूकंप और ज्वालामुखी की तैयारी के नाम पर 2 नवंबर को लोगों से कम से कम 3 से 7 दिन का खाना-पानी जमा करने को कहा है। यूरोपियन यूनियन ने 'प्रिपेयर्डनेस यूनियन स्ट्रैटेजी' अपनाई है, जिसमें लोगों को 72 घंटे बिना मदद के रहने को कहा गया है। फिनलैंड ने 9 महीने का अनाज भंडार किया है, तो स्वीडन ने डिफेंस सिस्टम अपग्रेड किए हैं। पोलैंड, एस्टोनिया, लातविया ने शेल्टर होम्स सुधारे हैं।
*आखिर क्यों हो रही है ये तैयारी? दो बड़े कारण*
*पहला- बड़ी जंग का डर:* 24 अक्टूबर को ब्रिटेन के डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा कि रूस NATO के खिलाफ 'हाइब्रिड वॉरफेयर' तेज कर रहा है। 2030 तक दुश्मन हमला करने लायक हो जाएंगे। NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी कहा कि रूस का अगला टारगेट यूरोप हो सकता है। ट्रंप कह चुके हैं कि रूस-यूक्रेन जंग तीसरे विश्व युद्ध में बदल सकती है। वहीं अमेरिका ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है और खाड़ी देशों में वॉरशिप और पैट्रियट मिसाइल तैनात कर रहा है। जापान को चीन-ताइवान तनाव का डर है।
*दूसरा- बड़ा साइबर अटैक:* चीन, अमेरिका और रूस में AI पावर्ड ड्रोन, मिसाइल और नई साइबर तकनीक की होड़ बढ़ रही है। अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी ने चेतावनी जारी की है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी ने भी नागरिकों को साइबर अटैक के लिए तैयार रहने को कहा है।
    user_Kartikey pandey
    Kartikey pandey
    Advertising agency महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी, किसानों को किया जागरूक महराजगंज, 29 अक्टूबर। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। डीएम ने किसानों से अपील की कि पराली न जलाएं, बल्कि कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने एवं दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है। पराली नहीं जलाएं, पर्यावरण बचाएं और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें! #PublicMaharajganj #Maharajganj #BreakingNews
    1
    डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी, किसानों को किया जागरूक
महराजगंज, 29 अक्टूबर। जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा।
डीएम ने किसानों से अपील की कि पराली न जलाएं, बल्कि कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तकनीकों से उसका उचित प्रबंधन करें। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने एवं दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान है।
पराली नहीं जलाएं, पर्यावरण बचाएं और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें!
#PublicMaharajganj #Maharajganj #BreakingNews
    user_PUBLIC MAHARAJGANJ
    PUBLIC MAHARAJGANJ
    महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • महराजगंज: डीएम ने ईवीएम एफएलसी कार्य का किया निरीक्षण, पारदर्शिता बरतने के दिए निर्देश महराजगंज,-जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे ईवीएम मशीनों के प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आगामी निर्वाचन में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम मशीनों की जांच भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एफएलसी कार्य में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की यथासंभव उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि एफएलसी हॉल के अंदर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मोबाइल फोन लेकर प्रवेश न करे। बिना पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। *80.31 प्रतिशत बीयू-सीयू की एफएलसी ओके* डिप्टी कलेक्टर विजय यादव ने जिलाधिकारी को एफएलसी कार्य की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जांच की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अब तक 80.31 प्रतिशत बैलेट यूनिट (बीयू) और कंट्रोल यूनिट (सीयू) की एफएलसी ओके हो चुकी है, जबकि वीवीपैट की 76.13 प्रतिशत एफएलसी ओके हुई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से एफएलसी कार्य की निगरानी व्यवस्था देखी और रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की जानकारी भी ली। इसके बाद जिलाधिकारी ने गार्ड रूम का निरीक्षण किया तथा वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि एफएलसी कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी विजय यादव, प्रभारी सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रमोद यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    1
    महराजगंज: डीएम ने ईवीएम एफएलसी कार्य का किया निरीक्षण, पारदर्शिता बरतने के दिए निर्देश

महराजगंज,-जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे ईवीएम मशीनों के प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आगामी निर्वाचन में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम मशीनों की जांच भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एफएलसी कार्य में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की यथासंभव उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि एफएलसी हॉल के अंदर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मोबाइल फोन लेकर प्रवेश न करे। बिना पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
*80.31 प्रतिशत बीयू-सीयू की एफएलसी ओके*
डिप्टी कलेक्टर विजय यादव ने जिलाधिकारी को एफएलसी कार्य की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जांच की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अब तक 80.31 प्रतिशत बैलेट यूनिट (बीयू) और कंट्रोल यूनिट (सीयू) की एफएलसी ओके हो चुकी है, जबकि वीवीपैट की 76.13 प्रतिशत एफएलसी ओके हुई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से एफएलसी कार्य की निगरानी व्यवस्था देखी और रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की जानकारी भी ली।
इसके बाद जिलाधिकारी ने गार्ड रूम का निरीक्षण किया तथा वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि एफएलसी कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी विजय यादव, प्रभारी सहायक निर्वाचन अधिकारी प्रमोद यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_Kartikey pandey
    Kartikey pandey
    Advertising agency महाराजगंज, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.