तूफान की आशंका से किसानों में बढ़ी चिंता, बारिश के बीच धान की कटाई तेज सुकरौली में मौसम की चेतावनी के बाद खेतों में जुटे किसान, फसल बचाने की जद्दोजहद कुशीनगर। मौसम विभाग की ओर से तूफान और बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए जाने के बाद सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान बारिश और खराब मौसम के बीच भी कटाई में जुटे हुए हैं। किसानों का प्रयास है कि समय रहते फसल काटकर घर पहुंचा दी जाए, ताकि मौसम बिगड़ने पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र में किसानों को मौसम की चेतावनी मिलने के बाद खेतों में धान की कटाई तेज हो गई है। किसान मजदूरों की मदद से फसल कटवा रहे हैं और कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और हवा चली तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। किसान सहायक लालमन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वे मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द कटाई कर लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें, ताकि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव से नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र के किसान राजदेव, इंद्रजीत और सुरेश ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के लिए तैयार है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसल गिरकर पानी में भीग सकती है। इससे धान के दाने खराब होने और उपज में कमी आने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही खेती में लागत अधिक लग रही है। ऐसे में मौसम की मार पड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखते हुए जल्द से जल्द धान की फसल समेटने में जुटे हैं। किसानों को उम्मीद है कि समय रहते फसल घर पहुंच जाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
तूफान की आशंका से किसानों में बढ़ी चिंता, बारिश के बीच धान की कटाई तेज सुकरौली में मौसम की चेतावनी के बाद खेतों में जुटे किसान, फसल बचाने की जद्दोजहद कुशीनगर। मौसम विभाग की ओर से तूफान और बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए जाने के बाद सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान बारिश और खराब मौसम के बीच भी कटाई में जुटे हुए हैं। किसानों का प्रयास है कि समय रहते फसल काटकर घर पहुंचा दी जाए, ताकि मौसम बिगड़ने पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र में किसानों को मौसम की चेतावनी मिलने के बाद खेतों में धान की कटाई तेज हो गई है। किसान मजदूरों की मदद से फसल कटवा रहे हैं और कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और हवा चली तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। किसान सहायक लालमन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वे मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द कटाई कर लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें, ताकि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव से नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र के किसान राजदेव, इंद्रजीत और सुरेश ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के लिए तैयार है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसल गिरकर पानी में भीग सकती है। इससे धान के दाने खराब होने और उपज में कमी आने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही खेती में लागत अधिक लग रही है। ऐसे में मौसम की मार पड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखते हुए जल्द से जल्द धान की फसल समेटने में जुटे हैं। किसानों को उम्मीद है कि समय रहते फसल घर पहुंच जाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
- तूफान की आशंका से किसानों में बढ़ी चिंता, बारिश के बीच धान की कटाई तेज सुकरौली में मौसम की चेतावनी के बाद खेतों में जुटे किसान, फसल बचाने की जद्दोजहद कुशीनगर। मौसम विभाग की ओर से तूफान और बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किए जाने के बाद सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसान बारिश और खराब मौसम के बीच भी कटाई में जुटे हुए हैं। किसानों का प्रयास है कि समय रहते फसल काटकर घर पहुंचा दी जाए, ताकि मौसम बिगड़ने पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र में किसानों को मौसम की चेतावनी मिलने के बाद खेतों में धान की कटाई तेज हो गई है। किसान मजदूरों की मदद से फसल कटवा रहे हैं और कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और हवा चली तो खेतों में खड़ी धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उपज और आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। किसान सहायक लालमन ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों की धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, वे मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द कटाई कर लें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था करें, ताकि बारिश और संभावित तूफान के प्रभाव से नुकसान को कम किया जा सके। क्षेत्र के किसान राजदेव, इंद्रजीत और सुरेश ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के लिए तैयार है। यदि लगातार बारिश होती है तो खेतों में खड़ी फसल गिरकर पानी में भीग सकती है। इससे धान के दाने खराब होने और उपज में कमी आने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, पहले से ही खेती में लागत अधिक लग रही है। ऐसे में मौसम की मार पड़ने से उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल क्षेत्र में किसान मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखते हुए जल्द से जल्द धान की फसल समेटने में जुटे हैं। किसानों को उम्मीद है कि समय रहते फसल घर पहुंच जाने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।1
- जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल. कुशीनगर - कुशीनगर पहुंचे जनसुराज अध्यक्ष प्रशांत किशोर... - - देवपाली गुप्ता के पैतृक गांव गोड़रिया पहुंचकर दी श्रद्धांजलि... - - जनसुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपाली के अंतिम संस्कार में हुए शामिल... - - शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर व्यक्त की संवेदना... - - शव के साथ दाह संस्कार स्थल तक पैदल चले प्रशांत किशोर... - - झारखंड में ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी देवपाली की मौत... - - रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ था शव... - - प्रशांत किशोर ने ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना बताया मौत का कारण.. - - देवपाली के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने जताई हत्या की आशंका.. - - परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की, पुलिस जांच में जुटी... - - पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद मौत की परिस्थितियों पर स्थिति होगी स्पष्ट...1
- कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जिले के कप्तान केशव कुमार। कुशीनगर जनपद के जिलाधिकारी संजय चौहान और कुशीनगर जनपद के कप्तान केशव कुमार ने चुनाव के दौरान मजबूती से अपने कार्यों का निर्वहन किए।1
- नवीन परती पर कब्ज़ा प्रधान ने जिलाधिकारी से पत्र देकर की शिकायत ग्राम सभा की नवीन परती भूमि पर कथित अवैध कब्जा, पट्टा आवंटन के लिए दबाव, जान-माल की धमकी तथा सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जा रहे हैं ग्राम प्रधान देवदत्त सिंह, पुत्र रामदरश सिंह, निवासी ग्राम सहजवलिया, पोस्ट शेखपुरा, तहसील पडरौना, जनपद कुशीनगर का स्थायी निवासी है तथा वर्तमान में ग्राम सभा का प्रधान/प्रशासक है। ग्राम सभा क्षेत्र के धर्मेंद्र कुमार सिंह, पुत्र पारस सिंह एवं उनके अन्य भाइयों के संबंध में प्रार्थी का आरोप है कि वे दबंगई के बल पर ग्राम सभा के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करते हैं। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध पूर्व में जमीनी विवाद के दौरान चाकूबाजी की घटना के संबंध में धारा 307 आदि के तहत न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति अभिलेखों से सत्यापित की जा सकती है। , ग्राम सहजवलिया स्थित गाटा संख्या 197, जो राजस्व अभिलेखों में नवीन परती भूमि के रूप में दर्ज है, पर उक्त व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से जबरन मकान का निर्माण करा लिया गया है। आरोप है कि वे उक्त भूमि का पट्टा अपने पक्ष में कराए जाने के लिए प्रार्थी पर दबाव बना रहे थे। नियमानुसार कार्रवाई किए बिना पट्टा आवंटित करने से इनकार किए जाने पर वे विवाद करने पर आमादा हो रहे हैं तथा प्रार्थी को जान-माल की क्षति होने की आशंका बनी हुई है। उक्त व्यक्तियों द्वारा ग्राम सभा में संचालित विकास कार्यों में बार-बार बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण को अपने दायित्वों का निर्वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निष्पक्ष जांच राजस्व एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से कराते हुए नवीन परती भूमि की पैमाइश एवं अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए। यदि भूमि पर अवैध कब्जा अथवा अनधिकृत निर्माण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रार्थी को प्राप्त धमकी एवं सरकारी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न किए जाने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा प्रार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।1
- नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप में पूछताछ के दौरान युवक की तबीयत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज रेफर देवरिया। खामपार थाने में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोप में पूछताछ के लिए लाए गए युवक की बुधवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपार रानी ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने मिर्गी का दौरा पड़ने के कारण तबीयत खराब होने की बात बताई। बेहतर इलाज के लिए युवक को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजा गया। पुलिस के अनुसार, कुशीनगर जिले के खड्डा थाना क्षेत्र के बड़हरा बाजार निवासी दुर्गेश बांसफोर पुत्र इमरती ने खामपार थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि खामपार निवासी इरफान आलम पुत्र असलम ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे रुपये लिए हैं। शिकायत की जांच के सिलसिले में पुलिस ने इरफान आलम को मंगलवार शाम करीब सात बजे पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में थाने पर पूछताछ का तस्करा भी दर्ज किया गया था। बुधवार सुबह करीब पौने दस बजे इरफान ने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए सीएचसी भाटपार रानी ले गई। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में जांच के दौरान डॉक्टरों ने मिर्गी का दौरा पड़ने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने की बात बताई। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए उसे परिजनों के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया गया। इस मामले में क्षेत्राधिकारी सलेमपुर गौरव सिंह ने भी पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और युवक के उपचार के संबंध में जानकारी दी।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने पेयजल की समस्या को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।1
- श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तर श्मशान घाट की बदहाली: वॉशरूम तक पहुंचना मुश्किल, चारों तरफ उगी झाड़ियां और फैली गंदगी रामपुर गोनहा में श्मशान घाट की अनदेखी से ग्रामीण परेशान, साफ-सफाई और रखरखाव की उठी मांग रामपुर गोनहा, खड्डा (कुशीनगर)। गांव में अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए बने श्मशान घाट की बदहाल स्थिति सामने आई है। ग्राम सभा रामपुर गोनहा में स्थित श्मशान घाट परिसर में साफ-सफाई के अभाव में चारों तरफ झाड़ियां और जंगली घास उग आई हैं। परिसर में बने वॉशरूम के आसपास भी काफी गंदगी और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं, जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। तस्वीरों में श्मशान घाट परिसर की स्थिति साफ नजर आ रही है। भवन के आसपास घनी झाड़ियां फैली हुई हैं। वॉशरूम के प्रवेश मार्ग पर भी घास-फूस और कचरा जमा दिखाई दे रहा है। वहीं, श्मशान स्थल के भवन की दीवारों और फर्श पर भी रखरखाव की जरूरत नजर आती है। ऐसी स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। सफाई और नियमित रखरखाव की जरूरत श्मशान घाट किसी भी गांव की बुनियादी सुविधाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां साफ-सफाई, आने-जाने के रास्ते और वॉशरूम की उचित व्यवस्था होना जरूरी है। परिसर में उगी झाड़ियों और फैली गंदगी को देखते हुए इसकी नियमित सफाई कराए जाने की आवश्यकता है। अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी श्मशान घाट की इस स्थिति पर कब ध्यान देंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि परिसर की झाड़ियों की कटाई, कचरे की सफाई और वॉशरूम तक पहुंचने की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।3
- आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान "अर्नव" ने दिखाया अपना रौद्र रूप, भारी बारिश के साथ चली तेज हवाएं !1